10+चित्रकूट में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

अगर आप चित्रकूट में घूमने की जगह जाने का सही समय और खर्चा आदि को लेकर परेशान है तो आइये हम आपकी सारी परेशानी को दूर करते हैं। चित्रकूट को आप पायसनी नदी के किनारे देख सकते हैं। यह अपने प्राकृतिक वातावरण के कारण यहाँ आने वाले पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। यह बिलकुल ही एक तीर्थस्थल जैसा की है। अगर आप अध्यात्म में रूचि रखते हैं तो यह जगह आपको काफी ज्यादा पसंद आने वाला है। यही जगह है जहाँ भगवान श्री राम ने 14 वर्षों का वनवास बिताया था।

चित्रकूट में घूमने जगह, जाने का समय एवं खर्चा

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं एवं घूमने के मन बना चुके हैं। तो आपको यह जान लेना चाहिए की चित्रकूट आपको उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के सीमा में देखने को मिलता है। इस जगह की ख्याति सिर्फ अपने देशों में नहीं बल्कि विदेशों में भी देख सकते हैं , इसलिए यहाँ घूमने के दौरान आप देश विदेशों से भी पर्यटकों को यहाँ घूमते हुए देख सकते हैं।

चित्रकूट अपने अद्भुत खूबसूरती , अपनी विशेष संस्कृति के कारन एवं यहाँ के ऐतिहासिक स्थानों के कारण ही पुरे देश में प्रशिद्ध है। इस लेख माध्यम से आपको यहाँ की खूबसूरती को काफी हद तक समझने में सहायता मिलेगी। यहाँ के आकर्षण को काफी हद तक आप समझ सकते है। इसलिए अगर आप इस लेख के अंत तक आप बने रहते हैं तो आपको चित्रकूट में घूमने वाले सारे पर्यटन स्थलों , दर्शनीय स्थलों के बारे में सारी जानकारी काफी सरल शब्दों में मिलने वाली है।

चित्रकूट से संबंधित कुछ रोचक तथ्य

यदि चित्रकूट में घूमने के लिए जा रहे हैं या घूमने का मन बना चुके हैं तो फिर आपको यहाँ के कुछ रोचक तथ्य के बारे में जाना लेना चाहिए जिससे की आपको यहाँ घूमने के प्रति जो भी रूचि है वह और भी ज्यादा भड़ जाय।

  • इसी जगह पर भगवान श्री राम ने वनवास बिताये थे।
  • इसी जगह में लव कुश का भी जन्म हुआ था।
  • यहाँ पर एक स्थान है जो जानकी कुंड के नाम से प्रशिद्ध है , जहाँ आपको भगवान श्री राम के चरणों क निशान देखने को मिल जाते हैं।
  • भगवान श्री राम का एक नाम कामदगिरि भी है।
  • चित्रकूट में आपको का छोटा सा शहर राजापुर भी देखने को मिलता है , इसकी जगह पर तुलसीदास जी की जन्म हुआ था। यहाँ आपको का तुलसी मंदिर भी देखने को मिल जाती है।

चित्रकूट में लोकप्रिय पर्यटक स्थल (Chitrakoot Tourist Places in Hindi)

वैसे तो चित्रकूट आध्यात्म के नगरी के रूप में काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। इसके साथ ही यहाँ आपको काफी सारे दर्शनीय स्थल एवं पर्यटन स्थल भी देखने को मिल जाते हैं। तो चलिए जानते हैं यहाँ घूमने वाले कुछ दर्शनीय स्थलों एवं पर्यटन स्थलों के बारे में जिसे की यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है।

रामघाट

चित्रकूट में घूमने फिरने के दौरान आपको काफी कुछ देखने को मिल जायेगा। उन्हीं में एक स्थान का नाम आता है यहाँ के राम घाट का। यह आपको चित्रकूट के मन्दाकिनी नदी के किनारे देखने को मिल जयेगा।

Ramghat
Ramghat

घाट के किनारे आपको काफी सरे मंदिर भी देखने को मिल जायेंगे। साथ ही इस घाट में आप सबसे ज्यादा रंग बिरंगी नावों को भी देख सकते हैं एवं इन नावों के मदद से आप यहाँ नौकायन के भी भरपूर मजा ले सकते हैं। रामघाट के आसपास आप काफी संख्या में पर्यटकों का भीड़ देख सकते हैं जो की यहाँ आने के बाद नौकायन की सवारी के लिए होते हैं।

गुप्त गोदावरी गुफाएँ

चित्रकूट में घूमने के दौरान यहाँ आपको एक गोदावरी गुफाएँ भी देखने को मिलती है। वैसे तो इसके बारे में काफी कुछ कहने एवं सुनने के लिए है। लेकिन इसके लिए सबसे ज्यादा चर्चित किस्सा यह है की यहाँ भगवान श्री राम निर्वासन के समय में अपने छोटे भाई के साथ इसी गुफा में ठहरे हुए थे।

Gupt Godavari
Gupt Godavari

इस गुफा में अगर आप प्रवेश करते हैं तो यहाँ आपको घुटने भर पानी में उतरना होता है। साथ ही यहाँ आपको दो गुफ्त गुफाएं भी देखने को मिलता है। एक गुफा बड़ी गुफा है एवं दूसरी गुफा छोटी गुफा है। छोटी गुफा काफी लंबी गुफा है। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

लक्ष्मण पहाड़ी

चित्रकूट में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यहाँ आपको का लक्ष्मण पहाड़ी भी देखने को मिलता है। यह यहाँ की काफी प्रशिद्ध धार्मिक स्थल है। जिसे की आप कदमगिरि पहाड़ी के पास देख सकते हैं। यहाँ आपको राम लक्ष्मण भारत इन तीनो की मंदिर देखने को मिल जाता है। अगर आपको पैदल चलना अच्छा लगता है तो आप यहाँ पैदल ही आ सकते हैं।

Lakshman Pahadi
Lakshman Pahadi

लेकिन यदि आपको पैदल चलने का शोक नहीं है। तो आपके लिए यहाँ रोपवे की भी काफी अच्छी व्यवस्था यहाँ की गई है।

साथ ही इस पहाड़ी में आपको काफी सारे खम्भे भी देखने को मिलेगा। यहाँ की ऐसे मान्यता है की यहाँ आने वाले पर्यटकों द्वारा इन खम्भों को गला लगाना पड़ता है। ऐसा इसलिए किया जाता है की क्योंकि जब भरत जी यहाँ राम जी से मिलने के लिए आये थे , तब उन्होंने भगवान श्री राम को गाला लगाया था। तब यहाँ पर यह रिवाज चला आ रहा है।

कामदगिरि मंदिर

चित्रकूट में घूमने वाली स्थानों इस कामदगिरि मंदिर का नाम सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में आता है। कामदगिरि का मतलब होता है इच्छाओं को पूरी करने वाला। इस मंदिर का नाम यहाँ पर सबसे प्रचीन एवं प्रमुख मंदिरों में आता है। इस मंदिर में लोग अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने के लिए आते हैं। अगर आप यहाँ आ रहे हैं तो यहाँ आने के बाद आप इस मंदिर के चक्कर लगाना कभी भी न भूलें आपकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी।

Kamadgiri Temple
Kamadgiri Temple

इस मंदिर के आसपास आपको काफी सारे और भी मंदिर देखने मिल जाते हैं। इसलिए यह पहाड़ी हिन्दुओं की आस्था के लिए एक अलग ही महत्व रखता है।

हनुमान धारा

मित्रों आपको चित्रकूट में घूमने की जगहों में आपको एक हनुमान धारा भी देखने को मिलता है। कहा जाता है जब हनुमान जी ने लंका में आग लगाई थी तब जाकर उसका पूँछ धूं धूं करके जल रहा था। एवं हनुमान जी का पूरा शरीर भी बहुत ज्यादा गर्म हो चूका है। इसी जगह पर हनुमान जी ने अपनी पूँछ की आग बुझाई थी एवं तन बदन को भी शांत किया था। आज यह जगह हनुमान धारा के नाम से प्रशिद्ध है।

Hanuman Dhara
Hanuman Dhara

यह एक झरना है जिसे की यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है।

आज के समय में यह स्थान आपको उत्तर प्रदेश की बाँदा जिला कर्वी तहसील एवं मध्य प्रदेश की सतना जिले में देखने को मिलती है।

स्फटिक शिला

चित्रकूट में घूमने वाली स्थानों में यहाँ आपको एक और दर्शनीय स्थल देखने को मिलता है जो स्फटिक शिला के रूप में प्रशिद्ध है। अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ आपको पैरों के निशान भी देखने को मिल जायेंगे।

Sphatik Shila
Sphatik Shila

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार कहा जाता है की यही वह स्थान है जहाँ की प्रभु श्री राम ज्यादा समय तक माता सीता के साथ रहे थे। और इसी जगह माता सीता को भगवान इंद्र के पुत्र जयंत ने कटा था।

भरत कूप

चित्रकूट में घूमने के दौरान यहाँ आपको एक भरत कूप नाम का मंदिर भी देखने को मिलता है। कहते है की इस पवित्र कूप में सारे पवित्र नदियों के जल मिले हुए हैं। यह जल काफी पवित्र जल है एवं मीठा जल है। इस जल का इस्तेमाल बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है।

Bharat Koop
Bharat Koop

यह जल काफी पवित्र मीठा एवं रोगनाशक है। यहाँ आने वाले पर्यटक इस जल का इस्तेमाल तरह तरह के रोग का निवारण करने के लिए करते हैं। इस कूप को भरत कूप कहने के पीछे का सबसे बड़ा करन यह है की इस कूप का निर्माण भरत के द्वारा किया गया था। जब भरत श्री राम जी के पास भगवान श्री राम का राज्य भिषेक करने के लिए आये थे तो उन्होंने इसी समय सारे पवित्र नदियों के जल को एकत्रित करके इस कूप का निर्माण करवाया था।

वाल्मीकि आश्रम

चित्रकूट में घूमने लायक जगहों में इस वाल्मीकि आश्रम का नाम सबसे पहले आता है और यह सबसे ज्यादा प्रशिद्ध है। क्योंकि इस जगह पर भगवान श्री राम माता सीता एवं लक्ष्मण ने साढ़े 11 वर्षों का वनवास का समय गुजारा था। यहाँ घूमने फिरने के दौरान आपको प्रकृति के अध्भुत नज़ारे भी देखने को मिलेंगे। पवित्र धर्म ग्रंथो में भी इसका उल्लेख आपको ज्यादातर देखे को मिल जाता है।

Valmiki Ashram
Valmiki Ashram

यही वह स्थान है जहाँ पर माता सीता ने लव कुश को जन्म दिया था। यहाँ घूमने फिरने के दौरान प्रकृति के खूबसूरत नज़रों के साथ साथ भी काफी सारे रोमांचक दृश्य भी देखने को मिल जायेंगे। जैसे की यहाँ पर आप नाचते हुए मोर एवं खिलखिलाते हुए हिरण आदि को भी देख सकते हैं। जो की आपके यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचकारी बना देता है।

चित्रकूट का प्रसिद्ध भोजन

चित्रकूट सिर्फ अपने घूमने फिरने के जगह के कारण ही नहीं बल्कि अपने लजीज व्यंजन के कारण ही जाना जाता था। यह अपने आने वाले पर्यटकों का अच्छा खासा ध्यान रखता है। क्योंकि यह देवी स्थान है तीर्थ स्थान है , धार्मिक स्थान है। इसलिए यहाँ आपको ज्यादातर शाकाहारी भोजन ही देखने को मिलेंगे।

समान्यतः यहाँ आने पर्यटकों लिए दाल चावल रोटी सब्जी अचार पापड़ एवं मीठे जलेबी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सूजी सेवइयां एवं हलवा भी आपको यहाँ मिल जाएगी।

अगर आप मीठे खाने के शौकीन हैं तो यहाँ के कड़क जलेबी का स्वाद लेना कभी भी न भूलें। ये दिखने में काले जरूर होते हैं लेकिन इसका स्वाद आहा काफी स्वादिस्ट होता है क्योंकि इसे बनाने के लिए खोवा आरारोट एवं इलाइची पाउडर का इस्तेमाल किया है। जलेबी को तैयार करने के लिए हमेशा ही कड़ी आंच इस्तेमाल किया जाता है।

चित्रकूट में रुकने की जगह

अब बात करते हैं चित्रकूट में रुकने की तो यहाँ रुकने के लिए आपको सस्ते एवं महंगे दोनों प्रकार के होटल देखने को मिल जायेंगे। होटल अलावा आप गेस्ट हाउस में भी रुक सकते हैं।

चित्रकूट में घूमने के दौरान यहाँ कुछ खास होटलों में रुकना न भूलें जो की यहाँ के प्रशिद्ध होटल हैं। जो की इस प्रकार से हैं – होटल मन्दाकिनी दा हेरिटेज , श्री जी भवन , श्री भागवत धाम , होटल राज , होटल रूद्रा एवं होटल चित्रकूट दर्शन आदि।

चित्रकूट जाने के लिए सबसे अच्छा समय

हर पर्यटन स्थलों को घूमने के लिए एक खास समय होता है। अगर आप यहाँ घूमने के लिए आते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बताते चलें यहाँ आपको सर्दियों के मौसम में आना चाहिए। क्योंकि इस समय यहाँ मौसम के लिए बिलकुल घूमने के लिए उपयुक्त होता है।

घुमने के लिए यह उपयुक्त समय नवंबर से मार्च के बीच पड़ता है।

चित्रकूट कैसे पहुंचे?

अगर आप चिटकूट आने का मन बना रहे हैं या फिर बना चुकें हैं तो फिर आपके लिए यह काफी खुसखबरी वाली जानकारी है की आप यहाँ पर बस ट्रेन एवं हवाई मार्ग किसी भी माध्यम से यहाँ तक काफी सुविधाजनक तरीके से पहुँच सकते हैं।

रेल द्वारा चित्रकूट कैसे पहुंचे?

यदि आपको रेलवे से सफर कारना अच्छा लगता है तो आपको यह जान लेना चाहिए की यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन कर्ली रेलवे स्टेशन है। जो की चित्रकूट से मात्र 8 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। एवं यह भारत के सभी छोटे बड़े शहरों काफी अच्छी तरह कनेक्टेड है।

सडक द्वारा चित्रकूट कैसे पहुंचे?

चित्रकूट काफी प्रशिद्ध धार्मिक स्थल एवं पर्यटन स्थल है। एवं यह देश के सभी छोटे बड़े शहरो से सड़क मार्ग के द्वारा काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

हवाई मार्ग द्वारा चित्रकूट कैसे पहुंचे?

अगर आप चित्रकूट जाने के लिए हवाई मार्ग को पसंद करते हैं तो आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें की यहाँ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा इलाहबाद हवाई अड्डा है। जिसकी दुरी चित्रकूट से मात्र 135 किलोमीटर है।

चित्रकूट कैसे घूमें?

चित्रकूट में घूमने वाली जगहों में आपको यहाँ एक से बढ़कर एक दर्शनीय स्थल , पर्यटन स्थल धार्मिक स्थल ,ऐतिहासिक इमारते देखने को मिल जायेंगे। यहाँ आपको काफी सारे मंदिर भी देखने को मिलते हैं एवं खूबसूरत पहाड़ियों को देख सकते हैं।

यहाँ घूमने के लिए आप यहाँ आप किराये के कार एवं टैक्सी को बुक कर सकते हैं। अगर आपको टूरिस्ट गाइड की जरूरत पड़े तो इसकी भी सुविधा आपको यहाँ मिल जाती है।

चित्रकूट में घूमने का खर्चा

अगर चित्रकूट में घूमने की खर्चे की बात करें तो यहाँ घुमने का खर्चा आपके रहने के तौर तरीके एवं घूमने फिरने के दौरान किये जाने वाले यातायात के साधनों। एवं अन्य तरह के खर्चे पर निर्भर करता है। आप यहाँ घूमने के लिए कितने दिनों तक मन बनाया हुआ है।

चित्रकूट घूमने के लिए साथ में क्या रखे?

चित्रकूट में घूमने के दौरान कुछ खास चीजों का विशेष ध्यान रखना होता है। यहाँ घूमने के दौरान आपको अपना पर्शनल आईडी , ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम के साथ कुछ कैश को भी साथ रखना होता है।

क्योंकि आप सर्दी के मौसम में घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ घुमने के दौरान आपको सर्दी में इस्तेमाल किये जाने वाले गर्म एवं ऊनि कपड़ो को अपने साथ जरूर रखें।

FAQ

चित्रकूट में कितने धार्मिक स्थल हैं ?

चित्रकूट में कुल 5 धार्मिक स्थल देखने को मिलते हैं।

चित्रकूट अयोध्या से कितनी दुरी पर स्थित है ?

चित्रकूट से अयोध्या आप 4 दिनों की दुरी को तय करके पहुँच सकते हैं।

चित्रकूट में राम कहाँ ठहरे थे ?

चिटकूट में भगवान श्री राम गुफ्त गोदावरी में ठहरे थे।

इलाहबाद से चित्रकूट की कितनी दुरी है ?

इलाहबाद से चित्रकूट की दुरी 124 किलोमीटर है। जिसे आप 2 .17 घंटे में तय कर सकते हैं।

चित्रकूट में भगवान राम क्यों रुकना नहीं चाहते थे ?

ताकि वहां रहने वाले महृषि को किसी भी तरह की असुविधा का समान न करना पड़े।

निष्कर्ष

मेरे इस लेख में आपको चित्रकूट में घूमने वाली सारी जगहों के बारे में काफी आसानी शब्दों में समझा दी गई है। आशा करते हैं की मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपको चित्रकूट में घूमने के लिए दौरान काफी ज्यादा मदगार साबित हुई होगी।

इसलिए यह लेख थोड़ा भी आपके काम आया हो तो इसे अपने मित्रगणों के साथ जरूर से जरूर शेयर करें

साथ ही यदि आपको यहाँ किसी भी प्रकार की कोई भी गलती देखने को मिल जाती है तो कमेंट सेक्शन में हमें बताना कभी भी न भूलें।

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