10+ द्वारिका में घूमने की जगह, द्वारकाधीश मंदिर दर्शन समय और खर्चा

यहाँ आप जानंगे Dwarka Me Ghumne ki Jagahके बारे में, द्वारका मंदिर में कब जाएँ कब दर्शन करें, अन्य शहरों से द्वारिका कैसे  पहुंचे, अन्य शहरों से द्वारिका तक की दुरी, अन्य सारे सवालों का  जवाब आपके आसानी से इस लेख के माध्यम से मिल  जायेगा। 

गुजरत राज्य के पश्चिमी भाग में बसा द्वारिका बहुत ही पवित्र माना जाता है  जो की द्वारिका में घूमने की जगह के रूप में काफी प्रशिद्ध है  । इस शहर में भगवन श्री कृष्ण का मंदिर  द्वारिकाधीश मंदिर बसा हुआ है।  जो की चरों धामों से एक है। 

धर्म गर्न्थों के अनुसार, द्वारिका शहर भगवन श्री कृष्ण के द्वारा बसाया गया शहर है।  इस शहर में आप द्वारिका धीश मंदिर के के साथ रुक्मणि मंदिर के बारे में और भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के बारे में से एक नागेशवर मंदिर के बारे में भी जानेगें। 

द्वारिका में घूमने की जगह, जाने का समय और खर्चा
Source : Dwarika me Ghumne ki jagh

आप यहाँ जन्माअष्ठमी के समय आ सकते है।  इस समय शहर में देश भर से श्रद्धालुओं का  भीड़ बना रहता है।  यदि आप घुमकड़ है तो यह लेख आपके लिए काफी उपयोगी रहने वाला है। क्योंकि इस लेख में आप द्वारिका में  घूमने की   जगह के  बारे में विस्तार से जानेगें। 

Contents

द्वारिका के बारे में रोचक तथ्य

  • द्वारिकाधीश की चोटी पर एक ध्वज लगा हुआ है। जिसकी लम्बाई 75 मीटर है जिसे दिन भर में 5 बार बदला जाता है। 
  • मंदिर  का निर्माण चालुक्य शैली द्वारा किया गया था। 
  • द्वारिकाधीश बनाते समय रेत और चुना पत्थर को इस्तेमाल में लाया गया था। 
  • ये मंदिर एक टुकड़े पे बना हुआ है , जो की भगवान् श्री कृष्णा का है। 
  • इस मंदिर में 72 स्तम्भ लगे हुए हैं। 

द्वारका में घूमने की जगह (Dwarka Me Ghumne ki Jagah)

रुक्मणी देवी मंदिर द्वारिका में घूमने की जगह

Source: Rukmani Devi Mandir

यदि आप द्वारिका जाते है ओर  हैं और द्वारिका में घूमने की जगह ढूढ़ते हैं  , तो रुक्मणि देवी मंदिर जाना न भूले क्योंकि यह बहुत ही  शानदार और खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर भगवन श्री कृष्ण की पत्नी रुक्मणि के नाम पर बनी हुई है जो की द्वारिका से 2 किलोमीटर कि दुरी पे  बशी है और द्वारीकाधीस मंदिर से कुछ दुरी पर है । 

इसके पीछे एक धार्मिक कथा यह भी  है उस समय में महान ऋषि दुर्वाश को रुक्मणि देवी के ऊपर क्रोध आ गया था तब उसने उसे भगवन श्री कृष्ण से अलग होने का श्राफ दिया था। जिस कारन से इस मंदिर को  द्वारिकाधिस से दुर बनया गया था। इस मंदिर को 12 वीं शताब्दी के दौरान बनया गया था इसकी वास्तु कला अध्भुत है, जो यंहा आने वाले श्र्धलुओ और पर्यटकों के लिए हमेश से आकर्षण का केंद्र बना रहा  है। 

द्वारकाधीश मंदिर द्वरिका में घूमने की जगह

Dwarika dhish Dwarika me ghumne ki jagh
Source: Shri Dwarkadhis Temple

द्वारिका में द्वारिकाधीश मंदिर आकर्षण का केंद्र है जो की द्वारिका में  घूमने की जगह के रूप में काफी प्रशिद्ध है  । जिसे भागवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध के बाद बनवाया था। भागवान विश्वकर्मा जी इसमें मुख्य मिस्त्री के रूप में काम किय थे।   

मन जाता है इस मंदिर को बनवाने के लिए भगवन श्री कृष्ण ने समुंदर देव से जमीं ली थी। इस बात को आप स्पस्ट  जान ले की भगवान श्री कृष्णा के द्वारा निर्मित किया गया मूल या असली द्वारिकाधिस लाखों वर्षों पहले ही समुद्र में जा बसा है। 

और अभी जो भी अमंदिर है उसे चालुक्य सेली में बनाया गया है। इस मंदिर में आपको  भगवन कृष्ण के अलावा बलराम वशुदेव रेवती और रुकमणी के अलावा कई देवी देवताओं की प्रतिमाएं देखने को मिलेगी। 

यह मंदिर 5 मंजिल का बना हुआ  है जिसे रेत चुन पत्थर के सहायता से बनाया गया है।  इस मंदिर के अंदर प्रेवश करने से पहले आपको गोमती नदी में स्नान करना बहुत ही आवसयक होता है। 

गीता मंदिर

Geeta Mandir dwarka me ghumne ki gajah
Source : Geeta Mandir

यह मंदिर  भागवत गीता को समर्पित है जो द्वारिका के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है ओर  द्वारिका में घूमने की जगह के रूप में काफी प्रशिद्ध है । इस मंदिर की प्रमुख विशेषता यह है की पवित्र धर्म ग्रन्थ भगवत गीता कई श्लोक लिखे हुआ है। 

इस मंदिर का  प्रमुख उदेशय भी हिन्दुओं की पवित्र धर्म  ग्रन्थ को श्रीमद भागवत गीता के शिक्षाओं को संरक्षित कारना था।  इस मंदिर में  यात्री गैन इत्मीनान से रुक सकते है इसकी पूरी वयवस्था की गयी है। 

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर

Nageshvar Jyotirling , ghumne ki jagh aur kharha
Source: Nageshvar Jyotirling

यह गुजरात के सौराष्ट्र जिले में स्थित है जो की गोमती नदी और द्वारका द्वीप के बीच बास हुआ है। यह  भारत के 12 ज्योर्तिलिंगो में से दूसरा ज्योर्तिलिंग है।  

यह मंदिर प्रमुख रूप से हिन्दू वस्तु कला के लिये   प्रसिद्ध है, जिसे शिवलिंगों के पथरों   के द्वारा बनया गया है।  और यह द्वारक शिला के नाम से सुप्रिषद है 

इस मंदिर में स्थित शिवलिंग पर छोटे चक्र बने हुए हैं और इसे तीन मुखी रुद्राक्ष के आकर का स्वरुप दिया गया है। इस मंदिर  में भगवांन शिव की 80 फ़ीट की मूर्ति भी देखने को मिलेगा। 

इस मंदिर में अन्य सभी नागेष्वर मंदिरों की तुलना में उसके विपरीत , यहाँ कि शिवलिंग और  मूर्तियां दक्षिण दिशा में देखने को मिलेगा।  

मना जाता है यदि आप इस मंदिर का दर्शन करते है तो आपको किसी भी तरह के जहरीले जीव जंतुओं से आपको कोई खतरा भविष्य में नहीं रहता है। जो की द्वारिका में  घूमने की जगह के रूप में काफी प्रशिद्ध है जो आपके यात्रा को चार चाँद लगा देगा।  

गोपी तालाब 

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Source : Gopi Talav

द्वारिका में आपको और एक पर्यटन स्थल देखने को मिलेगा जिसे गोपी तालाब के नाम से जाना जाता है जो  की द्वारिका में घूमने की  जगह कफी  प्रशिद्ध  है  ।  यहाँ भगवान् श्री कृष्ण की बचपन कि यादें आपको देखने को मिलेगा , जहाँ  पर बचपन में भगवान् श्री कृष्ण गोपियों के साथ राश लीला  किया करते थे। 

कहा जाता है भगवान श्री कृष्ण से दूर रहने की तढ़प में  वृन्दावन  की गोपियाँ आखिरी बार यहाँ नृत्य करने   आयी थी यहाँ पहुंचने अपर आपको अलग तरह का सकूँन  महसूश  होगा। 

सुदामा सेतु 

Sudama Setu Ghumne ki jagh jane ka samy aur kharcha
Source : Sudama Setu

द्वारिका आते ही आपको एक और पर्यटन देखने को मिलेगा जो की द्वारिका में  घूमने की जगह के लिए काफी महशूर है ओर  सुदामा  सेतु के नाम से प्रशिद्ध है।  इस सेतु का निर्माण 2016 में गुजरात के मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने करवाया था।  

इस पुल का नाम उसके बचपन के दोस्त सुदामा के नाम पर  रखा गया है।   इस पुल के माधयम से आप गोमती नदी को असनी से पार कर सकते है। 

यह सुदामा पुल प्राचीन जगत मंदिर को और द्वीप पर स्थित पवित्र पंचकुवि को एक साथ जोरता है।  यह पर से आप प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर और पांच पांडव कुवें को भी  आसानी से देख सकते हैं। 

इसके अलावा अरब सागर के सुहना दरिषय का आनंद भी ले सकते हैं। इस पुल पर आप जबरदस्त ऊँठ के  सवारी का  भी  मजा  ले सकते है।  

स्वामी नारायण मंदिर 

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Source : Swami narayan Mandir

स्वामी नारायण मंदिर अरब सागर के तठ  पर बसा  हुआ  बहुत ही खूबसूरत और  सुप्रशिद्ध  मंदिर है, जो की भगवन विष्णु के अवतार स्वामी नारायण जी के समर्पण में बनाया गया है। इसके दीवारों पर उभरे नकाशी और अध्भुत वस्तु कला पर्यटकों को इसका आकर्षण का केंद्र बनाता है।  यह भी द्वारिका में  घूमने की जगह के रूप में काफी महसूर है 

बेट द्वारिका  

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Source : Bet – Dwarka

बेट द्वारिका  यह द्वारिका से 32 किलोमीटर दूर बसा हुआ है , बेट द्वारिका भी बाकि पर्यटक स्थलों की तुलना में काफी  सुप्रसिद्ध  है और द्वारिका में घूमने की जगह के रुप काफी अच्छी मानी जाती है । कहा जाता है की सुदमा जो की भगवान  श्री कृष्ण के बचपन के मित्रं थे ,  यही पर उनसे मिलने आये थे।  इसी जगह पर भगवान से उसकी भेंट हुई थी। 

यहाँ पर आपको भगवान श्री कृष्ण और सुदामा के प्रतिमाएं देखने को मिलेगी और यहाँ आप उनकी  पूजा भी कर सकते हैं।  जो भी भक्त जन यहाँ आते हैं, चावल चड़ना कभी नहीं भूलते है।  माना  जाता है यदि आप यहाँ पे चावल चाहरते हैं तो आपकी कई जन्मों तक आपकी गरीबी मिट जाती है।  

बेट द्वारिका एक छोटा सा टापू भी  है इसका उपयोग बंदरगाह के रूप में भी किया जाता है।  यहाँ पर भगवान कृष्ण के समर्पण में केशव राय जी मंदिर बनाया गया है, इसका निर्माण वलभाचार्य के द्वारा 5 साल पहले कराय गया था। विभिन मंदिरों के दर्शन के साथ आप नवकायान का भी  लुफ्त उठा सकते हैं। 

द्वारिका बीच 

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Source : Dwarika Beach

 यदि आप शाम के समय बोरिंग महसूस कर रहे तो द्वरिका  बीच में आपका स्वागत है।  यहाँ  शाम के समय पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है  और यहाँ शाम के समय का परिदृशय काफी मनोरम होता है। 

यह बीच भी  द्वारिका में घूमने की जगह है जो की  पर्यटकों के लिए समुद्री जीवन समुंदर भरमन शिविर और पिकनिक स्पोर्ट के लिए काफी प्रशिद्ध है। 

गोमती नदी 

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Source : Gomati Ghat

यदि आप द्वारिका में अपने  संध्याकाल को खुशनुमा बनाना  चाहते है तो गोमटी घाट को कभी भी न भूलें।  यह द्वारिका का प्रमुख आकर्षण का केन्द्र है और द्वारिका में घूमने  की जगह है । 

गोमती नदी गंगा नदी की प्रमुख  सहायक नदी है , ये हिन्दू धर्म  में सर्वश्रेष्ट पूजनीय नदियों में से  एक है।  इसी नदी के सिरे पर गोमती घाट  बसे थे। द्वारिका मंदिर में  जाने से  पहले श्रद्धालुओं  का नदी में स्नान करना पुण्य मन जाता है।  

गोमती  नदीसे द्वारिका मंदिर तक जाने के लिए  56 सीढ़ियों को चढ़ना होता है।  शाम के समय यहां का परिदृश्य बहुत ही जयादा लुभावना होता है। 

गोमती नदी और अरब सागर के संगम को देखना अपने आप में एक अलग ही सुख महसुश करता है , इसके अलाव आप नौकायान का भी मजा  लेना न भूलें।   

डनी पॉइंट 

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Source : Dunny Point Dwarika

अगर आप एडवेंचर्स के शौकीन  हैं तो डनी पॉइंट आपके लिए एकदम सही है जिस जगह पर  आप खूब सारा मस्ती कर सकते हैं। और उस जगह का डनी पॉइंट है।  यह बेट द्वारक चरम चोर में बसा हुआ है जो की  तीनो तरफ से समुन्दर से घिरा हुआ है। 

जहाँ पर आप तैराकी, कैम्पिंग, बर्ड वाचिंग  और सुन बाथिंग का लुप्त एक साथ  उठा सकते है यह भी द्वारिका में घूमने की जगह है ।  यहाँ पर कई सारी एडवेंचरउस  कपंनी और गुजरात के पर्यटन विभाग  द्वारा रात्रि के समय कइ  सारे रोमांचक गतिविधिओं का आयोजन समुन्दर के किनारे कराया जाता है। जैसे कि रात में ट्रैकिंग, डाल्फिन देखना और समुद्री विवधता अनेकों गतिविधियां। 

यहाँ पर बने टेंटो में रुक कर ठाहर कर आप इन गतिविधयों का लाल्भ ले सकते है। 

द्वारिका जाने का समय 

यहाँ आप द्वारिका में घुमने की जगह के बारे में जान चुके हैं अब आप द्वारिका में जाने के समय के बारे में जानने के लिए इच्छुक है तो आपको बता दें की आपके लिए 2 से 3 दिन का समय काफी है क्योंकि ये बहुत जयादा बड़ा नहीं है।  

यदि आप मौसम को लेकर परेशान  हैं तो तो आपके लिए नवंबर से लेकर फरवरी तक का महीना सर्वोत्तम रहेगा क्योंकि इस समय अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री का होता है। जो  आपके यात्रा को सुखद बना देगा। 

अगर आप मई और जून जुलाई के महीने में घूमने जाना चाहते हैं तो थोड़ा परेशानी हो सकता है क्योंकि इस समय गर्मी बहुत जयादा होता है।  वैसे जन्मा अस्टमी में यहाँ पर्यटकों का काफी भीड़  रहता है। 

द्वारिका जाने का माध्यम  

द्वारिका जाने के लिए आप  अपनी सुविधा अनुसार किसी भी माध्यम  का इस्तेमाल कर सकते है।  सड़क, रेलवे और हवाई इसमें से किसी को भी सेलेक्ट कर सकते है और  आसानी से द्वारिका पहुंच सकते हैं। 

ट्रैन के माधयम से 

यदि आप ट्रैन से द्वारिका जाना चाहते हैं और द्वारिका में घूमने की जगह का मजा लेना चाहते हैं।  तो आपके यह पहले जान लेना चहिये की वहां पर कोई रेल मार्ग नहीं बना हुवा है।  लेकिन यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन  जामनगर और राजकोट है।  आप भारत के किसी  भी हिसे से जामनगर और  राजकोट के लिए ट्रैन ले सकते हैं और फिर यहां   से रिक्शा या ऑटो के माधयम से आप शहर तक पहुंच सकते है।  

जामनगर से द्वारिका कि दुरी 132 किलोमिटर और राजकोट से द्वारिका की दुरी 207 किलो मीटर हैं।  आप अहमदाबाद से भी ट्रैन के माध्यम से द्वारिका पहुँयच सकते हैं।

सड़क के माधयम  

द्वारिका आप सड़क मार्ग से जा सकते हैं।  यहाँ आप सड़क मार्ग के द्वारा आसानी से द्वारिका पहुंच सकते  हैं।  आप अपने निजी वाहन  का प्रयोग कर सकते हैं, गुजरात राज्य के परिवहन बसों का प्रयोग कर सकते हैं और अन्य बसों के द्वारा भी गुजरात के किसी भी जिलों से आप द्वारिका पहुंच सकते हैं और  द्वारिका   में घूमने की जगह का आनंद ले सकते हैं । 

हवाई माधयम से 

अगर आप द्वारिका जल्दी पहुंचना चाहते है  और पास पर्याप्त धन है तो आपके लिए  हवाई मार्ग सर्वोत्तम रहेगा। आपको यह भी जानना अति आवशयक है की गुजरात में कोई भी हवाई अड्डा नहीं है और यहाँ का सबसे  नजदीकी हवाई अडा जामनगर है जो के द्वारिका से 145 किलोमीटर की दुरी पर है। 

यह हवाई अड्डा भारत के प्रमुख हवाई अड्डा से जुड़ा हुआ है जिसे की दिल्ली मुंबई कोलकाता चेनई।  इसके अलावा आप भारत के किस भी शहर से  अहमदाबाद के फ्लाइट  ले सकते हैं। अहमदाबाद और द्वारिका की दुरी 463 किलोमीटर है यहाँ आपको आसानी से द्वारिका के लिए बस मिल जायेगा। 

आप द्वारिका पहुंचते ही द्वारिका में घूमने की जगह का भरपूर  आनंद ले सकते है ले सकते 

 द्वारिका कैसे घूमे 

अब बात आती है द्वारिका घूमने की तो आप अपने पसंद के हिसाब से कुछ भी ऑप्शन सेलैक्ट कर सकते है ऑटो कब  इ रिक्शा जैसी आपकी मर्जी।   चाहें तो आप पैदल  भी घूम सकते है क्योंकि द्वरिका बहुत जायदा बरा नहीं है और द्वारिका में घूमने की जगह का भरपूर मजा ले सकते हैं  इसलिए आप 2 से 3 दिन में आसानी से घूम सकते है। 

द्वारिका घूमने का खर्चा 

यह आपके घूमने के तरीके पर निर्भर करता है।  यदि आप हवाई मार्ग को चुनते है तो आपके लिए यह महंगा सौदा हो सकता है।  अगर आप सस्ता चाहते है तो आप ट्रैन के द्वारा यात्रा का योजना बना सकते है। जिसमे आपका 10 से 15 हजार में आपका सब कुछ हो जाएग।  

मंदिर में दर्शन का समय 

यदि आप द्वारिका दर्शन के लिए जाना चाहते है तो आपको इसके बारे में पहले से जानना जरुरी है , मंदिर खुलने का समय 6:30 बजे होता है और बंद होने का समय दोपहर 1 : 00 बजे तक का होता है। इस दौरान आप दर्शन कर सकते है।  

द्वारकाधीश से विभिन्न शहरों की दुरी

  • कोलकत्ता 2461 km
  • जयपुर 1083 km
  • दिल्ली 1411 km
  • बैट द्वारिका 33 km
  • अहमदाबाद 471 km
  • सोमनाथ 233 km
  • सूरत 699 km

निष्कर्ष

इस लेख में आपको भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि द्वारिका और द्वारिका में घूमने की जगह के बारे में जानने का मौका मिलेगा। द्वारिका मे घूमने की जगह में कौन-कौन जगह पसंदीदा है , द्वारिका जाने का सही समय ओर द्वारिका में यात्रा से सम्बन्धित सारा सवालों का जवाब आपको आसानी से मिल जायेगा। 

इससे आपको यात्रा करने में काफी आसानी होगी।  

अगर आपके लिए  यह लेख मददगार हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले।  

 

द्वारिका से जामनगर कितने दूर है ?

यदि आप ट्रैन से जा रहे हैं तो  आपको 147 किलोमीटर की दुरी  तय करनी होगी। 

द्वारिका रेलवे स्टेटशन से द्वारिका धिस मंदिर कितने किलोमीटर  है ?

द्वारिका रेलवे स्टेशन से मंदिर की दुरी एक किलोमीटर जिसके परिणाम सवरूप एक बार आप द्वारिका स्टेशन पहुंच गए तो फिर मंदिर जाना बहुत ही आसान रहता है। 

द्वारिका में देखने के लिए क्या क्या है ?

द्वारिका में देखने के लिए आपको निम्नलिखित मंदिरें मिलेगी 
रुख्मणि देवी मंदिर, बेट द्वारका , स्वामी नारायण मंदिर  , सुदामा सेतु , गोपी तालाब, द्वारिकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर तथा गीता मंदिर। 


द्वारिका में देखने के लिए क्या क्या है ?

द्वारिका में देखने के लिए आपको निम्नलिखित मंदिरें मिलेगी 
रुख्मणि देवी मंदिर, बेट द्वारका , स्वामी नारायण मंदिर  , सुदामा सेतु , गोपी तालाब, द्वारिकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर तथा गीता मंदिर। 

द्वारिका घूमने का सबसे अच्छा समय कोन सा है ?

अधिक गर्मी होने के कारन आप गर्मी के समय यहाँ आप अपने यात्रा का मजा नहीं ले पाएंगे इसलिए आप के लिए अक्टूबर से मार्च तक का महीना सर्वोत्तम रहेगा घूमने के लिए ?

द्वारिका घूमने में कितन समय लगता है ?

द्वारिका जायदा बड़ी नहीं है इसलिए आप 2 से 3 दिनों में आसानी से घुंसकते हैं। यहाँ आपको देखने के लिए जयादातर मंदिर ही मिलेगी। 

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