10+ मैक्लोडगंज में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

Mcleod Ganj Me Ghumne Ki Jagah : यदि आप मैक्लोडगंज में घूमने की जगह(Mcleod Ganj Me Ghumne Ki Jagah), जाने का समय और खर्चा इन सारी जानकारियों के एक साथ चाहते है तो फिर आप बिलकुल ही सही जगह में हैं। यहाँ आपको इससे जुडी सारी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। मैक्लोडगंज हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित है जो की मैकलोडगंज में घूमने की जगह के लिए प्रशिद्ध है।

मैक्लोडगंज में घूमने की जगह जाने का समय और खर्चा

यहाँ पे आपको तिबत्ति और ब्रिटिश संस्कृति की कॉम्बिनेशन एक साथ देखने को मिलता है। इसी जगह में तिब्बती गुरु दलाई लामा का निवास स्थान है। जो की धर्मशाला के पास स्थित है। इसके आप पास के बसी हुई बस्तियां तिब्बती धर्म को पसंद करती है और मानती है।

इस लेख के माधयम से आपके सारे सवालों के जवाब जैसे मैक्लोडगंज में घूमने की जगह जाने का समय , खर्चा, कैसे जाएँ, कहाँ जाएँ, कहाँ जाएँ, कहाँ रुकें, किस तरह का भोजन लें इन सरे सवालों का जवाब आपको आसानी मिल जायेगा बस आप शुरू से अंत तक इस लेख में बने रहें।

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मैक लॉडगंज के बारे में रोचक तथ्य

  • इसका विवरण महाभारत और राजतरंगिणी ग्रंथ में भी मिलता है। महाभारत का युद्ध ख़तम होते ही इस स्थान को राजा सुसर्माचंद्र द्वारा बसाया गया था।
  • भारत में 1885 में ब्रटिश शाषण के समय हिमालय के धोलाधार के पास कई सारी बस्तियों को बसया गया था।
  • 1849 में दूसरे सिख युद्ध के समय ब्रिटिश सरकार ने कांगड़ा को अपने कब्जे में ले लिया धर्मशालाओं को अपने छावनी के रूप में इस्तेमाल करने लगा और इसे रेस्ट हाउस का नाम दिया।
  • मैक्लोडगंज का नाम पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर के नाम पे रखा गया था।
  • 1905 में भूकंप के समय यह शहर पूरी तरह से बर्बाद हो चूका था। बाद में तिब्बती गुरु दलाई लामा ने इसे एक नया रूप दिया।

मैकलोडगंज में घूमने की जगह – Mcleodganj Me Ghumne Ki Jagah

भागसूनाथ मंदिर – Bhagsunath Temple

धर्मशाला का प्रमुख धार्मिक केंद्र भगसूनाथ को ही मना जाता है। इस मंदिर को भगवन शिव के समर्पण में बनाया गया है। यह समुंदर तल से 1770 मीटर ऊँचा उठा हुआ है। इस मंदिर में आपको मध्यकाल की कला और संस्कृति देखने को मिलता है। यह एक प्राचीन मंदिर है जिसे हिन्दुओ और गोरखाओं द्वारा पूजा जाता है।

Bhagsunath Nath Temple
Source : Bhagsunath Temple

भागसू नाथ मंदिर यहाँ का काफी प्रशिद्ध मंदिर है। मंदिर परिसर में एक तालाब बना हुआ। जिसके चारों और आपको हरियाली ही हरियाली देखने को मिलती है। यह मंदिर मैक्लोडगंज से 3 किलोमीटर की दुरी पर है। यहाँ आप ऑटो या टैक्सी की मदद से आसानी से आ जा सकते हैं। मंदिर में भगवन शिव और भगसू नाग की बड़ी सी मूर्ति देखने मिलती है। हर साल यहाँ भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिलती है। यह मंदिर काफी ऊंचाई पर स्थित है।

डल झील – Dal Lake

यहाँ आपको बहुत सारे झील और प्राचीन मंदिर भी देखने को मिलते हैं। मेक्लॉडगंज का प्रशिद्ध झील डल झील है। यह कांगड़ा जिले में स्थित है तोता रानी गांव के पास बसा हुआ है। यह समुंदर तट से 1800 किलोमीटर की ऊंचाई में स्थित है।

Daal Jheel
Source : Dal Jheel

यह डल झील पहाड़ो में स्थित है इसके चारो तरफ आपको देवदार के पेड़ देखने को मिलेंगे। मैक्लोडगंज में घूमने की जगह में यह काफी अच्छी जगह है। इस डल झील के पानी का रंग हरा होता है। इस डल झील में आपको विभिन्न प्रकार की मछलियाँ भी देखने को मिलती है। कुछ लोग इस जगह को पवित्र मानते है और कुछ लोग इस जगह को शापित मानते हैं। यहाँ के बारे में अनेकों कहानियां प्रचलित है।

इस झील के समीप आपको भगवान शिव का एक मंदिर देखने को मिलेगा, जिस कारण इसे काफी पवित्र मना जाता है। यदि आप शिवरात्रि में या श्रावन मास में यहाँ आते है तो फिर यहाँ आपको भक्तों का काफि भीड़ देखने को मिलता है।

नामग्याल मठ – Namgyal Monastery

Namgyal Math
Source : Namgayal Math

नामग्याल मठ प्रशिद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के कारण विश्व भर में प्रशिद्ध है। जो तिब्बतियों के प्रशिद्ध अध्यातिमिक गुरु थे। इस मठ को काफी पवित्र मन जाता है। नामग्याल मठ आध्यातिमक शांति के लिए काफी प्रशिद्ध है और यह शांत वातावरन के लिए काफी प्रशिद्ध है। और यह शांत वातावरण धौलाधार पर्वत श्रृंखाला के बीच में स्थित है। नामग्याल मठ नामग्याल तांत्रिक महाविद्यालय के रूप में भी काफी प्रशिद्ध है। यहाँ वर्तमान में भी 200 भिक्षु रहते है। यदि आप शांति और शकुन का अनुभव करना चाहते है तो फिर यहाँ आना कभी भी न भूलें।

भागसू फॉल्स – Bhagsu Falls

मैक्लोडगंज में घूमने की जगह में सबसे खूबसूरत जगह भग्सु फाल्स है। यह धर्मशाला के पास स्थित है। यही वजह है की धरमशाला आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

भागसू फाल्स में आपको कुदरत के अद्भुत नज़ारे देखने को मिलेंगे। जहा आप कर किराये पर ले कर जा सकते हैं। यहाँ पर आप विडिओ ग्राफी और फोटोग्राफी के भी सारे शोक पुरे कर सकते हैं।

Bhagsunag Waterfall
Source : Bhagsunang Waterfall

यह जगह गर्मियों में और बरसात में घूमने के लिए बेस्ट होता है। बरसात के समय में इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। सर्दियों में यहाँ अत्यधिक सर्दी होती है जिस कारण से यहाँ चरों तरफ बर्फ ही बर्फ देखने को मिलता है।

त्रिउंड मैकलोडगंज – Triund Mcleodganj

यदी आप ट्रेकिंग के शोक रखते है , तो मैक्लोडगंज में घूमने की जगह में त्रिवंड आपके लिए सर्वोत्तम है।

Triund  Tracking
Image : Triund Tracking Trek

यह ट्रेकिंग के लिए काफी प्रशिद्ध है जो की काफी ऊँचाई में स्थित है। यहाँ आप हिमलाय में ट्रैकिंग के साथ साथ यहाँ के सूंदर परिदृश्य का भी आनंद ले सकते हैं। ट्रेकिंग के समय कांगड़ा घाटी में आप सुन्दर नज़रों का मजा भी ले सकते हैं।

कांगड़ा किला – Kangda Fort

यह किला धर्मशाला से 20 किलोमीटर की दुरी पर है जो की देश के सबसे पुराने किले के रूप में प्रशिद्ध है इसकी करिगरी भारत के अद्भुत विरासत संस्कृति और स्थापत्य कला को प्रदर्शित करती है। मैक्लोडगंज के धर्मशाला आने वाले के लिए यह विशेष रूप से आकर्षण का केंद बना रहता है। इसका विवरण सिकंदर के युद्ध में भी देखने को मिलता है। यहाँ पर मुगलों ने अनेकों बार आक्रमण किये थे।

Kangra Fort
Source : kangra Fort

यह हिमाचल प्रदेश में स्थित सबसे बड़ा भव्य और सबसे पुराना किला है। इस किले में बृजेशवरी मंदिर में चढ़ाने के लिए अत्यधिक मात्रा में धन एकत्रित किया जाता था। इस धन को लूटने के लिए मुगलों ने कई बार आक्रमण किये। इस किले का उल्लेख महाभारत काल से चाला आ रहा है।

यह नदी व्यास नदी और अन्य सहायक नदी के निकलने वाली घाट में बसा हुआ है।

तिब्बती संस्कृति का संग्राहलय – Tibbati Museum

यदि आप तिब्बती संस्कृति और यह स्थान आपके लिए मैक्लोडगंज में घूमने की जगह में सबसे बेस्ट है। यह बोध संस्कृति और तिब्बती आध्यात्मिकता को दर्शाता है।

The Tibet Museum
Source : The Tibet Museum

इस मंदिर में आपको बोध धर्म के लोग पूजा अर्चना करते मिल जायेंगे। साथ ही आपको यहाँ तिब्बत के विभिन्न तरह के जायके का स्वाद लेने का भी मौका मिल जायेगा। शाम के वक्त यहाँ का नजारा काफी मनोरम और अद्भुत लगता है।

मैकलोडगंज में घूमने की जगह बाजार – Mcleodganj Market

यहाँ का बाजार मैक्लोडगंज में घूमने की जगह के रूप में प्रशिद्ध है यहाँ का बाजार काफी पसंदीदा है। सबसे ज्यादा भीड़ इस मार्किट में शाम के वक्त देखने को मिलता है। मैक्लोडगंज ज्यादा बड़ा नहीं है फिर भी शाम के वक्त यहाँ का नजर काफी खूबसूरत देखने में लगता है और बाजार भी काफी बड़ा प्रतीत होता है।

Meclodganj  Bajar
Source : Meklodganj market

यहाँ आप मनपसंद की कुछ भी सामान खरीद सकते हैं। इस बाजार में तिब्बती मेट और कार्पेट काफी प्रशिद्ध है जिसे लेना कभी भी न भूलें। इस बाजार में सामान खरीदते वक्त मोल भाव करना बहुत ही जरुरी है। जिससे आप सामान को उचित दामों में खरीद सकते है अन्यथा यहाँ ठगने का ज्यादा चान्सेस होता है। जो भी पर्यटक यहाँ में घूमने के लिए आते हैं वे यहाँ इस जगह में आना कभी भी नहीं भूलते हैं। बरसात के मौसम में इसकी खूबसूरती और भी बड़ जाती है।

तिब्बती इंस्टिट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स मैकलोडगंज में घूमने के लिए खूबसूरत पर्यटन स्थल – Tibetan Institute of Performing Arts Mcleodganj Mein Ghumne Ke Liye Khubsurat Paryatan Sthal

इसका निर्माण तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा द्वारा करवाया गया था। यह इंस्टीट्यूट के यहाँ के कला, संगीत , संस्कृति और नृत्य संस्कृती को संजोये हुए है। इस इंस्टिट्यूट के माधयम से आपको यहाँ के कला और संस्कृति को जानने का मौका मिलेगा। इस इंस्टिट्यूट में प्रत्येक वर्ष वार्षिकोत्शव कार्यकर्म का आयोजन होता है। जिसमे तिब्बती कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है। इस कार्यकर्म के दौरान यहाँ आप पारम्परिक नृत्य देखने के साथ साथ यहाँ लोक गीत और कहानियाँ भी सुनने को मिलता है।

इस कार्यकर्म के दौरान आपको कुछ फीस भी पाय करना होता है जिसे प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क 50, कमरा चार्ज 100 , विडयो कैमरा चार्ज।

मैकलोडगंज की योग और स्पा थेरेपी – Yoga sessions and Spa Therapies

मैक्लोडगंज सिर्फ शांत और मनमोहक वातावरण के कारण ही नहीं जाना जाता है। मैक्लोडगंज में घुमने की जगह काफी सारी है उनमे से एक है योग और स्पा थेरपी जो सिर्फ घूमने के लिए ही नहीं यह अपने योग और साधना के लिए भी काफी प्रशिद्ध है।

इस योग साधना केंद्र में आप योग, अध्ययन और स्पा थेरपी के साथ – साथ और भी कई तरह का लाभ मिलेगा।

यहां आने वाले पर्यटकों का मुख्य उदेश्य अध्यातिमिक शांति मन की शांति और चिंता से मुक्ति होता है। मैक्लोडगंज का साधना केंद्र शरीर और मन को शक्ति प्रदान करता है। यदि आप घूमने जा रहे हैं तो यहाँ के योग और स्पा का मजा लेना बिलकुल भी न भूलें।

कालचक्र मंदिर – Kalachakra Temple

इस मंदिर का निर्माण 1922 ईस्वी में किया गया था। दर्शनर्थियों और पर्यटकों के लिए यह मंदिर काफी लोकप्रिय है। यह मंदिर तिब्बतियों के लिए और बौद्ध धर्म को मानाने वालों के लिए पूजनीय है। यह मंदिर मैक्लोडगंज से 2.5 किलोमीटर की दुरी पर बसा है। यह मंदिर काफी प्राचीन मंदिर है जो की स्तापत्य शैली और प्राचीन शैली को प्रदर्शित करती है और इसकी अंदर की कारीगरी काफी मनमोहक और काफी खुबसुरत है। इस मंदिर में बना चित्र भी काफी आकर्षक है। इस मंदिर के अंदर आपको 722 भित्ति चित्र देखने को मिलेंगे। जो केंद्रीय काल चक्र के छवियों को तथा बोध धर्म के देवतावों को दिखता है।

इस मंदिर में आपको भगवन बुद्ध की भी मूर्ति देखने को मिलती है। इस मंदिर में यहाँ आने वाले दर्शनार्थियों ,पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए पुस्तकालय और कैफे की भी व्यवस्था है। इस मंदिर की लोकप्रियता धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल दोनों के रूप होती है। इस मंदिर में हर साल वार्षिकोतसव का आयोजन होता है। इस कार्यकर्म में भरी संख्या में बोध धर्म और तिब्बती लोग यहाँ अपनी कला को प्रदर्शित करते हैं।

नेचुंग मठ – Nechung Monastery

नेचुंग मठ मैक्लोडगंज में घूमने की जगह के रूप में प्रशिद्ध मठ है। साथ ही साथ यह तिब्बती और बोध धर्म के लोंगो के लिए यह धार्मिक और आस्था का केंद्र है। इन समुदाय के लोंगो के लिए इसका एक अलग ही ऐतिहासिक धार्मिक महत्व है। यह मैक्लोडगंज से 3.5 किलो मीटर की दुरी में स्थित है। यहाँ पर भुत भागने और पूर्व बौद्ध संस्कार का भी कार्य किया जाता है। इस मंदिर के अंदर आपको भित्ति चित्र और कला कृतियाँ देखने को मिलती है जो की दूसरे मठो से पूरी तरह अलग है। इस मंदिर के दीवाल में आपको तरह तरह के पेंटिंग्स देखने को मिलेंगे जैसे पतली कपड़ो वाली स्त्री और उनके साथ क्रोधित देवता, मनुष्य, नाग, सिर तथा पैर।

मैक्लॉडगंज में घूमने की सबसे अच्छा समय – Best Visiting Time Mcleodganj In Hindi

यदि आप अकेले या अपने परिवार के साथ मैक्लॉडगंज घूमना चाहते यहीं तो सिर्फ बरसात को छोड़कर कभी भी आ सकते हैं।

यहाँ आपको पर्यटक ज्यादा अक्टूबर से मार्च के बीच देखने को मिलता हैं। क्योकि यह सर्दियों का समय होता है यदि आप बर्फ़बारी और जमी हुई झील देखने के शौकीन हैं तो फिर इस मौसम में आपका स्वागत है और सर्दियों का मौसम आपके लिए सर्वोत्तम है।

मार्च महीने से लेकर जुलाई महीने के बीच यहाँ की गर्मी किसी अन्य राज्य की तुलना में काफी कम होती है। गर्मी के मौसम में यहाँ का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच होता है और सर्दियों के मौसम में यहाँ का तापमान – 1 डिग्री से 10 डिग्री के बीच होता है।

बरसात के समय भू स्खलन में चट्टने गिर जाती है जिस कारण से यहाँ का मार्ग बाधित होता है और इस मौसम में यात्रा करना सही नहीं है।

मैक्लॉडगंज का प्रशिद्ध भोजन – Famous Food In Mcleodganj In Hindi

मैक्लोडगंज सिर्फ अपने घूमने के जगह के लिए ही प्रशिद्ध नहीं है। यह अपने भोजन के लिए भी काफी प्रशिद्ध हैं अगर आप मैक्लोडगंज आ रहे हैं तो फिर यहाँ के भोजन का स्वाद लेना न भूलें। यहाँ आपको यात्रा के दौरान अनेकों होटल और रेस्टोरेंट मिल जायेंगे। जहाँ आपको तिब्बती संस्कृति के भोजन मिल जायेंगे।

यहां स्ट्रीट फ़ूड के साथ मोमोज थुकपा भी काफी प्रशिद्ध है। यहाँ की अलग अलग किस्मों की चाय भी खूब प्रशिद्ध है जैसे शहद चाय, निम्बू चाय और अदरक चाय काफी प्रशिद्ध है।

यहाँ प्रमुख भोजन के रूप में लाल मांस और गेहूं की रोटी भी काफी प्रशिद्ध है। यहाँ आपको खाने में दाल शोरबा, चावल सब्जियां तथा ब्रेड ये सब आसानी से मिल जाएगी। लेकिन यहाँ आपको मांस ज्यादा मात्रा में देखने को मिलेगी क्योंकि यहाँ मांस का उपयोग ज्यादा होता है।

मैक्लॉडगंज की अन्य घूमने की जगह – Mcleodganj Me Ghumne ki Jagah

  • लाहेश गुफा -Lahesh Caves
  • सनसेट व्यू पॉइंट – Sunset View Point
  • चामुंडा देवी शक्ति पाट – Chamunda Devi Shaktipeeth
  • श्री बृजेश्वरी देवी शक्ति – Shri Brijeshwari Devi Shaktipeeth
  • इंद्रहार पास – Indrahar Pass
  • सेंट जान चर्च – St. Jhon Church
  • मैक्लोडगंज बाजार – Mcleodganj market
  • कोरा सर्किट – Kora Circuit
  • नड्डी गांव – Naddi Village
  • कांगड़ा घाटी ट्रेक – Kangra Valley Trek
  • कौरा सर्किट – blank circuit

मैक्लोडगंज में घूमने का खर्च – Cost of places to visit in McLeodganj

यदि आप मैक्लोडगंज अकेले घूमने प्लान बना रहे है तो 2 दिन और 1 रात के लिए सिर्फ 4000 पर्याप्त है। वहीँ यदि आप अपने किसी अन्य मित्र या गर्ल फ्रेंड या फिर धर्म पत्नी के साथ यहाँ आते हैं तो फिर आपके रूम का खर्चा (1200) और ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा (1500) हो जाता है। और इस तरह से पर्टयक व्यक्ति का खर्चा 2500 से 3000 के बीच होता है।

मैक्लोडगंज कहाँ है ? Where is Mcleodganj ?

मैक्लोडगंज हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा जिले में स्थित है।

मैक्लोडगंज में कहाँ ठहरें -Hotels in Mcleodganj

हिमाचल प्रदेश में मैक्लोडगंज, मैक्लोडगंज में घूमने की जगह के रूप में काफी प्रशिद्ध है। यहाँ वर्ष भर पर्यटक काफी संख्या में भरे रहते हैं। इस वजह से यहाँ के होटलों का किराया बढ़ जाता है। इस समय अगर आपको काम कीमतों रूम चाहिए तो आप धर्मशाला में होटल रेंट में ले सकते हैं यहाँ से बाइक रेंट में लेकर पुरे मैक्लोडगंज घूम सकते हैं और अपनी पैसों की बचत भी कर सकते हैं।

यदि आप ट्रैकिंग के शौक रखते है तो फिर आपके लिए धर्मशाला से भी अच्छा धर्मकोट होगा यहाँ आपको धर्मशाला से भी सस्ते कीमत पर होटल मिल जायेंगे।

धर्मकोट में रूम बुक करना आपके लिए उत्तम विकल्प होता है , क्योंकि धौलाधार पर्वत श्रृंखला के सारे ट्रेक यही से शुरु होते हैं। यह गर्मियों के समय काफी भीड़ देखने को मिलते हैं इसलिए इस समय यहाँ रूम लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है इस समस्या से बचने के लिए आपको चाहिए की आप पहले ही ऑनलाइन रूम बुक करा लें।

मैक्लॉडगंज कैसे जाएँ – How To Reach Mcleodganj In Hindi

मेकलॉडगंज हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित है। यहाँ पहुँचने के लिए आप बस ट्रेन और हवाई जहाज किसी का भी सहारा ले सकते हैं। जो भी आपके बजट और लोकेशन के हिसाब से सही लगे उसे चॉइस कर के आप अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएं।

रेल मार्ग के माध्यम से – How To Reach Mcleodganj By Train In Hindi

यदि आपको रेल यात्रा करना अच्छा लगता है और आपका बजट भी रैल के सफर के लिए ही है। तो आपके लिए रेल का सफर ही सर्वोत्तम है। मैक्लोडगंज का नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है जो की मैक्लोडगंज से ९० किलोमीटर की दुरी पर है। आप अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन से पठानकोट के लिए ट्रैन बुक कर सकते हैं। पठान कोट पहुंचते ही आपको मैकलोडगंज के लिए बहुत सारे टैक्सी बस और कब मिल जाएंगी। जो की आपको सीधे मैक्लोडगंज पहुंचा देंगे।

सड़क मार्ग के द्वारा – How To Reach Mcleodganj By Road In Hindi

आप किस भी राज्य या शहर से हैं आपको अपने राज्य से मैक्लोडगंज धर्मशाला के लिए सरकरी और परिविट बस मिल जाएगी जो आपको धर्मशाला या मैक्लोडगंज के बस स्टैंड तक आसानी से छोड़ देता है इसके बाद आप यहाँ से बस, टैक्सी या कब के द्वारा बाकि की यात्रा पूरा कर सकते है।

वायुयान द्वारा – How To Reach Mcleodganj By Road In Hindi

मैक्लोडगंज के समीप ३ हवाई अड्डा है पहला गिगल हवाई अड्डा जो की 18.5 किलोमीटर दुरी पर स्थित है लेकिन यहां आपको ज्यादा वायुयानों की सुविधा नहीं मिलेगी।

दूसरा है पठान कोट हवाई अड्डा जो की मैक्लोडगंज से 95 किलोमीटर की दुरी पर है। सबसे प्रशिद्ध हवाई अड्डा चंडीगढ़ हवाई अड्डा है जो की मैक्लोडगंज से 200 किलोमीटर की दुरी पर है। यह हवाई अड्डा भारत के सभी प्रमुख हवाई अड्डा से जुड़ा है। उसके बाद आप यहाँ से बस टैक्सी या कब के द्वारा पुरे शहर का भर्मण कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस लेख के माध्यम से आप मैक्लोडगंज में घुमने की जगह (McLeod Ganj Me Ghumne ki Jagah)के पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं जैसे की कब घूमने जाएँ , घूमने के लिए कौन कौन सा जगह बेस्ट है कितने दिनों के लिए जाएँ और घूमने में कितना खर्चा आता है। इन सारे सवालों के जवाब आपको आसानी से मिल जायेगें।

इसके अलावा किसी भी तरह का भी प्रॉब्लम हो तो आप यहाँ कमेंट में पूछना बिलकुल भी न भूलें आपके सरे सवालों के जवाब दिए जायेंगे।

साथ ही इस लेख को अपने सरे जरूत मंद दोस्तों रिस्तेदारों को शेयर करना न भूलें जिससे उनका भी मदद हो सके।



मैकलोडगंज जाने का सबसे अच्छा समय क्या है?

यहाँ सालों भर पर्यटक का आना जाना बना रहता है आप कभी भी आ जा सकते हैं लेकिन यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय गर्मियों और सर्दियों के बीच का समय होता है है जो की मार्च से जून सितम्बर से नवम्बर का होता है।

मैकलोडगंज जाने के लिए कितने दिनों का समय चाहिए ?

आप ३ से ४ दिनों में पूरी मेकोडगंज को इत्मीनान से घूम सकते हैं।

मैक्लोडगंज में बर्फबारी का मजा कब ले सकते हैं ?

दिसम्बर से फरवरी के महीनो में आप यहाँ बर्फ़बारी का मजा ले सकते हैं।

मैकलोडगंज हिमचाल प्रदेश कैसे जाएँ ?

आप मैक्लोडगंज किसी भी तरीके से जा सकते हैं जैसे ट्रैन , बस और वायुयान। जो भी आपके लोकेशन और बजट के हिसाब से अच्छा हो आप सेलेक्ट कर के अपनी यात्रा का मजा ले सकते हैं।

मैक्लोडगंज घूमने में कितना खर्च आता है ?

मैक्लोडगंज में एक सप्ताह के भीतर १५ से २० हजार खर्च होना तय है इसमें हवाई का खर्च, ट्रैन का खर्चा शहर में आवागमन , रहना तथा खाना पीना सारा कुछ शामिल है।

मैक्लोडगंज किस जिले में है ?

मैक्लोडगंज हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा जिले में स्थित धर्मशाला का एक उपनगर है।

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