18+ जबलपुर पर्यटन स्थल और घूमने की जानकारी

मध्य प्रदेश के जबलपुर में घूमने की जगहों के कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश का जबलपुर औधोगिक शहर के रूप में काफी प्रशिद्ध है। यह शहर काफी खूबसूरत है और पर्यटकों के लिए काफी आकर्षण का केंद्र बना रहता है यहाँ रोजना हजारों की संख्या पर्यटकों का आना जाना बना रहता है। यह नर्मदा नदी के किनारे बसा काफी खूबसूरत शहर है जिसका क्षेत्रफल 346 वर्गकिलोमीटर है।

जबलपुर में घूमने की जगह , जाने का समय और खर्चा

जबलपुर में घूमने की जगह में पिसनहारी की माड़िया जैन मंदिर यहाँ काफी प्रशिद्ध मंदिर और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र हैं। यह शहर इतिहास प्रेमियों के लिए काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। यहाँ आपको धार्मिक स्थल पर्यटन स्थल , बहुत सारे झरने एवं जल प्रपात देखने को मिलते हैं।

इस लेख में आपको जबलपुर में घूमने की जगह , तीर्थस्थल पर्यटन, स्थल दर्शनीय स्थल जाने का सही समय कब जाएँ कैसे जाएँ कितना खर्चा होता है इन सारी चीजों की जानकारी आप इस लेख में आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। बस आप शुरू से अंत तक इस लेख में बने रहें।

जबलपुर के बारे में रोचक तथ्य

  • मध्यप्रदेश के जबलपुर को संस्कार की राजधानी और संगमरमर की नगरी के नाम से जाना जाता है।
  • जबलपुर राजपूत के काल में त्रिपुरी कल्चुरी वंश की राजधानी हुआ करती थी।
  • जबलपुर शहर नर्मदा नदी के तट पर बसा हुआ है।
  • पहला सत्याग्रह आंदोलन का 1923 में जबलपुर में ही हुआ था।
  • यहाँ एक बैलेंसिंग रॉक भी देखने को मिलता है जो की जबलपुर आने वाले पर्यटकों के डरा काफी पसंद किया जाट है।
  • जबलपुर को महर्षि जाबालि का शहर कहा जाता है जिसके वजह से इसे जबालरपुरम के नाम से भी जाना जाता है।
  • यहाँ तिगवा में आपको गुफ़तकाल का विष्णु मंदिर देखने को मिलता है।
  • मध्य प्रदेश का उच्य न्यायालय भी जबलपुर में ही स्थित है।
  • यहाँ महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय भी देखने को मिलता है।
  • यहाँ महात्मा गाँधी सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थित है।

जबलपुर में घूमने की जगह – Best Places to Visit in Jabalpur in Hindi

जबलपुर में घूमने की जगह धुंधार फॉल्स- Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Dhuandhar Falls in Hindi

जबलपुर में घूमने की जगह में यहाँ का धुआंधर जलप्रपात पर्यटकों के बीच काफी प्रशिद्ध रहा है और यह यहाँ का मुख्य आकर्षण केंद्र है। यह जलप्रपात जबलपुर से 97 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है।

जब यह जलप्रपात नर्मदा नदी से 98 फ़ीट की ऊंचाई से गिरती है तो इसके आसपास काफी शानदार और भयंकर ढूंध का निर्माण होता है। जिस कारण से इसका नाम धुवांधार जल प्रपात पड़ता है। जो की पर्यटकों को अपनी और काफी ज्यादा आकर्षित करता है।

इसे भी पढ़े

जबलपुर में घूमने की इस जगह में पर्यटकों तथा स्थानीय लोंगो काफी जमावड़ा लगा रहता है। यह पर्यटन स्थल के साथ साथ काफी अच्छा पिकनिक स्पॉट भी है।

यहाँ आने वाले पर्यटक बोटिंग और केबल कार जैसी एडवेंचर गतिविधियों का जमकर मजा लेते हैं। जबलपुर का यह पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए सुबह 6 बजे से 8 बजे तक खुला रहता है।

जबलपुर में घूमने की जगह शिव मंदिर कचनार- Jabalpur me ghumne ki jagah Shiv Mandir Kachnar In Hindi

जबलपुर में घूमने की जगह में कचनार जबलपुर में स्थित एक काफी खूबसूरत दार्शनिक स्थल है। यह भगवान शिव को समर्पित किया गया मंदिर है। मंदिर का गर्भ गृह आपको गुफ़ादार जगह में देखने को मिलता है , जहाँ आप भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग को देख सकते हैं।

इस मंदिर में भगवान शिव की 76 फ़ीट की प्रतिमा भी देखने को मिलति है। जबलपुर आने वाले शिव भक्तों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र है।

जबलपुर में घूमने लायक जगह ग्वारीघाटी –  Jabalpur Ghumne Layak Jagah Gwarighat in Hindi

ग्वारीघाट जबलपुर में घूमने की जगह में काफी लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह पर्यटन स्थल आधी नर्मदा नदी में डूबी हुई है। यहाँ माँ नर्मदा की पूजा आरती देखने को मिलती है शाम के वक्त शानदार आरती का आयोजन होता है।

जब कभी भी इस स्थान में घूमने का मन तो हमेशा शाम के समय ही घूमने की योजना बनायें , क्योंकि शाम के समय यहाँ का नजारा काफी दिव्य और अध्भुत होता है।

इसे भी पढ़े

पर्यटकों के लिए नौका विहार का भी शानदार व्यवस्था है। यहाँ की नावों की सजावट की वजह से काफी पर्यटक यहाँ आकर्षित होते हैं। यहाँ पंक्षियों की विशाल झुण्ड को देखने का एक अलग ही आनंद आता है। यहाँ आप अपने फोटोग्राफ़ी की शोक को भी अच्छी तरह से पूरा कर सकते हैं।

‌तिलवारा नर्मदा घाट जबलपुर – Jabalpur Picnic Spot Tilwara Ghat in hindi

जबलपुर में घूमने की जगह तिलवारा नर्मदा घाट पर्यटकों के बीच काफी प्रशिद्ध है। यहाँ सालो भर पर्यटकों , दर्शनार्थियों तथा श्रद्धालुओं को जमावड़ा लगा रहता है। लेकिन इस घाट की खूबसूरती मकर संक्रांति के समय में अपने चरम सीमा में होती है। इसलिए जब कभी भी यहाँ आने को मन हो तो हमेश के लिए मकर संक्रांति में आने की कोशिश करें , जिससे आप यहाँ जबलपुर में घूमने की जगह के तिलवारा घाट का भरपूर मजा ले सकते हैं।

घूघरा जलप्रपात – Ghughra Waterfall In Hindi

यदि आप जबलपुर में घूमने की जगह में शांत और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेना चाहते हैं तो फिर घूघरा जलप्रपात में आपका स्वागत है।

यहाँ रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक देखे जाते हैं। नर्मदा नदी की खूबसूरत जल की धारा और चारों ओर का प्राकृतिक नजारा यहाँ आने वाले पर्यटकों को अपनी और आकर्षति करता है। यहाँ की खूबसूरती पर्यटकों को यहाँ आने में विवश कर देती है। यहाँ आप अपने फोटोग्राफी का भी शोक पूरा कर सकते हैं।

हमेशा याद रखें जब भी घुघरा जल प्रपात में घूमने के लिए अपने साथ खाने की चीजे स्नेक्स , बिस्कुट फल एवं ड्राई फ्रूट लाना न भूलें क्योंकि यहाँ आप पास किसी भी दुकान की व्यवस्था नहीं है।

यहाँ आने वाले पर्यटकों को बारिश के मौसम में विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है , क्योंकि ज्यादा बारिश के कारण इस नदी का पानी अपने तट से काफी दूर तक फैल जाता है। कुछ दुरी बना के रखे , खुद को सुरक्षित रखें और प्रकृति के अद्भुत सौन्दर्य का भी मजा लें।

जबलपुर में घूमने की जगह में यह घूघरा जल प्रपात मुख्य शहर से मात्र 17 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है। टैक्सी या ऑटो की माध्यम से आप आसानी से यहाँ तक पहुंच सकते हैं।

जबलपुर में घूमने की जगह मदन महल किला – Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Madan Mohan Killa In Hindi

यदि आप इतिहास प्रेमी है तो जबलपुर में घूमने की जगह के इस मदन किला में आप आना कभी भी न भूलें। यह किला आपको जबलपुर के चट्टानी पहाड़ में देखने को मिलता है। इसका निर्माण राजा मदन मोहन शाह ने 1116 ईस्वी में करवाया था। उस समय यहाँ का शासक राजा मदन मोहन ही हुआ करते थे।

भर्मण के दौरान यहाँ आपको उस समय उपयोग मे लाये जाने वाले यद्ध कक्ष, गुफ्त मार्ग अस्तबल और छोटा जलाशय देखने को मिलता है। जो की इस पर्यटन स्थल की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करता है।

जबलपुर में घूमने की जगह बरगी डेम – Jabalpur Me ghumne ki jagah Barghi Dame In Hindi

जबलपुर में घूमने की जगह में यह बरगी डेम नर्मदा नदी पर बना हुआ है। यह नर्मदा नदी में 30 डेमो में से एक खास डेम है। जो की पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। इस डेम का उपयोग स्थानीय लोग अपने दैनिक जीवन में करते हैं , जैसे सिंचाई के लिए और बिजली निर्माण के लिए आदि।

जबलपुर में बाकि जगहों को घूमने के बाद पर्यटक यहाँ पर कुछ देर शांति के पल बिताने के लिए आते हैं , यहाँ पर नौका विहार की भी व्यवस्था की गयी है। जिस दौरान पर्यटक यहाँ आसपास के सुंदर वातावरण का मजा लेते हैं।

जबलपुर में घूमने की जगह संग्राम सागर झील- Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Sangram Sagar Jheel

बजनामठ के पास स्थित यह संग्राम सागर झील जबलपुर में घूमने की जगह में काफी लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है।

अगर आप अपने परिवार वालों के साथ यहाँ आ रहें हैं और यहाँ के प्राकृतिक सौन्दर्यता का आनंद लेने के साथ ही यहाँ आप मछली पकड़ने का भी आनंद ले सकते हैं। क्योंकि स्थानीय लोग यहाँ पर मछली पकडने के लिए आते हैं।

जबलपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हनुमंतल जैन मंदिर- Jabalpur Ke Prasidh Dharmik Sthal Hanumantal Jain Mandir in Hindi

हनुमंतल जैन मंदिर जबलपुर में घूमने की जगह अनेकों मंदिर में से एक मंदिर है जो की जैन समुदाय का है और इस मंदिर को भगवान आदिनाथ पूजा अर्चना किया जाता है।

यहाँ मंदिर में प्रवेश करते हैं इस मंदिर काले पत्थर की बानी सुंदर प्रतिमा देखने को मिलती है। जो की पर्यटकों को काफी ज्यादा आकर्षित करता है। मंदिर के चारों तरफ आपको खूबसूरत सा झील देखने को मिलता है।

मंदिर के अंदर आप और भी 22 मंदिरों को देख सकते हैं। शांतिपूर्ण वातावरण में , चारों तरफ हरियाली के बीच में स्थित सफ़ेद रंग की यह खूबसूरत सी मंदिर आपको एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है।

जबलपुर में घूमने की जगह जबलपुर गुरुद्वारा- Jablpur Me Ghumne Ki Jagah Jabalpur Gurudwara

जबलपुर में घूमने की जगह में जबलपुर का यह गुरुद्वारा नर्मदा नदी के ग्वारीघाट में स्थित है। जो की पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। यह गुरुद्वारा अपने पर्यटकों को फूलों से सजे नावों में बोटिंग करने का ऑफर देता है।

जबलपुर में घूमने की जगह डुमना नेचर रिजर्व पार्क – Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Dumna Nature Park

प्रकृति प्रेमी या नेचर लवर के लिए जबलपुर में घूमने की जगह में यह सबसे शानदार जगह है। यह मध्य प्रदेश का इको टूरिज्म पार्क है।

यहाँ आपको विलुप्त हो रहे पशु पक्षी और जानवरों की प्रजातियां देखने को मिलती है। साथ ही इस पार्क में आपको एक शानदार झील भी देखने को मिलता है , जहाँ आप नाव की सवारी का भी आनंद ले सकते हैं।

यदि आप पुरे पार्क का भर्मण करना चाहते हैं तो फिर यहाँ पर साइक्लिंग और ट्रेन की सवारी की भी व्यवस्था है , जिसकी सहायता से आप पुरे डुमना पार्क को बड़े इत्मीनान से घूम सकते हैं।

जबलपुर में घूमने की जगह में धार्मिक स्थल त्रिपुर सुंदरी मंदिर- Jabalpur Ka Dharmik Sthal Tripur Sundri Mandir Hindi

जबलपुर से मात्र 13 किलोमीटर की दुरी माँ राजेश्वरी की एक मंदर है जो जबलपुर में घूमने की जगह में त्रिपुरी मंदिर धार्मिक स्थल के रूप में काफी ज्यादा प्रशिद्ध है।

माँ राजेश्वरी को समर्पित इस मंदिर में आपको काले रंग की मूर्ति देखने को मिलती है जो की पृथ्वी से स्वयं निकली है। इस मूर्ति में चांदी मुकुट देखने को मिलता है। इस मंदिर में और भी बहुत सारी पुरानी मूर्तियाँ देखने को मिलती है जो की खुदाई के दौरान मिली थी।

मंदिर के परिसर में आपको और भी बहुत सारे मंदिर देखने को मिलते हैं और बहुत सारे भगवान की प्रतिमाएं भी देखने को मिलती है।

भक्तगण अपनी मन्नते पूरी करने के लिए नारियल को लाल चुनी में बांध कर अपने अपने घर चले जाते हैं। यहाँ आपको काफी नारियल लाल रंग के चुन्नी में लटकते दिखाई देते हैं।

जबलपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री विष्णु वराह मंदिर- Jabalpur Ke Prasidh Dharmik Sthal Sri Vishnu Varaha Mandir in hindi

जबलपुर में घुमने की जगह में आपको विष्णु वराह मंदिर भी देखने को मिलता है , जो की मझौली गांव में स्थित है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण के वराह रूप यानी की नरसिंह अवतार को समर्पित है।

पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान कृष्ण ने हिरण्यकशपु का वध करने के लिए वराह या नरसिंह का अवतार लिया था क्योंकि उसे वरदान मिला था उसे न कोई इंसान मार सकता है और नहीं ही कोई जानवर मार सकता है।

हिरण्यकश्य्पू का पुत्र भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था। उसका नहीं चाहता था की उसका पुत्र भगवान विष्णु की भक्ति किया करे , इसलिए उन्होंने भक्त प्रह्लाद को मारने का बहुत कोशिश किया। लेकिन भगवान विष्णु कि कृपा से कभी उसका बाल बांका भी नहीं कर सका।

जब अंत में राक्षस हिरण्यकश्पू का पाप का घड़ा भर गया तब जाकर भगवान कृष्ण ने नरसिंह अवतार ले कर हिरण्यकश्यपु का वध किया। धार्मिक प्रवृति के पर्यटकों के लिए यह बहुत ही यह पर्यटन स्थल काफी ज्यादा आकर्षण का केंद्र है।

इस मंदिर में आपको वराह के साथ साथ हांथी की भी मूर्ति देखने को मिलता है जो की भगवान विष्णु के नरसिंह रूप को दिखता है। इसके साथ है इस मंदिर में आपको देवी काली , भगवान गणेश जी और हनुमान जी की भी मूर्तियां देखने को मिलती है।

जबलपुर में घूमने की जगह जबलपुर का बैलेंसिंग रॉक- Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Balancing Rock

जबलपुर से मात्र 6 किलोमीटर की दुरी में स्थित जबलपुर में घूमने की जगह में यह पर्यटन स्थल पर्यटकों के बीच काफी पसंद किया जाता है। क्योंकि यहाँ पर एक चट्टान इस तरह से बैलेंस के साथ खड़ा है ऐसा लगता है की यदि कोई हल्का सा भी धक्का दे तो यह आसानी से नीचे गिर जायेगा।

लेकिन आंधी तूफान भूकंप बारिश जैसी बड़ी बड़ी आपदा में भी यह ऐसा ही खड़ा है जो की पर्यटकों को काफी आश्चर्यचकित करता है। इसके अद्भुत बैलेंसिंग के कारन ही इसे बेलेंसिंग रॉक के नाम से जाना जाता है। यह चट्टान 6.5 रिक्टर में भी आप संतुलन नहीं खोता है। अगर आप जबलपुर में घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ आने का मौका कभी भी न छोड़ें।

जबलपुर में घूमने की जगह भेड़ाघाट मार्बल रॉक- Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Bhedaghat Marbel Rocks

जबलपुर में घूमने की जगह भेड़ाघाट संगमरमर की 100 फ़ीट ऊँची चटानों के कारन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

यह जबलपुर से मात्र 25 किलोमीटर की दुरी में स्थित है जो की नर्मदा नदी के पास 25 किलोमीटर की क्षेत्र में फैला हुआ है। जबलपुर से मात्र 30 से 40 मिनट का सफर कर के आप यहाँ तक आसानी से पहुँच सकते हैं।

सूर्य की किरणे जब नर्मदा नदी के पानी और संगमरमर के पत्थरों पर पड़ती है तो यहाँ की खूबसूरती देखने में अद्भुत लगती हैं। अब तक आपने संगमरमर को सिर्फ घरों और दुकानों में देखा होगा ,लेकिन यहाँ आपको इसका साक्षात पहाड़ देखने को मिलता है जो की आपके लिए बिलकुल नया अनुभव होने वाला है।

जबलपुर में घूमने की जगह भवरताल गार्डन – Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah Bhawartal Garden In Hindi

अगर आप बच्चों के साथ जबलपुर घूमने के लिए आते हैं, तो जबलपुर में घूमने के जगह में भवरताल गार्डन आपके लिए सर्वोत्तम जगह हो सकता है।

गार्डन में आपको चारों तरफ सिर्फ हरियाली हरियाली देखने को मिलती है , यह गार्डन पूरी तरीके से नेचर फ्रेंडली है। गार्डन के बीच में आपको एक फवारा तथा काले रंग की रानी दुर्गावती की घोड़े में सवार मूर्ति देखने को मिलती है। और नीचे महापुरषों की कुछ पंक्तियाँ देखने को मिलती है।

गार्डन का प्रवेश शुल्क मात्र 5 रुपया है , इस गार्डन में आपको एक व्यू पॉइंट भी देखने को मिलता है। जिसकी सहायता से आप पुरे गार्डन को काफी अच्छी तरह से देख सकते हैं।

बच्चों के लिए यहाँ करने के लिए बहुत कुछ है जैसे की यहाँ बच्चों के लिए काफी सारी झूला देखने को मिलती है और स्लाइडिंग स्केटिंग की भी अच्छी खासी व्यवस्था है।

जबलपुर में घूमने की जगह वर्ल्ड वाटर पार्क – Jabalpur Me Ghumne Ki Jagah World Water Park In Hindi

बच्चों के लिए जबलपुर में घूमने की जगह में एक और सर्वोत्तम पर्यटन स्थल वर्ल्ड वाटर पार्क , यह पार्क खासकर बच्चों के लिए ही बनाया गया है। जैसा की नाम से ही पता चलता है यहाँ बच्चों के मनोरजंन के लिए काफी सारी वाटर गतिविधियों की व्यवस्था की गयी है।

बच्चों के साथ घूमने आ रहे है तो बच्चों को इस पार्क में जरूर लाइयेगा , यह बच्चों को काफी पसंद भी आएगा और उसका यह सफर बच्चों के लिए काफी यादगर हो जायेगा।

यह पार्क सुबह से चालू होता है और शाम को 5 बजे तक चलता है। प्रत्येक व्यक्ति का फीस मात्र 100 रुपया है।

जबलपुर में शॉपिंग कैसे करें – Shoping Market Jabalpur In Hindi

ऊपर आपने जबलपुर में घूमने की जगह के बारे में जाना , अब बात करते हैं जबलपुर में शॉपिंग के बारे में।

जबलपुर में शॉपिंग के लिए पत्थरों की मूर्तियां , स्मृति चिन्ह और कई तरह के हस्तशिल्प पर्यटकों के बीच काफी प्रशिद्ध है। जो पर्यटकों की यात्रा को और भी शानदार और यादगार बनती है।

यहाँ आपको शॉपिंग के लिए बहुत सारे मॉल और मार्किट दखने को मिलते हैं जहाँ आप दुनियां भर की चीजें खरीद सकते हैं। अगर इसमें भी आपका मन न भरे तो आप ट्रेजर आइलैंड माल में जाना कभी न भूलें और अपनी मनपसंद की चीजें को खरीद कर शॉपिंग को कम्प्लीट कर सकते हैं।

जबलपुर का प्रशिद्ध भोजन – Famous food of Jabalpur

अब तक आपने जबलपुर में घूमने की जगह दर्शनीय स्थल पर्यटन स्थल औय यहाँ के रोचक तथ्य के बारे में जाना। अब बात आती यहाँ के प्रशिद्ध भोजन के बारे में , जबलपुर के विभिन्न पर्यटन स्थलों के तरह यहाँ का खानपान भी तरह तरह को देखने को मिलता हैं।

यहाँ सड़क किनारे छोटी छोटी दुकानें रेस्ट्रेन्ट और स्ट्रीट फ़ूड के लिए सड़क किनारे ठेले भी देखने को मिलते हैं।

यहाँ का चाट , मनोरम कवाब , भुट्टे की किस , ब्रेकफास्ट के लिए स्वादिस्ट पोहा , मीठे के तौर में गरमा गर्म जलेबी, माल पुवा, मावा बाटी के साथ और भी अन्य तरह के भोजन काफी ज्यादा प्रशिद्ध हैं। उनमे से कुछ प्रशिद्ध भोजन निम्नलिखित हैं –

भुट्टे की किस

भुट्टे की किस मध्य प्रदेश का काफी प्रशिद्ध भोजन है , इसमें भुट्टे को मसाले और दूध के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। यह स्वादिष्ट और पौस्टिक भी होता है जो स्वास्थ के लिए काफी लाभदायक होता है।

दाल बाफले

यह सिर्फ जबलपुर में ही नहीं बल्कि पुरे मध्य प्रदेश का प्रशिद्ध भोजन है। यह बिलकुल राजस्थान के दाल बाटी जैसा ही होता है।

इसे बनाने के लिए आटे का इस्तेमाल किया जाता है , आटे को गूँथ कर पहले गेंद बना लिया जाता है फिर इसे आग में कुरकुरा होने तक पकाया जाता है। जब यह तैयार हो जाता है तो इसे घी में डुबो कर , स्वादिस्ट दाल और चटनी के साथ इसका मजा लिया जाता है।

पालक पूरी

यह सुबह के नास्ते के रूप में पुरे जबलपुर में काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। इसमें पालक को गर्म तेल में भून कर तैयार किया जाता है।

इनके अलावा आपको यहाँ पर मालपुवा, पिलाप , खोपरा पाक , चिकन समोसा, आलू बोंडा और मावा बाटी भी दखने को मिलते हैं जो की काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। इनके स्वाद लिए बिना आपका जबलपुर का यात्रा अधूरा ही माना जायेगा।

जबलपुर कैसे पहुंचे – How To Reach Jabalpur

मध्यप्रदेस का जबलपुर भारत के प्रमुख शहर होने के कारण और जबलपुर में घूमने की मशहूर जगहों के कारण पुरे भारत में यहाँ का यातायात काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप ट्रेन , बस तथा हवाई जहाज किसी भी माध्यम से काफी आसानी से यहाँ तक पहुंच सकते हैं।

ट्रेन से – By Train

जबलपुर का रेलवे स्टेशन भारत के सभी प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप अपने राज्य के प्रमुख रेलवे स्टेशन से जबलपुर के लिए सीधे टिकट कटा सकते हैं और ट्रेन के सफर मजा लेते हुए जबलपुर तक आसानी से पहुँच सकते हैं।

बस के द्वारा – By Bus

अगर आप बस से जबलपुर की यात्रा का मन बना चुके हैं तो इसके लिए आपको पता होना चहिये भारत के कुछ प्रमुख शहरों से जैसे औरंगाबाद, भोपाल, नागपुर इंदौर नागपुर तथा बांधवगढ़ से जबलपुर के लिए रोजाना डायरेक्ट ट्रेन चलती है। अगर आप इन शहरों से हैं तो फिर यहाँ के लिए आपको आसानी से बस मिल जाती है।

अगर आप किसी अन्य शहरों से हैं तो पहल इन शहरों के लिए बस बुक करा लें और उसके बाद आगे की यत्रा यहां से आसानी से कर सकते हैं।

हवाई मार्ग से – By Flight

अगर आपको ट्रेन से या बस से जबलपुर की यात्रा करना अच्छा नहीं लगता है। तो आप हावाई मार्ग से भी अपनी यात्रा को पूरी कर सकते हैं। उसके लिए आपको बता दें जबलपुर का हवाई अड्डा जबलपुर से 20 किलोमीटर की दुरी पर डुमना हवाई अड्डा स्थित है। आप अपने शहर के नजदीकी एयरपोर्ट से यहाँ के लिए फ्लाइट बुक कर सकते हैं और अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

भारत के मुख्य शहरों से जबलपुर की दुरी – Distance of Jabalpur from main cities of India

  • दिल्ली 848.1किमी
  • हैदराबाद 780.1 किमी
  • मुंबई 1102.1किमी
  • कोलकाता 123.1 किमी
  • चेन्नई 1404. 4किमी

जबलपुर में कहाँ रुकें –

जैसा की आप ऊपर जान चुकें हैं जबलपुर में घूमने की जगह में पर्यटन स्थलों की कमी नहीं है। लेकिन अगर यहाँ पर ठहरने की बात करें तो यहाँ आपको किसी भी तरह का कोई आश्रम नहीं मिलने वाला है। यहाँ रुकने के लिए आपको काफी सारे लौ और हाई बजट के होटल मिल जायेंगे। आप अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से जो भी अच्छा लगे उसे सेलेक्ट कर सकते हैं।

यहाँ के कुछ प्रशिद्ध होटल निम्नलिखिंत है जिन्हे आप ऑनलाइन भी बुक कर सकते हैं और इसके बाद आपको यहाँ आने के बाद ज्यादा इंतजार करने का जरूरत नहीं होता है।

  • द सम्राट
  • पोलो मैक्स
  • होटल सत्या अशोका
  • ऋषि रीजेंसी होटल
  • विजयन महल जबलपुर

जबलपुर कैसे घूमें – How to visit Jabalpur

जबलपुर में घूमने की जगह के सारे पर्यटन स्थल , धार्मिक स्थल, जल प्रपात और अभ्यारण को यदि आप पैदल घूमने के बारे में सोच रहे हैं तो यह मुमकिन नहीं है।

यहाँ रेलवे स्टेशन के बाहर निकलते ही आपको बहुत सारे ऐसी दुकाने मिल जाएगी जो पर्यटकों को स्कूटी , बाइक और कार रेंट में देने का काम करते हैं।

अगर आप अकेले हैं या किसी दोस्तों के साथ हैं तो आपके लिए स्कूटी या बाइक बेस्ट ऑप्शन है। लेकिन यदि आप अपने परिवार के साथ आये है तो फिर आपके लिए कार गाड़ी को बुक करना ही सही रहेगा।

स्कूटी या बाइक का प्रत्येक दिन का किराया 300 रुपया होता है। बाइक रेंट लेते समय आपको यहाँ अपना पहचान पत्र सेक्युरिटी के रूप रखना होता है , जो आपको बाइक जमा करने के बाद दे दिया जाता है।

जबलपुर जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Vist In Jabalpur

वैसे जबल पुर में न ज्यादा ठंडी होती है और न ही ज्यादा गर्मीय इसलिए पर्यटक सालों भर यहाँ आते रहते हैं।

लेकिन जबलपुर में घूमने की जगहों को एक्स्प्लोर करने के लिए ज्यादा पर्यटक सर्दियों के मौसम में देखे जाते हैं। सर्दियों के समय यहाँ का तापमान 26 से 27 डिग्री के आसपास होता है। इसलिए यहाँ घूमने आने के लिए पर्यटकों के लिए सबसे बेस्ट समय सर्दियों का समय होता है।

अगर आप यहाँ के प्रशिद्ध जल प्रपात धुआँधार जल प्रपात का मजा लेना चाहते हैं तो उसके लिए मानसून का समय सबसे बेस्ट होता है।

जबलपुर घूमने का खर्चा – Cost of visiting Jabalpur

जबलपुर में घूमने की जगह को भर्मण करने का खर्चा जबलपुर में घूमने के तरीके, आने जाने के साधन और यहाँ रुकने के लिए किस तरह के साधन का उपयोग करते हैं इस पर निर्भर करता है।

अगर यहाँ रुकने की बात करें तो यहाँ रुकने के लिए सबसे कम बजट का होटल 500 से 800 के बीच आपको मिल जाता है।

जबलपुर में घूमने की जगह में सारे पर्यटक स्थलों में भर्मण करने का टोटल खर्चा 1500 से 2000 के बीच आता है। इन सब के साथ आपको यहाँ घूमने के लिए कुछ एक्स्ट्रा खर्चा भी आपको जोड़ कर चलना होता है जैसे की कुछ रोमांचक गतिविधियाँ और खान पान का खर्चा।

जबलपुर में घूमने की जगहों को आप 2000 से 3000 के बीच आसानी से 2 दिन में आसानी से निपटा सकते हैं।

निष्कर्ष – Conclusion

इस लेख के माध्यम से आप जबलपुर में घूमने की जगह जाने का समय , यहाँ का दर्शनीय स्थल पर्टयन स्थल इन , जल प्रपात के साथ साथ कब जाएँ ,कैसे जाएँ, कहा रुकें , घूमने में कितना खर्चा होता है इन सारी चींजों की जानकारी आपको आसानी से आपको मिल जाती है।

इस लेख को अपने उन सारे जरूरत मंद दोस्तों रिश्तेदारों के साथ शेयर करना बिलकुल भी न भूलें , जो जबलपुर में घूमने की जगह के जानकारी लेना चाहते हैं।

साथ ही इस लेख से सम्बंदित कुछ सुझाव एवं सवाल हैं तो फिर आप कमेंट सेक्शन में शेयर करना बिलकुल भी न भूलें।

जबलपुर की फेमस चीज क्या है ?

जबलपुर की पोहा जलेबी पुरे देश में प्रशिद्ध है।

भेड़ाघाट कब जाना चाहिए ?

भेड़ाघाट में घूमने का सबसे अच्छा समय ऑक्टूबर से मार्च के बीच होता है।

जबलपूर घूमने के लिए कितने दिन चाहिए ?

जबलपुर में पर्यटक स्थलों की संख्या काफी ज्यादा है , इसलिए यहाँ घूमने के लिए आपको ५ दिनों की आवश्य्कता होती है।

जबलपुर में कौन सी नदी बहती है ?

जबलपुर में नर्मदा नदी बहती है।

जबलपुर में कौन सा मंदिर है ?

जबलपुर में माता त्रिपुरी सुंदरी मंदिर स्थित है।

जबलपुर में कौन सा किला है ?

जबलपुर में मदन मोहन किला है और इसका निर्माण ११वीं शताब्दी में राजा मदन सिंह ने करवाया था।

Leave a comment