15+ ऊटी में घूमने के स्थल, दर्शनीय स्थल और ऊटी जाने का सही समय

मेरे इस लेख में आपको ऊटी में घूमने की जगह , जाने का समय , खर्चा , घूमने के लिए सही यातायात की सारी व्यवस्था आपको काफी आसान से शब्दों में मिलने वाली है। बस आपको सिर्फ मेरे इस लेख में शुरू से अंत तक बने रहने की जरुरत है।

ऊटी में घूमने की जगह , जाने का समय एवं खर्चा

यह हिल स्टेशन आपको तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में देखने को मिलता है। ऊटी शहर काफी खूबसूरत सा हिल स्टेशन है एवं पर्यटकों के बीच इसका अपना का अलग ही क्रेज है।

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपको बताते चलते है की आपको यहाँ पर एक से एक शानदार नज़ारे , हरे भरे घास के मैदान , चाय के बागान एवं काफी अच्छे नॅशनल पार्क भी देखने को मिल जाते हैं।

अगर आपकी नई नई शादी हुई है एवं आप घुमन्तु किस्म के इंसान है तो आपको यह जगह काफी पसंद आने वाला है। यहाँ घूमते वक्त आपको एक शानदार चर्च देखने को मिलता है एवं साथ ही यहाँ खाने के लिए भी आपको शानदार व्यवस्था देखने को मिलती है। इन्ही सब कारणों से यह पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा प्रशिद्ध हो जाती है।

आप यहाँ देखेंगे की इस जगह पर अंग्रेजो का अच्छा खासा प्रभाव रहा है। ऊटी में स्थित चाय की दुकान एवं यहाँ मिलने वाले चॉकलेट एवं बेकरी की आइटम्स इस दुकान को खास बनाते हैं। ऊटी अपनी खूबसूरती के लिए ब्रिटिश काल से ही पूरी विश्व भर में प्रशिद्ध है।

इस लेख के माध्यम से आप ऊटी के सभी दर्शनीय स्थलों के बारे काफी अच्छी जानकारी मिलने वाली है। तो आइये चलते हैं ऊटी के सैर में।

ऊटी के बारे में रोचक तथ्य

  • ऊटी का नाम भारत के खूबसूरत हिल स्टेशनों में शामिल है।
  • ब्रिटिश के शासन के समय ऊटी मद्रास प्रेसिडेंसी की राजधानी के रूप में प्रशिद्ध था।
  • ऊटी का एक नाम उटकमण्डलम भी है।
  • प्राचीन समय में यह टोंगा आदिवासियों का गड़ हुआ करता था।
  • यह पहाड़ो की रानी के रूप में भी जाना जाता है।
  • ऊटी को हनीमून कपल्स के द्वारा काफी पसंद किया जाता है।
  • यहाँ के भोजन में आप भारतीय एवं अंग्रेजी मशालों के सम्मिश्रण को देख सकते हैं।
  • यहाँ आपको चाय एवं काफी के बहुत सारे बागान देखने को मिल जायेंगे , इन्ही चीजों के लिए यह पुरे विश्व भर में प्रशिद्ध है।
  • ऊटी का सबसे ज्यादा विकाश आपको ब्रिटिश काल में ही हुआ है। उसी दौरान यहाँ पर चाय , सिनकोना एवं सागोन का उत्पादन शुरू हुआ था।
  • 1822 में यहाँ पर स्टोनहॉउस को निर्माण करवाया गया था। जिसे की आज के समय में गवर्नमेंट ऑफ कॉलेज के प्रिंसिपल के चेम्बर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ऊटी में घूमने के स्थल (Ooty Tourist Places in Hindi)

बॉटनिकल गार्डन

ऊटी में घूमने लायक पर्यटन स्थलों में यह बॉटनिकल गार्डन पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यह यहाँ की वनस्पतियों , झाड़ियों एवं उद्यानों के लिए जाना जाता है। इसका क्षेत्रफल 22 हेक्टेयर है। इस उद्यान का पूरा देख रेख तमिलनाडु के हार्टिकल्चर सोसाइटी के द्वारा किया जाता है।

बॉटनिकल गार्डन
बॉटनिकल गार्डन

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की आप अगर यहाँ पैदल ही घूमते हैं तब ही आप यहाँ के असली खूबसूरती का मजा ले सकते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों का पहला शौक यहाँ बॉटनिकल गार्डन ही घूमना होता है। आपको भी यह गार्डन काफी ज्यादा पसंद आने वाला है।

ऊटी टॉय ट्रेन

ऊटी में घूमने वाले पर्यटन स्थल में यहाँ का टॉय ट्रेन यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है। यदि आप ऊटी की प्राकृतिक वादियों , यहाँ के रोमांच को करीब से मजा लेना चाहते हैं तो आपके लिए यहाँ का यह टॉय ट्रैन सबसे अच्छा विकल्प है। यहाँ आने के बाद यदि आपने टॉय ट्रेन का मजा नहीं लिया तो समझिये की आपका ऊटी आना ही पूरी तरह से व्यर्थ हो जाता है।

ऊटी टॉय ट्रेन
ऊटी टॉय ट्रेन

इस ट्रैन के माध्यम से आप मेट्टुपालयंम से कुन्नूर तक की यात्रा को कर सकते हैं। यह आपको 5 घंटो में ऊटी पहुंचती है। यात्रा के दौरान आपका ट्रेन कई पुलों से काफी खूबसूरत वादियों से , पुलों से एवं सुरंगों से होकर जाती है। जो की आपके यात्रा को काफी ज्यादा खूबसूरत बनती है। इस ट्रेन की ट्रेक की लम्बाई 26 किलो मीटर है।

जनजातीय अनुसंधान केंद्र

ऊटी का जनजातीय अनुसन्धान केंद्र आपको ऊटी से 10 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है। इस जगह में आप ऊटी की स्थानीय जनजातीय की सभ्यता एवं संस्कृति की झलक को देख सकते हैं।

यहाँ आपको एक लाइब्रेरी भी देखने को मिलता है। इस जगह तक आप सड़कों के माध्यम से काफी अच्छी तरह से पहुँच सकते हैं।

पाइकारा झरना

ऊटी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यहाँ का पाइकारा झरना यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा खूब पसंद किया जाता है। इसे आप ऊटी से 20 किलोमीटर की दुरी में स्थित मैसूर रोड में देख सकते हैं। झरने के इर्द गिर्द आप टोडा जनजातियों का निवास स्थान देखने को मिल जायेगा।

पाइकारा झरना
पाइकारा झरना

यहाँ का प्राकृतिक सौन्दर्य एवं कल कल करता झरने का पानी का आकर्षण अपने और खींच ही लेता है। यहाँ आपके लिए स्पीड बोट की भी व्यवस्था है।

आसपास में आपको चीड़ का भी पेड़ देखने को मिल जाता है। साथ ही यहाँ पर्यटकों के लिए दुकान एवं रेस्तरां की भी अच्छी खासी व्यवस्था देखने को मिल जाती है। जिससे आपको यहाँ खाने पीने की कोई भी दिक्क्तों का सामना करना नहीं पड़ता है।

सेंट स्टीफंस चर्च

ऊटी में घूमने की जगह में यहाँ आपको एक चर्च भी देखने को मिलेगा जो सेंट स्टीफंस चर्च के नाम से प्रशिद्ध है। यह चर्च स्थापत्य कला एवं वास्तुकला के लिए काफी ज्यादा मशहूर है। ईसाईयों के द्वारा इस चर्च को काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। चर्च के अंदर आपको बेहद ही खूबसूरत पेंटिंग्स देखने मिलते हैं।

सेंट स्टीफंस चर्च
सेंट स्टीफंस चर्च

यहाँ आप देखेंगे की कांच पर बानी खिड़कियां की भी कारीगरी काफी ज्यादा अध्भुत लगती है। यहाँ आपको द लास्ट सफर के नाम से भी एक पेंटिंग्स देखने को मिलती है। कहा जाता है की चर्च में उपयोग होने वाली लकड़ियों को श्री रंगपत्तनम और टीपू सुल्तान के महल से लाया गया था।

ऊटी झील

ऊटी झील जो की यहाँ ऊटी में घूमने वाली स्थानों में काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। जॉन सुविलियन ने 1825 में इस झील का निर्माण करवाया था। इस झील के किनारे आपको शानदार हरा भरा माहौल देखने को मिलता है। इसके किनारे आपको काफी सूंदर फूलों के बगीचे भी देखने को मिलते हैं। जो की इस झील की खूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं।

ऊटी झील
ऊटी झील

इस झील में पर्यटकों के लिए काफी सारी वाटर स्पोर्ट्स की भी व्यवस्था देखने को मिलती है। जिनमे से कुछ के नाम इस प्रकार से हैं पेडल बोटिंग , रोबोट्स एवं मोटर बोटिंग्स।

साथ ही यदि आपको मछली पकड़ना अच्छा लगता है तो इसकी भी व्यवस्था आपको यहाँ मिल जाएगी। यहाँ आप अन्य पर्यटकों को मछली के चारा खरीदते हुए भी देख सकते हैं।

मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान

अगर आप प्रकृति प्रेमी है एवं प्राकृतिक वातावरण आपको खूब पसंद आता है तो ऊटी में घूमने वाले स्थानों में यह मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान आपको सचमुच काफी पसंद आने वाला है। 80 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान में आपको काफी सारी नदियाँ देखने को मिल जाएगी।

मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान
मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान

साथ ही यहाँ आपको काफी सारे विभिन्न प्रजाति के पशु पक्षी एवं जीव जंतु भी देखने को मिलते हैं। आप यहाँ आपने ट्रैकिंग के शोक को भी पूरा कर सकते हैं।

मदुमलाई वन्यजीव अभ्यारण्य

अगर आपको वातावरण से प्रेम है और आप प्रकृति प्रेमी है। साथ ही विभिन्न प्रजाति के पशु पक्षी एवं अन्य तरह के वन्यजीवों को देखने के शौकीन हैं तो आपको ऊटी में घूमने वाले जगह मदुमलाई वन्य जीव अभ्यारण में आपको अवश्य आना चाहिए।

मदुमलाई वन्यजीव अभ्यारण्य
मदुमलाई वन्यजीव अभ्यारण्य

ऊटी से 67 किलोमीटर की दुरी में स्थित यह अभ्यारण विषेश रूप से टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है। यहाँ आपको चीतल , हिरन सांभर के साथ साथ कई अन्य प्रकार के विलुप्त हो चुके जानवर भी देखने को मिल जायेंगे।

साथ ही यहाँ आपको विभिन्न प्रजाति के रंग बिरंगी पक्षियाँ भी देखने को मिल जाती है। जिसे आप अपने कैमरे में कैद कर अपनी यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना सकते हैं।

कालहट्टी वॉटरफॉल्स

ऊटी में घूमने वाले स्थानों में यह कलहट्टी वाटरफॉल आपको ऊटी से मात्र 13 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जायेगा जो की पाने खूबसूरत मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है। यहाँ की अध्भुत खूबसूरती पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है। जो की आपकी यात्रा को सचमुच में यादगार बना देता है।

कालहट्टी वॉटरफॉल्स
कालहट्टी वॉटरफॉल्स

साथ ही यहाँ आप अनेकों प्रकार की पर्वतीय पक्षियों को देख सकते हैं। एवं यहाँ आपको ना ना प्रकार के जानवर देखने को मिल जायेंगे जैसे की सांभर , चिता जंगली भैंसा आदि।

इस जल प्रपात की ऊंचाई 100 फुट है कहा जाता है कभी यह जगह हिन्दुओं के महान संत अगस्ता मुनि का निवास स्थान हुआ करता था।

ऊटी स्टोन हाउस

ऊटी का यह स्टोन हाउस ऊटी में बना यहाँ का सबसे पहला बंगला है और इस बंगले को जॉन सुलीवन के द्वारा ने 1822 बनवाया गया था। स्थानीय लोंगो के बीच यह काल बंगला के रूप में प्रशिद्ध है।

ऊटी स्टोन हाउस
ऊटी स्टोन हाउस

इस स्टोन हाउस को उस जगह बनवायी गयी थी जहाँ कभी टोडा जनजातियों का निवास स्थान हुआ करती थी। इस बंगले की वास्तुकला यहाँ पर्यटकों के बीच खासा चर्चा का विषय बना रहता है।

रोज़ गार्डन

ऊटी में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए ऊटी में घूमने वाली जगहों में यह रोज गार्डन पहली पसंद है। यह रोज गार्डन 4 हेक्टयेर की जमीन पर फैला हुआ है। यहाँ आपको 20000 से अधिक प्रकार के गुलाब के पौधे देखने को मिल जायेंगे।

रोज़ गार्डन
रोज़ गार्डन

अगर आप इस गार्डन में घूमने के लिए आ रहे हैं तो अपने साथ कैमरा लाना कभी भी न भूलें क्योंकि यहाँ चारों तरफ आपको गुलाब ही गुलाब देखने को मिलेंगे। अपने साथ यहाँ की तस्वीरों को आप याद के रूप में ले जा सकते हैं।

डाल्फिंस नोज

ऊटी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह डॉल्फिंस नोज अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पर्यटकों के बीच हमेशा चर्चा का विषय बना रहता है। साथ इस जगह में घूमना आपको एक अलग ही रोमांचकारी अनुभव देता है।

डाल्फिंस नोज
डाल्फिंस नोज

यहाँ पास में ही आपको एक खूबसूरत सा कैथरीन जल प्रपात देखने को मिलता है इसकी खूबसूरती को आप रोजाना कभी भी नहीं देख सकते हैं इसकी खूबसूरती को आप किसी खास दिन ही देख सकते हैं।

कहने का मतलब यदि आप किसी ऐसे दिन में यहाँ आते हैं तो जब यहाँ का मौसम बिलकुल ही साफ होता है तो फिर आप यहाँ के खूबसूरत वादियों का जी भर के मजा ले सकते हैं। यह स्थान पिकनिक स्पॉट के लिए भी काफी ज्यादा चर्चित है। यह अपने अध्भुत खूबसूरती के कारण ही लोंगो के बीच लोकप्रिय है।

कोटागिरी हिल

अगर आप ऊटी घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यहाँ के खूबसूरत हिल स्टेशन कोटा हिल स्टेशन में जरूर घूमने के लिए जाना चाहिए। यह हिल स्टेशन आपको ऊटी से मात्र 28 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जाता है।

कोटागिरी हिल
कोटागिरी हिल

इस हिल स्टेशन की अध्भुत प्राकृतिक सुंदरता के कारण इसका यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच इसका अलग ही क्रेज देखने को मिलता है।

यहाँ आने वाले पर्यटक यहाँ पर लम्बे समय के लिए ठहरना पसंद करते हैं। इसका एक वजह है यहाँ का खूबसूरत एवं सुहावना सा मौसम। यहाँ आपको काफी सारे चाय के बागान देखने को मिलेंगे।

हिमस्खलन झील

ऊटी में में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यहाँ आपको हिमस्खलन झील देखने को मिल जायेगा। जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है इस झील का नाम आपको यहाँ 18 साल पहले हुए किसी हिमस्खलन के करना ही पड़ा है।

हिमस्खलन झील
हिमस्खलन झील

यह झील आपको ऊटी से मात्र 28 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जाएगी। इस झील का आप पर्यटकों के बीच अच्छा खासा क्रेज देख सकते हैं। यह पर्यटकों के बीच मछली पकड़ने के लिए भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। अगर आप में मछली पकड़ने का शौक है तो आप इस शौक को भी काफी आसानी से पूरा कर सकते हैं।

झील के आसपास आपको दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु भी देखने को मिल जायेंगे। यहाँ पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग एवं राफ्टिंग के लिए भी काफी अच्छी व्यवस्स्था देखने को मिल जाएगी।

मुरुगन मंदिर

अगर आप धर्म एवं आस्था में विश्वास रखते हैं तो फिर ऊटी में घूमने लायक जगह मुरुगन मंदिर अवश्य जाना चाहिए। यह धार्मिक प्रवृति के लोगों के लिए काफी अच्छा पर्यटन स्थल एवं दर्शनीय स्थल है।

मुरुगन मंदिर
मुरुगन मंदिर

यूँ तो यहाँ आपको अनेकों मंदिर देखने को मिल जायेगा लेकिन उनमे से मुरुगन मंदिर है जो की यहाँ पर काफी ज्यादा प्रशिद्ध मंदिर है। देखने में यह मंदिर काफी विशाल एवं भव्य है। यहाँ आपको भगवान मुरुगन की प्रतिमा देखने को मिल जाएगी।

इस मंदिर में स्थित प्रतिमा की ऊंचाई 40 फ़ीट है। साथ ही इस मंदिर में आपको भगवान शिव पार्वती , गणेश कार्तिकेय एवं नव ग्रहों की प्रतिमा भी देखने को मिल जाती है।

मंदिर के आसपास आपको कावड़ी अट्टम नृत्य देखने को मिल जायेगा , जो की यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। जिस पहाड़ी पर यह मुरुगन मंदिर स्थित है उसके चारों तरफ काफी खूबसूरत हरे भरे जंगल देखने को मिलता है , उसकी अध्भुत प्राकृतिक वातावरण आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।

एमआरसी गोल्फ क्लब

अगर आप स्प्पोर्टस पर्सन हैं एवं खेलने कूदने के शौकीन हैं तो आपको यहाँ इसके लिए भी आपको काफी अच्छी व्यवस्था मिलने वाली है। ऊटी में घूमने के दौरान आपको एक एमआरसी गोल्फ क्लब देखने को मिलेगा , जिसे की आपके जैसे ही स्पोर्टमैन को ध्यान में रख कर बनाया गया है।

एमआरसी गोल्फ क्लब
एमआरसी गोल्फ क्लब

यह का गोल्फ क्लब है। जहाँ पर आप गोल्फ जैसे खेलों के जी भर के आनंद ले सकते हैं। इस गोल्फ क्लब का क्षेत्रफल 195 एकड़ है।

इसके चारों तरफ आपको काफी खूबसूरत हरियाली देखने को मिलती है , यहाँ चारों तरफ आपको ओक देवदार , रोडोडेंड्रोस एवं नीलगिरि जैसे पहाड़ियों के काफी सूंदर सूंदर वृक्ष देखने को मिलेंगे।

एमरॉल्ड लेक

एमराल्ड झील ऊटी में घूमने लायक जगहों में यह आपको ऊटी से मात्र 25 किलोमीटर की दुरी में साइलेंट वैली नाम के स्थान पर देखने को मिल जायेगा।

एमरॉल्ड लेक
एमरॉल्ड लेक

इस झील की खास विशेषता यह है की आपको इसके आस पास काफी सारे चाय के बागान देखने को मिल जाते हैं जो की इसकी खूबसूरती को और भी ज्यादा बड़ा देते हैं।

यह जगह अपने सनसेट एवं सनराइज के लिए लोंगो के बीच काफी लोकप्रिय है। इसे अपने याद के रूप में कैमरे में कैद कर सकते हैं।

नीडल रॉक व्यू-पॉइंट

ऊटी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह एक प्रशिद्ध व्यू पॉइंट है। जिसे की आप ऊटी से मात्र 51 किलोमीटर की दुरी में देख सकते हैं। ट्रैकिंग के शौक रखने वाले पर्यटकों को यह जगह खूब भाता है।

नीडल रॉक व्यू-पॉइंट
नीडल रॉक व्यू-पॉइंट

इस पहाड़ी का आकर बिलकुल ही नीडल जैसा है , इसलिए यह नीडल रॉक व्यू पॉइंट के नाम से प्रशिद्ध है। इस जगह में जाना सचमुच आपके लिए काफी रोमांचकारी अनुभव होता है इसके आसपास के शानदार नज़ारे को कभी भी आप भूल नहीं सकते हैं। साथ ही आप अपने सर के ऊपर से बादल को गुजरते हुए देख सकते हैं।

डोड्डाबेट्टा चोटी

ऊटी में घूमने लायक प्रशिद्ध जगहों में से एक नाम डोड्डाबेट्टा छोटी का भी आता है। ऊटी से मात्र 10 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद यह छोटी आपको देखने को मिल जाती है।

डोड्डाबेट्टा चोटी
डोड्डाबेट्टा चोटी

यह दक्षिण भारत की सबसे ऊँची छोटी में से एक है। इस चोटी की ऊंचाई 8606 फ़ीट है। इस जगह से आप पुरे नीलगिरि की खूबसूरती को अपनी खुली आँखों से देख सकते हैं।

यहाँ आपको एक टेलिस्कोप घर भी देखने को मिलता है , जहाँ पर पर्यटकों के लिए दो टेलिस्कोप भी रखा हुआ है। इन टेलिस्कोप की सहायता से आप यहाँ के पर्यटन स्थलों के शानदर नज़रों को काफी करीब से देख सकते है।

टी फैक्ट्री

ऊटी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में एक नाम यहाँ की चाय फैक्ट्री की भी आती है। अगर आप ऊटी घूमने के लिए जा रहे हैं तो ऊटी के टी फैक्ट्री का भर्मण करने का मौका बिलकुल भी न छोड़े।

अगर आप इस टी फैक्ट्री को घूमने के लिए आते हैं तो यहाँ के चाय के बनने की विभिन्न प्रक्रियाओं को अपनी खुली आँखों से देख सकते हैं एवं सारी प्रक्रियाओं को काफी अच्छी तरह से समझ सकते हैं। एवं घर वापसी के दौरान यहाँ के शुद्ध चाय को अपने साथ लाना कभी भी न भूलें।

ऊटी का प्रसिद्ध भोजन

अब अगर ऊटी में खाने पीने की बात करें तो आपको यहाँ पर सबसे ज्यादा चाय एवं चॉकलेट मिलेगा। क्योंकि ऊटी इन्ही दो चीजों के लिए प्रशिद्ध है। यहाँ आप नाना प्रकार के चाय एवं चॉकलेट की खरीदारी कर सकते हैं।

ऊटी में ब्रिटश के समय से ही यहाँ पर बेकरी के आइटम एवं बेकरी की दुकानें काफी ज्यादा प्रशिद्ध रहा है।

इन सब के अलावा आपको यहाँ एक से एक लजीज खाना एवं बेकरी की चीजें मिल जाएगी जिसका नाम कुछ इस प्रकार से है –

किंगस्टार कन्फेक्शनरी , साइड वॉक कैफे , सिंको चाइनीज़ रेस्टोरेंट एवं कबाब कॉर्नर।

ऊटी में मिलने वाली कुछ प्रशिद्ध खानों की नाम इस प्रकार से है :

  • शुगर फ्री चॉकलेट
  • बेकरी आइटम्स
  • केक
  • घर के बने बिस्किट
  • स्पिनाच पापपाई
  • फ़ायरवुड पिज्जा
  • नूडल्स
  • चिकन कवाब मटन
  • लैम्ब

ऊटी में रुकने की जगह

अगर आप ऊटी में घूमने का मन बना चुके हैं एवं यहाँ के बजट एवं रुकने की जगह को लेकर चिंतित हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की आपको रुकने के लिए आपको हर तरह के होटल का इंतजाम हो मिल जायेगा। कहने का मतलब आपको यहाँ सस्ते से सस्ते एवं महंगे से महंगे होटल मिल जाते हैं।

यहाँ आपको हर बजट में होटल मिल जाता है 1000 से लेकर 35000 तक के रेंज में आपको हर तरह के होटल यहाँ आपको मिलने वाला है।

ऊटी जाने का सही समय (Best Time to Visit Ooty)

यूँ तो यहाँ सालों भर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन ज्यादा भीड़ आपको यहाँ सिर्फ गर्मियों के समय में ही देखने को मिलता है। चूँकि यह एक हिल स्टेशन है। इसलिए गर्मियों के समय में यह काफी ठंडा रहता है।

वहीँ गर्मियों के मौसम में अन्य शहरों की बात करें तो पर्यटक अन्य शहरों में गर्मी से काफी ज्यादा परेशान रहते हैं।

एवं वही ऊटी के मौसम की बात करें तो आपको यहाँ पर 15 से 20 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान देखने को मिलता है। इस समय ऊटी का मौसम अन्य जगहों के मोसम से काफी ज्यादा सुहावना होता है। घूमने फिरने मौज मस्ती एवं चिल करने लायक रहता है।

ऊटी कैसे पहुंचे?

ऊटी तक पहुँचने के लिए मुख्यतः पर्यटकों के द्वारा तीन यातायात मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है – सड़क मार्ग , रेलवे मार्ग एवं हवाई मार्ग

जो भी आपको सही लगे उसका इस्तेमाल कर आप अपनी ऊटी की यात्रा को पूरा कर सकते हैं। वैसे ऊटी आने वाले ज्यादातर पर्यटक सिर्फ और सिर्फ हवाई यात्रा का उपयोग करते हैं। आपका बजट अगर हवाई यात्रा के लायक लायक है तो आपको भी हवाई यात्रा ही करना चाहिए।

अन्यथा आप यहाँ आने के लिए बस एवं ट्रेन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

बस द्वारा ऊटी घूमने के लिए कैसे जाएं?

क्योंकि भारत में ऊटी काफी प्रशिद्ध पर्यटन स्थल है इसलिए यहाँ का सड़क मार्ग पुरे देश के सड़क मार्ग से काफी जुड़ा हुआ है। भारत के किसी भी प्रमुख शहर से यहाँ आने की व्यवस्था अगर आप कर रहे हैं तो आपको यहाँ तक पहुँचने के लिए साधारण बसों से 6 घंटा एवं डीलक्स बसों से 4 घंटे का समय देना होता है।

ट्रेन से ऊटी घूमने के लिए कैसे जाएं?

अगर आप ट्रेन से ऊटी जाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको बताते चलें की यहाँ नजदीकी रेलवे स्टेशन कोयम्बटूर जंक्शन है। अगर आप दिल्ली से कोयंबटूर आने की सोच रहे हैं तो आप यह जान लें की दिल्ली से कोयम्बटूर के सीधे ही ट्रैन मिल जाती है।

एवं आगे की यात्रा आप बस एवं टैक्सी से पूरा कर सकते हैं। जो की आपको ऊटी तक ले जाने के लिए काफी होता है।

हवाई जहाज से ऊटी घूमने के लिए कैस जाएं?

अगर आप फ्लाइट के द्वारा ऊटी आ रहे हैं तो यह आपकी जानकारी के लिए काफी अच्छी बात होने वाली है आने से पहले आप यह जान लें की ऊटी का नजदीकी हवाई अड्डा कोयम्बटूर हवाई अड्डा है।

यह हवाई अड्डा देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डा से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप अपने शहर के नजदीकी हवाई अड्डा से आसानी से यहाँ के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।

ऊटी कैसे घूमे?

अगर आप ऊटी में घूमने के लिए जा रहे हैं और ऊटी में घूमने वाली सारी पर्यटन स्थलों को अच्छी तरह से घूमना चाहते हैं तो यहाँ कम से कम आपको 2 से 4 दिन जरूर से जरूर रुकना पड़ेगा। यहाँ पर्यटकों सुविधा को ध्यान में रखते हुए काफी शानदार एक ट्रेवलर बस की सुविधा आपको यहाँ देखने को मिल जाएगी। इस बस की सहयता से काफी कम खर्चों में मात्र 300 से 400 रूपये में काफी आसानी से एवं मजे मजे के साथ पुरे ऊटी का भर्मण कर सकते हैं।

लेकिन इस ट्रेवलर बस में आपको एक कमी देखने को मिलेगी आप यहाँ अपनी मन मर्जी से कभी भी ट्रेवलिंग नहीं कर सकते हैं मतलब की आपको ट्रेवलर बस के मालिक के हिसाब से ट्रेवलिंग करना होता है। और वह आपको सरे जगहों को काफी जल्दी जल्दी घूमने के लिए कहते हैं।

अगर आप सचमुच में काफी अच्छी तरह से ऊटी में घूमने लायक सारे जगहों का भर्मण करना चाहते हैं। तो आपको यहाँ एक टैक्सी बुक कर लेना चाहिए जिसमे आप बड़े इत्मीनान से अपने परिवार के साथ पुरे ऊटी में काफी आसानी से घूम सकते हैं। जिसका किराया 2500 से 3000 के बीच पड़ता है।

ऊटी में घूमने का खर्चा

अगर आप साधारण तरीके ऊटी में घूमने वाले सारे पर्यटन स्थलों के भ्रमण करना चाहते हैं। इसके लिए अगर आप 2 लोंगो के साथ ऊटी में घूमने का प्लान बना चुकें हैं तो इसके लिए आपको 3000 से 4000 खर्च करना होता है। इतने कम खर्चों में आप सिर्फ साधारण बस , स्लीपर क्लास के रेलवे टिकट से ही यात्रा कर सकते हैं।

इसके अलावा यहाँ का खर्चा घाट बढ़ भी सकता है। यह आपके घूमने फिरने के तौर तरीकों पर निर्भर करता है। किस तरह के ट्रांसपोर्टेशन का उपयोग आप करते हैं , ठहरने के लिए किस प्रकार के होटल में रहना पसंद करते हैं। खाने पीने के लिए कौन सा डिश इस्तेमाल करते हैं।

ऊटी घूमते वक्त साथ में क्या रखें?

आप कहीं भी घूमने के लिए जा रहे हैं तो इसके पहले आपको कुछ विशेष बातों का खास ध्यान रखना होता है। जैसे घूमने जाने से पहले कुछ जरुरी चीजों को साथ में रखना होता है। सबसे पहले अपने जरुरी कागजातों को हमेशा अपने पास रखा करें। कुछ कैश रुपयों को भी अपने साथ रखें।

इन सब के अलावा आपको अपने साथ खाने पीने के लिए ड्राई फ्रूट्स एवं नट्स जरूर रखना चाहिए। साथ ही साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल किये जाने वाले जरुरी दवाइयों को अपने साथ अवश्य रखें।

FAQ

ऊटी क्यों प्रशिद्ध है ?

ऊटी अपने चाय के बागानों एवं यहाँ के बेकरी स्टोर के लिए प्रशिद्ध है।

ऊटी घूमने के लिए कितने दिन का समय चाहिए होता है ?

आप 2 से 3 दिनों में पुरे ऊटी को घूम सकते हैं।

ऊटी में कौन सा रेलवे स्टेशन है ?

ऊटी में कोयम्बटूर रेलवे स्टेशन है ?

ऊटी की चॉकलेट इतनी प्रशिद्ध क्यों है ?

क्योंकि यहाँ पर ज्यादातर कोको की खेती की जाती है।

ऊटी का पुराना नाम क्या है ?

ऊटी को पहले उदगमंडलम के नाम से जाना जाता था।

ऊटी को हिल स्टेशनों की रानी क्यों कहा जाता है ?

ऊटी अपने अध्भुत खूबसूरती , यहाँ के चाय बागानों एवं झीलों के कारण हिल स्टेशन के रानी के रूप में प्रशिद्ध है।

निष्कर्ष

मेरे इस लेख में आपको ऊटी में घूमने वाली सारी जगहों (ooty me ghumne ki jagah), के बारे में , जैसे की कब जाना चाहिए , कैसे जाना चहिये , कहाँ रुकना चाहिए। इन सारी चीजों की जानकारी आपको इस लेख में काफी सरल शब्दों में मिलने वाली है।

अगर मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपके किसी भी काम आयी हो तो इसे आप इसे अपने दोस्तों के साथ , रिश्तेदारों के शेयर करने का मौका कभी भी न छोड़े।

साथ ही यदि मेरे इस लेख में आपको किसी भी तरह की त्रुटि आपको देखने को मिलती है तो इसे कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।

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