10+ नारकंडा में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

नारकंडा एक छोटा सा हिल स्टेशन है नारकंडा में घूमने की जगह (Narkanda Me Ghumne ki Jagah)काफी सारी है जो की हिमचल प्रदेश के शिमला में स्थित है। शिमला से नारकंडा की दुरी मात्र 65 किलोमीटर है , जिसे आप मात्र 2 घंटे में कवर सकते हैं। नारकंडा हिल स्टेशन स्कींइग के लिए जाना जाता है इसके चरों तरफ आपको प्रकृति का अध्भुत नजारा देखने मिलेगा।

नारकंडा में घूमने की जगह जाने का समय  और खर्चा

Contents

नारकंडा के बारे में रोचक तथ्य

  • नारकंडा की खूबसूरती काफी शानदार है।
  • नारकंडा में हटू पीक को 3400 फ़ीट की ऊंचाई में बनाया गया है।
  • यहाँ आपको ज्यादा पर्यटक गर्मियों की अपेक्षा सर्दियों में देखने को मिलता है।
  • यदि आप बर्फ़बारी देखना चाहते हैं तो उसके लिए दिसम्बर से जनवरी का महीना सर्वोत्तम होता है।
  • यहाँ हटु माता का मंदिर पहाड़ की चोटी देखने को मिलता है।

नारकंडा क्यों प्रसिद्ध

नारकंडा निम्नलिखत चीजों के लिए काफी प्रशिद्ध है

  • स्कीइंग
  • कैम्पिंग
  • शिवालिक रेंज
  • हटु
  • शिवालिक रेंज
  • सबसे पुराने स्कीइंग डेस्टिनेशन

नारकंडा में घूमने की जगह (Narkanda Tourist Places in Hindi)

हटू माता का मंदिर

वैसे अक्सर जो कोई भी शिमला घूमने के लिए आता है तो नारकंडा घूमें बिना नहीं रह सकता है नारकंडा में घूमने की जगह में से काफी परशिद्ध और खूबसूरत जगह है हटू माता का मंदिर , जो की पहाड़ की ऊँची चोटी पर बसी हुई है।

हटू पीक के पास ही माता का एक बड़ा सा मंदिर है , इसमें माता की बड़ी से प्रतिमा लगी हुई है। स्थानीय लोंगो का विशवास है की जो भी यहाँ सच्चे मन से मनत मांगता है माता उसकी मनोकामना जरूर पूर्ण करते हैं।

Source : Hatu Mata Mandir

रावण की पत्नी मंदोदरी भी माता हटू की भक्ति में लीं रहती थी और इस मंदिर को बनवाने का श्री उन्ही को जाता है। यदि आप शिमला हिमचाल या नरकोंडा अकेले या अपने परिवार के साथ घूमने के लिए आ रहे हैं तो फिर हटू माता का मंदिर का दर्शन करना बिलकुल भी न भूलें , यह नरकोंडा में घूमने की जगह में काफी पवित्र और धार्मिक जगह माना जाता है।

हटू पीक

हटू पीक नारकंडा में घूमने की जगह में से सबसे प्रशिद्ध जगह है। यह मंदिर पहाड़ की शिखर पर स्थित है , इसी पीक के नजदीक ही माता हटू का मंदिर है। माता हटू का मंदिर पहाड़ की सबसे ऊँची चोटी पर स्थित है।

Source : Hatu peak

इस पीक की एक खास विशेषता यह है की यहाँ से आप हिमालय की पहाड़ियों को आसानी से देख सकते हैं , इसकी ऊंचाई समुन्द्र तल से 12000 फुट है।

भीम का चूल्हा

जब पांडव अज्ञातवास में थे उस समय हटू पीक के पास भी कुछ दिनों के लिए रुके हुए थे , उस समय यहाँ उन्होंने एक चूल्हा बनाया था जो की भीम चले के नाम से जाना जाता है। नारकंडा में घूमने की जगह में आपको भीम का चूल्हा भी देखने को मिलेगा।

यह चूल्हा हटू पीक के पास ही स्थित है , और इसकी दुरी माता के मंदिर से मात्र 500 मीटर है। अगर आप नारकंडा घूमने आ रहे है तो फिर इस जगह को देखना बिलकुल भी न भूलें।

तन्नी झुब्बर झील

तन्नी झब्बर झील नारकंडा में घूमने की जगह में एक मात्र झील है। चारों तरफ ऊँचे ऊँचे पहाड़ों से ढके होने के कारण और चारों तरफ अद्भुत हरियाली होने के कारण इस झील की खूबसूरती किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

Source : Tani Jubber Lake

आप किसी भी मौसम में यहाँ आ सकते है और यहाँ के वादियों के का मजा ले सकते हैं। गर्मियों के समय यहाँ ज्यादा गर्मी भी नहीं होता है जिस करन यहाँ का मौसम काफी सुहावना रहता है। यहाँ नौकायन बोटिंग जैसी विभिन्न गतिविधियों के मजा ले सकते हैं। यदि आपको बर्फ़बारी देखने का शौक है तो फिर आपको सर्दियों के मौसम में आना चाहिए। सर्दियों के मौसम में झील के चारों तरफ बर्फ जमा रहता है जिससे इसकी ख़बसूरती और भी बढ़ जाती है।

महामाया मंदिर

अगर आप हिमाचल प्रदेश और शिमला घूमने के लिए आते हैं तो फिर यहाँ आना बिलकुल भी न भूलें, क्योंकि नारकंडा में घूमने की जगह में यह महामाया मंदिर काफी प्रशिद्ध मंदिर है।

Source : Mahamaya Temple

मदिर के अंदर माता की एक बड़ी सी मूर्ति देखने को मिलती है। यहाँ तक आने के लिए आपको किराये का कार या टैक्सी का उपयोग करना होता है। जो की 10 किलोमीटर यत्रा करके आपको आपके गंतव्य पर छोड़ देता है।

कचेरी

नारकंडा में घूमने की जगह में प्रशिद्ध एक गाँव कचेरी है जो की नरकांडा के समीप ही है। हिमाचल प्रदेश आने वाले या शिमला आने वाले पर्यटक यहाँ आना कबि भी नहीं भूलते हैं।

Source : Kacheri

सर्दियों के मौसम में यहाँ का नजारा काफी शानदार होता हैं क्योंकि चारों तरफ आपको सिर्फ बर्फ ही बर्फ देखने को मिलता है। नारकंडा में घूमने आने वाले लोग यहाँ कचेरी घूमना कभी नहीं भूलते हैं। गाँव में आपको ज्यादा घर भी देखने को नहीं मिलेगा।

नारकंडा में कैंपिंग

यदि आप नारकंडा में कैम्पिंग करने का शोक रखते हैं तो बिलकुल कर सकते हैं लेकिन आपको कुछ बात का विशेष ध्यान रखना होता है। जैसे की आपको पहले ही पता चल चूका है नारकंडा में घूमने की जगह में जो भी जगह वह सारे जंगल क्षेत्रों से घिरे हैं।

बहुत सारे जंगली जानवर से बाहर सड़क के किनारे घूमते देखे जाते हैं , इसलिए जहाँ कही भी टेंट या केम्प लगाएं आसपास के जगहों को जरूर देख लें और साथ ही कैंप के बाहर आग जलाते रहें , जिससे कोई भी जंगली जानवर आपके कैंप के पास न आ सके।

नारकंडा में घूमने के लिए अच्छा समय (Best Time to Visit Narkanda)

नारकंडा आने के लिए आप किसी भी मौसम में यहाँ आ सकते हैं यह आप पर निर्भर करता ही की आपको कब आना पसंद है और आप क्यों यहाँ आना चाहते है। नारकंडा में घूमने की जगह काफी सारी है नारकंडा हिमाचल प्रदेश में स्थित एक छोटा से हिल स्टेशन है।

नारकंडा आने के लिए गर्मियों का समय सर्वोत्तम होता है क्योंकि इस समय यहाँ ज्यादा गर्मी नहीं होने के कारण यहाँ का मौसम काफी सुहावना होता है। घूमने के लिए एकदम सही होता है।

लेकिन यदि आपको बर्फबारी देखने को शोक है तो आप सर्दियों के मौसम में आ सकते हैं साथ ही सर्दी वाले कपडे लाना न भूलें।

नारकंडा का प्रसिद्ध भोजन

नारकंडा काफी छोटा सा जगह है इस कारण से यहाँ आपको ज्यादा खाने पीने की स्टॉल देखने को नहीं मिलेगी। फिर भी मैगी, मोमोज मीठी भात, बथु खीर, खोबड़ी, बबरू एवं लाफ़ी कुछ प्रशिद्ध भोजन है। जो नारकंडा के छोटे मोठे स्टॉल में आसानी से मिल जाता है।

नारकंडा में रुकने की जगह (Best Places to Stay in Narkanda)

नारकांडा एक छोटे से गाँव जैसा है फिर भी नारकंडा में घूमने की जगह अच्छे खासे हैं। इस कारण आपको यहाँ पर रुकने में किसी भी तरह का कोई भी दिकत नहीं होगा क्योंकि यहाँ बहुत सारे सस्ते और महंगे होटल बने हुए हैं। आप अपने बजट के अनुसार किसी भी होटल को सेलेक्ट कर सकते हैं।

यहाँ होटल की संख्या कुछ ज्यादा नहीं है फिर भी आपको 1500 से 2000 के बीच में काफी अच्छे अच्छे होटल मिल जायेंगे, लेकिन यदि आपको कुछ महंगे होटल के शोक हैं तो फिर 3000 से 5000 में आपको शानदार होटल मिल जायेंगे।

नारकंडा कैसे घूमे

नारकंडा घूमने के लिए आपको यहाँ खुद की कर या टक्सी बुक करनी पड़ेगी, क्योंकि यहाँ पर सार्वजानिक ऑटो या बस सेवा नहीं चलती है। जिसके लिए आपको 3000 से 4000 तक खर्च करना होता है। किराये के टैक्सी से आप पूरा नारकंडा आसानी से घूम सकते हैं।

नारकंडा का मौसम कैसा रहता है ?

यहाँ सालों भर सर्दियाँ का मौसम रहता है , गर्मियों में भी यहाँ सर्दी जैसा ही मौसम बना रहता है। इसलिए यहाँ लोग ज्यादातर गर्मियों में ही घूमना आना पसंद करते हैं क्योंकि इस समय यहाँ का मौसम काफी सुहावना है।

नारकंडा में आप किस मौसम में बर्फबारी देख सकते हैं ?

अगर आप बर्फ़बारी देखना चाहते हैं तो फिर नारकंडा दिसम्बर के महीने में जाएँ। क्योंकि यहाँ 15 दिसम्बर के बाद बर्फ गिरना शुरू हो जाता है और अगर आप 25 दिसम्बर के बाद , यहाँ आ रहे हैं तो फिर पूरा का पूरा नारकंडा पूरी तरह से सफ़ेद बर्फ से ढकी मिलेगी।

नारकंडा घूमने के लिए कैसे पहुंचे?

नारकंडा घूमने के लिए आप किसी भी माध्यम बस, ट्रेन और फ्लाइट से जा सकते हैं। यह आप पर निर्भर करता है की आपका बजट कैसा है और आपका डिस्टेंस कितना है।

सड़क मार्ग से नारकंडा कैसे जाएं?

अगर आप सड़क मार्ग से नारकंडा जाना चाहते हैं तो फिर पहले आपको शिमला जाना होता है। अगर आप दिल्ली से है तो आपको बहुत सारी प्राइवेट और सरकारी बस शिमला के लिए डायरेक्ट मिल जाएगी। अगर आप दिल्ली के बहार कहीं से भी हैं परब , पश्चिम, उतर और दक्षिण पहले शिमला के लिए अपने शहर से बस की टिकट बुक करा लें।

एक बार शिमला पहुँचने के बाद मात्र 2 घंटे का समय और 70 किलोमीटर की दुरी तय करके आप आसानी से नारकंडा पहुँच सकते हैं। इसके लिए आपको किराये का कार और कैब का इस्तेमाल काना होता है , साथ ही अगर चाहें तो आप प्राइवेट बस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

रेल मार्ग से कैसे जाएं?

अगर आप ट्रेन से नारकंडा जाना चाहते हैं तो पहले आपको शिमला आना होता है। लेकिन यहाँ एक बात गौर करने वाली यह है की यहाँ आपको शिमला के लिए ज्यादा ट्रेन देखने को नहीं मिलती है।

आपके लिए बेहतर यही होगा की आप अम्बाला, लुधियान के लिए ट्रैन बुक करा लें और इसके बाद शिमला तक की यात्रा आप बस से कर सकते हैं। इसके बाद नारकंडा के लिए कब या टैक्सी आसानी से मिल जाएगी।

वायुयान से कैसे जाएं?

अगर आप हवाई यात्रा के शौकीन हैं तो आपको बता दें की शिमला में मात्र का ही एयरपोर्ट है जो की लगभग सभी बड़े राज्यों से जुड़ा हुआ है आप किसी भी राज्य से हैं अपने नजदीकी एयरपोर्ट से शिमला के लिए टिकट बुक करा सकते हैं। एक बार शिमला पहुँचने के बाद आप आसानी से कार या कैब बुक करके आगे की यात्रा पूरी कर सकते हैं। नारकंडा में घूमने की जगह अच्छी खासी है जहां जाने के बाद आप मजे कर सकते हैं

नारकंडा घूमने का खर्च

नारकंडा घूमने के लिए एक से 2 दिन और 1 रात काफी होते हैं अगर आप अकेले नारकंडा घूमने जाते हैं तो फिर आपका बजट ज्यादा जैसे की खाने पीने का खर्च में 1200 का खर्च आता है , होटल का खर्च 2000 पड़ता हैट्रांस्पोर्टेशन में 3500 के करीब खर्च हो जाता है और 300 से 400 कुछ अलग खर्च मन लीजिए। इस तरह से कुल मिलकर 7000 के करीब हो जाता है।

वही इसी ट्रिप को २ आदमी मिल कर प्लान करते हैं तो फिर होटल और ट्रांसपोर्ट का खर्चा आधा हो जाने के कारण , प्रति व्यक्ति का खर्च भी आधा हो जाता है जिससे आपका ट्रिप 7000 के बदल मात्र 4000 में ही कम्पलीट हो जाता है।

निष्कर्ष

इस लेख के मध्यम से आप नारकंडा में घूमने की जगह(Narkanda Me Ghumne ki Jagah) के बारे में जानेंगे। नारकंडा कहाँ है कैसे जाएँ नारकंडा में घूमने की जगह कौन कौन सी है ? नारकंडा जाने में कितना खर्चा होता है ? नारकंडा में घूमने की जगह के बारे में और भी बहुत सारी जानकारी आपको इस लेख के में आसानी से मिल जायेंगे।

अपने सारे दोस्तों रिश्तेदारों के साथ शेयर करना बिलकुल भी न भूलें जो नारकंडा में घूमने की जगह के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं या फिर जाना चाहते हैं।

नारकंडा जाने का सबसे अच्छा समय क्या है ?

नारकंडा जाने का सबसे अच्छा समय गर्मी के मौसम में मई से जुलाई का महीना और सर्दियों के समय में दिसम्बर से लेकर फरवरी का महीना सर्वोत्तम होता है।

ट्रेन से दिल्ली से नरकोंडा कैसे पहुंचे ?

अगर आप ट्रेन से दिल्ली से नरकोंडा जाना चाहते हैं तो नरकोंडा के लिए दिल्ली से कोई भी ट्रैन नहीं है। दिल्ली का निकटतम रेलवे स्टेशन कालका ट्रेन है जहाँ से नारकंडा की दुरी 125 किलोमीटर है। कालका से शिमला के लिए टॉय ट्रेन चलती जिसके मदद से आ प असनी से दिल्ली से नारकंडा पहुँच सकते हैं

क्या जुलाई में नरकोंडा का यात्रा करना सुरक्षित है ?

नारकंडा में जुलाई के समय मानसून के करना यहाँ का वातवरण घूमने लायक नहीं होता है।

नारकोंडा के बारे में क्या खास है ?

नारकंडा को फूलों का कटोरा कहा जाता है इसका एक ही कारण है यहाँ का अद्भुत हरियाली चरों तरफ का पर्वत शृखंला। यह समुद्र तल से 2700 मीटर की ऊंचाई में स्थित है। नारकंडा स्कीइंग के लिए भी काफी प्रशिद्ध है।

नारकोंडा की ऊंचाई कितनी है ?

नरकोंडा के हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा हिल स्टेशन से है , जिसकी ऊंचाई 2708 मीटर है।

नरकोंडा के आगे क्या है ?

नारकंडा के आगे कचेरी है जो की एन एच -22 पर पड़ता है जिसे लम्बी यात्रा और पिकनिक के लिए काफी आदर्श मना जाता है।

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