10+ रामदेवरा में घूमने की जगह और रामदेवरा कैसे पहुंचे?

इस लेख में आप रामदेवरा में घूमने की जगह, जाने का सही समय और खर्चा के बारे में सारी जानकरी आसानी से मि ल जाएगी। हमारा देश प्रचीन काल से ही ऋषि मुनियों का देश रहा है और इसलिए भारत में आपको हर जगह धार्मिक स्थल पर्यटन स्थल और मंदिरें देखने को मिलती है।

इस लेख में हम बात कर रहे हैं राजस्थान के रामदेवरा में घूमने की जगह के बारे में जो की राम देव बाबा का एक प्रशिद्ध मंदिर है , जो की राजस्थान राज्य के जैसलमेर जिले में स्थित है।

रामदेवरा में घूमने की जगह, जाने का समय और खर्चा

इस धार्मिक स्थल का निर्माण सन 1442 में ईस्वी में बाबा रामदेव जी का समाधी लेने के बाद क्या कराया गया था। इस मंदिर के पीछे आपको एक बड़ा सा इतिहास भी देखने को मिलता है।

बाबा रामदेव जी के अनुयायीयों में हिन्दू और मुसलमान दोनों धर्म के लोग होते थे। बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह बाबा रामदेव जी के समाधी लेने के बाद चारों तरह मंदिर का निर्माण करवा दिया था।

यहाँ ले लोग बाबा राम देव जी को लोक देवता के रूप में मानते हैं। राम देवरा का यह मंदिर पुरे विश्व में प्रशिद्ध है जो की पोखरण से 12 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।

इस लेख की सहायता से आप रामदेवरा में घूमने की जगह(ramdevra tourist places), रामदेवरा के आसपास घूमने की जगह(places to visit near ramdevra), जाने का सही समय ,कैसे जाएँ , कहाँ जाएँ, क्या खाएं , कैसे घूमने इन सारे सवालों का जवाब आपको इस लेख के माध्यम से काफी अच्छी तरह से जाएगी।

Contents

रामदेवरा के बारे में रोचक तथ्य

  • रामदेवरा मंदिर आज के समय में बाबा रामदेव जी का मंदिर और रणुजा के नाम से सुप्रशिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। काहा जाता है की राक्षस का वध करने से पहले यहाँ बाबा राम देव ने 24 पर्चे बताये थे।
  • बाबा रामदेव के सामने भैरव राक्षस ने बाबा राम देव जी को काफी हारने का प्रयास किया फिर थक हार के आत्मसमर्पण कर दिया।
  • मक्का – मदीना से आये हुए मुसलमानों को बाबा राम देव जी ने 5 पीपली उगा कर नए पर्चे दिए थे।
  • कहा जाता है मेवाड़ के सेठ दलाजी बाबा रामदेव जी के कृपा से पुनर्जीवित हुए थे।
  • यहाँ पर सिरोही के एक अंधे साधु के आँखों की रोशनी वापस आ गयी थी।
  • जब यहाँ पर राम सरोवर तालब का निर्माण किया गया था , उसके बाद यहाँ पर जल संकट की समस्या दूर हो गयी थी।
  • इसी तरह से बाबा राम देव ने 24 पर्चों को दिखाया था और बड़ी बड़ी समस्याओं का समाधान किया था। इन्ही चमत्कारों के वजह से बाबा राम देव जी का यह मंदिर पुरे विश्व भर में प्रशिद्ध है ?

रामदेवरा मंदिर का वास्तुकला

रामदेवरा मंदिर का वास्तुकला अद्भुत है जहां पारम्परिक हिन्दू मंदिरों के प्रभाव देखने को मिलता है। इस मंदिर को बनाने लिए पूरी तरह से ईंट और मोर्टार का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ आपको बहुत सारे प्रवेश द्वार देखने को मिलते हैं। यहाँ आपको एक लम्बी सीढ़ी भी देखने को मिलती है जो आपको मंदिर तक पहुंचती है , जहाँ आपको रामदेव बाबा जी की मूर्ति और गर्भगृह देखने को मिलती है। मुख्य मंदिर में आपको चाँदी के जटिल नक़्क़ाशीदार कारीगरी देखने को मिलता है साथ ही यहाँ आपको रंगीन चित्रों , ऐतिहासिक चित्रों और बहुत सारी घोड़े की प्रतिकृतियां भी देखने को मिलती है।

श्री बाबा रामदेव मंदिर में क्या चढ़ाया जाता है ?

श्री बाबा राम देव जी की मंदिर में अन्य मंदिरों की तरह प्रसाद तो चढ़ाये ही जाते हैं। साथ ही यहाँ पहले के समय में कपडे के बने घोड़े चढ़ाये जाते थे और माना जाता था की कपड़े के घोड़े चढ़ाने से आपके शरीर के सारा पीड़ा दूर हो जाता है।

लेकिन वर्तमान समय में हल के कुछ दिनों से यहाँ पर जीवित घोडा चढ़ाये जाना का रिवाज चला आ रहा है। यहाँ इनकी देखभाल की जाती है। यह पुरे देश का एक मात्र ऐसा मंदिर है जहाँ मनते पूरी होने पर घोड़े को चढ़ाया जाता है।

श्री बाबा रामदेव मंदिर में मेला कब लगता है ?

राजस्थान में सुप्रशिद्ध मंदिर श्री बाबा राम देव मंदिर एवं बाबा रामदेव की समाधी का दर्शन करने के लिए यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण आते हैं , और इस मंदिर में हर साल भादो महीना में मेले का आयोजन किया जाता है। जहाँ आपको श्रद्धालुओं की श्रद्धा भक्ति इनका जनसैलाब देख कर पता चलता है।

बाबा रामदेवरा मंदिर कहाँ स्थित है

श्री बाबा रामदेवरा का मंदिर राजस्थान राज्य के जैसलमेर जिले में बसा हुआ है , यहाँ आप जोधपुर और जैसलमेर किसी भी शहर से आसानी तरह से मंदिर पहुँच सकते हैं। क्योंकि इन दोनों शहरों का फ्लाइट ट्रेन और बस भारत के बड़े बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है जहाँ आप किसी भी राज्य और शहर से पहुँच सकते हैं।

रामदेवरा मंदिर का प्रवेश शुल्क 

यदि आप रामदेवरा मंदिर की यात्रा के योजना बना रहे हैं या फिर किसी भी तरह के शुल्क की चिंता न करें। यहाँ का प्रवेश शुल्क बिल्कुल भी निशुल्क है।

रामदेवरा में लोकप्रिय पर्यटक स्थल (Ramdevra Tourist Places in Hindi)

रामदेवरा मंदिर (Ramdevra Mandir)

रामदेवरा में घूमने की जगह के रूप में राम देवरा मंदिर काफी प्रशिद्ध है , जो की अपने धार्मिक स्थल और पर्यटक स्थल काफी जाना जाता है। यहाँ आपको रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का भीड़ देखने को मिलता है।

Ramdev Mandir
Source : Ramdev Mandir

इस मंदिर में आपको सबसे ज्यादा भीड़ हिंदी मास के भादो महीना में देखने को मिलता है। राम देवरा में घूमने की जगह के रूप में प्रशिद्ध यह मंदिर देश भर में लोकप्रिय हैं यहाँ पर देश के हर कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

परचा बावड़ी

यहाँ आपको एक पर्चा बावड़ी भी देखने को मिलता है जो रामदेवरा में घूमने की जगह के रूप और भक्ति श्रद्धा के लिए भी काफी प्रशिद्ध है। इसकी शुरुआत विक्रम संवत 1847 में हुआ था।

Parcaha Bawadi
Source : Parcaha Bawadi

यहाँ आपको लाखों की सांख्या में श्रद्धालु देखने को मिलते हैं , जो सीढ़ियों से नीचे जा कर जल लेते हैं। यहाँ की जल काफी शुद्ध और पवित्र मानी जाती है। यहाँ की मान्यता है की अगर आप इस बावड़ी की जल डुबकी लगते हैं या फिर स्नान करते है तो हजारों पाप मिट जाते हैं।

डाली बाई कंगन

यदि आप रामदेवरा मंदिर में घूमने के लिए आ रहे हैं तो फिर रामदेवरा में घूमने के लिए पर्यटन स्थलों और आस्था के रूप में सुप्रशिद्ध डाली बाई कंगन में घूमने आना कभी भी न भूलें, क्योंकि यह लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है .

Doli Bhai kangana
Source : Doli Bhai kangana

डाली बाई का कंगन आपको डाली बाई के समाधी के पास ही देखने को मिलता है। कहा जाता है अगर आप अगर आप इस कंगन के अंदर से निकलते हैं तो सारे रोग और कष्ट जो जाते हैं।

डाली बाई का रिश्ता बाबा रामदेव की मुँहबोली बहन के रूप में जाना जाता था , जिसे बाबा राम देव ने एक पेड़ के नीचे से नवजात शीशु के रूप पाया था। डाली बाई का समाधी आपको रामदेव बाबा की समाधी के पास ही देखने को मिलती है।

गुरु बालीनाथ जी का धुणा

अगर आप रामदेवरा में घूमने की जगह में बाबा राम देव जी के मंदिर को देखने के लिए आये हैं तो फिर उनके गुरु बालीनाथ जी धुना देखना कभी भी न भूलें। रामदेव जी के गुरु बालीनाथ का धुना का आश्रम आपको रामदेवरा के पास ही देखने को मिलता है। गुरु बालीनाथ जी का धूणा रामदेवरा से 12 किलोमीटर दूर पोकरण में देखने को मिलता है।

कहा जाता है बाबा रामदेव ने इसी स्थान में बालक अवस्था में शिक्षा ग्रहण किया था और मान्यता है की उनके गुरु बालीनाथ ने बाबा रामदेव जी को भैरव राक्षस से बचाने के लिए इसी आश्रम में छुपा कर रखा था।

आपको आज भी यहाँ पोकरण के पश्चिम में सालम सागर और रामदेव सर तालाब देखने को मिलता है। यहाँ पर आपको प्रति वर्ष मेला देखने को मिलता है और मेले दे दौरान आज भी लाखों लोगों का शरधा गुरु बालीनाथ के प्रति देखने को मिलता है।

यहाँ जो भी श्रद्धालुगण रामदेवरा में दर्शन करने आते हैं उनमे से ज्यादातर बालीनाथ धुना की दर्शन पर महाराजा के दर्शन करने के लिए आते है।

पांच पीपली

पांच पीपली बाबा रामदेवरा से 12 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यही वह स्थान है जहा बाबा ने पिरो को पर्चे दिए थे। यहाँ पर मक्का मदीना से कुछ पीर आये हुए थे और उन्हें बाबा रामदेव की चमत्कारी शक्तियों पर शक था और उसने बाबा रामदेव की शक्तियों को देखने या परीक्षा लेने की थान ली थी।

Panch Pipli
Source : Panch Pipli

तो फिर वे बाबा रामदेव के पास आये और कहा मुझे भूख लगी है कुछ खाना खिलाये। जब उन्हें खाना दिया तब उन्हने कहा इस बर्तन में हम खाना नहीं खा सकते यहीं हमारे बर्तन मक्का मदीना में ही छूट गए है। आप हमरे बर्तन को माँगा दे और फिर हम सब खाना अपने बर्तन में ही खाएंगे , इस तरह से बाबा रामदेव ने अपने पर्चों की मदद से बर्तन माँगा दिए।

तब पीरों का सारा शक दूर हो गया , और तब से बाबा रामदेव को पीरों का पीर कहा जाने लगा। यही वजह है की यहाँ मुस्लिम लोग भी बाबा राम देव को पूजते हैं।

रुणीचा कुआं

Runicha kuwan
Source : Runicha kuwan

रूणिचा कुआँ बाबा रामदेवरा से पांच किलोमीटर की दुरी पर स्थित है और यह बाबा रामदेव के चमत्कारों से बना हुआ एक कुआँ है। और इसके साथ ही आपको यहाँ एक बाबा रामदेवरा का एक छोटा सा मंदिर देखने को मिलता हैं।

राक्षस गुफा

भैरव राक्षस का यह गुफा रामदेवरा में घूमने वाले स्थानों में काफी मशहूर है। यहाँ पर एक भूतड़ा जाती के राक्षस काफी आतंक हुआ करता था। यह राक्षस 36 कोस दूर से ही मानव का गंध पहचान लेता था।

Rakash Gufa
Source : Rakash Gufa

फिर यहाँ पर बाबा रामदेव का अवतार हुआ और इसके बाद यहाँ पर इस राक्षस का आतंक काम हुआ। भूतड़ा जाती के इस राक्षस बाबा रामदेव के बालीनाथ से काफी डरते थे।

भैरव राक्षस का यह गुफा रामदेवरा मंदिर से 12 किलोमीटर की दूर पर देखने को मिलता है। यदि आप यहाँ पर आ रहे हैं तो फिर इस स्थान पर घूमना न भूलें और आज भी यहाँ आने वाले श्रद्धालु बाबा रामदेवरा में पूजा अर्चना करने के बाद इस भैरव राक्षस को बक्ला चढ़ाना बिल्कुल भी नहीं भूलते हैं।

रामदेव जी पैनोरमा

यदि आप रामदेवरा में घूमने के लिए आ रहे हैं तो फिर रामदेवरा में घूमने की जगह में इस खूबसूरत जगह में आना कभी भी न भूलें। बाबा रामदेव जी का यह पेनोरमा बिलकुल ही म्युसियम के तरह ही है। यह पेनोरमा मंदिर के पास ही स्थित है।

Rampanorama
Source : Rampanorama

यहाँ आपको बाबा रामदेव के द्वारा दिए गए सरे सवालों के जवाब असनी से मिल जायेगा , इन सभी के फोटो और आकृति देखने को मिलते हैं।

राम सरोवर

पुराने ज़माने में पश्चिमी राजस्थान में पानी का बहुत ज्यादा किल्ल्त होता था और आज के समय में भी यहाँ पर पानी की परेशानी को देखा जा सकता है। उस समय बाबा रामदेव ने इन पानी की किल्ल्तों से निपटने एक तालाब का निर्माण करवाया था। जिसका नाम रामसरोवर रखा गया था।

Ram Sarover
Source : Ram Sarover

उस समय और आज के समय में भी यह पानी की समस्या को दूर करता है। यह तलाब आपको मंदिर के पीछे देखने मिलता है यह जगह रामदेवरा में घूमने की जगह में काफी खुबसुरत जगह है। इस तलाब का क्षेत्रफल 150 एकड़ है और इसकी गहराई 25 फ़ीट है। इस तालाब की सहयता से आज पश्चिमी राजस्थान के निवासी अपनी पानी की सारी जरुरतों है।

रामदेवरा के पास घूमने की जगह और पर्यटक स्थल (Ramdevra Near Tourist Places)

अगर आप रामदेवरा जा रहे है तो फिर आप इसके आस पास के पर्यटन स्थलों के बारे में जानना अति आवश्यक है। जिसके बाद आप इसके आस पास आप आसानी से घूम सकते हैं। अपने यात्रा को और भी शानदार बना सकते हैं।

रामदेवरा से जैसलमेर की दुरी आप मात्र 2 घंटे में आप तय कर सकते हैं। जैसलमेर में घूमने की सारी जानकारी आप नीचे हासिल कर सकते हैं।

जैसलमेर का किला

जैसलमेर का किला सिर्फ राजस्थान में ही नहीं पुरे विश्वभर में काफी प्रशिद्ध है। इस किले को सोनार किले के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो फिर आपको यहाँ पर काफी साडी घूमने की जगह को मिलती है जिसमे जैसलमेर का किला भी देखने को मिलता है।

Jaisalmer
Source : Jaisalmer

जैसलमेर का किला थार रेगिस्तान के पास ही स्थित है , जो इस किले के खूबसूरती को काफी बड़ा देता है। इस किले का प्रवेश द्वार भी काफी खूबसूरत और देखने लायक है।

यह किला काफी बड़ा है और जैसलमेर का किला दुनिया भर में सबसे बड़े जिले के नाम से भी प्रशिद्ध है। इस किले का निर्माण जैसलमेर के सबसे शक्तिशाली राव जैसल ने करवाया था।

जब कभी भी आप यहाँ घूमने के लिए जाते हैं तो यहाँ आप देखते हैं यहाँ के मुख्य गेट पर स्वागतकर्ता आपके स्वागत में खड़े रहते हैं।

राजस्थान के जैसलमेर किले का प्रवेश द्वार आपको शीशम के लकड़ी एक देखने को मिलगा जिसकी ऊंचाई 60 फ़ीट है।

डेजर्ट सफारी

अगर आप राजस्थान में डेजर्ट सफारी करना चाहते हैं तो फिर आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि जैसलमेर में सबसे ज्यादा घूमने के लिए पसंद किया जाने वाला जगह डेजर्ट सफारी है। यहाँ आने वाले पर्यटकों में 95% प्रतिसत डेसर्ट सफारी के लिए ही आते हैं।

Dessert Safari
Source : Dessert Safari

यहाँ घूमने का मजा ही कुछ अलग होता है। लेकिन गर्मियों के दिनों में पर्यटकों के लिए यहाँ घूमने का मौसम सही नहीं होता है क्योंकि गर्मियों के मौसम में यहाँ घूमना में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है , क्योंकि इस यहाँ पर भीषण गर्मी होती है।

इसलिए यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय ऑक्टूबर से अप्रैल के बीच होता है इस समय यहाँ का मौसम काफी सुहावना होता है जो घूमने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। डेसर्ट सफारी के लिए सुबह और शाम का समय सही होता है। यहाँ की सुनहरी रेत आपकी सफारी को और भी शानदार बना देता है , और इसके कारण डेसर्ट सौंदर्य और भी ज्यादा होता है।

यहाँ पर आपको देस एवं विदेश से आये हुए काफी सरे पर्यटक देखने को मिलते हैं। यहाँ आप ऊंट की सवारी और जिप्सी सफारी का आनंद ले सकते हैं। कैमल की सफारी के लिए आपको 90 मिट देने होते हैं और सफारी के लिए आपको 45 मिनट का समय देना होता है।

डेसर्ट सफर के दौरान आप यहाँ स्थानीय निर्त्य और संगीत का मजा ले सकते हैं और साथ ही राजस्थानी भोजन का भी भरपूर मजा ले सकते हैं।

रामदेवरा में रुकने की जगह

रामदेवरा में घूमने के लिए पर्यटन स्थलों की कोई कमी नहीं है। ठीक उसी प्रकार से यहाँ पर रुकने की जगहों की कभी कोई कमी नहीं है। रामदेवरा मंदिर के पास आपको कई सारी धर्मशालाएं मिल जाएगी ,जहाँ पर आप काफी काम कीमतों पर रुक सकते हैं

अगर आपका बजट अच्छा है तो आप पास के होटल में भी रुक सकते हैं , आपको रामदेवरा के पास काफी सारी होटल देखने को मिलती है।

रामदेवरा घूमने का सही समय

रामदेवरा अपने मंदिर और धार्मिक स्थलों के कारण जाना जाता है। रामदेवरा में लोग घूमने के लिए सालों भर आते रहते हैं लेकिन यहाँ पर घूमने का सबसे अच्छा समय ऑक्टूबर से मार्च के बीच के समय को मन जाता है। क्योंकि इस समय सर्दियों का समय होता है जो की घूमने के लिए काफी अच्छा समय होता है।

गर्मियाँ में जैसलमेर का तापमान बहुत ज्यादा होने के कारण इस समय यहाँ घूमने के दौरान काफी दिक्क्तों के सामना करना पड़ता है।

साथ ही यदि आपको मेला देखने का शौक है तो फिर आपको भाद्रपद मॉस में जाना चाहिए यानि की अगस्त और सितम्बर के बीच , यहाँ इस समय प्रति वर्ष मेले का आयोजन होता है। इस मेले में लाखों की सांख्या में आपको भक्तगण देखने को मिलते हैं।

रामदेवरा टेम्पल टाइमिंग 

रामदेवरा मंदिर में दर्शन का सुबह 4 बजे से लेकर रात्रि 9 बजे तक रहता है। अतः जब कभी भी आप राम देवरा मंदिर में घूमने के लिए आते हैं तो हमेशा अपने सही समय का ख्याल जरूर हैं।

रामदेवरा में खाने के लिए स्थानीय भोजन

आज भी आपको राजस्थान में पुरानी संस्कृति देखने को मिलता है और आज के समय में भी आप यहाँ पर पुरानी संस्कृति के भोजन के देख सकते हैं।

यहाँ आपको भोजन के रूप में पारम्परिक भोजन दाल बाटी चूरमा, कड़ी, पकोड़ा जलेबी, मसाला रायता, पोहा पंचधारी लड्डू मिलेंगे जो आपकी यात्रा को और भी मजेदार बना देता है।

रामदेवरा कैसे पहुंचे?

रामदेवरा जाने के लिए आप इनमे से किसी भी मार्ग को चुन सकते हैं और रामदेवरा में घूमने की जगह को एक्स्प्लोर कर सकते हैं। आप रामदेवरा पहुंचने के लिए बस ट्रेन या हवाई मार्ग किसी को भी चुन सकते हैं। जो आपको सही लगे , जो आपके बजट में फ़ीट आय और जो आपके शहर में आसानी से उपलब्ध हो।

रेल मार्ग से रामदेवरा कैसे पहुंचे?

रामदेवरा का निकटम रेलवे स्टेशन रामदेवरा है जो की भारत के सारे रेलवे नेर्टवर्क से बहुत ही अच्छी तरह जुड़ा है। बाबा रामदेव से इसकी दूर मात्र 1.4 किलोमीटर है। आप अपने शहर के नजदीकी रेलवे स्टेशन से पहले ऐसे रेलवे स्टेशन के लिए टिकट बुक करा लें जहाँ से आप सीधे रामदेवरा के लिए टिकट बुक करा सकते हैं और उसके बाद रामदेवरा रेलवे स्टेशन पहुँचते हैं ही आपको आगे की यात्रा यहाँ के ऑटो रिक्सा टैक्सी या बस के माधयम से करनी होती है।

सड़क मार्ग से रामदेवरा कैसे पहुंचे?

रामदेवरा मंदिर रामदेवरा में घूमने की जगह में यह स्थान जोधपुर जैसलमेर रोड में देखने को मिलता है और यह जगह पोखरा से 12 किलोमीटर की दुरी पर देखने को मिलती है। यदि आप बस से यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं तो फिर यहाँ का निकटतम बस स्टेशन पोखरण है जो की मंदिर से 14 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यह बस अड्डा भारत के सभी प्रमुख बस अड्डों से जुड़े होने के कारण आपके सफर को काफी सुलभ बनाती है। आप अपने शहरों से पहले ऐसे शहर का टिकट बुक करा लें , जहाँ से आपको रामदेवरा के लिए आसानी से बस मिल जाये। रामदेवरा बस स्टेण्ड पहुंचने के बाद आगे की यात्रा आप किराये की टैक्सी या ऑटो रिक्शा के मध्ययम से कर सकते हैं।

हवाई मार्ग से रामदेवरा कैसे पहुंचे?

रामदेवरा का नजदीकी हवाई अड्डा जैसलमेर हवाई अड्डा है जो की 120 किलोमीटर की दुरी पर है। यह हवाई अड्डा देश के सभी प्रमुख शहरों से काफी अच्छी तरह से जुड़ा है। हवाई अड्डा में पहुँचते ही आपको किराये के बस टैक्सी और कार मिल जाएगी जिसकी सहायता से आप आपने गणत्व तक असनी से पहुँच सकते हैं।

रामदेवरा में कैसे घूमे?

रामदेवरा पहुँचने के बाद यदि आप रामदेवरा में घूमने लायक पर्यटन स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं तो फिर यहाँ आप किराये का ऑटो टैक्सी लेकर पुरे रामदेवरा की यात्रा कर सकते हैं।

रामदेवरा में सारे दर्शनीय स्थल और पर्यटन स्थल घूमने के बाद यदि आप जैसलमेर की सैर करना चाहते हैं तो फिर किराये का वाहन लेकर या रेलवे सफर के द्वारा आगे की यात्रा कर सकते हैं।

रामदेवरा घूमने का कितना खर्चा आएगा?

अगर आपका बजट कम है तो फिर आपको यहाँ रहने के लिए काफी सारी सस्ती धर्मसालएँ मिल जाती हैं। ,रामदेवरा में घूमने का खर्च निर्भर करता है आपके घूमने फिरने के तरीके पर और आप किस तरह के लोकेशन में रुकना पसंद करते हैं और आप किस तरह के होटल को सेलेक्ट करते हैं यह इस बात पर निर्भर करता हैं।

यदि आप राजस्थान से है तो रामदेवरा में घूमने वाले स्थानों को देखने और घूमने के लिए मात्र 5000 से 7000 काफी होता है।

लेकिंन अगर आप भारत के किसी अन्य शहर से राजस्थान आते हैं तो फिर यहाँ का खर्च बाद 10000 से 15000 के बीच होता है।

रामदेवरा घूमने के लिए साथ में क्या रखें?

आप कही भी घूमने के लिए जा रहे , वहां आपको कुछ खास बातों का ख्याल रखना होता है। अगर आप रामदेवरा में घूमने वाले स्थानों को एक्स्प्लोर करने के लिए आ रहे हैं। तो कुछ जरुरी चींजो को हमेशा के लिए अपने साथ में रखें जैसे की आधार कार्ड पेन कार्ड एटीएम कार्ड।

साथ ही रामदेवरा में सर्दियों में घूमने के लिए जा रहें तो सर्दियों के समय उपयोग में लाये जाने वाले कपडे जैसे की स्वेटर कम्बल और ब्लैंकेट को अपने साथ में रखना कभी भी न भूलें , क्योंकि की यहाँ सर्दियों के समय काफी ज्यादा ठंड होती है।

यदि आप किसी कारण से गर्मियों में राम देवरा घूमने के लिए जा रहे हैं तो फिर आप अपने साथ एक बड़ा सा पानी के बोतल को रखना कभी भी न भूलें और साथ ही गर्मियों से बचने के लिए सनक्रीम और हैट को जरुर रखें।

निष्कर्ष

इस लेख की माध्यम से रामदेवरा के बारे में और साथ ही रामदेवरा में घूमने लायक जगह केबारे में , साथ राम देवरा में कब जाएँ , कैसे जाएँ , कहा रुके और रामदेवरा में स्थानीय भोजन कोन सा लें और रामदेवरा में घूमने के दोरान कितना खर्च होता है ? इन सारी चींजों की जानकारी इस लेख में आपको आसानी से मिल जाएगी।

इस लेख में आप रामदेवरा में घूमने की जगह  (Ramdevra Me Ghumne ki Jagah) के साथ ही जैसलमेर के बारे में भी जानने का मौका मिलता है।

इस लेख को आपके सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। आशा है की आपको हमारा यह लेख जरूर पसंद आया होगा। इस लेख को अपने सभी जरुरत मंद शेयर करना न भूलें , जो रामदेवरा में घूमने वाले पर्यटन स्थलों के बारे में जानने को इक्छुक हों। साथ ही अगर आपका कोई सवाल है , रामदेवरा के बारे में तो उसे भी कमेंट सेक्शन में अवश्य पूछें।

रामदेवरा क्यों प्रशिद्ध है ?

रामदेवरा अपने धार्मिक स्थल के लिए प्रशिद्ध है। यहाँ आपको काफी सारे धार्मिक स्थल , पर्यटक स्थल और दर्शनीय स्थल भी देखने को मिलते हैं।

बाबा रामदेव के असली पिता कोन थे ?

बाबा रामदेव के पिता का नाम रामनिवास और माता का नाम गुलाब देवी है , जिसका जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सैद अलीपुर गाँव में हुआ था।

रामदेवरा में मेले का आयोजन कब होता है ?

रामदेवरा में मेले का आयोजन भाद्रपद मास में होता है।

रामदेवरा में कौन से भगवान है ?

बाबा रामदेव जी को रामसा पीर या रामशाह पीर के नाम से भी जाना जाता है , जो की मुस्लिमों का भी आस्था और विश्वास है।

जोधपुर से रामदेवरा कितना किलोमीटर है ?

जोधपुर से रामदेवरा की दुरी 258.1 km है।

Leave a comment