15+ प्रसिद्ध बरसाना के दर्शनीय स्थल और घूमने की जगह

अगर आप बरसाना में घूमने के बारे में सोच रहे हैं तो आप बिलकुल ही सही जगह पर हैं , मेरे इस लेख के माध्यम से आपको बरसाना में घूमने जगह , जाने का सही समय और खर्चे के बारे में सारी जानकारी आपको इस लेख में काफी आसानी से मिलने वाली है। यह हिन्दुओं लिए काफी पवित्र एवं धार्मिक स्थल है। अगर आप कृष्ण भक्त हैं। यह जगह आपको काफी ज्यादा पसंद आने वाला है। यह जगह भगवान कृष्ण की लीलाओं एवं बरसाना के होली के लिए काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यहाँ आप बरसाना की होली में लाखों की संख्या में भक्तगनों को झूमते हुए देख सकते हैं।

बरसाना में घूमने की जगह ,  जाने का समय

बरसाना की लट्ठमार होकि सिर्फ वृन्दावन एवं मथुरा में नहीं बल्कि देश विदेशों में भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यह होली बांकी होली से थोड़ी अलग इसलिए है की यहाँ की महिलाएं को पुरषों के द्वारा रंग लगाया जाता है और जिसके बदले में महिलओं के द्वारा पुरषों को लाठी के द्वारा पीटा जाता है।

यहाँ आप इस समय देखेंगे प्रसाशन के द्वारा भक्तों के बीच मिठाइयों एवं गुलाल फेंकी जाती है , जिसे की यहाँ के भक्तों के द्वारा काफी श्रद्धा के साथ स्वीकार किया जाता है।

बरसाना में भगवान की प्रियतमा राधिका का जन्म हुआ था। यानि यह राधा रानी की जनस्थान है। अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपको बताते चलें की यह वृन्दावन के समीप ही देखने को मिल जाता है एवं यहाँ आप द्वापर युग के कई सारे राधा कृष्ण से जुड़े चमत्कारिक चीजों को देख सकते हैं। जैसे की यहाँ आपको देखने में कई सारे रहस्मयी मंदिर भी देखने को , भगवान राधा कृष्ण के संग गोपियों की मंदिर एवं यहाँ आपको राधा कृष्ण की झलक भी देखने को मिल जाती है।

यदि आप भगवान श्री कृष्ण के बाल लीलाओं से काफी ज्यादा प्रेरित हैं एवं उन्हें देखने के शौकीन है तो आपको बरसाना में घूमने वाले दर्शनीय स्थलों के भर्मण जरूर से जरूर करना चाहिए।

बरसाना के बारे में रोचक तथ्य

  • अगर आप बरसाना घुमने के लिए आ रहे हैं तो यह आपको पहले ही जान लेना चाहिए की बरसाना एवं वृन्दावन एक दूसरे के काफी ज्यादा नजदीक है। जहाँ वृंदावन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं एवं उनके बालपन के लिए प्रशिद्ध है वहीँ बरसाना राधा रानी की जन्म स्थली है। कहा जाता है की भगवान श्री कृष्ण अपने बाल शाखाओं के साथ बरसाना में राधा एवं उनकी सखियों से मिलने के लिए आया करते थे। भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला की ज्यादातर कहानियाँ आपको इन्ही दो गावों में देखने को मिलती है।
  • बरसाना की पहाड़ की छोटी पर आपको राधा रानी का मंदिर भी देखने को मिलता है। साथ ही यहाँ आपको एक माता क्रीति का मंदिर देखने को मिलता है।
  • बरसाना में आप भगवान श्री कृष्ण के साथ साथ राधिका रानी के भी कई खूबसूरत तस्वीरों एवं झाकियों को देख सकते हैं।
  • बरसाना की लट्ठमार होली विश्व प्रशिद्ध है
  • यहाँ आपको कई सारे मंदिर बांके बिहारी मंदिर , मान मंदिर , मोर कुटी , दोउ मंदिर , भोजन थाली मंदिर , नन्द गांव मंदिर ललिता मंदिर एवं चित्र सखी मंदिर।

बरसाना में घूमने की जगह (Barsana Tourist Places in Hindi)

राधा कृष्ण बाग़

अगर आप बरसाना घूमने के लिए आ रहे हैं तो बरसाना में घूमने वाले स्थानों में राधा रानी मंदिर को जरूर से जरूर विजिट करना चाहिए। इस बाग को पर्यटकों के द्वारा विशेष रूप से पसंद किया जाता है।

Radha Bagh Barsana
Radha Bagh Barsana

यहाँ आप आज भी भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी के प्रेम को महसूस कर सकते हैं। यहाँ आपको काफी सारे पेड़ भी देखने को मिल जाते हैं। उनमे से कुछ पेड़ इतने 5000 वर्ष से भी ज्यादा पुराने हैं। यानि की मानिये यहाँ आपको कुछ द्वापर युग के पेड़ देखने को मिल जाते हैं।

एक पुराने कहानी के अनुसार इस जगह पर कभी श्री कृष्ण एवं राधा रानी जी बैठे हुए थे और धुप से काफी ज्यादा परेशान हो रहे थे तब उन्होंने खुद को एवं अपनी प्रियतमा को बचाने के लिए दो पेड़ प्रकट किये जो की आज भी आपको यहाँ देखने को मिल जायेंगे।

राधा रानी मंदिर

बरसाना में घूमने वाली जगहों में इस राधा रानी मंदिर का एक विशेष स्थान है। वैसे तो यहाँ आपको देखने के लिए काफी सारी मंदिरें मिल जायेंगे , लेकिन यहाँ की राधा रानी मंदिर काफी ज्यादा प्रशिद्ध एवं चर्चित है।

Radha Rani Temple
Radha Rani Temple

मंदिर आपको बरसाना के पहाड़ी के छोटी के बीचों बीच देखने को मिल जाती है। इस मंदिर को भगवान श्री कृष्ण के पोते बज्रनाथ के द्वारा 5000 साल पहले बनवाया गया था।

कुछ दिनों के बाद यह मंदिर पूरी तरह से खंडहर में बदल गया था। लेकिन बाद में इस मंदिर को नारायण भट्ट के द्वारा खोजा गया था एवं राजा वीर सिंह के द्वारा पुनर्निर्माण कराया गया था।

कहते हैं की जन्मास्टमी के मात्र 15 दिनों के बाद ही राधा रानी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन यहाँ राधारानी के मंदिर को काफी जोर शोर से तरह तरह के फूलों से सजाया जाता है और साथ ही 56 प्रकार के भोगों से सजाया जाता है। बरसाना में सारे दर्शनीय स्थलों एवं पर्यटन स्थलों में इस मंदिर का का विशेष स्थान है। जो की यहाँ आने वाले भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

रतन कुंड श्याम शिला

बरसाना में घूमने वाली जगहों में कुछ ही दुरी में रतन कुंड श्याम शिला देखने को मिल जाएगी। यह यहाँ का काफी खूबसूरत पर्यटन स्थल है।

कहा जाता है की आज भी आपको यहाँ श्री कृष्ण के बंसी की धुन यहाँ आपको सुनने को मिल जाएगी। कहते हैं आज भी इस श्याम शिला में भगवान श्री कृष्ण बंशी बजाया करते हैं जिसे सुनने के लिए आज भी पशु पक्षी जीव जंतु दौड़े दौड़े चले आते हैं। इस शिला के समीप ही आपको रतन कुंड देखने को मिल जायेंगे।

यही वह जगह है जहाँ पर राधारानी ने मोती बोये थे , जहाँ आप आज भी मोतियों के पेड़ एवं जंगल देख सकते हैं।

यहाँ आपको मोतियों के पेड़ यानि की पेरू के पेड़ की प्रजाति देखने को मिलेंगे जिसमे फैलने वाले फल बिलकुल ही मोतियों के सामना दिखते हैं।

ललिता सखी मंदिर बरसाना

यह ललिता सखी मंदिर राधा रानी के ही का सखी की मंदिर है। कहते हैं की ललिता नाम की सखी राधा रानी से 2 दिन की बड़ी थी। राधा रानी की यह सखी उनके 8 सखियों में सबसे प्रिय थी।

Lalita Sakhi Mandir
Lalita Sakhi Mandir

यह मंदिर आपको बरसाना में स्थित सबसे ऊँचा गांव में देखने को मिलता है। क्योंकि ललिता राधा रानी के बड़ी थी इसलिए यहाँ उनके जन्म दिन के मोके पर काफी ज्यादा हर्ष उल्लाश देखने को मिल जायेगा। बरसाना जाने वाले दर्शनार्थी इस मंदिर में आने का मौका कभी भी नहीं छोड़ते हैं।

श्री राधा कुशल बिहारी मंदिर

बरसाना में यह मंदिर राधा रानी मंदिर से मात्र 50 मीटर की दुरी में देखने को मिल जायेगा। इस कुशल बिहारी मंदिर के आसपास आपको काफी सुंदर एवं हरे भरे पेड़ पौधे देखने को मिलते हैं। यह मंदिर अपनी प्राचीन शैली के लिए काफी ज्यादा मशहूर है।

इसकी वास्तुकला बिलकुल ही राजस्थानी किले की तरह ही लगती है। महाराजा सवाई सिंह के द्वारा इस मंदिर को बनवाया गया था। इस मंदिर को पूरी तरह से तैयार होने में कुल 14 साल का समय लगा था। मंदिर के सामने का हिस्सा आपको देखने में बिलकुल ही बादामी रंग का देखने को मिलता है।

मंदिर के आस पास ही आपको एक और छोटा सा मंदिर देखने को मिल जायेगा। इस मंदिर में आपको काले रंग के पत्थर एवं मिश्र धातु से बनी मूर्तियाँ देखने को मिलेगी।

प्रिया कुण्ड

बरसाना के कदम कदम में आपको राधे कृष्ण की अनन्य प्रेम देखने को मिलती है। उनमे से एक नाम यहाँ के पीली पोखर की भी आती है। जो की प्रिय कुंड के नाम से जाना जाता जाता है।

इस कुंड की कहानी कुछ इस प्रकार है कहते हैं की जब राधा रानी के विवाह का समय आया तब उन्होंने ने भगवान श्री कृष्ण के नाम की मेहँदी को यही धोने के लिए आयी थी। उस समय जल का निर्माण उसके हाथ से ही हुआ किया था।

और उसी जल से यहाँ पर एक जलाशय का निर्माण हुआ था। कहते हैं की आज भी यहाँ जलाशय का जो पानी है। वह पूरी तरह से मेहँदी के रंग का ही देखने को मिलता है।

कहते हैं की एक बार जलाशय के पानी को खाली करवाया गया था। तब फिर से उसमे मेहँदी के रंग की ही पानी भर गया था। 40 फ़ीट के यह गहरा जलाशय बरसाना में स्थित एक विशेष पर्यटन स्थल है।

दान बिहारी मंदिर

दान बिहारी मंदिर बरसाना में घूमने वाली स्थानों में सबसे प्रशिद्ध एवं पुराणी मंदिरों में से एक है। यह मंदिर 800 साल से भी पुराणी मंदिर है।

इस मंदिर को दान बिहारी मंदिर कहने के पीछे का सबसे बड़ा कारन यह है की यहाँ पर एक समय में एक गरीब ब्राह्मण को अपनी बेटी की शादी करने के लिए काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था उस समय में कोई भी उसका मदद नहीं कर रहा था। तब जेक उसे भगवान श्री कृष्ण की याद आती है।

दान बिहारी मंदिर
दान बिहारी मंदिर

तब भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी के वजन इतना ही एक बड़ा सा सोना ब्राह्मण को दान में दे दिया था। तब से इस मंदिर का नाम दान मंदिर पड़ गया। एवं बाद में विश्व प्रशिद्ध हो गया।

फिसलनी शिला

बरसाना में घूमने वाले जगहों में यह फिसलनी शिला काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यह आपको बरसाना से मात्र 13 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जायेगा।

कहते हैं की यही वह स्थान है जहा कभी भगवान श्री कृष्ण अपने बाल शाखाओं के साथ फिसलने के लिए एवं मौजमस्ती के लिए आया करते थे। आज भी इन चट्टानों में आपको यहाँ फिसलने की निशान देखने को मिल जाएगी।

अगर आप घूमने फिरने के लिए आ रहे हैं तो आप भी इस चट्टान में फिसलने के अनुभव को प्राप्त कर सकते हैं।

मान मंदिर बरसाना

बरसाना में घूमने वाले स्थानों में यहाँ आपको एक मान मंदिर भी देखने को मिल जाता है। यह मंदिर आपको गुफा के अंदर देखने को मिलेगा। यह बरसाना के खूबसूरत दर्शनीय स्थलों में से एक है।

मान मंदिर बरसाना
मान मंदिर बरसाना

यहाँ की एक कहानी काफी ज्यादा प्रचलित है जो की कुछ इस प्रकार से है कहा जाता है। भगवान श्री कृष्ण जब राधा जी की तारीफ कर रहे थे तब उन्होंने तारीफ में राधा रानी को चँद्रमा की उपाधि दे दी थी। तब राधा रानी यह कह कर रूठ गयी की चँद्रमा में तो दाग होता है। उसने उसे ऐसा क्यों कहा और उसके बाद उसने श्री कृष्ण के सामने बैठ कर मुँह फुला ली।

और उसके बाद भगवान श्री कृष्ण राधा को मनाने के कई सारी लीलाएं करते हैं। इस कारन से इस मंदिर का नाम मान मंदिर पड़ा।

जैसा की आपको पहले से पता है यह मंदिर गुफा में स्थित है। गुफा के अंदर आपको कई शिलायें देखने को मिलेगा जो की जो की भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी के कई लीलाओं को दर्शाता है।

भोजन थाली मंदिर

भोजन थाली मन्दिर आपको बरसाना से मात्र 15 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जायेगा। यह जगह पूरी तरह से प्राकृतिक सौन्दर्य के बीच में स्थित है।

इस जगह के बारे में का कहानी काफी ज्यादा मशहूर है। कहते हैं की जब एक बार भगवान श्री कृष्ण यहाँ पर चोरी चुपके से दूध पी रहे थे तो उनके हाथ से कटोरा गिर जाता है। दूध का कटोरा हाथ से गिरने के बाद कटोरे से दूध बहने लगती है। आज भी आप इन पहाड़ियों में दूध के निशान को देख सकते हैं।

दोउ मिलवन

बरसाना में घूमने वाले स्थानों में आपको एक और जगह देखने को मिलता है जो की दो मिलवन के नाम से प्रशिद्ध है। कहा जाता है की यही वह जगह है जहाँ पर भगवान श्री कृष्ण एवं राधारानी बालकाल में पहली बार मिले थे।

कीर्ति मंदिर

बरसाना में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह मंदिर राधा रानी के माँ कृति को समर्पित है। जिस कारण से इस मंदिर का नाम कृति मंदिर है।

Kirti Mandir barsana
Kirti Mandir barsana

इस मंदिर की खास विशेषता यह है की यहाँ आपको राधारानी की मूर्ति उनके माँ की गोद में देखने को मिलती है। यह दुनियां का इकलौता मंदिर ऐसा है जहाँ की आप को इस प्रकार मूर्ति देखने को मिलती है। एवं सामने ही आपको काफी शानदार गार्डन भी देखने को मिलता है जहाँ आप बैठ कर शकुन एवं शांति के कुछ पल बिता सकते हैं।

प्रेमसरोवर

प्रेम सरोवर बरसाना में घूमने वाली स्थानों में काफी प्रशिद्ध स्थान है। यही वह स्थान है जो की यहाँ भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी के अटूट प्रेम की साक्षी है।

प्रेमसरोवर
प्रेमसरोवर

कहते हैं इसी स्थान पर भगवान कृष्ण राधा जी से मिलने के लिए आया करती थी। कहा जाता है की जब एक बार राधा रानी यहाँ भगवान श्री कृष्ण से यहाँ मिलने के लिए आयी थी। तब भगवान को यहाँ न पा करके काफी ज्यादा दुखी हो जाती है। एवं उनके वियोग में आँशु बहाने लगती है। उसी आँशु से इस सरोवर का निर्माण होता है जो की आज के समय में प्रेम सरोवर के नाम से जाना जाता है।

चित्रासखी मंदिर बरसाना

बरसाना में घूमने लायक जगहों में यह चित्रा सखी मंदिर आपको बरसाना के चिकसौली गांव में देखने को मिलती है। कहा जाता है की राधा रानी की एक सखी का ही नाम चित्रा सखी था जो की चित्रकारी में माहिर थी उन्होंने ने भगवान श्री कृष्ण का पहला तस्वीर बनाया था।

Chitra Sakhi Temple
Chitra Sakhi Temple

कहते हैं पुराने कथा के अनुसार एक बार जब माँ यशोदा ने श्री कृष्ण की तस्वीर बनाने के लिए राधा रानी के सखी चित्र को बुलाकर चित्र बनाने कहती है एवं साथ ही यह भी आश्वासन देती है की तस्वीर के बदल आप जो कुछ भी मांगोगी आपकी हर मांग पूरी कर दी जाएगी।

चित्रा भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति बनाने के बाद माँ यशोदा के पास आती है और उनके लाडले श्री कृष्ण को ही मांग लेती है। यह सुनकर माता यशोदा बेहोशो जाती है।

जिसे देख कर भगवान श्री कृष्ण स्वयं चित्रा से अपनी मांग को बदलने के लिए कहती है तब श्री कृष्ण चित्रा को यह वचन दिया की वह का रूप में यही पर बसेंगे।

इसलिए यह मंदिर बरसाना में घूमने आने वाले भक्तों के लिए एक अलग ही महत्व रखती है। इस मंदिर में चित्रा का भी मंदिर आपको यहाँ देखने को मिल जाता है। जिसे की यहाँ पर राधे श्याम की सेविका के रूप में दर्शाया गया है।

मंदिर के सामने ही यहाँ आपको एक काफी खूबसूरत सा बगीचा देखने को मिल जाता है। जहाँ आप कुछ देर अपने दिमाग के स्ट्रेस को कम कर सकते हैं और फिर आगे की यात्रा को जारी रख सकते हैं।

संकरी खोर

बरसाना में घूमने वाली स्थानों में यह संकरी खोर भी एक पर्यटन स्थल है। यह आपको ब्रह्मगिरि पर्वत एवं विलास पर्वत के बीच में देखने को मिल जाती है।

Sankari Khor
Sankari Khor

कहते है की यही वह मार्ग है जिसके सहायता से गोपियाँ आपने दूध को बेचने के लिए जाया करते थे।रास्ते में श्री कृष्ण पहले से तैयार रहते थे यदि ये गोपियाँ उन्हें अपने दूध दही एवं छाछ दे देते थे तो वः उनका रास्ता बिलकुल भी बंद नहीं करते थे। उन्हें अच्छी तरह से जाने दे देते थे लेकिन यदि कोई भी गोपियाँ उन्हें दूध दही एवं छाछ देने से मन कर दे वह उनका मटका फोड़ देते थे।

आज भी भगवान श्री कृष्ण के बालपन एवं शरारत को आप झांकियों के रूप यहाँ सकरी घाटी में आपको देखने को मिल जाता है।

बरसाना में लोकप्रिय स्थानीय भोजन

जैसे की आपने पहले ही इस बात को जान ली है की बरसाना भगवान श्री कृष्ण की प्रियतमा राधा रानी के लिए प्रशिद्ध है। कुल मिलाकर के यह एक धार्मिक नगरी है। इसलिए यहाँ पर आपको भोजन की बिलकुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहाँ आपको भोजन के लिए तरह तरह के होटल रेस्टोरेंट , ढाबे एवं स्टॉल मिल जायेंगे।

लेकिन यहाँ आने से पहले यह बात अच्छी तरह से आप अपने मन में बैठा लें की यहाँ आपको सिर्फ और सिर्फ शाकाहारी भोजन ही मिलेंगे।

लस्सी

बरसाना में आपको यादवों की संख्या ज्यादा देखने को मिलती है जिनका की मुख्य पेशा गाय पलना दूध बेचना होता है। इसलिए यहाँ आपको दूध दही से बने खाद्य पदार्थ ज्यादा मात्रा में देखने को मिलेंगे।

इनमे से मुख्य रूप से यहाँ आपको लस्सी भी एक तरह का स्वादिस्ट पेय पदार्थ है। यहाँ यह आपको मिटटी के कुल्हड़ में चखने को मिलेगा। जिसे की बनाने में मलाईदार दही एवं सूखे मेवे का इस्तेमाल किया जाता है। अगर यात्रा के दौरान आप यहाँ पर लस्सी के चख लेते हैं तो यकींन के दौरान होने वाले काफी स्ट्रेस को कम कर देता है।

रबड़ी

यहाँ दूध से बनने वाली एक और खाद्य पदार्थ आपको देखने को मिलेगी। दूध काफी ज्यादा गर्म करके एवं खोला करके रबड़ी को तैयार किया जाता है।बरसाना में घूमने के दौरान यदि आप रबड़ी का स्वाद न लिए तो समझिये की आप बरसाना में काफी कुछ चीजों को ही मिस कर दिए हैं।

पेड़ा

यहाँ आपको काफी तरह तरह पेड़े मिल जायेंगे।बरसाना की यात्रा के दौरान इन पेड़े का स्वाद लेने का मौका कभी भी न छोड़े। यहाँ इन पेड़ों को प्रसाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

इनके साथ ही अन्य तरह के स्ट्रीट भोजन आपको यहाँ पर मिल जायेंगे उनमे से कुछ के नाम इस प्रकार से हैं जो की यहाँ काफी ज्यादा प्रशिद्ध है कचौरी समोसा मालपुआ।

बरसाना कैसे पहुंचे?

बरसाना आने के लिए आप तीनो में से किसी भी मार्ग का चयन कर सकते हैं। यहाँ आने के लिए आपको रेल मार्ग सड़क मार्ग एवं हवाई मार्ग तीनो की सुविधा मिल जाएगी।

हवाई मार्ग

अगर आप हवाई मार्ग से आने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको बताते चलें की आपको अपंने शहर के नजदीकी हवाई अड्डे से आगरा में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय हवाई अड्डे के लिए टिकट बुक कर लेना चाहिए।

यह बरसाना का सबसे करीबी हवाई अड्डा है , जो की आपको बरसाना से मात्र 115 किलोमीटर की दुरी मिल जायेगा। फिर मात्र 2 या 3 घंटे में आपको कोई भी बस या टैक्सी हवाई अड्डे से बरसाना आपको काफी आसानी से पहुंचा देती है।

सड़क मार्ग के द्वारा

अगर आप उत्तर प्रदेश से हैं तो यहाँ तक के लिए आप यूपीएसआरटीसी दके द्वारा चलने वाले बसों से भी यहाँ तक का सफर कर सकते हैं। और अगर आप किसी भी अन्य राज्य से हैं तो पहले आपको अपने राज्यों के उन जगहों के बारे में पता कर लेना चाहिए जो की उत्तर प्रदेश के लिए सीधे बस की सुविधा मुहैया कराती है।

अगर आपको यह सुविधा आपको अपने जिलों एवं अपने राज्यों में न मिले तो उसके लिए अपने पडोसी राज्यों से ही सफर शुरू कर सकते हैं।

रेल मार्ग

आपको अगर रेल यात्रा करना अच्छा लगता है तो इसके लिए आपको बता यहाँ की नजदीकी रेलवे स्टेशन मथुरा रेलवे स्टेशन है। एवं यह रेलवे स्टेशन देश के सभी छोटे बड़े रेलवे स्टेशन के द्वारा काफी अच्छी तरह से जुड़हुआ है।

आप अपने शहर के किसी भी नजदकी रेलवे स्टेशन से यहाँ के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। जहाँ से बरसाना की दुरी 52 किलोमीटर है। आगे की यात्रा आप यहाँ मिलने वाली टैक्सी या ऑटो रिक्सा से पूरा कर सकते हैं।

बरसाना घूमने जाने का सही समय

अगर आप बरसाना में घूमने के लिए गर्मी का समय चुन रहे हैं तो आपके लिए यह ट्रिप बिलकुल ही बेकार जाने वाले है।

क्योंकि बरसाना एक गर्म परदेस है इसलिए जब कभी भी यहाँ आपके घूमने का मन करे तो आप हमेशा सर्दियों के मौसम में ही यहाँ घूमने का प्लान करें। जो की नवंबर से मार्च के बीच पड़ता है। इस समय यहाँ का तापमान 12 से 20 डिग्री के बीच होता है। एवं घूमने के काफी अनुकूल होता है।

यह हिन्दुओं के लिए काफी पवित्र जगह है इसलिए यहाँ आपको सालों भर पर्यटक का भीड़ देखने को मिलता है।

यहाँ पर आप और भी आनंद लेना चाहते हैं तो आपको यहाँ मनाये जाने वाले त्यौहारों होली ,जन्माष्टमी एवं राधा अष्ट्मी को कभी भी मिस न करें क्योंकि यहाँ तीनो पर्व को एक अलग ही महत्व है।

बरसाना में रुकने की जगह

जैसे की आप पहले पड़ ही चुकें हैं की यह का धार्मिक स्थल है एवं हिन्दुओं के आस्था का केंद्र है। इसलिए आपको यहाँ ठहरने के लिए हर तरह के होटल मिल जायेंगे। आप चाहे तो सस्ते से सस्ते महंगे से महंगे होटल में भी रूम बुक कर सकते हैं।

लो बजट के रूम आपको यहाँ 700 से 500 में मिल जायेगें। इसके आलवा अगर आप और भी सस्ते में रहना रुकना चाहते हैं तो आपको एक से बढ़कर एक धर्शालाएँ भी मिल जाती है। जहाँ आप बिलकुल भी मुफ्त में रात गाजर सकते हैं।

बरसाना कितने दिनों के लिए जाएं?

बरसाना घूमने के लिए आपको पास दो दिन का समय काफी है। होली या किसी अन्य त्योहारों के लिए यहाँ आते हैं तो आपको इसके लिए यहाँ आपको 3 दिन भी रुकना पड़ सकता है।

बरसाना घूमने का खर्चा

बरसाना काफी छोटा सा गांव है जहाँ आप मात्र 2 दिनों में पुरे गांव को काफी आसानी से घूम सकते हैं। इन दो दिनों में आपको ज्यादा खर्चा करने की कोई जरूरत नहीं होती है। आप मात्र 2000 से 4000 में पुरे बरसाना को काफी अच्छी तरिके से घूम सकते हैं।

FAQ

बरसाना में किसकी मंदिर है ?

बरसाना में आपको राधा रानी का मंदिर देखने को मिलता है ?

बरसाना में कितनी सीढ़ियां है ?

बरसाना में आपको 225 सीढ़ियां देखने को मिलेगी ?

बरसाना का सबसे प्रशिद्ध मंदिर कौन सा है ?

बरसाना का सबसे प्रशिद्ध मंदिर राधा रानी मंदिर है।

बरसाना किसका जन्म स्थान है ?

बरसाना भगवान श्री कृष्ण की पिरयतमा राधिका रानी की जन्म स्थली है।

बरसाना के राजा कौन थे ?

बरसाना के राजा देवी राधा के पिता वृषभानु थे।

निष्कर्ष

मेरे इस लेख में आपको बरसाना में घूमने वाले पर्यटन स्थलों की जानकारी काफी सरल शब्दों में जानने को मिलती है। साथ इस लेख के माध्यम से आपको राधा रानी एवं भगवान श्री कृष्ण के प्रेम के बारे में भी काफी कुछ जानने को मिलता है।

आशा करते हैं की मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपको बरसाना में घूमने के दौरान काफी मददगार साबित होने वाली है। अतः आप भाई बंधू से आग्रह है की इसे आप अपने सोशल मिडिया के द्वारा जरुरत मंदों को जरूर से जरूर शेयर करें।

अगर मेरे इस लेख से आपको किसी भी तरह का कोई भी शिकायत है तो आप हमें कमेंट सेक्शन में बताना बिलकुल भी न भूलें।

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