10+ पुरी में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

Puri Me Ghumne ki Jagah : पूरी समुद्र तट पर बसा हुआ शहर है जो की ओडिशा राज्य में स्थित है पूरी में घूमने की जगह काफी सारी उनमे से विश्व प्रशिद्ध भगवान जगनाथ का मंदिर है। यह मंदिर धार्मिक और पर्यटन के रूप में काफी प्रशिद्ध है। इसी कारण यहाँ पर साल में लाखों के सांख्या में लोग पूजा करने मनते पूरी करने और लिए हैं।

पूरी में  घूमने की जगह, जाने का समय और खर्चा

भगवान जगन्नाथ का यह मंदिर पूरी में घूमने की जगह में सिर्फ धार्मिक स्थल के रूप में ही प्रशिद्ध नहीं है , यह एक पर्यटक स्थल के रूप में भी पुरे विश्व प्रशिद्ध है क्योंकि यह समुद्र तट पर बसा हुआ है इसलिए यहाँ घूमने के लिए काफी सारी जगह है और करने के लिए भी बहुत सारे रोमांचक गतिविधियों है। इस लेख के माध्यम से आपको पूरी में घूमने की जगह के बारे मे सारी जानकारी आसानी से मिल जाएगी जैसे की पूरी में घुमन के लिए कब जाएँ , कैसे जाएँ कहाँ रुकें क्या खाएं ? इन सारी चीजों के जानकारी आपको आसानी से इस लेख में मिल जाएगी , बस इस लेख में आपको शुरू से अंत तक बने रहना है।

पुरी के बारे में रोचक तथ्य

  • आपने जहाँ कहीं भी कृष्ण भगवान की मूर्ति देखी होगी वहाँ आपने हमेशा कृष्ण जी के साथ राधा जी ही को देखा होगा। लेकिन इस मंदिर की बात कुछ और है। यहाँ आपको उनकी मूर्ति के साथ उनका भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा देखने को मिलता है। मंदिर में स्थित मूर्ति को हर 12 साल में बदलने की रिति रिवाज है। जब यहाँ मूर्ति बदलने होता है तो उस वक्त शहर के बिजली को काट दिया जाता है। मंदिर में सिर्फ पुजारी ही प्रवेश कर सकते हैं जो मूर्ति बदलें का काम करते हैं साथ उस वक्त मंदिर के परिसर में भारी संख्या में मूर्ति बदलने के अनुष्ठान के समय सी आर पि ऑफ के जवान और प्रशानिक अधिकारी को तैनात कर दिया जाता है।
  • आप अब तक जहाँ कही भी गए होंगे देखे होंगे या सुने होंगे कही का भी ध्वज हवा के साथ ही चलता है लेकिन यहाँ पर जो ध्वज है वह हवा के विपरीत दिशा में चलता है। मंदिर इतना बड़ा और विशाल भी दोपहर और शाम के समय मंदिर के गुम्बद की परछाई जमीन पर नहीं दिखाई देती है।
  • यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा रसोई है और जो हर रोज 10000 लोगों का खाना तैयार करता है अब तक यहाँ का भंडारा कबि ख़त्म नहीं हुआ है चाहे जितना भी लोग आ जाये यहाँ का भंडारा कभी भी ख़त्म नहीं होता है। लेकिन शाम के समय भंडारा खत्म होते हैं यहाँ का सारा प्रसाद जादुई तरीके से ख़त्म हो जाता है।
  • क्योंकि यह मंदिर समुद्र के किनारे बसी हुई है यहाँ मंदिर के बाहर समुद्र की लहरों की आवाज और तेजी से चलने वाली हवा की आवाज सुनाई है लेकिन मंदिर के सिंह द्वार को पार करते ही यह आवाज सुनाई देना बिलकुल भी बंद हो जाता है।
  • यहाँ साल में एक बार जून और जुलाई महीने के महीनों में जगनाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है यह रथ यात्रा 9 दिनों के लिए चलती है। यह रथ यत्रा जगनाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। इस रथ यात्रा में देखेंगे भगवान कृष्ण, बलभद्र और बहन सुभद्रा को अलग अलग रथ में सजा कर पुरे शहर में घुमया जाता है।
  • जगनन्नाथ मदिर के गुम्बद में एक सुदर्शन चक्र भी स्थापित है जो की अष्ट धातु का का बना हुआ है इसकी खासयित यही की इस सुदर्शन चक्र को आप मंदिर के किसी भी दिशा से देखने पर इसका मुख आपके और ही दिखाई पड़ती है।
  • इस मंदिर के ऊपरी हिस्सों में किसी भी तरह के पक्षी को कभी भी उड़ते नहीं देखा गया है , मंदिर के ऊपरी भाग में फ्लाइट उड़ाना या ड्रोन उड़ाना सख्त मना है
  • अगर आप किसी भी समुद्री तट पर जाते हैं तो फिर वह यह देखने को मिलता है की वहाँ का हवा समुद्र से तट की और बहती यही लेकिन यहाँ इस मंदिर में ऐसा बिलकुल भी नहीं होता है , यहाँ की हवाएँ तट से समुद्र की और बहती है।

पुरी में घूमने की जगह – Puri Me Ghumne ki Jagah

उड़ीसा पुरे भारत के प्रमुख नगरों में से एक होने के कारण , जगन्नात मंदिर चारों तीर्थ स्थान में से एक होने के कारण यह शहर धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में पुर विश्व में काफी प्रशिद्ध है। यहाँ लोग छुटियाँ बिताने और तीर्थ यात्रा दोनों के लिए आते है।

यहाँ आपको पूरी में घूमने की जगह के बारे में सारी जानकरी मिल जाएगी जिससे आपका पूरी में घूमना और भी आसान हो हो जायेगा और साथ ही इस लेख के सहायता से आपके कुछ रुपयों की बचत भी हो जाएगी।

1. जगन्नाथ रथ यात्रा पूरी में घूमने की जगह

भगवान जगन्नात की रथ यात्रा सिर्फ भारत में ही नहीं पुरे विश्व में प्रशिद्ध है। पूरी में घूमने की जगह में सबसे पवित्र और धार्मिक जगह है भगवान् जगन्नात का यह मंदिर। 9 दिनों तक चलने यह रथ यात्रा जून और जुलाई के महीनो में होता है। यह रथ यात्रा जगन्नात मंदिर से शुरू होकर गुड़ची मंदिर तक जाती है।

Ratha Yatra
Source : Ratha Yatra

इस रथ यात्रा में आपको भगवान श्री कृष्ण , उनके भाई बलभद्र और उनकी बहन सुभद्रा की लकड़ी की विशाल प्रतिमा रथ में देखने को मिलते हैं , जिसे काफी अच्छी तरह से सजा कर निकाला जाता है। यह रथ यात्रा 5 किलोमीटर के लिए होती है , यदि आप पूरी घूमने के लिए जा रहे हैं तो फिर इस रथ यात्रा में शामिल होना कभी भी न भूलें।

इसे भी पढ़े

2. लोकनाथ मदिंर पूरी में घूमने की जगह

लोकनाथ मंदिर पूरी में घूमने की जगह में भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर ,जिसका निर्माण 11वीं शताब्दी में करवाया गया था। इस मंदिर में भगवान राम ने स्वयं शिव लिंग की स्थापना एक कद्दू की मदद से की थी। भगवांन राम जब सीता की खोज में निकले थे तो उन्होंने इस जगह में रुक कर भगवन शिव की आराधना करने लगे।

Lokanatha Temple
Source : Lokanatha Temple

जब गाँव वालों की इस बात की जानकारी हुई तो फिर तो शिवलिंग के आकार की एक लौकी ला कर इसे भगवान राम को दे दिए। भगवान राम ने इसे ही शिवलिंग के रूप में स्थापित किया। इसी कारण इसका नाम लुक्का नाथ पड़ा, जो की बाद में बदल कर लोकनाथ हो गया।

मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव का एक जलमग्न मंदिर देखने को मिलता है जो इस बात का सूचक यही माता गंगा भगवान शिव के शिवलिंग के उपर धारा के रूप में विराजमान रहती है।

3. कोणार्क मदिंर

कोणार्क मंदिर पूरी में घूमने की जगह में प्रशिद्ध पर्यटन स्थल एवं धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। कोणार्क मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित एक मंदिर है। यह मंदिर समुद्री तट पर स्थित है सर्दियों के मौसम में यहाँ एक शानदार नृत्य के कार्यकर्म का आयोजन किया जाता है जिसे देखने के लिए काफी भारी संख्या श्रद्धालुओं का भीड़ उमड़ती है। इसे यहाँ का सबसे प्रशिद्ध त्यौहार मना जाता है।

konark Temple
Source : konark Temple

यहाँ का वातावरण काफी शांत, लुभावना एवं मनमोहक होता है। यहाँ की नक्कासी काफी खूबसूरत होती है यहाँ आपको हिन्दू देवी देवताओं की सुंदर सुंदर चित्रकाला लकड़ी एवं पत्थर पर देखने को मिलेगी। यहाँ का नृत्य महोत्सव पुरे देश विदेश में दूर दूर तक पहला है।

इसे भी पढ़े

4. गुंडिचा मदिंर

गुंडिचा मंदिर पूरी में घूमने की जगह में काफी प्राचीन मंदिर है , यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण की चाची गुंडिचा के मंदिर के रूप में प्रशिद्ध है। इसी कारण इस मंदिर को गुंडिचा मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की तुलना जगन्नात मंदिर से होती है।

Gundicha Temple
Source : Gundicha Temple

इस मंदिर के अंदर आपको अद्भुत चित्रकला देखने को मिलती है। जिस जगन्नात मंदिर की रथ यात्रा निकलती है वह इसी जगह पर आकर समाप्त होती है। इसी कारण इस मंदिर की प्रशिद्धि पुरे विश्व में है यहाँ भारी संख्या में श्रद्धलुओं का भीड़ देखा जाता है।

5. अथरनाला ब्रिज

अथरनाला ब्रिज पूरी में घूमने की जगह के रूप में काफी प्रशिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। इसका निर्माण १३वीं शताब्दी में किया गया था। इस ब्रिज के निर्माण का श्रेय गंग वंश के राजा भानु देव को जाता है। इस पुल का निर्माण पुरी शहर के मधुपुर गाँव में प्रवेश करते ही एक ही नदी मिलता है जिसका नाम मूसा नदी है पर कराया गया है। इसे हुलहुलिया ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है।

अथरनाला शब्द का शाब्दिक मतलब होता है अठारह नाला यानि की अठारह मार्ग ,इसी कारण इस पल को अथर नाला के नाम से जाना जाता है। इसकी प्रशिद्धि का मुख्य कारण इसका शुभ अंक 18 होता है। श्रीमद्भागवत गीता के अधयाय 18 होते हैं , पुराण 18 होते हैं और महाभारत में भी 18 अध्याय होता है। इस पल की परिकर्मा करने से इन पवित्र धर्म ग्रन्थ को पड़ने जितना लाभ मिलता है। आसपास के प्राकृतिक वातावरण के कारण यहाँ का माहौल काफी सुंदर और रमणीय होता है इसी वजह से यहाँ भरी सांख्या में लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।

6. नरेंद्र टैंक

नरेंद्र टैंक पूरी में घूमने की जगह में काफी प्रशिद्ध और लोकप्रिय टैंक है जो नरेंद्र पोखरी के नाम से भी जाना जाता है यह काफी विशाल और पवित्र टैंक है। यह टेंक ओडिशा में सबसे बड़े टैंक के रूप में प्रशिद्ध है। इसे बनाने का श्रेय राजा नरेंद्र देव को जाता है जिन्होंने इसका निर्माण 15 वीं शताब्दी में करवाया था।

Narendra pokhari
Source : Narendra pokhari

इस तालाब की गहराई 10 फ़ीट की है। इस तालाब के बीच एक मंदिर भी देखने को मिलता है जो की चन्दन मंडप के नाम से प्रशिद्ध है। पूरी में घूमने की जगह में इस पवित्र तालाब में 16 घाट भी देखने को मिलते हैं जिसका उपयोग श्रद्धालु स्नान करने के लिए किए करते हैं। साथ ही इसके आस पास आपको काफी सारे मंदिर भी देखने को मिलेंगे।

चन्दन पुष्करिणी पुरी में घूमने की जगह के इस नरेंद्र टेंक का प्रमुख घाट है। यहाँ आपको हर साल वैशाख के महीनों में चन्दन यात्रा का त्यौहार देखने को मिलता है। इस पर्व के मौके पर आसपास स्थित सभी मंदिरों के मूर्ति को निकल कर उसमें चंदन का लेप लगाने के बाद इस पवित्र तालाब में नहलाया जाता है।

7. सुदर्शन क्राफ्ट संग्रहालय – Sudarshan Craft Museum

सुदर्शन क्राफ्ट म्युसियम पूरी में घूमने की जगह में काफी प्रशिद्ध पर्यटन स्थल है इसका निर्माण सुदर्शन साहू ने 1977 में करवाया था। इस संग्राहलय की मदद से भारत अपनी प्राचीन लोक कला को संजोये हुए है। इस मूसिज्म में देखने के लिए आपको और भी बहुत कुछ मिलेंगे जैसे की मंदिर , पुस्तकालय। सुदर्शन क्राफ्ट म्युसियम पुरे में घूमने की जगह के रूप जाना जाने वाला यह पर्यटन स्थल सिर्फ पूरी में ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष में प्रशिद्ध है।

इस म्युसियम को बनवाने का मकसद यहाँ की संस्कृति और विरासत को बचा कर रखना है। इस म्युसियम में आपको पत्थर , लकड़ी और हस्त निर्मित वस्तुओं की बेजोड़ प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इस म्युसियम में आपको उड़ीसा की संस्कृति और यहाँ की कलाकृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा। जाने से पहले इस बात की जानकारी होना अति आवश्य्क ही की यह म्युसियम सिर्फ सप्ताह में 5 दिन ही खुला रहता है और इस म्युसियम में आपको कुछ प्रवेश शुल्क भी देना होता है।

इसे भी पढ़े

8. मार्कंडेश्वर मंदिर

मार्कण्डेश्वर मंदिर पुरी में घुमने की जगह में एक धार्मिक स्थल के रूप में काफी प्रशिद्ध है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसमें भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसका निर्माण 12 वीं शताब्दी में करवाया गया था। यह मंदिर बहुत ही ज्यादा प्राचीन है। इस मंदिर को मार्कण्डेश्वर तालाब के करीब बनाया गया है।

Markendeshwar Temple
Source : Markendeshwar Temple

इस मंदिर को बनाने में प्राचीन पथरों का इस्तेमाल किया गया है। इसकी कारीगर काफी अद्भुत तरीके से किया गया है इसे काफी खूबसूरत बनता है। यहाँ का आसपास का

9. चिलिका झील

पूरी में घुमने की जगह में यह झील एशिया में सबसे बड़ी खारे पानी की झील के रूप में प्रशिद्ध है। यह झील पूरी शहर से मात्र 40 किलोमीटर की दुरी पर है। यदि आप पक्षी प्रेमी है तो फिर पूरी में घूमने की जगह के रूप में यह छिलका झील आपके लिए सर्वोत्तम हो सकता है। यहाँ आने वाले लाखों की संख्या में परवाशी पक्षी इस झील की खूबसूरती में चार चाँद लगते हैं। चिलका झील अपने डाल्फिन मछलियों के लिए भी आपने अलग पहचान रखता है आप यहाँ नाव में बैठ कर न सिर्फ इस झील का मजा ले सकते हैं बल्कि यहाँ के डाल्फिन को भी करीब से देख सकते हैं।

Chilka jheel
Source : Chilka jheel

झील में नाव की सवारी करते समय कुछ सेफ्टी टिप्स को फॉलो करना अति आवश्य्क होता है जैसे की लाइफ जैकेट को पहना। यह आप पर निर्भर करता है की आप झील को कैसे घूमना पसंद करते हैं आप चाहे तो पुरे नाव को बुक कर सकते हैं यदि आप बजट ट्रेवलर हैं तो आप प्रति व्यक्ति के हिसाब से 350 से 400 में भी पुरे झील का सैर आसानी से कर सकते हैं।

इतना ही नहीं छिलका झील में आप अपने फोटोग्राफी के सरे शोक भी पुरे कर सकते हैं और अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं और झील के किनारे में बैठ कर भोजन करने को मजा ही कुछ अलग होता है।

10. पुरी बीच – Puri Beach

पूरी बीच पूरी में घूमने की जगह के रूप में भारत के सबसे साफ और सुंदर समुद्र तटों के रूप में प्रशिद्ध है। पूरी बीच की दुरी जगन्नात मंदिर से मात्र 2.5 किलोमीटर की है। यहाँ का साफ सुथरा माहौल , सफ़ेद मिट्टी और कांच जैसी पानी आपके मन को पूरी तरह से मोह लेता है।

Puri beach
Source : Puri beach

यहाँ आपको विभिन्न राज्य और शहरों से भी आपके बहुत सारे भारतीय देखने को मिलते है और साथ ही यहाँ की खूबसूरती के दीवाने फिरंगी भी हैं जिन्हे आप यहाँ घूमते फिरते आसानी से देख सकते हैं। समुद्री बीच पर आप समुद्र में पाए जाने वाले मोती एवं अन्य प्रकार के वस्तुओं को भी खरीद सकते हैं।

पूरी बीच में नवम्बर के महीनों में रंगारंग कार्यकर्म का आयोजन होता है इसलिए इस महीने में यहाँ सबसे जादा भीड़ देखने को मिलता है क्योंकि इस समय यहाँ देश विदेश से लाखों की सांख्या में पर्यटक घूमने के लिए आता है। सर्दियों में पूरी घूमने का एक कारण यह भी है।

11. स्वर्गद्वार बीच

स्वर्गद्वार बीच पूरी में घूमने की जगह में प्रमुख पर्यटन स्थलों में एक है , यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्वर्गद्वार महत्वपूर्ण आकर्षण एक केंद्र माना जाता है। यह स्वर्गद्वार पूरी में घूमने की जगह के रूप में सिर्फ उड़ीसा में ही नहीं पुरे भारत में प्रशिद्ध है। यहाँ की मान्यता यह है की जो व्यक्ति यहाँ पर अंतिम सॉंस लेता है वह सीधे मोक्ष को प्राप्त करता है।

स्वर्गद्वार से जुडी एक पुराणी कहानी यह भी है की यहाँ पर पवित्र ब्रह्मदेवरु इस तट तैरते हुए आये थे। पूरी में घूमने की जगह जो की स्वर्ग द्वार के रूप में जाना जाता है वास्तव में यह एक शमशान घाट है। जहाँ हिन्दु धर्म के व्यक्ति अपने मृतकों का दाह संस्कार करते हैं और मानते है की यहाँ पर अंतिम संस्कार करने से उनके परिजनों को मोक्ष या स्वर्ग की प्रप्ति होती है। इस वजह से पूरी में घूमने की जगह स्वर्ग द्वार के रूप में जाना जाता है।

इसके अलावा आप समुद्र के बीच में घूमने का मजा ले सकते हैं और यहाँ पर तरह तरह के रोमांचक गतिविधियों जैसे की ऊंट के सवारी, पैराग्लाडिंग और समुद्र में बोटिंग का भी मजा ले सकते हैं।

पुरी के समुद्र बीच और अन्य पर्यटन स्थल

  • रघुराजपुर कलाकार गाँव
  • बलिघई बीच
  • पूरी बीच गोल्डन बीच
  • चंद्र भागा बीच

पुरी में प्रसिद्ध मठ और धार्मिक स्थल

  • चन्दन पुष्करी कांड
  • जगन्नात वल्लव मठ
  • गोवधर्न मठ
  • बाउली मठ
  • शुलगोस्वामी मठ

पुरी में प्रसिद्ध स्थानीय भोजन

पूरी पूरी में घूमने की जगह के रूप में ही सिर्फ नहीं जाना जाता है। यह अपने धार्मिक स्थल पर्यटन स्थल के साथ साथ यहाँ लजीज पारपरिक व्यंजन के लिए भी जाना जाता है। यहाँ का भोजन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी प्रशिद्ध है। यहाँ के भोजन में आपको एक अलग स्वाद मिलता है , यदि आप पूरी में घूमने की जगह को एक्स्प्लोर करने के लिए आ रहे हैं तो फिर यहाँ पर बहुत तरह के पारम्परिक भोजन देखने व चखने का मौका मिलेगा।

इसमें आपको सभी तरह भोजन चखने को मिलेगें खट्टे, मीठे और मशालों वाले एवं इसके साथ ही यहाँ आप तरह तरह के स्ट्रीट फ़ूड एक भी मजा ले सकते हैं। अगर आप कांटिनेंटल फ़ूड के शौकीन हैं तो इसका भी आप यहाँ पर भरपूर मजा ले सकते हैं। कुल मिलकर के भोजन के मामले में भी आपको काफी मजा आने वाला है।

खिचडी

अगर आप भारतीय हैं तो फिर आप खिचड़ी को आप अच्छी तरह से जानते होंगे , क्योंकि यह भारत के गाँव देहात से लेकर शहरों के गली गली में प्रशिद्ध है। लेकिन यहाँ की खिचड़ी की बात ही कुछ और होती है। पूरी में घूमने की जगह जैसे जगन्नात मंदिर में खिचड़ी का ही भोग लगाया जाता है , इसलिए यहाँ खिचड़ी को प्रसाद के रूप में लिया जाता है। यहाँ खिचड़ी को काफि शुद्ध तरीके से बनाया जाता है जैसे की खिचड़ी बनाते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है सारे शुद्ध चीजों को ही इसमें मिलाया जाता है, जैसे शुद्ध घी, चावल दाल साग सब्जी का इस्तेमाल किया जाता है। इसी कारण से इसका स्वाद अद्भुत होता है।

चुंगडी मलाई

यदि आप उड़ीसा से हैं तो फिर इस चुंगड़ी मलाई को काफी अच्छी तरह से जानते होंगे , क्योंकि यह सिर्फ और सिर्फ पूरी में ही नहीं पुरे उड़ीसा में काफी प्रशिद्ध है। यह भोजन किसी अन्य राज्य के लोंगो के अनजान हो सकता है लेकिन पूरी के लोंगो के लिए ऐसा नहीं है।

इसे बनाने के लिए नारियल दूध का इस्तेमाल किया जाता है , जो काफी स्वादिस्ट मलाई दर कड़ी होता है। इसका बेजोड़ स्वाद आपके मन को पूरी तरह से मोह लेता है। इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए इसमें तरह तरह के मशालों को मिलाया जाता है और फिर इसे चावल के साथ लेने पर परम आनंद की प्राप्ति होती है।

मचा घांत

मचा घांत पूरी में घूमने की जगहों में काफी प्रशिद्ध है। यदि आप मांसाहारी हैं तो फिर आपके लिए उत्तम विकल्प हो सकता है। यह मछली से तैयार किया जाने वाला स्वादिट और लजीज व्यंजन है। यह सिर्फ पूरी में नहीं बल्कि पुरे उड़ीसा में खाया जाने वाला साधारण भोजन है।

इसे बनाने के लिए लहसुन प्याज और आलू को काट कर ग्रेवी तैयार किया जाता है फिर बाद में फ्राई किये हुए मछली को डाल कर तैयार किया जाता है। जो की काफी स्वादिस्ट होता है।

छेना पोडा

छेना पोडा यहाँ का प्रशिद्ध मिठाई होता है। यह पूरी में घूमने की जगह के हर छोटे बड़े गली नुकड़ चौक चौराहे में देखने को मिलते हैं। इसका एक और खासियत यह भी यह की भगवान जगन्नात की मनपसंद मिठाई है। इसलिए यहाँ इसकी बहुत ज्यादा मांग है। जिस कारण इसे यहाँ काफी ज्यादा मात्रा बनाया जाता है और बेचा जाता है।

इसे बनाने के लिए दूध से बनाये गए छेना सूजी और चीनी एक इस्तेमाल किया जाता है , यह उड़ीशा का लोकल मिठाई भी है। इसे बनाने में काफी ज्यादा मेहनत करना पड़ता है इसे तब तक भूंजा जाता है जब तक यह पूरी तरह से लाल नहीं हो जाता है। इसलिए यहाँ इसका क्रेज एक अलग लेवल पे देखने को मिलता है।

कनिका

कनिका य एक उड़िया व्यंजन है जिसे की पारम्परिक पूजा एवं त्योहारों में इसका उपयोग किया जाता है। यह का मीठे चावल का व्यंजन है। इसे जगन्नात मंदिर में छप्पन भोग या महाप्रसाद के रूप में इस्तेमाल किया किया जाता है। इसे भगवन जगन्नात को सुबह के भोजन के रूप में जाता है। इसे सकल धुप के नाम से जाना जाता है।

इसे शादियों एवं पिकनिक में भी इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब इसके जगह पुलाव और बियानी परोसी जाती है। पश्चिम बंगाल में इसी से मिलता जुलता एक व्यंजन है जिसे सदियों एवं पार्टियों इस्तेमाल किया जाता है जिसे मिष्टी पुलाव के नाम से जाना जाता है और इसका स्वाद मटन करी के साथ लिया जाता है।

कनिका का स्वाद मिष्टी पुलाव से भी ज्यादा स्वादिस्ट होता है , इसे दलमा या मटन करी के साथ भोजन ख़त्म होने के बाद मीठा के रूप में लिया जाता है।

पाखरा भाटा

पाखरा भाटा पूरी में घूमने की जगह में काफी प्रशिद्ध है। आप इस लजीज व्यंजन का स्वाद पूरी में गर्मियों के समय घुमते वक्त ले सकते हैं जो आपके दिल दिमाग को ठंडा रखने का काम करता है। उड़ीसा के हर घर में इसे दैनिक आहार के रूप में लिया जाता है।

इसे बनाने के लिए पके हुए चावल और दही का इस्तेमाल किया जाता है जिसे कुछ घंटो के लिए भींगा कर छोड़ा जाता है। इस लजीज व्यंजन का स्वाद इसके तैयार होने के बाद आलू, पापड़ और फ्राई की हुई मछली के साथ लिया जाता है।

दाल्मा

दाल्मा पूरी में घूमने की जगह में काफी प्रशिद्ध भोजन है जो की आपके भूख को मिटने के लिए काफी है। यह सुनने में बिलकुल दाल जैसा ही लगता है लेकिन इसे बनने में सिर्फ दाल का ही इस्तेमाल नहीं किया जाता है , दाल के साथ साथ और भी तरह तरह के फल साग सब्जीयों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे की मुंग दाल, पपीता, आम, कद्दू जैसे सब्जियों को मिलाया जाता है। जो इसके स्वाद को और भी शानदार बनता है।

पूरी में घूमने के दौरान इससे आपके भूख को मिटने के लिए यह शानदर विकल्प हो सकता है।

सनतुला

संतुला पुरी में घूमने की जगह में मिलने वाली एक ऐसी व्यंजन है जिसे की हरी सब्जियों को उबाल कर जाता है। यह एक प्रकार का सब्जयों का मिक्सउप होता है जिसे बनाने में आलू ,टमाटर, कच्चे पपीते और बैगन का इस्तेमाल किया जाता है।इस कारण यह काफी पौस्टिक होता है। इसे बनाने में कम तेल और काम मशालों का इस्तेमाल किया जाता है। जिस कारण इसका स्वाद भी काफी शानदार होता है।

पुरी घूमने का सबसे अच्छा समय

क्योंकि की पूरी में घूमने की जगह में अधिकांश जगह धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल के रूप में प्रशिद्ध है। इसलिए यहाँ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना जाना पुरे सालों भर बना रहता है। लेकिन पूरी में घूमने का असली मजा तो अक्टूबर से फरवरी महीनों के बीच आता है क्योंकि यह सर्दियों का मौसम होता है जो की काफी सुहावना होता है।

लेकिन अगर आपको जगन्नात की रथयात्रा का मजा लेना है तो आपको गर्मी में ही जून और जुलाई के महीनों में ही आना होगा। लेकिन आप इस महीनों में यहाँ घूमने का मजा नहीं ले सकते हैं क्योंकि इस समय की गर्मी काफी जायदा असहनीय होने के करना यहाँ रूम से बाहर निकलना भी मुश्किल होता है।

पुरी कैसे पहुंचे?

अगर आप पूरी घूमने जा रहे है या फिर घूमने का मन बना रहे है तो आप अपने निजी वाहन से भी जा सकते हैं और इसके क्योंकि पूरी में घूमने की जगह भारत के साथ पुरे विश्व में प्रशिद्ध है इसलिए यहाँ का सड़क मार्ग और रेल मार्ग पुरे भारत के सभी जगहों से जुड़ा हुआ है जो की इसलिए आप भारत के किसी भी राज्य और शहर से हैं तो भी आप यहाँ पर आसानी से आ सकते हैं। और यह का हवाई मार्ग सर देश के सभी प्रमुख हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग द्वारा

अगर आप सड़क मार्ग से पूरी आना चाहते हैं तो फिर आप आसानी से किसी भी राज्य या शहर से यहाँ के लिए अपनी नजदीकी बस टर्मिनल से बस के माध्यम से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन से

आप अपने शहर के नजदीकी रेलवे स्टेशन से पूरी जाने वाली ट्रेन का टिकट बुक करा लें , जिससे आपकी ट्रेन की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। यदि आपको अपने शहर से पूरी कोई डायरेक्ट ट्रेन नहीं मिल रही है तो फिर आप उड़ीसा के किसी भी शहर के ट्रेन की टिकट बुक कर सकते हैं। वहाँ से आगे की यात्रा आप लोकल बस या टेक्सी के द्वारा पूरी सकते हैं।

हवाई जहाज से

अगर आपको हवाई यात्रा करना अच्छा लगता है और आपके पास पर्याप्त बजट है तो फिर आप हवाई मार्ग से आसानी आ सकते हैं। इसके लिए आपको यहाँ के निकटम हवाई अड्डा बीजू पटनायक के लिए टिकट बुक करना होता है। इसके आलावा आप भारत के बाहर किसी अन्य देश से पूरी आना चाहते हैं तो फिर आप पूरी के नजदीकी अन्र्राष्ट्रीय हवाईअड्डा नेताजी सुभास चंद्र बोस के लिए टिकट बुक करना होता है जो की पूरी से मात्र 560 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। इसके बाद आप पूरी में घूमने की जगह में आगे की यात्रा बस और टैक्सी से कर सकते हो।

पूरी कैसे घूमे ?

अगर आप पुरे पूरी को पैदल ही घूमना चाहते हैं तो फिर यह सम्भव नहीं है क्योकि पूरी में घूमने की जगह काफी सारी है . आप पूरी घूमने के लिए साइकल , बाइक , स्कूटी, ऑटो रिक्सा और टैक्सी बुक कर सकते हैं। यहाँ इन चीजों का कोई फिक्स रेट नहीं होता है इसलिए आपको मोलभाव करना बहुत ही ज्यादा जरुरी है।

इसके अलावा आप आस पास के धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल की सैर आप बस के माध्यम से भी कर सकते हैं।

पुरी में रुकने की जगह

पुरे भारत में पूरी अपने पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों के कारण काफी प्रशिद्ध है। पूरी में घूमने की जगह में कोई कमी नहीं है जिस कारण यहाँ होटलों की सांख्य में भी कोई कमी नहीं है। यहाँ आपको हर तरह का आवास मिलेगा। अगर आप हाई बजट वाला होटल चाहते हैं या फिर कम बजट वाला होटल जैसा चाहिए वैसा ही होटल बुक कर सकते हैं।

यहाँ सीजन में रूम बुक करना काफी कठिन होता है इसलिए आप इसके ऑफिसियल वेबसाइट में ही ऑनलाइन पहले ही रूम बुक कर लें यहाँ आपको कुछ डिस्काउंट भी मिल जायेगा। इन सब के अलावा आप धर्मशाला में भी रुक सकते हैं वहां आपको और भी काम खर्चे में रूम मिल जायेगा। यहाँ आपको काफी कम खर्चों में धर्मशाला रूम एक साथ खाने पीने की भी व्यवस्था की जाती है।

पूरी बीच में करने लायक चीजें

पूरी के बीच में घूमने के अलावा यहाँ आप काफी कुछ कर सकते हैं

  • सूर्योदय और सूर्यास्त के नज़रों का अध्भुत मजा ले सकते हैं। समुद्र के तट पर चाय की चुस्की लेना एक अलग ही मजा देता है।
  • यहाँ बच्चों के साथ आप रेत में बैठ कर रेत महल बनाने का मजा ले सकते हैं और साथ ही ऊंट और घोड़ों की सवारी कर सकते हैं।
  • पूरी में घूमने की जगहों में समुद्र तट के किनारे बहुत सारे छोटे मोठे दुकाने देखने को मिलती है आप इन दुकानों में व्यंजन का मजा ले सकते हैं।
  • शाम के वक्त लगने वाले बजार में कुछ वास्तु जैसे की कपडे बैग और खिलौनों को खरीद कर अपने यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

पूरी बीच पर जाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • जब आप पुरी में घूमने के लिए रहे हैं तो फिर अपने सारे कपड़ो को संभल कर रखें ताकि आपका कपड़ा पानी में गिर के गिला न हो जाये।
  • समुद्र तट के करीब कभी भी बच्चों को खाली न छोड़े इससे उसका समुद्र में डूबने का खतरा बढ़ जाता है।
  • समुद्र में कूड़ा फेकने की गलती कभी भी न करें।
  • दोपहर के समय में भूल से भी नंगे पैर बीच पर घूमने की गलती न करें , क्योंकि यहाँ की रेत इस समय काफी गर्म होती है।
  • धुप से बचने के लिए हेट सन ग्लासेस और स्किन को बचाने वाली क्रीम को हमेशा अपने साथ रखा करें।

पूरी घूमने में कितने दिन लगेंगे

पुरे पूरी को घूमने के लिए 3 दिन काफी होता है। पहले दिन में आप पुरे जगन्नात मंदिर को एक्स्प्लोर कर सकते हैं , दूसरे दिन में आप अन्य मंदिर तथा पर्यटन स्थलों को घूम सकते हैं। और तीसरे दिन में आप यहाँ के बीच का मजा ले सकते हैं।

पूरी घुमने में कितना खर्च आता है ?

अगर आप पूरी अकेले घूमने के लिए जा रहे हैं तो फिर 6000 से 6500 में 3 दिन और 2 रात आसानी से घूम सकते हैं।

निष्कर्ष

आपको इस लेख में पूरी में घूमने की जगह ( Puri Me Ghumne ki Jagah) से लेकर कहाँ घूमें , क्या खाएं कैसे घूमें सारी जानकारी असानी से मिल जाएगी।

अगर हमारा यह लेख आपको पसंद आये तो इसे अपने मित्रों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करना बिलकुल भी न भूलें और साथ ही यदि आपको इस लेख से सम्बंधित किसी भी तरह का सुझाव , शिकायत और सवाल है तो इसे आप हमारे कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

जगन्नात पूरी में देखने लायक कौन कौन सी जगह है ?

जगन्नात पूरी में घूमने की कुछ प्रमुख जगह पूरी बीच, जगन्नात रथ यात्रा, जगन्नात मंदिर, नरेंद्र पोखरी, लोकनाथ मंदिर एवं गुंडिचा मंदिर पूरी।

पूरी कितने दिनों में घुम सकते हैं ?

आप 3 दिनों में पुरे पूरी को आसानी से घूम सकते हैं।

पूरी जगन्नात मंदिर में छाया क्यों नहीं है ?

यह यहाँ के कुदरत का करिश्मा है की पूरी जगन्नात मंदिर इतनी बड़ी होने के बावजूद भी मंदिर में इसका कोई भी छायां नहीं बनता है। अब तक इसका कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है।

जगन्नात पूरी जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा होता है ?

यहाँ की यात्रा के लिए ऑक्टूबर से फरवरी का महीना सबसे अच्छा मन जाता है , क्योंकि यह सर्दी के मौसम में आता है। और सर्दियों के मौसम घूमने के लिए काफी सुहावना रहता है।

क्या पूरी मंदिर में मोबाइल ले जाने की अनुमति है ?

हमेशा याद रखें मंदिर के अंदर जूते मोज़े, सेल फ़ोन छाते और कैमरे जैसी चीजों जाना सख्त मना है।

Leave a comment