20+ माउंट आबू में घूमने की जगह, घूमने का खर्चा और जाने का सही समय

इस लेख में आपको माऊंट आबू में घूमने की जगह से सम्बंधित सारे सवालों के जवाब काफी आसानी से तथा काफी सरल शब्दों में समझाने का कोशिश किया गया है। जो की राजस्थान में स्थित काफी प्रशिद्ध पर्यटन स्थल है। बस आपको शुरू से अंत तक इस लेख में बने रहने की जरूरत है।

अगर आप माऊंट आबू में घूमने की जगह , जाने के सही समय , खर्चा , कैसे जाएँ , कब जाएँ , कहाँ कहाँ घूमें , माउंट आबू मौसम कैसा रहता है ? इस तरह के सवाल आपके मन में चल रहें हैं तो आप बिलकुल भी सही जगह में हैं।

मैं खुद एक घुमक्क्ड़ हूँ इसलिए मैं आप जैसे नये घुमक्क्ड़ों के जीवन होने वाले परेशानियों को काफी अच्छी तरह से समझ सकता हूँ। किसी भी नई जगह में जाने से पहले वहां की सारी जानकारी को हासिल करना ही सबसे ज्यादा जरुरी होती है।

माउंट आबू में घूमने की जगह , जाने का समय और खर्चा

आज के इस लेख में मैं अपने अनुभवों से माउंट आबू में घूमने वाले सारे स्थानों की जानकारी अपने अनुभवों से काफी सरल शब्दों में देने की कोशिश की है।

माउंट आबू की जानकारी

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू काफी खूबसूरत हिल स्टेशन है जो की गुजरात के बॉर्डर के समीप ही देखने को मिलता है। और इसे पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है।

रेगिस्तानी एरिया में होने के बाद भी आपको यहाँ तालाब ,नदी , झरने एवं एक से एक खूबसूरत जंगल भी देखने को मिलते हैं जो की इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगते हैं। इसलिए यह “an oasis in the desert” के नाम से प्रशिद्ध है।

माउंट आबू के घूमने वाले पर्यटन स्थलों के जलवायु काफी शांत एवं वातावरण काफी शुकुन देने वाला होता है। इसलिए पर्यटक अपने मन को शकुन एवं शांति प्रदान करने के लिए आते हैं। अपने मन को स्ट्रेस फ्री बनते हैं।

यात्रा के दौरान आपको इन सारे अनुभवों को फील करने का मौका मिलेगा।

माउंट आबू के बारे में रोचक तथ्य

  • सर्दियों के समय में माउंट आबू का तापमान 2 से 3 किलोमीटर तक चला जाता है।
  • कहा जाता है इसी जगह से राजपूतों की उत्पत्ति हुई थी।
  • गुर्जरों को माउंट आबू का सबसे मूल निवासी कहा जाता है।
  • यहाँ पर स्थित दिलवाड़ा मंदिर चौदवीं शताब्दी में बनाई गई कलाकृति की एक शानदार नमूना है।

माउंट आबू के धार्मिक महत्व

धर्म ग्रंथों एवं पौराणिक ग्रंथो के अनुसार पुराने समय में कभी यह देवताओं क गढ़ हुआ करता था। कहा जाता है वर्षों पहले यहाँ रहने वाले महर्षि वशिष्ट ने पृथ्वीलोक से दानवों के सर्वनाश यहाँ पर एक यज्ञ का आयोजन करवाया था। जिससे खुश होकर भगवान महावीर यहाँ प्रकट हुए थे। आज भी आप यहाँ जैन भक्तों के लिए धार्मिक एवं पवित्र स्थल देख सकते हैं।

एक दूसरी कहानी के अनुसार भगवान शिव जी की सवारी नंदी जी जब हिमालय की खाई में गिरने वाले थे , तब हिमालय के पुत्र आरबुआदा जो की एक शक्तिशाली सर्फ़ है ने उसकी जान बचाई थी। तब से इस पहाड़ी का नाम हिमालय पुत्र के नाम आरबुआदा के नाम से ही जाना जाने लगा। जो की आज के समय में माउंट आबू के नाम से जाना जाता है।

माउंट आबू में घूमने की जगह (Mount Abu Me Ghumne Ki Jagah)

अर्बुदा देवी मंदिर

यदि आप राजस्थान के माऊंट आबू में घूमने वाले स्थानों में वैष्णो देवी में होने का अनुभव लेना चाहते हैं तो आपको माउंट आबू के अबुर्दा देवी मंदिर में अवश्य आना चाहिए।

Arbuda Devi Temple
Arbuda Devi Temple

यह काफी धार्मिक एवं पवित्र मंदिर है जो की माउंट आबू के ऊँची पहाड़ियों में स्थापित है। यह अधर देवी के नाम से प्रशिद्ध है। यहाँ आपको देवी का दर्शन चट्टान के अंदर छोटे से गुफा में देखने को मिलता है। मंदिर के दर्शन के लिए आपको 365 सीढ़ियां चढ़ने के जरूरत होती है।

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स्थल गुरु शिखर

राजस्थान के माउंट आबू में घूमने के शानदार जगहों में यह पर्यटन स्थल गुरु शिखर धार्मिक आस्था के लिए काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यदि आप धार्मिक प्रवृति के इंसान है तो यह शिखर आपको काफी पसंद आने वाला है।

Guru Shikhar
Guru Shikhar

इस शिखर की ऊंचाई 1722 मित्र है। यहाँ आपको माउंट आबू वेधशाला ( Astronomical Observatory ) एवं गुरु दत्तात्रेय जी का गुफा भी देखने को मिलता है।

इस शिखर में आपको एक से बढ़कर एक मंदिर भी देखने को मिलते हैं। स्थल गुर शिखर में आप 3 मंदिर सबसे प्रशिद्ध मंदिर देख सकते हैं – मीरा मंदिर , शिव मंदिर, चामुंडी मंदिर। अगर आप यहाँ आये हैं या फिर आ रहे हैं तो यहाँ पर पूजा अर्चना करना बिलकुल भी न भूलें।

माउंट आबू के इस पर्वत शिखर में चढ़ने पर आपको माउंट एवरेस्ट में चढ़ने जैसा फील होता है।

यहाँ तक जाने के लिए आपको बाइक की सहायता लेनी होती है क्योंकि गुरु शिखर की यह पहाड़ी माउंट आबू से 15 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। पहाड़ की ऊंचाई में स्थित मंदिर तक जाने के लिए आपको 300 सीढ़ियों को पार करने की जरूरत होती है।

हनीमून प्वाइंट

हनीमून पॉइंट खासकर कपल्स के द्वारा काफी पसंद किया जाता है। 1220 मीटर की ऊंचाई में स्थित माउंट आबू में घूमने के लिए काफी आकर्षिक पर्यटन स्थल है। स्त्री एवं पुरुष के जोड़े के रूप में आपको यहाँ चट्टान देखने को मिलेंगे , जो की लव रॉक के नाम से प्रशिद्ध है। यहाँ आने वाले हनीमून कपल को रोमांस करता हुआ यह चट्टान अपनी और काफी ज्यादा आकर्षित करता है।

Honeymoon Point
Honeymoon Point

इसके आलावा आप यहाँ पर सूर्यास्त के समय होने वाले शानदार नजारे का भी भरपूर आनंद ले सकते हैं। यहाँ पर हनीमून कपल्स के लिए शॉपिंग के लिए भी शानदार व्यवस्था की गयी है।

पास में स्थित दूध बावड़ी को भी आप देखने के लिए जा सकते हैं यह अपने जादुई पानी के लिए काफी ज्यादा प्रशिद्ध है।

हनीमून पॉइंट , माउंट आबू से मात्र 2 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। जहाँ आप बाइक एवं टैक्सी से आसानी से पहुँच सकते हैं। यह पर्यटकों के लिए सुबह 8 बजे से शाम के 6 बजे तक खुला रहता है।

दिलवाडा मंदिर

यहाँ आपको 5 जैन मंदिरों का समूह देखने को मिलता है। इसे गुजरात के सोलंकी के शाशकों ने 11 वीं से 13 वीं शताब्दी के बीच बनवाया था।

हरी भरी पहाड़ियों के बीच इस मंदिर को पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है। यह अपने सूंदर नक्काशी के लिए , बेहतरीन आर्किटेक्टर एवं अद्भुत डिजाइनिंग के लिए पुरे भारत भर में मशहूर है। देखने में इसकी खूबसूरती बिलकुल ही ताजमहल के सामान ही लगती है।

Dilwara Jain Temple Mount Abu
Dilwara Jain Temple Mount Abu

माउंट आबू से मात्र 2.5 किलोमीटर की दुरी में स्थित इस मंदिर का नाम राजस्थान के सबसे बड़े मंदिरों में आता है। यहाँ आप इतिहास की एक से बढ़कर एक कलाकृतियों को देख सकते हैं। इसे आप 2 घंटे के समय में काफी अच्छी तरह से घूम सकते हैं।

पर्यटकों के लिए यह मंदिर दोपहर 12 बजे से शाम को 6 बजे तक खुला रहता है एवं जैन लोंगो के लिए इस मंदिर के खुलने का समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक होता है।

अचलगढ़ फोर्ट माउंट आबू

अचलगढ़ किले के निर्माण परमार वंस के शाशकों द्वारा करवाया गया था। माउंट आबू में घूमने वाले स्थानों में अचलगढ़ किला राजस्थान का सबसे ऊँचा किला है। इसका पुनः निर्माण महाराणा कुमार द्वारा चौथी शताब्दी में करवाया गया था।

Achal Gadh Fort
Achal Gadh Fort

फोटोग्राफी के शौकीन लोंगो के लिए यह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो यह जगह आपको काफी पसंद आने वाला है। इस किले की ऊंचाई से आप माउंट आबू के खूबसूरत , मनोरम एवं अध्भुत नज़ारे को अपनी खुली आँखों से देखने का तथा उसे अपने कैमरे में कैद करने का सौभग्य प्राप्त कर सकते हैं।

यह अचलगढ़ किला आपको माउंट आबू से मात्र 8 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है एवं पर्यटकों के लिए इसके खुलने का समय सुबह 6 बजे से शाम के 8 बजे तक होता है।

ब्रम्हाकुमारी पार्क

यदि आप अध्यात्म में रूचि रखते हैं तो आपको माउंट आबू में घूमने की इस शानदार जगह में अवश्य आना चाहिए। योग मेडिटेशन एवं अध्यात्म में रूचि रखने वालों के लिए यह काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। यहाँ आपको शानदर गार्डन और प्रकृति का अद्भुत सौन्दर्य देखने को मिलता है।

Brahma Kumaris Peace Park Mount Abu
Brahma Kumaris Peace Park Mount Abu

यहाँ पर स्थित ब्रह्म कुमारी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में शरीर आत्मा एवं परमात्मा के बारे में काफी अच्छी तरीके से समझाया जाता है। ब्रह्म कुमारी का यह विश्व विद्यालय Spritual University के रूप में प्रशिद्ध है।

यह ब्रह्म कुमारी पार्क माउंट आबू से 8 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। जहाँ आप बाइक एवं टैक्सी के माध्यम से आसानी से पहुँच सकते हैं।

वाइल्डलाइफ सेंचुरी

राजस्थान के माउंट आबू में यदि आपको पशु पक्षी एवं जंगली जानवरों को देखने का शोक है तो आपको माउंट आबू के घूमने वाले स्थानों के इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में अवश्य आना चाहिए। जो की 288 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में में फैला हुआ है और इसका निर्माण 1960 में करवाया गया था।

Mount Abu Wildlife Sanctuary
Mount Abu Wildlife Sanctuary

राजस्थान में यह आपको एकलौता अभ्यारण ऐसा दिखता है जो की पहाड़ी पर स्थित है।

यहाँ विभिन्न तरह के पंछियों एवं पेड़ पौधों की प्रजातियॉं को देखने का मौका मिलता है।

पक्षियों में आप यहाँ पर 250 प्रकार की पंछियों की प्रजातियों को देख सकते हैं जिसमे देशी एवं विदेशी दोनों तरह के पक्षी शामिल होते हैं।

वनस्पति में आप 820 प्रकार के पौधों को देख सकते हैं यहाँ आपको व्हिकलपटेरा भी देखने को मिलता है। इसकी सबसे बड़ी खासीयत यह है की यह माउंट आबू के अतिरिक्त दुनियों में कही भी देखने को नहीं मिलती है।

साथ ही यहाँ आपको अनेकों प्रकार के जंगली जानवर जैसे शेर चीता , हिरण, जिराफ तेंदुए , बाघ एवं जंगली मुर्गे देखने को मिलते हैं।

तरह तरह के जानवरों , पशु पक्षियों एवं पेड़ पौधों के प्रजातियों को देखने के शौक रखने वाले पर्यटकों के द्वारा इसे काफी पसंद किया जाता है।

इसके खुलने का समय सुबह 9 बजे एवं शाम को 5 : 30 बजे होता है। यहाँ का प्रवेश शुल्क भारतियों के लिए 50 रुपया एवं फिरंगियों के लिए 330 रुपया है।

ओम शांति भवन

माउंट आबू के घूमने वाले स्थानों में यह ओम शांति भवन यूनिवर्सल स्पेशल हेडक्वार्टर के नाम से प्रशिद्ध है जो की ब्रम्हाकुमारी का मुख्य हेडक्ववार्टर है।

om shanti bhavan
om shanti bhavan

योग मेडिटेशन , साधना एवं अध्यात्म में रूचि रखने वाले पर्यटकों को यह काफी ज्यादा पसंद आता है। जैसा की इस भवन का नाम है ओम शांति भवन वैसा ही यहाँ का माहौल भी आपको देखने को मिलता है।

यहाँ आते है आपको एकदम से अलौकिक अनुभूति होती है। यह आपके तन मन एवं आत्मा को परम शांति का अनुभव कराता है। जिससे आपका आत्म विश्वास एवं इक्छा शक्ति काफी मजबूत हो जाता है।

गौमुख टेंपल या ऋषि वशिष्ट आश्रम

ऋषि वशिष्ठ जी का यह आश्रम पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। माउंट आबू में घूमने वाले जगहों यह गौमुख टेम्पल पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है।

इस स्थान की विशेषता यह है की इसी जगह पर महर्षि वशिष्ठ ने यज्ञ किये थे और इस यज्ञ के दौरान चार प्रमुख बंधू राजपूत , चौहान , चाणक,परमार एवं प्रतिहार का जन्म हुआ था।

Goumu Vashishta Ashram
Goumu Vashishta Ashram

यहाँ आपको गाय के मुख के समान एक झरना देखने को मिलता है एवं साथ ही यहाँ आपको एक ागमणी कुंड भी देखने को मिलता है। जिसमे ऋषि वशिष्ठ ने अपने यज्ञ का आयोजन करवाया था।

यह आपको माउंट आबू से 4 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलती है एवं आपको यहाँ तक जाने के लिए 700 सीढ़ियों को चढ़ने की जरूरत होती है।

नक्की झील

राजस्थान के माउंट आबू के घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह नक्की झील राजस्थान की सबसे ऊँची झील है। इसे मीठे पानी की झील कहा जाता है और चारों तरफ से पर्वतों एवं पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

नक्की झील
नक्की झील

स्थनीय लोंगो का मानना है की इस झील का निर्माण देवताओं ने अपने नाख़ून से खोदकर करवाया था , इसलिए यह नक्की झील के नाम से प्रशिद्ध है।

इस झील को पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। इसमें पर्यटकों के लिए नौकायन की भी काफी अच्छी सुविधा देखने को मिलती है।

सर्दियों के समय में यह झील पूरी तरह से जम जाती है। झील के चारों तरफ आपको काफी सूंदर हरियाली देखने को मिलती है। जमी हुई झील और चारों तरफ की हरियाली इसे और भी मनोरम एवं आकर्षक बनाती है।

सनसेट पॉइंट

यह सनसेट पॉइंट आपको नक्की झील के पास ही देखने को मिलता है। यहाँ शाम के समय में पर्यटकों का जमावड़ा आपको देखने को मिल जायेगा।

सनसेट पॉइंट
सनसेट पॉइंट

शाम के समय इस सनसेट की खूबसूरती देखते ही बनती जिसे कारण यह सनसेट पॉइंट काफी ज्यादा प्रशिद्ध है।

शाम के समय में जब सूरज खुले आसमान से नीचे की पहाड़ियों में छुपती है तो वहाँ का नजारा कैमरे में कैद करने लायक होता है। और यह नजारा सचमुच आपके सफर को यादगार बना देता है।

टॉड रॉक

माउंट आबू में घूमने लायक शानदार स्थानों में यह टॉड रॉक पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। इस चट्टान का आकर देखने में बिलकुल ही मेढ़क की तरह ही दिखता है। इसी कारण से यह चट्टान टॉड रॉक के नाम से भी प्रशिद्ध है।

टॉड रॉक
टॉड रॉक

नक्की झील के पास स्थित यह चट्टान देखने में ऐसा लगता है जैसे की यह कुछ ही देर में पानी में उतरने वाला है। यहाँ पर्यटकों के लिए बिलकुल भी निःशुल्क है लेकिन यहाँ तक पहुँचने के लिए आपको 200 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़ने की जरूरत होती है।

ट्रेवर्स टैंक

राजस्थान के माउंट आबू में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह ट्रेवर्स टैंक एक छुपा हुआ स्थान है। जिसके बारे में काफी कम लोंगो को जानकारी है।

इस झील का नाम ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल जी. एच. ट्रेवर के नाम पर रखा गया है।

ट्रेवर्स पार्क जो की क्रोकोडायल पार्क के नाम से भी प्रशिद्ध है , क्योंकि इस पार्क का इस्तेमाल पहले मगरमच्छ के प्रजनन के लिए किया जाता था। इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में काफी ज्यादा पसंद किया जाता है।

ट्रेवर्स टैंक
ट्रेवर्स टैंक

यह एक कृत्रिम झील होने के कारन यहाँ आपको काफी सारे मगरमच्छ जंगली जानवर, चिड़ियाँ भालू एवं लंगूर देखने को मिल जाते हैं।

पशु पक्षी प्रेमियों एवं प्रकृति प्रेमियों के द्वारा इसे काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। आप अपने पुरे परिवार के साथ भी इस जगह को बड़े इत्मीनान के साथ घूम सकते हैं।

यह माउंट आबू से मात्र 5 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो इस स्थान में जाना बिलकुल भी न भूलें।

ट्रैकिंग एंड कैंपिंग

अगर आप एडवेंचर्स स्पोर्ट्स के शौकीन हैं , रोमांचक गतिविधियों करना आपको अच्छा लगता है। तो आपको माउंट आबू में घूमने वाले जगहों में ट्रैकिंग एंड कैम्पिंग वाले स्थानों में जरूर जाना चाहिए।

ट्रैकिंग एंड कैंपिंग
ट्रैकिंग एंड कैंपिंग

जहाँ आप कैम्पिंग , नाईट कैम्पिंग वाइल्ड लाइफ एवं रिफ्लाई प्रोक्लाइमिंग जैसे रोमांचक गतिविधियों को करने का मौका मिलता है।

दिलवाड़ा जैन टेंपल

दिलवाड़ा टेम्पल के समूह में आपको पांच श्वेताम्बर टेम्पल देखने को मिल जाते हैं और इन्ही मंदिरों के समूह के करना यह मंदिर दिलवाड़ा मंदिर के नाम से प्रशिद्ध है।

दिलवाड़ा जैन टेंपल
दिलवाड़ा जैन टेंपल

यह सिर्फ मंदिर के समूह के कारण ही नहीं बल्कि यहाँ की हरियाली एवं शांत वातावरण के कारण भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है।

इस मंदिर के दर्शन आप माउंट आबू से मात्र 2 किलोमीटर पर कर सकते हैं।

लवर प्वाइंट्स

लवर पॉइंट जैसा की नाम से ही पता चल जाता है इसे लवर या कपल्स के द्वारा काफी पसंद किया जाता है।यह लवर प्वाइंट आपको गुरु शिखर एवं माउंट आबू के रास्ते में देखने को मिलता है। यह जगह युवाओं के बीच काफी ज्यादा चर्चित एवं लोकप्रिय है।

लवर प्वाइंट्स
लवर प्वाइंट्स

अचलगढ़ फोर्ट

अचलगढ़ किले को बनवाने का श्रेय राजस्थान के परमार वंश के शासकों को जाता है। यह अचलगढ़ किला माउंट आबू से 8 किलोमीटर की दुरी में उत्तरी भाग में देखने को मिलता है।

अचलगढ़ किला माउंट आबू में घूमने वाले जगहों में से राजस्थान का सबसे ऊँचा किला है। जहाँ से आपको पुरे माउंट आबू का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। जिसे आप कैमरे में कैद करके अपने यात्रा को और भी ज्यादा यादगार बना सकते हैं।

अचलगढ़ फोर्ट
अचलगढ़ फोर्ट

फोटोग्राफी के शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए यह काफी पसंदीदा जगह है। जहाँ से पर्यटकों को पुरे माउंट आबू का शानदार व्यू देखने को मिलता है।

अचलेश्वर महादेव जी का मंदिर

महादेव जी का यह मंदिर अचल गढ़ किले के पास ही स्थित है। भगवान शिव जी के इस मंदिर में शिव जी के अंगूठे की पूजा होती है।

यहाँ आपको भगवान शिव जी के मंदिर के अलावा पांच धातुओं से बानी काफी भारी नंदी जी का भी मंदिर देखने को मिलता है। जो की यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है।

अचलेश्वर महादेव जी का मंदिर
अचलेश्वर महादेव जी का मंदिर

यहाँ आपको एक प्राकृतिक तालाब भी देखने को मिल जाते हैं ,जिसमे तीन भैंसो की प्रतिमा स्थापित है जिसे पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है।

कुकरैल पार्क

कुकरैल पार्क जो की मगरमच्छ पार्क के नाम से प्रशिद्ध है। यह आपको माउंट आबू से 5 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है। यहाँ आपको विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी देखने को मिलते हैं। उनमें कुछ के नाम काफी ज्यादा प्रशिद्ध है जैसे की कबूतर मोर , कोडाइन एवं काले भालू।

साथ ही यहाँ आपको प्रकृति की अध्भुत खूबसूरती देखने को मिलता है। हरे भरे वातावरण के कारण यह पिकनिक स्पोर्ट के रूप में भी प्रशिद्ध है।

ऋषिकेश मंदिर एंड वॉटरफॉल

माउंट आबू में घूमने वाले पर्यटन स्थलों यह ऋषिकेश मंदिर काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। कहा जाता है इस मंदिर को राजा मनीष ने बनवाया था।

ऋषिकेश मंदिर एंड वॉटरफॉल
ऋषिकेश मंदिर एंड वॉटरफॉल

इस मंदिर का नाम देवताओं के राजा इंद्र के नाम पर रखा गया था। इसी जगह में राजा ने अश्वमेघ यज्ञ में विजय हांसिल किया था।

रघुनाथ टेंपल

माउंट आबू में घूमने वाले जगहों में प्रशिद्ध यह राम मंदिर आपको नक्की झील के पीछे की तरफ देखने को मिलते हैं। यहाँ भगवान श्री राम की एक अध्भुत प्रतिमा विराजमान है।

अगर आप माउंट आबू में घूमने के लिए आ रहे हैं तो फिर आपको इस जगह पे अवश्य आना चाहिए।

यह मंदिर साढ़े छः सौ साल पुराने होने के कारण इसकी ख्याति दूर दूर तक फैली हुई है आज के समय में भरी मात्रा में श्रद्धालुओं का ताता यहाँ लगा रहता है।

रघुनाथ टेंपल
रघुनाथ टेंपल

मंदिर के करीब जाते ही आपको सामने का भव्य द्वार देखने को मिलता है। अंदर जाने पर आप देखेंगे की पूरी मंदिर को बनवाने के लिए संगमर का इस्तेमाल किया गया है।

भगवान राम के किसी भी मंदिर में आप श्री राम से साथ सीता माता एवं लक्ष्मण जी का मूर्ति साथ में देखने को मिलती है। लेकिन इस मंदिर में आपको सिर्फ भगवान श्री राम की ही प्रतिमा देखने को मिलती है। जो की स्वयंभू है।

साथ ही आप यहाँ से इस मंदिर के आस पास के अद्भुत हरे भरे हरियाली एवं नक्की झील को भी देखने का आनदं प्राप्त सकते हैं।

ऋषिकेश वॉटरफॉल

यदि आप ऋषिकेश मंदिर में घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ ऋषिकेश मंदिर के पास में ही स्थित एक शानदर अद्भुत झरना स्थित है। जो की माउंट आबू में घूमने की जगहों में काफी प्रशिद्ध पर्यटन स्थल है एवं यहाँ पर भरी संख्या में पर्यटकों का भीड़ देखा जा सकता है।

ऋषिकेश वॉटरफॉल
ऋषिकेश वॉटरफॉल

इस वाटर फॉल के कारण ऋषिकेश मंदिर की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

माउंट आबू में करने लायक चीजें

अगर आप माउंट आबू में घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए की माउंट आबू सिर्फ अपने पर्यटन स्थलों के लिए ही प्रशिद्ध नहीं है। बल्कि यहाँ होने वाले रोमांचक गतिविधियों के कारन भी यह काफी ज्यादा मात्रा में पर्यटकों को आकर्षित करती है।

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो आप इन गतिविधियों का अपने यात्रा के दौरान मजा लेने का मौका कभी भी न छोड़े –

  • दर्शनीय स्थलों का भर्मण – माउंट आबू में घूमने आने वाले पर्यटकों के बीच यह काफी ज्यादा प्रशिद्ध है . यदि आप यहाँ पर घूमने के लिए हैं तो आप भी माउंट आबू में घूमने वाली स्थानों में इन दर्शनीय स्थलों का भर्मण करना बिलकुल भी न भूलें।
  • नौका विहार – अगर आप नौका विहार का मजा लेना चाहते हैं तो आपको नक्की झील में अवश्य आना चाहिए।
  • हाईकिंग– यदि आप हाई किंग के रोमांच का भरपूर मजा लेना चाहते हैं तो आपको नक्की झील के सनसेट पॉइंट में आना होगा। सनसेट पॉइंट तक जाने के लिए आपको हाइकिंग के रास्ते को चुनना होता है।
  • सूर्योदय और सूर्यास्त – माउंट आबू में घूमने वाले स्थानों में भर्मण के दौरान आपको यहाँ के सूर्यास्त एवं सूर्योदय के स्थानों में भी आना चाहिए।
  • माउंट आबू वन्यजीव अभ्यारण – यदि आप प्रकृति प्रेमी एवं पशु पक्षी प्रेमी हैं तो फिर आपको माउंट आबू में घूमने वाले स्थानों के इस वन्यजीव अभ्यारण में अवश्य आना चाहिए।
  • ट्रैकिंग – ट्रैकिंग के शौक रखने वाले पर्यटकों को गुरुशिखर की चोटी में अवश्य आना चाहिए।
  • हॉट एयर बलून की राइडिंग – माउंट आबू में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए हॉट एयर बैलून राइडिंग की भी भरपूर व्यवस्था है। आप इसका भी अपने यात्रा के दौरान काफी मजा ले सकते हैं।

माउंट आबू घूमने के लिए कितने दिनों की आवश्यकता है?

माउंट आबू में घूमने वाले सारे पर्यटनीय स्थलों एवं दर्शनीय स्थलों के भर्मण के लिए आपको 3 से 4 दिन काफी होते हैं।

यहाँ के झील , झरनों एवं मंदिरों को आप इतने दिनों में काफी अच्छे तरीके से घूम सकते हैं।

बेस्ट प्लेस फॉर शॉपिंग माउंट आबू

माउंट आबू का फेमस मार्केट माउंट आबू बाजार है। अपने परिवार एवं फ्रेंड्स के लिए शॉपिंग करने के लिए यह काफी शानदार जगह है।

यहाँ शॉपिंग के दौरान कश्मीरी कॉटेज एम्पोरियम प्लाजा एवं गवर्नमेंट हैंडीक्राफ्ट से बनी चीजों को खरीदने का मौका मिलता है।

साथ ही यहाँ आप राजस्थान एम्पोरियम , सजावट हुक्का , आयुर्वेदिक ऑयल , टेक्सटाइल आइटम , हेंडीक्राफ्ट एवं सोल हैंडलूम खरीदना न भूलें।

माउंट आबू कैसे पहुंचे?

आप भारत के किसी भी शहर या जिले से क्यों न हों आप राजस्थान के माउंट आबू तक सड़क , रेल एवं हवाई मार्ग द्वारा आसानी से पहुँच सकते हैं। आप यहाँ तक पहुँचने के लिए किसी भी माध्यम का चयन कर सकते हैं।

सड़क मार्ग द्वारा

माउंट आबू देश के सभी प्रमुख शहरों के द्वारा काफी अच्छी तरह से जुड़ा है। आप चाहे तो अपनी खुद के वाहनों के द्वारा या फिर सरकारी एवं प्राइवेट बसों के द्वारा यहाँ तक की यात्रा बड़े मजे मजे के साथ पुर कर सकते हैं।

रेलवे मार्ग द्वारा

अगर आपको रेलवे का सफर करना अच्छा लगता है तो आपके जानकारी के लिए बता दें माउंट आबू का रेलवे स्टेशन माउंट आबू से 28 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है।

यह रेलवे स्टेशन भारत के सभी प्रमुख शहरों से काफी अच्छी तरीके से जुड़ा हुआ है। जो आपको माउंट आबू के लिए सीधे ट्रेन की सुविधा उपलब्ध करता है।

हवाई मार्ग द्वारा

यदि आप कम समय में माउंट आबू की यात्रा करना चाहते हैं तो आपके लिए हवाई यात्रा ही सबसे अच्छा विकल्प है।

माउंट आबू का सबसे करीबी हवाई अड्डा महाराणा परताप हवाई अड्डा है जो की माउंट आबू से 176 किलोमीटर की दुरी पर दबोक उदयपुर में है।

माउंट आबू जाने का समय

वैसे तो सालो भर यहाँ पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। यह आप पर जाता है की माउंट आबू में घूमने के स्थानों में कौन से मौसम में जाना पसंद करते हैं।

अगर आपको यहाँ आयोजित किये जाने वाले समर फेस्टिवल देखने शौक मई से जून में आना चाहिए और यदि आपको विंटर फेस्टिवल देखना चाहते हैं तो आपको दिसम्बर में आपको यहाँ आना चाहिए।

वैसे पर्यटकों के द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला समय सितम्बर से मार्च के बीच का होता है। क्योंकि यह एक हिल स्टेशन है इसलिए गर्मियों के समय भी यहाँ ज्यादा गर्मी नहीं होता है।

माउंट आबू में कहाँ रुके?

अब बात करते हैं माउंट आबू में ठहरने के लिए आपको यहाँ पर हर तरह के होटल मिल जाते हैं। यहाँ आप चाहे तो सस्ते से सस्ते होटल में रुक सकते हैं या फिर आप महंगे से महंगे होटल को चुन सकते हैं।

यह आपके बजट पर जाता है की आप किस तरह के होटल में रहना पसंद करते हैं। इन होटलों को बुक करने के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधा उपलब्ध है। इन होटलों के बारे में आप ऑनलाइन ही सर्च करके सारी जानकारी ले सकते हैं।

यहाँ के कुछ प्रशिद्ध होटलों के नाम इस प्रकार से हैं –

  • होटल शिखर
  • होटल कामा राजपुताना
  • होटल जयपुर हाउस
  • होटल कनॉट हाउस
  • होटल हिलोक

माउंट आबू कैसे घूमे?

माउंट आबू में घूमने के पर्यटन स्थलों को भर्मण करने के लिए आपको यहाँ पर बाइक एवं अन्य वाहन किराये में मिल जाते हैं।

रलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन से बाहर निकलते ही आपके ऐसे अनेकों दुकान एवं एजेंट मिल जाते हैं। जो की आपको किराये में बाइक एवं टैक्सी दिलाने का काम करते हैं।

अगर आप बाइक किराये में लेते हैं तो आपको रोजाना 500 का चार्ज देना होता है इसके आलावा अन्य वहनों की किराया अलग अलग होता है। आपको किसी भी वाहन को किराये में लेते समय कुछ दस्तावेजों को भी जमा करना होता है। जो की वाहन को लौटते समय में दे दिया जाता है।

अगर आप दो लोग हैं तो आप दो पहिये वाहन की सहायता से माउंट आबू में घूमने वाली स्थानों का भर्मण आसानी से कर सकते हैं लेकिन यदि आप परिवार के साथ है तो आपको चार पहिये वाहन को किराये में लेने की जरूरत होती है।

माउंट आबू में खाने के लिए प्रसिद्ध भोजन

अब तक आपने जाना माउंट आबू में घूमने वाले पर्यटन स्थलों के बारे में। माउंट आबू सिर्फ अपने पर्यटन स्थलों दार्शिनय स्थलों एवं घूमने की जगहों के कारण ही प्रशिद्ध नहीं है। यह अपने स्वादिस्ट भोजन एवं व्यंजनों के कारण भी पर्यटकों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है। पुरे दुनियां में भी प्रशिद्ध है।

यहाँ आपको हर तरह के भोजन वेज ,नॉन वेज तथा फ़ास्ट फ़ूड वाले कई तरह के रेस्टोरेंट एवं स्टॉल जगह जगह पर देखने को मिल जायेंगे। जिसमे आप यहाँ के सुप्रशिद्ध भोजन का बड़े चाव से आनंद ले सकते हैं।

चलिए जानने की कोशिश करते हैं यहाँ के कुछ बेहतरीन स्ट्रीट फ़ूड के बारे में जिसे की यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है।

दाल बाटी

दाल बाटी राजस्थान के हर होटल एवं रेस्टोरेंट में आपको देखने को मिल जायेगें , क्योंकि दाल बाटी राजस्थान का प्रमुख व्यंजन है। माउंट आबू एवं राजस्थान के प्रत्येक होटल के मेन्यू में आपको यह दाल बाटी देखने को जरूर मिल जायेंगे।

दाल बाटी आटे एवं दाल से बनाया गया एक स्वादिस्ट व्यंजन है। जिसे बनाने के आटे को पहले मैश कर एक गोले के आकर में बना किया जाता है। उसके बाद आग में पका कर तैयार कर लिया जाता है।

जब यह पूरी तरीके से बनकर तैयार हो जाती है तो इसे तोड़कर मस्त फ्राई कड़क दाल एवं घी के साथ अपने मेहमानों को परोसा जाता है। जिसके बाद खाने वाले इसके स्वाद के दीवाने हो जाते है और इसे बार बार खाना पसंद करते हैं।

माउंट आबू के यात्रा के दौरान आप इस व्यंजन का स्वाद लेना कभी भी न भूलें। यकीन मानिये यह आपके यात्रा को और भी यादगार बना देगा।

मोहन मासी

मोहन मासी का प्रकार का नॉन वेज व्यंजन है। अगर आप नॉन वेज व्यंजनों के शौकीन हैं तो आपको यह खूब पसंद आने वाला है।

इसे बनाने के लिए दूध मटन एवं हलके मशाले का इस्तेमाल किया जाता है। परोसते समय इसमें नींबू ,खसखस एवं इलायची को शामिल कर लिया जाता है जिससे इसका स्वाद और भी ज्यादा शानदार हो जाता है।

क्योंकि यह राजस्थान के शाही भोजन के रूप में प्रशिद्ध है। इसलिए इसमें परोशने से पहले हल्के सूखे मेवे को भी डाला जाता है। पुराने समय मोहन मासी भोजन को इसी तरह से राजाओं एवं महाराजाओं को परोसा जाता था। आज भी यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए यह पहली पसंद है।

लाल मासी

लाल मटन के रूप में प्रशिद्ध यह नॉनवेज भोजन है। इसे बनाने के लिए कई अन्य मसालों के साथ लाल मिर्च ,लहसुन किया जाता है साथ ही दही को भी इसमें मिलाया जाता है। गेहूं या बाजरे के बने रोटी के साथ इसे परोसा जाता है।

इसे विशेष रूप से गर्मियों के दिन में बनाया जाता है। अगर आप गर्मियों के दिन में माउंट आबू में घूमने के लिए आ रहे हैं तो इस व्यंजन का स्वाद लेना कभी भी न भूलें।

गट्टे की खिचड़ी

माउंट आबू में इसे खूब पसंद किया जाता है और यह यहाँ आने वाले पर्यटकों का भी लोकप्रिय व्यंजन है। गट्टे की खिचड़ी चावल द्वारा तैयार किया जाने वाला भोजन है। इसे बेसन के पकोड़े के साथ तैयार किया जाता है। साथ ही इसमें तरह तरह के मशाले को भी शामिल किया जाता है।

इसके तैयार हो जाने के बाद इसमें धनिया का पता मिलाया जाता है। जो की इसके स्वाद एवं लुक दोनों को बढ़ाने का काम करता है।

बजरे की रोटी

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में पकाये जाने वाले यह भोजन है। राजस्थान एवं गुजरात में इसे स्थानीय लोंगो के द्वारा इसे काफी पसंद किया जाता है।

इसे बनाने के लिए सर्दियों के मौसम में तैयार होने वाले फसल बाजरे के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इसे परोसते समय लहसुन की चटनी एवं गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। बाजरे की रोटी में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होती है।

अगर आप माउंट आबू में घूमने वाले स्थानों का भर्मण करने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ बाजरे की रोटी का स्वाद चखना कभी भी न भूलें।

मूंग दाल का हलवा

मुंग दाल का हलवा माउंट आबू में तैयार किया जाने वाला का मीठा स्वादिष्ट एवं पौष्टिक हलवा व्यंजन है। इसे आप राजस्थान में मनाये जाने वाले हर छोटे बड़े त्योहारों में बनाया जाता है।

इसे बनाने के लिए खासकर शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जाता है। शुद्ध घी में भूनकर इसे तैयार किया जाता है। इसे बनाने के लिए सही समय सर्दियों का मन जाता है।

केर संगरी

राजस्थान में काफी प्रशिद्ध एवं चर्चित अचार है। इसे बनाने के लिए राजस्थान के जंगली इलाके में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ मिर्च अजवाइन और हींग को भी पकाया जाता है।

बाजरे की रोटी के साथ लेने पर ये आपको असीम आनंद की प्रदान करता है।

माउंट आबू का नाम कैसे पड़ा?

माउंट आबू का नाम हिमालय के पुत्र के नाम पर पड़ा जो की काफी ताकतवर साँप हुआ करता था। जिसका नाम अगुआदा था।

पुराने समय में जब एक बार भगवान शिव जी सेवक नंदी महाराज जी खाई में गिर रहे थे तो उस समय इस अगुआदा ने अपनी जान की बाजी लगाकर उसकी जान बचाई थी , तब से इस जगह को माउंट आबू के नाम से जाने जाना लगा।

माउंट आबू को राजस्थान का कश्मीर क्यों कहा गया है?

माउंट आबू काफी चर्चित एवं लोकप्रिय हिल स्टेशन है। इस हिल स्टेशन में आपको सब कुछ कश्मीरी वादियों सी ही देखने को मिलती है। यहाँ का प्रकृतिक सौंदर्य एवं ठंडी वादियाँ आपको आपको कश्मीर में होने का अहसास दिलाता है।

कश्मीर के तरह ही यहाँ पर पर्यटकों का भीड़ लगा रहता है। इन्ही सभी कारणों से माउंट आबू राजस्थान के कश्मीर के नाम से प्रशिद्ध है।

माउंट आबू घूमने का खर्चा?

माउंट आबू में 2 दिनों के लिए घूमने फिरने का खर्चा घूमने के लिए इस्तेमाल किये गए यातायात एवं खाने का खर्च मिला कर कुल 2000 से 2500 के बीच हो जाता है।

इसी तरह से ठहरने के लिए होटल के खर्च को देखा जाय तो 2 दिनों के लिए 2500 तक का खर्च आ जाता है। कुल मिला करके देखा जाय तो माउंट आबू में 2 दिनों के लिए घूमने फिरने का खर्चा 4500 रुपया से 5000 तक आ जाता है।

निष्कर्ष

मैंने अपने इस लेख में माउंट आबू में घूमने लायक जगहों  (places to visit in mount abu) , यहाँ होने वाले खर्चे एवं जाने के सही समय  (best time to visit mount abu) से सम्बंधित सारी जानकारियों को काफी सरल शब्दों में समझाने की कोशिस किया है।

आशा करता हूँ की मेरे इस लेख से आपको काफी लाभ हुआ होगा , यदि ऐसा है तो मेरे इस लेख को अपने मित्र मण्डली में शेयर करना बिलकुल भी न भूलें।

साथ ही इस लेख से सम्बंधित किसी भी प्रकार के सुझाव एवं विचार हों तो इसे कमेंट सेक्शन में जरूर रखें।

FAQ

माउंट आबू कब जाना चाहिए ?

माऊंट आबू गर्मियों में अप्रैल से जून में तथा सर्दियों में नवंबर से फरवरी के बीच में यहाँ जाना बिलकुल सही समय होता है।

माउंट आबू को कितने दिनों में अच्छी तरके से घुम सकते हैं ?

माउंट आबू को 4 से 3 दिनों में आसानी से घूम सकते हैं।

माउंट आबू कितनी ऊंचाई पर स्थित है ?

माउंट आबू 1722 मीटर ( 5676 फीट ) की ऊंचाई पर स्थित है।

माउंट आबू में कौन सी नदी है ?

माउंट आबू पश्चिम नदी के पास स्थित है।

राजस्थान में माउंट आबू क्यों प्रशिद्ध है ?

राजस्थान का माउंट आबू अपने धार्मिकता के लिए काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यहाँ आपको एक से एक मंदिर स्मारक एवं आश्रम देखने को मिलते हैं।

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