15+ प्रयागराज (इलाहाबाद) में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

Prayagraj me Ghumne ki Jagah : मेरे इस लेख में आप प्रयागराज में घूमने की जगह , प्रयागराज में घूमने का सही समय कब जाना चाहिए , कैसे जाना चाहिए , वहाँ जा कर आप किस किस तरह के मौज मस्ती कर सकते हैं। इन सारी चीजों की जानकारी मैंने अपने इस लेख में काफी आसान शब्दों में समझाने का कोशिश किया है।

प्रयागराज में घूमने की जगह ,जाने का समय एवं खर्चा

पहले के समय में यह कौशांबी के नाम प्रशिद्ध हुआ करता था। मुगल काल के दौरान इसे जगह का नाम बदल कर के इलहाबाद कर दिया गया था। फिर 2018 में योगी आदित्यनाथ जी ने इस जगह का नाम बदलकर के प्रयागराज कर दिया।

वैसे आज के समय में यह जगह अपने त्रिवेणी संगम के कारन प्रशिद्ध है। यहाँ आप तीन नदियों को मिलते देख सकते हैं। इसलिए यह आज के समय में संगम नगरी के नाम से प्रशिद्ध है।

उत्तर प्रदेश में स्थित यह प्रयागराज अपने दर्शनीय स्थलों एवं पर्यटन स्थलों के बीच काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। हिन्दुओं के लिए यह काफी पवित्र तीर्थ स्थल है। यहाँ आपको घूमने के लिए एवं मौज मस्ती के लिए भक्ति के साथ और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। यहाँ भर्मण के दौरान देशी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक देखने को मिलते हैं।

यहाँ आप विश्व के सबसे बड़े मेले को देख सकते हैं जो की यहाँ कुम्भ मेले के रूप में प्रशिद्ध है। यह मेला 12 वर्षों में एक बार एवं 6 वर्षों में दूसरी बार अर्धवार्षिकमेले के रूप में लगती है। प्रयाग राज खासकर यहाँ लगने वाले कुम्भ मेले के कारण ही पुरे विश्व में प्रशिद्ध है।

अगर आप प्रयागराज में घूमने वाले जगहों एवं उससे सम्बंधित जानकरी काफी आसान एवं सरल शब्दों में लेना चाहते हैं तो मेरे इस लेख में आपको शुरू से अंत तक बने रहने की जरूरत है।

प्रयागराज के बारे में रोचक तथ्य

  • प्रयागराज पहले इलाहबाद के नाम से प्रशिद्ध हुआ करता था।
  • यहाँ आप प्रत्येक 12 वर्षों में कुम्भ का मेला देख सकते हैं।
  • योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा 2018 में इलाहबाद का नाम बदलकर के प्रागराज कर दिया गया था।
  • सन 1920 महात्मा गाँधी ने यही से आंदोलन की शुरुवात की थी।
  • उत्तर प्रदेश के काफी सारे मुख्य कार्यालय आपको यहाँ पर देखने को मिल जाते हैं।
  • यहाँ आप विक्टोरिया महल पार्क भी देख सकते हैं , जिसे की बनाने में काफी खूबूसरत संमरमर का इस्तेमाल हुआ है।
  • इस शहर का नामकरण नेहरू जी के द्वारा किया गया था।
  • अगर आप वर्ड्स लवर है तो आपके लिए यह काफी खूबसूरत वीकेंड डेस्टिनेशन हो सकता है।
  • आज समय में धार्मिक आस्था के रूप में प्रशिद्ध यह शहर पहले कभी प्रधानमंत्री का शहर हुआ करता है।
  • हिन्दुओं के लिए यह काफी पवित्र स्थल है।

प्रयागराज में लोकप्रिय पर्यटक स्थल (Prayagraj Tourist Places in Hindi)

इलाहाबाद का किला

अगर आप इलाहबाद घूमने के लिए जा रहें तो आपको सबसे पहले इलाहबाद के किले को घूमने जरूर से जरूर जाना चाहिए। इलाहबाद घूमते समय यदि आप इस किले न घूमें तो फिर आपका इलाहबाद आने का क्या फायदा। 1583 में बने इस किले में आपको बेहतरीन वास्तुकला देखने को मिलती है। इस किले की प्रशिद्ध का अंदाजा इस बात से लगाया जाता है की आज के समय यह किला सिर्फ और सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। अपनी यात्रा के दौरान आप यहाँ काफी सारे विदेशी पर्यटकों को देख सकते हैं।

Akbar Fort
Akbar Fort

लेकिन इस किले को आप अंदर पूरी तरह से भर्मण कभी भी नहीं कर सकते हैं। इस किले अच्छी तरह से घूमने के लिए आपको यहाँ कुम्भ मेले के समय में आना पड़ेगा , क्योंकि इसी समय में आपको पूरी तरह से खुला हुआ मिलेगा ।

जवाहर तारामंडल

अगर आप साइंस में रूचि रखते है और आपको यूनिवर्स के बारे में पड़ना लिखना अच्छा लगता है। एवं इन सारी चीजों के बारे में जानकारी हासिल करना अच्छा लगता है तो आपको प्रयागराज में घूमने की जगहों में जवाहर तारामंडल में जरूर से जरूर आना चाहिए। इस तारा मंडल का निर्माण 1979 को करवाया गया था।

Jawahar Planetarium, Allahabad
Jawahar Planetarium, Allahabad

इस तारामंडल में आपको ग्रहों नक्षत्रों , खगोलय पिंडों के बारे में काफी कुछ जानने को मिलता है। यहाँ आप ग्रहों एवं अंतरिक्ष जुड़े कई शो देख सकते हैं। यह तारामंडल आपको आनंद भवन के नजदीक ही देखने को मिलता है। यहाँ प्रत्येक साल जवाहरलाल नेहरू लेक्चर नाम का एक शानदार कार्यक्रम आयोजन होता है।

विनायक सिटी सेंटर मॉल प्रयागराज

आप प्रयागराज में घूमने के लिए जा रहे हैं और शॉपिंग न करें ऐसा हो ही नहीं सकता है। प्रयागराज में घूमने के दौरान यदि आप शॉपिंग करने का मन हो रहा है तो आपको प्रयागराज में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में सिटी सेंटर माल जरूर से जरूर आना चाहिए। यह आपको सिटी सेण्टर में मिल जायेगा। यह आपको सरदार पटेल से आगे सिविल लाइन पर देखने को मिल जायेगा।

Vinayak City Center
Vinayak City Center

पुरे प्रयागराज में घूमने के बाद आप यहाँ पर शॉपिंग के लिए आ सकते हैं एवं आप यहाँ हर तरह के शॉपिंग कर हैं। आपकी जितनी भी मर्जी है शॉपिंग कर सकते हैं। यहाँ आपको घूमने फिरने के लिए भी काफी कुछ की व्यवस्था मिल जाएगी। जहाँ आप भरपूर मौज मस्ती कर सकते हैं।

यहाँ घूमने फिरने के दौरान बिलकुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहाँ आपको खाने पीने के लिए हर संभव व्यवस्था की गयी है। खाने एवं गेमिंग की व्यवस्था आपको तीसरे फ्लोर में देखने को मिल जाती है। यहाँ आपको एक सिनेमा घर भी देखने को मिलता , जिसमे आप अपने पसंद की फिल्मों को देख सकते हैं। और अपने ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

ऑल सेट्स कैथेड्रल

प्रयागराज में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह काफी प्रशिद्ध चर्च है। सिविल लाइन में स्थित यह चर्च पुरे विश्व में प्रशिद्ध है। इस चर्च को बनवाने में लाल बलुवा पत्थर का इस्तेमाल किया गया था और यह 1879 में बनकर तैयार हुआ था। इस चर्च की डिजाइन विलियन एमरसन के द्वारा विश्व विख्यात वास्तुविद विलियन एमरसन के द्वारा किया गया था। इस चर्च की अध्भुत कारीगरी देखते ही बनती है। आपको ऐसा अनुभव होता है जैसे की आप रोमन साम्राज्य के सामने खड़े हैं। इसे आप प्रयागराज में एम जी रोड के सामने देख सकते हैं। यहाँ आपको एकदम से शांत एवं स्थिर वातावरण देखने को मिल जाता है। इसके आसपास आप क्रिस्चन समुदाय के लोगों का ज्यादा भीड़ भाड़ देखने को मिलता है।

All Saints Cathedral
All Saints Cathedral

इलाहाबाद का कुंभ मेला

प्रयागराज का कुम्भ मेला हिन्दुओं के आस्था का सबसे बड़ा मेला है। यह मेला 12 वर्षों में एक बार लगता है। इस समय यहाँ आपको करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु देखने को मिलते हैं। जिसमे आप देश विदेश दोनों तरह के श्रद्धालुओं को देख सकते हैं। इस पवित्र नदी में डुबकी लगाने के लिए यहाँ सिर्फ देशी ही नहीं बल्कि विदेशी श्रद्धालुओं भी काफी दूर दूर से आते हैं। कहा जाता है की यदि आप इस संगम के पवित्र नदी में आप एक बार स्नान कर लेते हैं तो आपके सारे पाप धूल जाते हैं। और आप मोक्ष के भागी बन जाते हैं।

यह कुम्भ मेला कुछ विशेष शहरों में ही लगता है जैसे की हरिद्वार, इलाहबाद , नासिक एवं उज्जैन।

अशोक स्तंभ

अशोक स्तंभ प्रयागराज में घूमने वाले स्थानों यह किला काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यह पर्यटन स्थल इलाहबाद के बहार ही देखने को मिल जाता है। इस किले को 16 वीं शताब्दी में अकबर के द्वारा बनवाया गया था। इस स्तंभ के बाहरी दीवारों में आपको ब्राह्मी लिपि पढ़ने को मिल जायेगा।

Kumbh Mela
Kumbh Mela

अल्फ्रेड पार्क

अल्फ्रेड पार्क जो की चन्द्रशेखर पार्क के नाम से भी जाना जाता है। एवं इसे कम्पनी बाग़ के नाम से भी जाना जाता है। इस पार्क का क्षेत्रफल 133 एकड़ है।

Ashoka Pillar
Ashoka Pillar

अल्फ्रेड पार्क प्रयागराज में घूमने वाले स्थानों में सबसे बड़े पार्क के रूप में प्रशिद्ध है। इसी पार्क में चंद्र शेखर आजाद ने खुदखुशी कर ली थी। जब अंग्रेजों के द्वारा इसे चरों तरफ से घेर लिया गया था तब उन्होंने खुद को आत्मसम्पर्ण करने के बजाय खुद को गोली मरना सही समझा।

खुसरो बाग

खुसरो बाग़ को जहाँगीर ने अपने बेटे खुसरो के लिए करवाया था। यहाँ आप खुसरो एवं उनकी माँ दोनों की ही समाधी एक ही जगह पर आसपास देखने को मिलती है। यह आपको रेलवे स्टेशन के पास ही देखने को मिल जायेगा। खुसरो बाग प्रयागराज में घूमन वाले स्थानों में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। इसे बनाने में बलुवा पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। इसके आसपास आपको काफी खूबसूरत बागबगीचा भी देखने को मिलता है। जिसकी खूबसूरती पर्यटकों को काफी ज्यादा आकर्षित करती है।

Chandrshekhar Azad Park
Chandrshekhar Azad Park

इलाहाबाद का फेमस पब्लिक लाइब्रेरी

इलाहबाद का यह सुप्रशिद्ध लाइब्रेरी आपको अल्फ्रेड पार्क के सामने ही देखने को मिल जाता है। यह मेयन मेमोरियल लाइब्रेरी के नाम से भी जाना जाता है यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी लाइब्रेरी के रूप में प्रशिद्ध है।

Khusro Bagh
Khusro Bagh

वर्तमान समय में आपको 125,000 से ज्यादा पुस्तकें देखने को मिल जाती है। साथ ही यहाँ आपको 40 अलग अलग प्रकार की पत्रिकाएं देखने को मिलती है। सारी पत्रिकाएँ आपको अलग अलग भाषओं में मिल जाती है।

मिन्टो पार्क, मनकामेश्वर मन्दिर, सरस्वती घाट

अगर आप अपने परिवार वालों के साथ एवं बच्चों के साथ प्रयागराज में घूमने के लिए आ रहें हैं तो आपको मिंटो पार्क में जरूर से जरूर आना चाहिए। इस पार्क को मदन मोहन मालवीय पार्क भी कहा जाता है। यह पार्क काफी हरा भरा पार्क है। अगर आप प्राकृतिक वातावरण के शौकीन हैं तो आपको यह पार्क काफी ज्यादा पसंद आने वाला है। यहाँ आप शांति के कुछ पल बिता सकते हैं। जो आपको स्ट्रैस भरे लाइफ में कुछ शकुन के पल देता है। इस पार्क का नाम लार्ड मिंटो के नाम पर रखा गया था। जो की ब्रिटिश शासन के समय में भारत के वायसराय हुआ करते थे।

यहाँ बच्चों के मौजमस्ती के लिए काफी कुछ है। बच्चे यहाँ झूले के साथ साथ बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं। यहाँ आपको पत्थर से बना एक समारक देखने को मिल जाता है , जिसके ऊंचाई में आपको चार सिंह देखने को मिल जायेंगे।

Prayag Raj Public Library
Prayag Raj Public Library

अगर आप भक्ति भावना वाले इंसान हैं और आपको पूजा अर्चना करना अच्छा लगता है तो आप यहाँ पर स्थित मनकामेश्वर मंदिर में पधारने का कष्ट अवश्य करें क्योंकि यह भगवान शिव का मंदिर है और यहाँ भगवान शिव पूजा अर्चना होती है। यहाँ हर सोमवारी को शिव भक्त जलाभिषेक करने के लिया आते हैं। कहा जाता है ऐसा करने पर भगवान शिव अपने भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं।

इन सब के आलावा घूमने लायक आपको और जगह मिल जायेगा जो की सरस्वती घाट के नाम से प्रशिद्ध है। यह घाट भी पर्यटकों के लिए काफी ज्यादा प्रशिद्ध है।

लेटे हनुमान मन्दिर

प्रयागराज में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में आपको एक हनुमान जी का ऐसा मंदिर भी देखने को मिलता है जिसमे आप हनुमान जी के लेते हुए मूर्ति को देख सकते हैं। वैसे तो हनुमान जी का लेटा हुआ मूर्ति आपको देश के अन्य कोने में भी देखने को मिल जायेगा। धर्म ग्रंथो के अनुसार पुराणों में लेटे हुए हनुमान जी के मंदिर का जिक्र आपको पुराणों में देखने को मिलता है।

 Mankameshwar Temple Prayagraj
 Mankameshwar Temple Prayagraj

इस मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए आपको पहले संगम में स्नान करना होता है इसके बाद आप मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं। यहाँ पूजा अर्चना करने के बाद आपको काफी आध्यात्मिक अनुभव की प्राप्ति होती है। यहाँ इस मंदिर के आँगन में ही आपको श्री राम जानकी मंदिर भी देखने को मिल जाता है। इसके आसपास आपको और भी कई सारी मंदिरें देखने को मिल जाती है। इनका दर्शन करना एवं पूजा करना आपके लिए काफी गुड लॅक होता है।

इलाहाबाद का प्रसिद्ध अलोपी देवी मंदिर

वैसे तो प्रयागराज हिन्दुओं के लिए काफी पवित्र स्थान है। आपको यहाँ गंगा यमुना सरस्वती तीनों नदियों का संगम देखने को मिलता है। प्रयागराज में घूमने लायक स्थानों में यहाँ आपको एलोपी बाग भी देखने को मिलता है और इस बाग में आप एक शानदार सा मंदिर देख सकते हैं। इस मंदिर में हिन्दुओं का काफी भीड़ देखने को मिलता है एवं यह हिन्दुओं के आस्था का केंद्र है।

Alopi Sankari Devi Shakti Peeth Temple
Alopi Sankari Devi Shakti Peeth Temple

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासीयत यह है की आपको यहाँ किसी भी प्रकार की कोई भी मूर्ति देखने को नहीं मिलती है। यहाँ आपको लकड़ी का बना हुआ एक रथ देखने को मिलता है। इस मंदिर में आप शिव भक्तोंके भीड़ को देख सकते हैं। सावन के महीनों यहाँ आपको शिव भक्तो का सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलता है।

इलाहाबाद के फेमस बड़े हनुमान जी का मंदिर

हनुमान जी का यह मंदिर आपको इलाहबाद के संगम क्षेत्र में देखने को मिल जाता है। यह मंदिर बाकि अन्य मंदिर से काफी अलग है यह मंदिर आपको जमीन के निचे देखने को मिलेगा।

Hanuman ji temple Prayagraj
Hanuman ji temple Prayagraj

यहाँ आप देखेंगे की हनुमान जी की मूर्ति पीछे की और झुकी हुई रहती है। यहाँ आपको शनिवार एवं मंगलवार के दिन हनुमान जी के भक्तों का काफी ज्यादा भीड़ आपको देखने को मिल जायेगा।

भारद्वाज पार्क

जैसा की इसके नाम से ही आभास होता है। यहाँ भारद्वाज ऋषि का एक विशाल सा प्रतिमा आपको यहाँ देखने को मिलता है। जिसका पर्यटकों के बीच अपना एक अलग ही क्रेज है। साथ ही यहाँ पर्यटकों के मनोरंजन के लिए काफी सुंदर एवं आकर्षक सा पार्क देखने को मिलता है। जो की यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा खूब पसंद किया जाता है।

Shri Bade Hanuman Mandir
Shri Bade Hanuman Mandir

यह भारद्वाज पार्क को आप आनंद भवन से मात्र 5 से 10 किलोमीटर की दुरी में देख सकते हैं। पार्क से 200 मीटर आगे की और जाने पर यहाँ आपको एक भरद्वाज आश्रम देखने को मिल जाता है। साथ ही यहाँ आपको एक माधव मंदिर भी देखने को मिल जाता है।

इलाहाबाद का आनंद भवन

इलाहबाद का आनंद भवन यह कभी नेहरू परिवार का निवास स्थान हुआ करता था। वर्तमान समय आप देख सकते हैं की आजादी के समय में यहाँ किस प्रकार से आनंद भवन का इस्तेमाल किया गया है। यह एक पौराणिक एवं ऐतिहासिक भवन है। इस भवन का निर्माण मोतीलाल नेहरू ने करवाया था। एवं यह भवन 1926 में बनाकर तैयार था। इसकी वास्तुकला देखते ही बनती है , यह पर्यटकों को खूब पसंद आता है। यह दो मंजिली इमारत इस देश की आजादी का सबुत है।

Anand Bhawan Museum
Anand Bhawan Museum

आजादी के समय में इस इमारत का इस्तेमाल यहाँ के स्वतन्रता सेनानी द्वारा किया जाता था। इंद्रा गाँधी के द्वारा इस भवन को 1970 में भारत सरकार को दान में दे दिया गया था। आज के समय में यह ऐतिहासिक इमारत की देखभाल भारत सरकार के द्वारा की जाती है।

इलाहाबाद का फेमस माघ मेला

प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला को छोटा कुम्भ मेला के रूप में प्रशिद्ध है। यह मेला पुरे विश्व में प्रशिद्ध है। यहाँ आपको देशी विदेशी दोनों ही तरह के पर्यटक ही देखने को मिलते हैं प्रत्येक वर्ष के यहाँ आप लाखों की संख्या में पर्यटकों देख सकते हैं।

Magh Mela
Magh Mela

इलाहाबाद का फेमस त्रिवेणी संगम

यदि आप प्रयागराज में घूमने के लिए आ रहे हैं और आप प्रयागराज में घूमने वाले सारे पर्यटन स्थलों एवं दर्शनीय स्थलों के भर्मण कर लेते हैं। लेकिन यहाँ के त्रिवेणी संगम का दर्शन नहीं करते हैं तो आपका यहाँ आना बिलकुल भी व्यर्थ हो जाता है। इस त्रिवेणी संगम को आप इलाहबाद के सिविल से 8 किलोमीटर की दुरी देख सकते हैं। यहाँ पर आपको तीनो नदियों गंगा, यमुना एवं सरस्वती का मिलन देखने को मिलता है। इसी कारण से इसे संगम कहा जाता है। आज के समय में यहाँ सरस्वती नदी पूरी तरह से सुख जाने के कारण यहाँ आपको सिर्फ गंगा एवं यमुना ही देखने को मिलता है।

Triveni Sangam
Triveni Sangam

धर्म ग्रंथो एवं पुराणों के कारण गंगा , यमुना एवं सरस्वती को काफी पवित्र एवं पूजनीय नदी माना जाता है। यहाँ की धार्मिक मान्यता है की यदि आप इस नदी में डुबकी लगते हैं तो आपके सारे पापों का नाश हो जाता है। इस घाट में लोग पिंड दान के दौरान अपने पितरों को दान एवं अस्थियों का विसर्जन के लिए आते हैं। यहाँ का मोरम दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। आप जैसे पर्यटकों के लिए यहाँ पर नौका विहार की भी काफी अच्छी व्यवस्था है।

इलाहाबाद में कपल के लिए घूमने लायक जगह (Places to Visit in Allahabad for Couples)

  • कटरा बाजरा इलाहबाद
  • विनायक सिटी सेंटर माल इलाहबाद
  • इलाहबाद म्युसियम
  • अरेल गंगा घाट
  • जवाहर जवाहर तारामंडल
  • आनंद भवन संग्रहालय
  • चर्च
  • खुसरो बाग
  • फन गांव वाटर पार्क
  • चंद्रशेखर आजाद पार्क
  • नैनी ब्रिज
  • यमुना नदी की सवारी
  • अक्षय वाट

इलाहाबाद में प्रसिद्ध मंदिर (Famous temples in Prayagraj)

  • पातालपुरी किला
  • त्रिवेणी संगम
  • तक्षकेश्वर नाथी
  • शंकर विमान मंडपम
  • बड़े हनुमान जी मंदिर
  • हनुमान निकेतन
  • सोमेश्वर महादेव मंदिर
  • अलोपी देवी मंदिर प्रयागराज
  • मनकामेश्वर मंदिर

प्रयागराज में खाने के लिए क्या क्या फेमस है?

जैसा की आप ने ऊपर पढ़ ही लिया है प्रयागराज अपने घूमने फिरने वाले पर्यटन स्थलों के लिए काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यह जगह सिर्फ अपने घूमने फिरने वाले जगहों के लिए ही प्रशिद्ध नहीं है। यहाँ आपको का से एक लजीज व्यंजन के स्वाद मिल जायेंगे। यहाँ के कुछ प्रमुख व्यंजनों के नाम इस प्रकार से हैं – कचौरी ,लस्सी चाट एवं हलुवा। यहाँ आपको एक हरी नमकीन वाले की भी दुकान मिल जाती है जिसके समोसे की पर्यटकों के बीच एक अलग ही पहचान है।

अगर आप चटपटे बिरयानी एवं कवाब के शौकीन हैं तो आपको इसकी भी भरपूर व्यवस्था आपको यहाँ मिल जाती है। अगर आप मिठाई पसंद है तो आप जलेबी एवं पेड़ा का स्वाद चखना बिलकुल भी न भूलें। यहाँ आपको एक हिरा हालवाई मिलेगा ,जिसकी गरी के बर्फी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है, इसके स्वाद को चखने का मौका कभी भी न छोड़े।

प्रयागराज में रुकने की जगह

यहाँ आपके रुकने के लिए सस्ते एवं महंगे दोनों तरह के होटल की व्यवस्था देखने को मिल जाती है। आप अपने बजट के अनुसार होटल को चुन सकते हैं। एवं आप अगर इससे भी सस्ता कुछ चाहते हैं तो आपको यहाँ आपके लिए यहाँ का धर्मशाला काफी अच्छा विकल्प हो सकता है।

प्रयागराज घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

अब बात करते हैं प्रयागराज में घूमने जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का समय होता है जो की मार्च से अप्रैल तक पड़ता है।

एवं यहाँ कुम्भ के मेले का आयोजन माघ मेले में किया जाता है। इस महीने में आप यहाँ लाखों की संख्या में पर्यटकों को देख सकते हैं। इसलिए जब कभी भी घूमने की यजना बनायें हमेशा सर्दियों में ही बनायें। क्योंकि यह महीना घूमने के लिए काफी अच्छा महीना होता है। ऐसे जगहों में गर्मियों के समय में अत्यधिक गर्मी के कारण आप यहाँ घूमने फिरने का मजा बिलकुल भी नहीं ले पाएंगे और वर्षा ऋतू में इन नदियों में स्नान करने की शक्त मनाई है।

प्रयागराज कैसे पहुंचें?

आप भारत के किसी भी शहर से क्यों न हों। आप प्रयागराज भारत के किसी भी शहरों से काफी आसानी से पहुँच सकते हैं। प्रयागराज तक जाने के लिए आपके पास तीन विकल्प है – सड़क मार्ग, ट्रैन मार्ग एवं हवाई मार्ग।

सड़क मार्ग के द्वारा कैसे जाएं?

अगर आप सड़को के द्वारा प्रयागराज में जाने के बारे में सोच रहें तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की , प्रयागराज NH 2 में पड़ता है। इस मार्ग के द्वारा आप काफी आसानी से प्रयागराज तक जा सकते हैं। यहाँ आपको बिलकुल ही भीड़ देखने को नहीं मिलेगी।

यहाँ पहुँचने के लिए आप सरकारी या प्राइवेट बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही यदि आप परिवार वालों एवं किसी भी निजी साधनो के द्वारा यहाँ आने चाहते हैं तो बेशक आ सकते हैं।

ट्रेन के द्वारा कैसे जाएं?

उत्तर मध्य भारतीय रेलवे का मुख्यालय प्रयागराज में स्थित है। भारत के प्रमुख शहर दिल्ली कोलकाता असम से यहाँ के लिए काफी सारी ट्रेने चलती है। अगर आप इस शहर के आसपास किसी भी शहर से हैं जैसे कानपूर ,बनारस ,दिल्ली एवं आगरा तो आपको बिलकुल भी प्रयागराज तक जाने के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इन शहरों से प्रयागराज के लिए दिन भर ट्रैन चलती रहती है।

हवाई मार्ग के माध्यम से

यदि आप हवाई यात्रा के शौकीन हैं तो फिर आपकी जानकारी के लिए बता दें की प्रयागराज का हवाई अड्डा भारत के अलग अलग शहरों से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। प्रयागराज का निकटतम हवाई अड्डा बमरौली हवाई अड्डा है। घरेलू उड़ान के लिए यह दिल्ली , मुंबई ,कोलकाता एवं चेन्नई बेंगलुरु ,हवाई अड्डा से आपको आसानी से फ्लाइट मिल जाती है।

IXD प्रयागराज हवाई अड्डा का कोड है। यहाँ नजदीक हवाई अड्डा में लखनऊ का चौधरी चरण सिंह एवं लाल बहादुर शास्त्री का नाम आता है।

प्रयागराज (इलाहाबाद) कैसे घूमे?

अब बात आती है प्रयागराज के अंदर घूमने की यदि आप प्रागराज के अंदर घूमने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके लिए आपको ई रिक्शा टेम्पों एवं सरकारी बसों का इस्तेमाल करना होता है। आपको यहाँ पर कैब की सुविधा मिल जाती है। इन वाहनों का इस्तेमाल करके आप अच्छा खासा पैसा भी बच्चा सकते हैं।

प्रयागराज (इलाहाबाद) घूमने का खर्चा

प्रयागराज में घूमने के लिए 2 से 3 दिनों में आपको 9 से 10 हजार खर्चा करना आपके लिए बिलकुल भी घाटे का सौदा नहीं है। इतने काम बजट में आप खाने पीने , घूमने फिरने एवं रहने तीनों का ही काफी अच्छी तरह से एन्जॉय कर सकते हैं।

अगर आप रहने के लिए धर्मशाला का इस्तेमाल करते हैं तो आप काफी कम खर्चे में ही रहने की व्यवस्था कर सकते हैं। इस तरह से अपनी यात्रा में आप काफी पैसा को बचा सकते हैं।

प्रयागराज घूमते वक्त अपने साथ क्या रखें?

जैसा की आपको ऊपर ही जानकारी मिल चूका है प्रयागराज में घूमने वाले दर्शनीय स्थलों को भर्मण करने का सबसे अच्छा समय सर्दियों में ही होता है। इसलिए जब कभी भी आप यहाँ पर घूमने के लिए आते हैं तो आपने साथ सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले गर्म कपडे स्वेटर जैकेट , कम्बल अपने साथ रखना बिलकुल भी न भूलें।

FAQ

प्रयागराज जाने के लिए कितने दिन चाहिए ?

प्रयागराज को आप 2 से 3 दिनों में काफी अच्छी तरह से घूम सकते हैं।

प्रयागराज कहाँ पर है ?

प्रयागराज उत्तर प्रदेश में है। जो की हिन्दुओं के लिए काफी पावन भूमि मानी जाती है।

प्रयागराज में तक पहुँचने के लिए सबसे अच्छा माध्यम कौन सा है ?

यहाँ आप पहुँचने के लिए आपके पास तीनों विकल्प है – ट्रेन के द्वारा , बस के द्वारा एवं हवाई के द्वारा ।

प्रयागराज में इतनी गर्मी क्यों है ?

जैसा की आपको पहले ही पता है यहाँ पर गंगा यमुना एवं सरस्वती का संगम है। एवं यहाँ पर अधिकांश क्षेत्र में आपको सिर्फ गंगा एवं यमुना जैसी नदियाँ ही देखने को मिलती है। काफी ज्यादा मात्रा में इन नदियों में सूर्य का का प्रकाश पड़ता है इसलिए यहाँ अत्यधिक गर्मी पड़ती है।

प्रयागराज में कितने रेलवे स्टेशन है ?

यहाँ आपको आठ रेलवे स्टेशन देखने को मिलते हैं , जो की भारत के सभी बड़े शहरों से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। एवं यहाँ के लिए रोजाना सर्विस देता है।

निष्कर्ष

मैंने अपने इस लेख में आपको प्रयागराज में घूमने की जगह , यहाँ जाने का सही समय और खर्चा इन सारी चीजों के बारे में काफी अच्छी तरह से समझा दिया है।

आशा करता हूँ मेरे द्वारा साझा की गयी यह जानकारी आपके काफी काम आने वाली है। अगर मेरा यह लेख आपके किसी भी काम आया हो तो इसे अपने सोशल मिडिया में शेयर करना बिलकुल भी न भूलें।

एवं मेरे इस लेख में आपको किसी भी प्रकार का कोई भी भूल चूक दिख रहा हो तो इसे मेरे कमेंट सेक्शन में बताना बिलकुल भी न भूलें।

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