15+ चित्तौड़गढ़ में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

इस लेख के माध्यम से आपको चितोड़गढ़ में घूमने की जगह , जाने का सही समय एवं खर्चा इन सारी चीजों की जानकारी आपको यहाँ मिलने वाली है। अगर आप राजस्थान में सैर करने के लिए घर से निकले हैं तो राजस्थान के चितौड़गढ़ आना कभी भी न छोड़े। राजस्थान के उदयपुर से मात्र 111 किलोमीटर की दुरी में स्थित इस चित्तौड़गढ़ को पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है। एवं यहाँ घूमने आने वाले पर्यटकों के बीच यह मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

चित्तौड़गढ़ में घूमने की जगह , जाने का समय एवं खर्चा

चित्तौड़गढ़ अपने ऐतिहासिक इमारत एवं किले के लिए काफी प्रशिद्ध है। यहाँ आपको यात्रा के दौरान काफी सूंदर ऐतिहासिक इमारते , किले एवं मंदिर देखने को मिलते हैं। साथ ही यहाँ आप वन्यजीव अभ्यारण को भी देख सकते हैं।

शौर्य , वीरता एवं विजय के रूप में प्रशिद्ध चितौड़गढ़ को महराणा प्रताप की राजधानी कहा जाता है। महाराणा प्रताप की विजय गाथा एवं चितौड़गढ़ इतिहास समझने के लिए आपको यहाँ के विजय स्तंभ में आना होता है।

अगर आप राजस्थान घूमने के लिए जा रहे हैं तो यह लेख आपके लिए काफी ज्यादा मददगार साबित हो सकता है।

आज के समय में आपको जोहर कुंड , किले एवं महल काफी कुछ देखने को मिलते हैं।

चित्तौड़गढ़ के बारे में कुछ रोचक तथ्य

  • चित्तौड़गढ़ का नाम भारत के सबसे बड़े किले के रूप में आता है।
  • यह कभी मेवाड़ की राजधानी हुआ करती थी। आज के समय में यह चित्तौड़गढ़ शहर में स्थित है।
  • यहाँ आपको काफी सारे ऐतिहासिक इमारतें महल मंदिर एवं स्मारक देखने को मिलते हैं।
  • चित्तौड़गढ़ किला महाराणा प्रताप के गढ़ के नाम से प्रशिद्ध है।
  • यहाँ आपको कुल मिलाकर 65 ऐतिहासिक संरचनाएं देखने को मिलती है।
  • इस किले का नाम यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी इसका नाम आता है।
  • चित्तौड़गढ़ किला देखने में बिलकुल मछली के आकर का दिखाई देता है। यहाँ पहले कभी 84 निकाय हुआ करते थे लेकिन आज के समय में यहाँ आपको सिर्फ 22 निकाय ही देखने को मिलते हैं।
  • इस किले के अंदर आपको एक नवलखा भंडार भी देखने को मिलेगा , जो की यहाँ की भव्य इमारत है और यह हिन्दू देवी देवताओं के अजायबघर के रूप में प्रशिद्ध है।

चित्तौड़गढ़ में लोकप्रिय पर्यटक स्थल (Chittorgarh Tourist Places in Hindi)

यहाँ आपको चित्तौड़गढ़ में घूमने वाली सारी स्थानों के बारे में जानकारी काफी अच्छी तरह से मिलने वाली है।

चित्तौड़गढ़ का किला

भारत के सबसे बड़े किले के रूप में प्रशिद्ध चितौड़गढ़ का यह किला यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा खूब पसंद जाता है। इसे सातवीं शताब्दी इसा पूर्व मौर्य कल के द्वारा बनवाया गया था। आज के समय में इसे यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज में भी देख सकते हैं।

Chittorgarh Fort
Chittorgarh Fort

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं आपको यहाँ बताते चलें यहाँ आपको एक से एक खूबसूरत एवं ऐतिहासिक इमारते देखने को मिलेंगे विजय स्तंभ , कृति स्तंभ , मीरा बाई मंदिर , राणा कुंभा महल एवं रानी पह्मिनी महल। इन सब के कारन यह गढ़ और भी ज्यादा खास हो जाता है। इसके समीप ही आपको गंभीरी नदी देखने को मिलता है। चित्तौड़गढ़ में घूमने वाले स्थानों में यह किला आपको अरावली पहाड़ी से 180 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलेगा।

कालिका माता मंदिर

चित्तोड़ में घूमने वाली स्थान में यहाँ आपको एक कलिका मंदिर देखने को मिलता है , जिसमे की माँ दुर्गा की पूजा की जाती है। यह यहाँ की काफी महत्वपूर्ण मंदिर है। आज के समय में यह मंदिर कम एवं खंडहर ज्यादा बन चूका है। यहाँ की अध्भुत वास्तुकला को देखने के लिए आज भी यहाँ पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है।

 Kalika Mata Temple
 Kalika Mata Temple

यहाँ आपको माँ दुर्गा की काफी विशाल प्रतिमा देखने को मिलेगी। साथ ही यहाँ के फाटक , खम्बों एवं छत में आप जटिल नक्काशी देख सकते हैं।

कहा जाता है की यदि आप चित्तौड़गढ़ घूमने के लिए आ रहे हैं एवं इस मंदिर को घूमे बिना ही वापस चले जाते हैं तो यक़ीन मानिये चित्तौड़गढ़ की यात्रा अधूरी रह जाती है।

सतीश देवरी मंदिर

चितौड़गढ़ में यात्रा के दौरान यहाँ आप एक सतीश देवरी मंदिर को भी देख सकते हैं। यह मंदिर आपको फ़तेह प्रकाश पैलेश के करीब देखने को मिलता है।

कहा जाता है पुराने समय में इस मंदिर में और भी 27 मंदिर हुआ करते थे। आज के समय में हालाँकि उसका कोई भी अस्तित्व नहीं है। इस मंदिर में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। यहाँ आप भगवान आदित्यनाथ के गुणों एवं जीवनी के बारे में देख सकते हैं।

मंदिर की सुंदर नक्काशी एवं यहाँ स्थापित मूर्ति यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच विशेष रूप से आकर्षण का केंद बना हुआ है। इस स्थान को यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट में भी शामिल किया गया है। अगर आप अद्भुत वास्तुकला के शौकीन है एवं 11 वीं शताब्दी की सूंदर वास्तुकला को देखने का मौका बिलकुल भी नहीं छोड़ना चाहते हैं तो आपको यहाँ चित्तौड़गढ़ में घूमने लायक स्थानों में इस सतीश देवरी मंदिर में जरूर से जरूर आना चाहिए।

रतन सिंह पैलेस

रतन सिंह पैलेश चित्तौड़गढ़ में घूमने वाली जगहों में काफी खूबसूरत ऐतिहासिक इमारत है। एवं पर्यटकों के बीच इसका एक अलग ही क्रेज देख सकते हैं। यहाँ आपको एक रत्नेश्वर झील भी देखने को मिलता है जो की इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं।

Ratan Singh Palace
Ratan Singh Palace

अगर आपका नाम यहाँ आने वाले पर्यटकों में शामिल है तो आपको यहाँ इस पैलेश में काफी कुछ देखने को मिलेगा। उनमे से कुछ के नाम प्रमुख है – यहाँ का अद्भुत वास्तुकला , विशाल आँगन , प्रवेश द्वार या मुख्य द्वार। इनके साथ ही यहाँ की बड़ी बड़ी दीवारों , बालकनी , स्तम्भ छतरी , मंडप को देखकर आप आश्चर्य चकित हो जायेंगे। भले ही आज के समय में यह मंदिर पूरी तरह से खंडहर बन चूका है फिर भी आपको यहाँ भारी संख्या में पर्यटकों का भीड़ देखने को मिल जाता है।

विजय स्तंभ

चितोड़गढ़ में घूमने लायक स्थानों में इस विजय स्तंभ का पर्यटकों के बीच अपना एक अलग ही पहचान है। यह स्तंभ विजय मीनार के नाम से भी प्रशिद्ध है। यह एक तरह से वीरता का ही प्रतीक है। इस स्तम्भ का निर्माण महाराणा कुम्भा ने करवाया था। मोहम्मद खिलजी को हारने के बाद ही उसने इस विजय स्तंभ का निर्माण करवाया था। इस तरह से यह का विजय का प्रतीक है। अगर आप शहर भर्मण करने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ इस मीनार को आप शहर के किसी भी कोने से बड़े ही आराम से देख सकते हैं। इससे पता चलता है की यह मीनार वास्तव में कितना बड़ा है।

Vijay Stambh
Vijay Stambh

इस 9 मंजिलें ईमारत में काफी सारे हिन्दू देवी देवताओं की प्रतीमाएँ भी देखने को मिल जाती है। मीनार के अंदर आपको काफी सारे हाथियार संगीत एवं वाध्ययंत्र की नक़्क़शी देखने को मिलती है। जिसके कारण से इसकी खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है।

कीर्ति स्तंभ

चित्तौड़गढ़ के अंदर आपको एक और स्तंभ देखने को मिलता है जो की यहाँ आने वाले पर्यटकों को अपने और आकर्षित करती है। इस स्तम्भ को 12 वीं शताब्दी में बनवाया गया था।

 Kirti Stambh
 Kirti Stambh

कीर्ति स्तम्ब को खासकर जैन तीर्थकर के लिए ही बनवाया गया था। यह स्मारक आदिनाथ के स्मारक के रूप में जाना जाता है। इस स्मारक को जैन व्यापारी जीजा भावर वाला ने जैन धर्म के उत्थान के लिए बनाया था। कीर्ति स्तम्ब की ऊंचाई 22 मीटर है एवं इसे रावल कुमार सिंह के शासन काल में बनवाया गया था।

चित्तौड़गढ़ का तीर्थ स्थल गौ मुख कुंड

चित्तौड़गढ़ घूमने वाले स्थानों में आपको एक गौ मुख कुंड भी देखने को मिलता है। जो की देखने में बिलकुल ही गाय के मुख के सामान ही दीखता है। एवं इसके मुख से हमेशा ही पानी आता रहता है।

Gaumukh Kund
Gaumukh Kund

हिन्दुओं के लिए यह काफी पवित्र स्थान है। गौ मुख के प्रति हिन्दुओं की एक अलग ही आस्था देखने को मिलती है। इसलिए जब कोई भी हिन्दू यात्री यहाँ घूमने के लिए आते हैं तो इस जगह में जाने का मौका कभी भी नहीं छोड़ता है। आप भी यहाँ घूमने के मौका बिलकुल भी न छोड़े।

गौ मुख कुंड के अंदर आपको काफी हरा भरा माहौल देखने को देखने को मिलता है। जिसे की यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा खूब पसंद किया जाता है। यहाँ के हरे भरे माहौल में यदि आप घूमने के लिए आते हैं तो यह आपको काफी शकुन एवं शांति देता है।

चित्तौड़गढ़ का धार्मिक स्थल मीरा मंदिर

मीरा मंदिर एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक केंद्र है। यह आपको चित्तौड़गढ़ परिसर में ही देखने को मिलता है। मीरा बाई के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी आपको भी होगी। जो की पूरी जिंदगी कृष्ण प्रेम में पागल थी।

 Meera Temple Chittorgarh
 Meera Temple Chittorgarh

इस मीरा मंदिर को मीरा के ही समर्पण में बनवाया गया है। इसे बनवाने का श्रेय महाराजा कुम्भा को जाता है। यदि आप चित्तौड़गढ़ में घूमने के दौरान किसी शांत जगह की तलाश में हैं तो आपको यहाँ जरूर से जरूर आना चाहिए। यहाँ आपके मन को काफी शकुन एवं शांति का अहसास होगा।

कहा जाता है जब कोई भी यात्री या पर्यटक यहाँ घूमने के लिए आते हैं तो यहाँ उनको एक अलग ही शकुन एवं शांति का अनुभव होता है। यहाँ पर्यटकों के लिए ध्यान लगाने का भी काफी अच्छा व्यवस्था है।

महा सती

चित्तोड़गढ़ में घूमने वाली जगहों में यह महा सती जगह काफी पवित्र जगह के रूप में प्रशिद्ध है। महा सती के इस पवित्र स्थान को आप चितोड़गढ़ से 110 किलोमीटर की दुरी में देख सकते हैं। यह वही जगह है जहाँ पहले कभी उदयपुर के शाषकों का अंतिम संस्कार हुआ करता था।

 Maha sati
 Maha sati

यह देखने में काफी खूबसूरत लगता है। यहाँ आपको एक जलाशय भी देखने को मिलेगा ,इसके बारे में ऐसी मान्यता है की इस जलाशय में आपको गंगा की धरा देखने को मिल जाएगी। पर्यटकों के बीच यह मुख्य आकर्षण का केंद्र है। अगर आप भी चित्तौड़गढ़ घूमने के लिए आ रहे हैं तो इस स्थान को अपने यात्रा की लिस्ट में अवश्य शामिल कर लें।

सांवरिया जी मंदिर

भगवान कृष्ण का यह मंदिर यहाँ आने वाले पर्यटकों खूब भाता है। अगर आप कृष्ण भक्त हैं एवं अन्य शहरों में इस्कॉन जैसे मंदिर घूम चुके हैं तो आपको यह जगह काफी ज्यादा पसंद आने वाली है। चित्तौड़गढ़ में घूमने वाले सबसे शानदार जगहों में यह सावरिया जी मंदिर चित्तौड़गढ़ से आपको मात्र 40 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जाता है।

Sanwariya Ji Temple
Sanwariya Ji Temple

यह मंदिर अन्य मंदिर के तरह ही काफी खूबसूरत एवं पवित्र है। चित्तौड़गढ़ घूमने आने वाले पर्यटकों का इस मंदिर के प्रति एक विशेष श्रद्धा देखने को मिलती है। अगर आप यहाँ घूमने के लिए आते हैं मंदिर में आप जरूर विजिट करें आपको काफी ज्यादा शकुन एवं शांति मिलेगी।

फतेह प्रकाश पैलेस

चित्तौड़गढ़ में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह जगह काफी खूबसूरत एवं विशाल है। एवं इस महल को महाराणा परताप के द्वारा बनवाया गया था। यह आपको चितोड़गढ़ किले के अंदर ही देखने को मिलता है। यहाँ की अध्भुत वास्तुकला को देखे बिना पर्यटक रह नहीं पाते हैं।

Fateh Prakash Palace
Fateh Prakash Palace

यहाँ आपको देखने के लिए काफी कुछ मिल जाता है जैसे की महल के अंदर आपको गणेश की मूर्ति फव्वारा देखने को मिलेगा। जिसे देखकर आप आनंद विभोर हो जायेंगे। यह का ऐसा महल है जिसकी सहायता से आप राजस्थान एवं चित्तौड़गढ़ के इतिहास को काफी बारीकी से जान सकते हैं एवं समझ सकते हैं।

राणा कुंभा का महल

वैसे आज के समय में यहाँ आपको कोई महल देखने को नहीं मिलेगा , लेकिन सिर्फ और सिर्फ इसके खंडहर को देख के आप इसके विशाल एवं भव्यता का अनुमान लगा सकते हैं। महल के अंदर आपको एक कल कोठरी भी देखने को मिल जाएगी।

Rana Kumbha Palace
Rana Kumbha Palace

जहाँ कभी यहाँ की महिलाएं जोहर किया करती थी। इस महल में पहले कभी राणा कुम्भा , रानी पह्मिनी , मीरा बाई एवं रावल कुमार सिंह रहा करते थे। यह महल देखने में काफी शानदार भव्य तथा काफी खूबसूरत लगता है।

भैंसरोडगढ़ अभयारण्य

अगर आप वन्यजीव पशु पक्षी एवं वन्य जीवों को देखने के शौकीन है। तो चित्तौड़गढ़ में घूमने वाले स्थानों में इस भैंसरोगढ़ अभ्यरण में आना न भूलें। अरावली की पहाड़ियों में स्थित यह अभ्यारण , जो की पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसे 1983 में पूरी तरह से वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में बदल दिया।

Bhainsrorgarh Wild life Sanctury
Bhainsrorgarh Wild life Sanctury

यहाँ आपको विभिन्न प्रजातियों के जीव जंतु एवं पक्षियों को देखने का मौका मिलता है। चित्तौड़गढ़ में घूमने आने के दौरान इस अभ्यारण में भर्मण करने एक मौका कभी भी न छोड़े। यह आपके लिए तथा आपके परिवार के लिए भी काफी अच्छा पर्यटन स्थल साबित होने वाला है।

चित्तौड़गढ़ में 1 दिन में घूमने लायक जगह (Places to Visit in Chittorgarh in 1 Day)

  • भीमलत तालाब
  • जयमल जी का तालाब
  • हाथीकुंड
  • कुम्ब सागर तालाब
  • रत्नेश्वर तालाब कुंभश्याम मंदिर
  • रानी पह्मणि का महल
  • अदबजी का मंदिर
  • गणेश मंदिर
  • जैन मंदिर
  • कलिका मंदिर
  • श्रृंगार चवरी का मंदिर
  • सूरजकुंड
  • नीलकंठ महादेव मंदिर
  • सममीदेश्वरा मंदिर

चित्तौड़गढ़ का प्रसिद्ध भोजन

चितोड़गढ़ में घूमने फिरने के दौरान ज्यादातर आपको राजस्थानी भोजन देखने को मिलते हैं। उनके नाम कुछ इस प्रकार से हैं –

  • गट्टे की सब्जी
  • लाल मास
  • मावा कचौड़ी
  • फास्ट फूड
  • मिर्ची बड़ा
  • भारतीय शाकाहारी भोजन
  • मुगल व्यंजन
  • राजस्थानी थाली
  • दाल बाटी चूरमा

चित्तौड़गढ़ में रुकने की जगह

चित्तौड़गढ़ में रुकने की जगह के बारे में ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है। अगर आप चितोड़गढ़ में घूमने के लिए आ रहे हैं एवं रुकने के बारे जगह की तलाश कर रहे हैं। तो यहाँ चित्तौड़गढ़ के नजदीकी शहर उदयपुर में इसके लिए आपको अच्छी खाशी व्यवस्था मिल जाएगी ।

यहाँ आपको काफी सारे होटल एवं रिसार्ट मिल जायेंगे , जहाँ आप अपनी बजट के हिसाब से जैसा चाहे वैसा ही रूम बुक कर सकते हैं। चित्तौड़गढ़ में भी आपको काफी सारे होटल एवं रिसार्ट मिल जायेंगे।

चित्तौड़गढ़ जाने के लिए सबसे अच्छा समय

अगर आप चित्तौड़गढ़ में घूमने का मन बना चुके हैं तो इसके लिए आपको पहले यहाँ आने का सही समय पता कर लेना चाहिए। यहाँ आने का सही समय अक्टूबर से मार्च का होता है। जो घूमने के लिए काफी सही माना जाता है। इस दौरान यहाँ का मौसम काफी ठंडा एवं सही होता है।

वहीँ यदि आप गर्मियों के समय में यहाँ घूमने के बारे में सोच रहे हैं तो यह आपके लिए बिलकुल ही घाटे का सौदा हो सकता है। क्योंकि राजस्थान में इस समय भीषण गर्मी पड़ती है। जो की यहाँ आने वाले पर्यटकों के योजना को पूरी तरह से विस्फल कर देता है।

इसलिए जब कभी भी राजस्थान के ऐसे इलाके में घूमने का मन बना रहे हैं तो हमेशा आपको ठंडी के मौसम में ही आना चाहिए एवं उसमें भी शाम के समय में ही घूमना आपके लिए सही है। क्योंकि इस समय आपको यहाँ भीड़भाड़ भी ज्यादा देखने को नहीं मिलेगी।

चित्तौड़गढ़ कैसे घूमे?

चित्तौड़गढ़ तक जाने के लिए सबसे पहले आपको यहाँ के पास वाले शहर उदयपुर में जाना होता है। वहाँ से डेढ़ घंटे का सफर करने के बाद आप चित्तौड़गढ़ पहुँचते है। इसके लिए आपको यहाँ से टैक्सी, ओला ,उबेर या कैब की सहायता से चित्तौड़गढ़ घूमना होता है।

चित्तौड़गढ़ कैसे पहुंचे?

चित्तौड़गढ़ तक जाने के लिए आपको तीनों ही विकल्प मिल जायेंगे सड़क मार्ग , हवाई मार्ग एवं रेल मार्ग। आपके लिए कौन सा यातायात बेस्ट होगा यह आपके घूमने फिरने के शौक , लोकेशन एवं आपके बजट पर निर्भर करता है।

सड़क मार्ग के द्वारा –

यह शहर सिर्फ राजस्थान के कुछ शहर से जैसे की उदयपुर , जोधपुर से ही नहीं बल्कि कई और बड़े बड़े शहरों से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप किसी भी राज्य से शहर से सड़क मार्ग के द्वारा सरकारी बस या निजी बसों से आप बड़े ही आराम से यहाँ तक के सफर को तय कर सकते हैं।

यदि आप दिल्ली से चित्तौड़गढ़ आने की सोच रहे हैं। इसके लिए आप 10 घंटे देने होते हैं। और यदि आप अहमदाबाद से यहाँ तक आने का प्लान बना रहे हैं तो आपको 7 घंटे का समय देना होता है।

रेल मार्ग –

अगर आप ट्रेन से यात्रा करना अच्छा लगता है तो इसके लिए आपको चित्तौड़गढ़ के नजदीकी रेलवे स्टेशन से चित्तौड़गढ़ जंक्शन के लिए टिकट बुक करना होता है। यह रेलवे स्टेशन देश के हर राज्य एवं राज्य के हर छोटे बड़े रेलवे स्टेशन से काफी अच्छी तरह से जुडी है। इसलिए आप अपने शहर के रेलवे स्टेशन से डायरेक्ट यहाँ तक सफर कर सकते हैं। अन्यथा पहले आप अपने शहर से ऐसे किसी स्थान के लिए टिकट बुक करा लें जो की यहाँ के डायरेक्ट ट्रेन की सुविधा मुहैया करता हो।

हवाई मार्ग के द्वारा –

यदि आपको हवाई मार्ग के द्वारा यात्रा करना अच्छा लगता है तो आपको अपने शहर के नजदीकी हवाई अड्डा से चित्तौड़गढ़ के नजदीकी हवाई अड्डा के लिए टिकट बुक करना होता है। वहाँ से आगे की यात्रा आप टैक्सी कैब या बस से पूरी कर सकते हैं।

चित्तौड़गढ़ घूमने का खर्चा

आप अगर अकेले आ रहे हैं तो इस शहर में 7 दिन बिताने के लिए 12000 रुपया काफी है। इतने खर्चे में आप चित्तौड़गढ़ में घूमने लायक सारे पर्यटन स्थलों को काफी आसानी से घूम सकते हैं।

इसके अलावा यहाँ का खर्चा थोड़ा घट बढ़ भी सकता है। एक्स्ट्रा खर्चा आपके घूमने फिरने के तौर तरीके पर निर्भर करता है। घूमने के दौरान ठहरने के लिए किस तरह के होटल का चयन करते हैं घूमने के दौरान किस यातायात का उपयोग करते हैं। आपका खर्चा इन सारी चीजों पर निर्भर करता है।

चित्तौड़गढ़ घूमते समय साथ में क्या रखें?

अगर आप कहीं भी घूमने के लिए जा रहे तो इसके लिए आप कुछ जरुरी चीजें हमेशा साथ रखने की जरूरत होती है। जैसे की कुछ जरुरी कागजात , थोड़ा बहुत कैश , एटीएम कार्ड , पेन कार्ड ड्राइविंग लइसेंस को हमेशा साथ रखने की जरूरत होती है।

इन सब के अलावा मौसम के हिसाब से कुछ आवश्यक कपडे भी रखना होता है जैसे की अगर ठंडी के दिन में आ रहे हैं तो यहाँ आने के लिए आपको हमेशा से ही गर्म कपड़ो को साथ रखना होता है।

साथ ही कुछ खाने पीने का सामान भी साथ रखें एवं जरुरी दवाइयों को भी साथ रखें और अपने यात्रा को मंगलमय बनाएँ।

FAQ

चित्तौड़गढ़ जाने के लिए कितने दिनों की आवश्यकता है ?

आप 2 से 3 दिनों में पुरे चित्तौड़गढ़ को काफी आसानी से घूम सकते हैं।

चित्तौड़गढ़ कब जाना चाहिए ?

चित्तौड़गढ़ जाने के लिए अक्टूबर से मार्च तक समय बिलकुल भी सही है।

चित्तौड़गढ़ का दूसरा नाम क्या है ?

चित्तौड़गढ़ को दिल्ली के सल्तनत काल में खिजराबाद के नाम से जाना जाता था।

चित्तौड़गढ़ की राजधानी क्या है ?

चित्तौड़गढ़ की राजधानी मेवाड़ है।

चित्तौड़गढ़ किसने बनवाया था ?

चित्तौड़गढ़ का निर्माण चित्रांगदा के द्वारा करवाया गया था।

निष्कर्ष

मेरे लेख में आपको चित्तौड़गढ़ में घूमने वाली जगहों से सम्बंधित सारी जानकारी काफी सरल शब्दों में जानने एवं समझने को मिलती है।

उम्मीद करते हैं की मेरे दी गई जानकारी आपके लिए काफी ज्यादा उपयोगी साबित हुई होगी। अगर मेरा यह लेख आपके लिए थोड़ा भी मददगार साबित हुआ हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना कभी भी न भूलें।

साथ ही यदि आपको मेरे इस लेख में आपको कहीं भी किसी भी तरह की त्रुटि दिखाई दे रही हो तो इसे कमेंट सेक्शन के जरिये हमें बताना कभी भी न भूलें।

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