10+ उज्जैन में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

मध्य प्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगह में आपको ज्यादा धार्मिक स्थल देखने को मिलते हैं। हिन्दुओं के लिए यह काफी पवित्र स्थान मन जाता है। इस उज्जैन की नगरी को आप शिप्रा नदी के किनारे देख सकते हैं। यहाँ आप हिन्दू पर्यटकों के साथ विदिशों पर्यटकों का भी हुजूम देख सकते हैं।

महाभारत काल में भी इसका उल्लेख देखने को मिलता है। महाभारत के समय में उज्जैन अवंति की राजधानी के रूप में जाना जाता है। उज्जैन का इतिहास 100 साल पुराना है यह एक समय में राजा विक्रमा दित्य की राजधानी हुआ करती थी। भारत में लगने वाला सबसे बड़ा मेला कुंभ का मेला जो की 12 से 15 दिनों तक चलता है , उज्जैन में ही लगता है।

उज्जैन में घूमने की जगह , जाने का समय और खर्चा

उज्जैन में घूमने की जगह में काफी सारे तीर्थ स्थल, धार्मिक स्थल मंदिरों के होने के कारण इसे मंदिरों की नगरी के नाम से जाना जाता है। अगर आप उज्जैन में घूमने जा रहे हैं और घूमने की पूरी जानकारी चाहते हैं तो फिर यह लेख आपके लिए काफी मददगार होने वाला है। साथ ही इसमें आप इस लेख में उज्जैन में घूमने का सही समय , कब जाएँ , कैसे जाएँ इन सारी चीजों की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। बस आप शुरू से अंत तक इस लेख में बने रहने का कष्ट करें।

Contents

उज्जैन के बारे में रोचक तथ्य – Interesting Fact About Ujjain In Hindi

  • मध्य प्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगह में आपको धार्मिक संस्कृति से जुड़े काफी सारे पर्यटन स्थल देखने को मिलते हैं जिस कारण से यह सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। यहाँ साल भर में लाखों के संख्या में सैलानी घूमने के लिए आते हैं।
  • यहाँ हर 12 साल में आपको कुम्भ का मेला देखने को मिलता है। जो की 12 से 15 दिनों तक चलता है और यहाँ पर आपको लाखों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटक देखने को मिलते हैं।
  • कहा जाता है जब समुन्द्र मंथन में अमृत निकला था तो उस समय अमृत पाने के लिए देवताओं और दानवों के बीच एक युद्ध हुआ था , इस युद्ध के दौरान अमृत का एक बून्द उज्जैन में गिरा था इस कारण से आज भी उज्जैन पवित्र है।
  • उज्जैन का संबंद कई विद्धवान शासकों से जैसे चन्द्रगुप्त द्वितीय ब्रह्मगुप्त और भरतचार्य से रह चूका है।
  • यह देश के सबसे तेजी से विकशित होने वाले राज्यों में से एक है।
  • यह शहर कभी विक्रमादित्य की राजधानी हुआ करती थी।
  • इसे कालिदास की नगरी भी कहा जाता है, जो विक्रमादित्य के दरबार में नौ रत्नों में से एक थे।
  • महाभारत काल में भी इसका उल्लेख देखने को मिलता है। भगवान श्री कृष्ण और उनके भाई उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के गुरु सांदीपनि के आश्रम में आये थे।
  • श्रीकृष्ण की एक पत्नी जिनका नाम मित्रवृन्दा है , उज्जैन की राजकुमारी थी।
  • उज्जैन को शिक्षा का बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है ,यहाँ का जंतर मंतर में खगोलीय विज्ञान का शिक्षा प्रदान की जाती है। जिसका निर्माण राजा जय सिंह ने करवाया था।

उज्जैन में लोकप्रिय पर्यटक स्थल – Best Places To Visit In Ujjain In Hindi

महाकालेश्वर मंदिर – Mahakaleshwar Temple

उज्जैन में घूमने की जगहों में सबसे पवित्र और प्रशिद्ध मंदिर यहाँ का महाकालेश्वर मंदिर है। यह यहाँ के सबसे बड़ा आकषर्ण का भी केंद्र है। यह हिन्दुओं का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाकालेश्वर की इस मंदिर में शिवजी की आरती भस्म से की जाती है। माना जाता है की इसके दर्शन मात्र से ही मोक्ष के दरवाजे खुल जाते हैं।

Mahakaleshwar Jyotirlinga
Source : Mahakaleshwar jyotirlinga

मध्य प्रदेश के उज्जैन के घूमने की जगह में इस मंदिर परिसर में आप महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंगों के आलावा और भी 5- 6 मंदिरों को देख सकते हैं। यहाँ आपको असीम भक्ति का अहसास होता है। यहाँ आप अलौकिक और अद्भुत अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यह मंदिर सुबह 4 बजे से शाम 11 बजे तक खुला रहता है। महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 4: 00 भस्म आरती होती है।

इस मंदिर में यदि आप बिना लाइन में खड़े होकर दर्शन करना चाहते हैं तो फिर आपको वी आई पी टिकट लेना होता है।

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राम मंदिर घाट – Ram Ghat Mandir

राम मंदिर घाट उज्जैन में घूमने की जगह में हिन्दुओ के लिए सबसे पवित्र धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल है। हिन्दू धर्म में यह मान्यता है की राम घाट में स्नान करने से आपके सारे पाप धूल जाते हैं। 12 वर्षों के बाद लगने वाला कुम्भ का मेला भी यही है। कुम्भ मेले में आने वाले सारे श्रद्धालु गण इसी राम मंदिर घाट में स्नान करते हैं।

Ram mandir ghat
Ram mandir ghat

यहाँ सुबह और समय होने वाला आरती का दृश्य अन्यन्त ही मनोरम और भव्य होता है। गंगा नदी पर आरती के आग की लपटों को देखने आपको काफी अलौकिक अनुभव देता है। इसके लिए यहाँ आपको 24 घंटा पहले ही स्पॉट को बुक करना होता है।

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उज्जैन का कुंभ मेला – Kumbh Mela Of Ujjain In Hindi

उज्जैन में घूमने की जगह में कुम्भ मेले को सबसे पवित्र और प्रमुख माना जाता है। यह हिन्दुओं के लिए काफी अहम तीर्थ मन जाता है। उज्जैन में लगने वाला कुम्भ मेले सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में प्रशिद्ध है। इस 12 वर्षीय कुम्भ मेले में आपको दुनियाँ भर के हिन्दुओं का आबादी देखने को मिलता है। 12 वर्ष के बाद लगने वाला इस कुम्भ के मेले में और यहाँ की पवित्र नदी में स्नान करना काफी शुभ माना जाता है।

Ujjain Simhastha
Source : Ujjain Simhastha

उज्जैन में लगने वाले इस महाकुंभ के मेला 12 वर्षों में एक बार लगता है और यह कुम्भ का मेला 12 दिनों तक चलता है। उज्जैन में जहाँ शिप्रा नदी और सरस्वती नदी का संगम होता है इसी विशाल कार्निवल में कुम्भ मेले का आयोजन होता है।

कुंभ मेले का दृश्य काफी भव्य होता है। इस मेले के दौरान हजारों विदेशी भी हिन्दू धर्म की महानता और पवित्रता देख कर हिन्दू धाम को अपनाते है। 12 वर्षों में लगने वाला यह कुम्भ का मेला पिछले बार 2016 में लगा था और भविष्य में यह 2018 में लगेगा।

उज्जैन का कलियादेह पैसेल – Ujjain Ki Kaliadeh Palace In Hindi

उज्जैन में घूमने की जगह सिर्फ भारत के धार्मिक स्थल और पर्टयन स्थल के लिए नहीं ,बल्कि ऐतिहासिक महत्व के लिए भी काफी प्रशिद्ध है। यदि आप उज्जैन में ऐतिहासिक महत्व को समझना चाहते हैं तो फिर उज्जैन में घूमने की जगह कालीदह पैलेश की यात्रा करना कभी भी न भूलें।

Kaliyadeh Palace
Source : Kaliyadeh Palace

धार्मिक रुप से भी यह उज्जैन में काफी महत्व रखता है। इसका निर्माण सबसे पहले 1958 में किया गया था। क्षिप्रा नदी के एक द्वीप में स्थित है , मुसलमानों के आने से पहले यह ब्रहमकुंड के नाम से प्रशिद्ध था।

इतिहास में जहांगीर और अकबर ने इस पैलेस का दौरा किया और बाद में इसे नष्ट कर दिया तब माधव राव सिंधिया ने इसकी आंतरिक खूबसूरती देख कर फिर से बनाने का फैसल किया।

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगह में यह पैलेस पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है। इस किले में दर्शन का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक रहता है। इस दौरान आप इस किले के भव्य खूबसूरती का मजा ले सख्त हैं।

उज्जैन का काल भैरव मंदिर : Kalbheraw Temple Of Ujjain In Hindi

उज्जैन में घूमने की जगह में यह काल भैरव मंदिर काफी प्रशिद्ध है। यदि आप प्राचीन हिन्दू संस्कृति को जानना और समझना चाहते हैं तो फिर यह आपके लिए शानदार विकल्प है। इसके आलवा आप भगवान शिव के उग्ररूप के लिए उज्जैन में घूमने की जगह में यह भैरव मंदिर काफी प्रशिद्ध है। यहाँ सालों भर भक्तों का आनाजाना लगा रहता है।

Kaal Bhairav Mandir
Source :Kaal Bhairav Mandir

मंदिर परिसर में आपको एक बरगद का पेड़ भी देखने को मिलता है , पेड़ के नीचे शिवलिंग की मूर्ति देखने को मिलती है। शिव भक्तों का मानना है की यहाँ यदि सच्चे दिल से यहाँ कोई भी मन्नते मांगी जाये तो अवश्य ही पूरा हो जाता है। महाशिवरात्रि के दौरान यहाँ पर विशाल मेले का आयोजन होता है , जहाँ आप हजारों की संख्या श्रद्धालुओं एवं कालभैरव के भक्तों सकते हैं।

डब्ल्यू डब्ल्यू एफ वाटर पार्क – WWF Water Park

उज्जैन मेंघूमने की जगह में ज्यादातर आपको धार्मिक स्थल और मंदिर देखने को मिलता हैं। मंदिर मंदिर और धार्मिक स्थलों से यदि आप ऊब चुकें हैं या किसी अच्छे से रोमांटिक जगह की तलाश में हैं तो फिर आपका डब्लू डब्लू एफ वाटर पार्क में आपका स्वागत है। यदि आप अपने बच्चों या परिवार वालों के साथ यहाँ आये हैं तो फिर यह उज्जैन में घूमने की जगह में यह वाटर पार्क आपके लिए बहुत ही खास होने वाला है।

Source : WWF Water Park Resorts

उज्जैन में सारे तीर्थ स्थल पर्यटन स्थलों को घूमने के बाद अपने बच्चों और परिवार वालों के साथ मनोरंजन और शकुन के कुछ पल बिताने के लिए यहाँ आपका स्वागत है। यह एक वाटर पार्क है इसलिए यहाँ आप पानी में होने वाले गतिविधियों का भरपूर मजा ले सकते हैं। मनोरंजन के लिए तथा ठहरने के लिए आप यहाँ अच्छा खाशा व्यवस्था है।

भर्तहरी केव – Bhartrihari cave in Ujjain

उज्जैन में घूमने की जगह में भर्तहरी गुफा का नाम भी शामिल है जो की पर्यटकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। यह गुफा आपको क्षिप्रा नदी के पास देखने को मिलेगा। इस गुफा का नाम विक्रमादित्य के भाई भर्तहरी के नाम पर पड़ा था जो की महान विद्वान और कवि थे।

Bhartrihari caves
Source : Bhartrihari caves

राजा विक्रमादित्य के भाई ने राजमहल की सारी सुख सुविधा को छोड़कर , गृहस्थ जीवन तथा सारा मोहमाया को त्याग कर यहाँ पर आकर बाकि जिंदगी ध्यान और साधना में गुजर दिए थे। उज्जैन में घूमने की जगह भर्तहरि गुफा में आज भी उनका समाधी स्थल देखने को मिलता है। उज्जैन में आने वाले पर्यटकों के द्वारा इसे काफी पसंद किया जाता है। यहाँ कुछ पल बिताने पर आपको काफी ज्यादा शांति का अनुभव प्राप्त होता है।

वेधशाला और जंतर मंतर – Vedhashala and Jantar Mantar

उज्जैन में घूमने की जगह में यह वेदशाला और जंतर मंतर का नाम काफी प्रशिद्ध है , जिसे पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है। इस वेदशाला को बनवाने का श्रेय सवाई जय सिंह को जाता है जिसने 17 वीं शताब्दी में इसका निर्माण करवाया था। पुराने समय में इस वेधशाला का उपयोग कई खगोलीय पिंडों की गति और खगोलीय पिंडों की घटनाओं के बारे में जानने के लिए किया जाता था, इनमे उपयोग में आने वाले यंत्र आज भी यहाँ देखने को मिलते हैं।

Source : Jantar Mantar

उज्जैन में घूमने की जगह में प्रशिद्ध जंतर मंतर का निर्माण 17वी शताब्दी में राजा जयसिंह के द्वारा करवाया गया था। जंतर मंतर के माध्यम से खगोलीय पिंडों की गति के अध्ययन किया जाता था।

उज्जैन का गोमती कुंड – Gomati Kund Of Ujjain

यदि आप उज्जैन में घूमने की जगह में किसी शांतिपूर्ण वातावरण वाले पर्यटन स्थल की तलाश में हैं तो फिर यहाँ के गोमती कुंड में आपका स्वागत है। गोमती कुंड उज्जैन में घूमने की जगह में विशाल और पवित्र जलाशय है। जिसका निर्माण भगवान कृष्ण ने अपने गुरु सांदीपनि मुनि के लिए इसके आश्रम के परिसर में ही करवाया था ताकि उन्हें पानी लाने के लिए ज्यादा दूर जाने का जरुरत न पड़े।

Gomati Kund
Source : Gomati kund

भगवान कृष्ण ने इसका निर्माण इस तरह से करवाया है , इस कुंड में आपको दुनिया के सारे पवित्र जल का मिश्रण मिल जाता है। 3000 वर्षों से इस आश्रम के लिए यही एक मात्र पानी का साधन है। भगवन कृष्ण के असीम कृपा से उज्जैन में स्थित पवित्र कुंड कभी भी सूखता नहीं है। यहाँ का शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

चिंतामन गणेश मंदिर – Chintamani Ganesh Mandir

उज्जैन में घूमने की जगह में प्रशिद्ध भगवान श्री गणेश का यह मंदिर पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किया जाता है , जो की क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है। इतिहासकारों का मानना है की यहाँ स्थित भगवान गणेश मूर्ति स्वयं प्रकट हुआ था। इसलिए उज्जैन में घूमने की जगह में यह मंदिर चमत्कारी मंदिर के रूप में प्रशिद्ध है।

Shri Chintaman Ganesh Temple
Source : Shri Chintaman Ganesh Temple

यहाँ आपको रोजाना हजारों की संख्या में देखने को मिलता है और श्रद्धालुओं का मानना है। यदि आप किसी तरह की मान्यता लेकर इस मंदिर में जाते हैं तो फिर भगवान गणेश की कृपा से आपकी सारी चिंताएं दूर हो जाती है और साथ ही यह उज्जैन में सबसे बड़ा गणेश मंदिर के रूप में प्रशिद्ध है।

रिद्धि सिद्धि मंदिर – Ridhi Sidhi Mandir

उज्जैन में घूमने की जगह में प्रशिद्ध यह रिद्धि सिद्धि मंदिर रूद्र सागर तालाब के किनारे बसा हुआ है। इस मंदिर की प्रशिद्धि सिर्फ हिंदुस्तान में नहीं बल्कि पुरे देश में है। यह मंदिर वैश्य समाज का प्रशिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में राजा विक्रमादित्य खुद पूजा करने के लिए आते थे।

Source : Riddhi Siddhi Mandir

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासयत यह है की यहाँ विक्रमादित्य के अलावा कोई भी शाषक विश्राम नहीं कर सकता था। आज भी कोई नेता या मंत्री यहाँ नहीं रुक सकता है। उज्जैन में घूमने की जगह में यह पर्यटन स्थल काफी खूबसूरत और पर्यटकों के लिए काफी पसंदीदा है। इसकी यात्रा करना कभी भी न भूलें।

उज्जैन में शॉपिंग प्लेस कौनसे है? – Best Shoping Center In Ujjain

जैसे मध्य प्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगहों की कोई कमी नहीं है ठीक उसी प्रकार से यहाँ खरदारी करने के लिए दुकाने या शापिंग प्लेस की कोई कमी नहीं है। घूमने के दौरान आप यहाँ तरह तरह की चीजों की ख़रीदारी कर सकते हैं।

यहाँ उज्जैन में घूमने की जगहों में सबसे सुप्रशिद्ध मार्किट विक्रमादित्य क्लॉथ मार्किट है , जो की आपको उज्जैन शहर के बीचों बीच देखने को मिलता है और यह मार्किट 3 दशक पहले से चला आ रहा है। यहाँ आपको कपड़ो की 298 दुकाने देखने को मिलती है। कपड़ों के थोक माल के लिए यह पुरे देश में प्रशिद्ध है।

इसके अलावे यहाँ आपको कुछ अन्य शोपिंग के दुकान भी देखने को मिलते हैं

  • बाफना स्वीट्स एंड नमकीन
  • ट्रेडिशनल बाजार
  • गहनों की बाजार
  • पाकीजा मॉल
  • गोपाल मंदिर मार्ग मार्किट
  • दिनेश गारमेंट

उज्जैन में खाने के लिए क्या फेमस है? -Best Famouse Food In Ujjain

क्योंकि उज्जैन एक धार्मिक स्थान है इसलिए यहाँ ज्यादातर आपको शाकाहारी भोजन ही देखने को मिलते हैं। सुबह के नास्ते के रूप में पोहा यहाँ की सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला भोजन है।

यहाँ आपको ज्यादातर पंजाबी और राजस्थानी खाना देखने को मिलता है। साथ ही आप यहाँ साउथ इंडियन खाने का भी स्वाद ले सकता हैं। यहाँ आप दाल मालपुआ और बाटी जैसे तरह तरह के भोजन का भी आनंद ले सकते हैं , जिन्हे यहाँ काफी पसंद किया जाता है।

भगवान शिव के भांग को भी यहाँ खूब पसंद किया जाता है।

उज्जैन में रुकने की जगह – Best Accommodation Places In Ujjain

मध्यप्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगह में यहाँ आपको काफी सारे धार्मिक स्थल , पर्यटन स्थल और मंदिर मंदिर देखने को मिलते हैं। अब बात आती है रुकने की तो यहाँ आपको छोटे बड़े , सस्ते और महंगे , ऐसी तथा नॉन ऐसी दोनों तरह के रूम एवं होटल आपको आसानी से मिल जायेंगे।

इन सब के अलावा अपने ट्रिप को और भी ज्यादा खास बनाना चाहते हैं तो यहाँ आप आश्रमों में रुक सकते हैं। यहाँ महाकालेश्वर मंदिर में आपको भक्त निवास देखने को मिलता है। साथ ही जितने भी पर्यटक स्थल है लगभग सारे पर्यटन स्थलों में आपको आश्रम देखने को मिलते हैं , जहाँ आपका कम खर्चे में या सस्ते में ठहरने का व्यवस्था हो जाता है।

उज्जैन घूमने के लिए सबसे बेहतरीन समय – Best Time To Visit In Ujjain

उज्जैन घूमने के लिए गर्मियों और बरसात का मौसम बिलकुल भी सही नहीं होता है , क्योकि गर्मियों के समय यहाँ काफी ज्यादा गर्मी ( 45 डिग्री सेल्सियस ) होता है।

उज्जैन में घूमने की जगहों में भर्मण करने के लिए सर्दियों का मौसम सुखद शानदार व सुहावना होता है , क्योंकि इस समय यहाँ तापमान 20 डिग्री होता है जो की घूमने के लिए काफी सही होता है।

उज्जैन कैसे पहुंचे? – How To Reach Ujjain

मध्य प्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगह में काफी सारे पर्यटन स्थल , धार्मिक स्थल एवं मंदिर देखने को मिलते हैं जो की सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि पुरे भारत में प्रशिद्ध है। इसलिए यहाँ का परिवहन मार्ग चाहे रेल मार्ग, हवाई मार्ग या सड़क मार्ग पुरे भारत के छोटे बड़े शहरों से काफी अच्छी तरह से जुडी हुई है। इसलिए आप अपने बजट और लोकेशन को देख कर सड़क मार्ग, रेल मार्ग या हवाई मार्ग किसी भी तरह से यहाँ की यात्रा को काफी आराम और इत्मीनान के साथ पूरी कर सकते हैं।

सड़क मार्ग – By Road

चूँकि सड़क मार्ग भारत के सभी छोटे बड़े शहरो से काफी अच्छी तरह से जुड़ी है। इसलिए सड़क मार्ग उज्जैन की यात्रा के लिए सबसे सुखद और आरामदायक होता है। यहाँ आप सरकारी बसों या फिर आप अपने निजी वाहनों के द्वारा पहुंच सकते हैं।

यदि आप अपने निजी वाहनों के द्वारा आते है या उज्जैन में किसी ऑटो रिक्सा या टैक्सी किराए पर लेकर यात्रा करते हैं तो आप उज्जैन में घूमने की जगह के सारे पर्यटन , धार्मिक स्थानों और मंदिरों के दरवाजे तक आप आसानी से पहुँच सकते हैं।

रेल मार्ग – By Train

उज्जैन में आपको काफी बड़ा रेलवे स्टेशन देखने को मिलता है जो की भारत के सभी छोटे बड़े रेल नेटवर्क से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

इनके बावजूद भी यदि आप भारत के ऐसे किसी ऐसे सदुर इलाके या कस्बों से हैं जहाँ से आपको उज्जैन के लिए डायरेक्ट ट्रेन नहीं मिल रहा है तो आप भोपाल , इंदौर दिल्ली एवं मालदा के रूट से उज्जैन के लिए डायरेक्ट ट्रेन ले सकते हैं।

हवाई मार्ग – By Airways

उज्जैन में उज्जैन का अपना कोई भी हवाई अड्डा नहीं है। उज्जैन का सबसे करीबी हवाई अड्डा उज्जैन से मात्र 55 किलोमीटर की दुरी पर है , जिसका नाम हरिया बाई होलकर हवाई अड्डा है। भारत के सभी प्रमुख शहरों से यहाँ के लिए रोजन फ्लाइट सुविधा उपलब्ध होती है। अपने शहर के नजदीकी हवाई अड्डा से आप यहाँ के लिए आसानी से टिकट ले सकते हैं।

इसके बाद आगे की यात्रा आप यहाँ के किराये के टैक्सी या ऑटो रिक्शा से पूरा कर सकते हैं और इसकी मदद से आप उज्जैन में घूमने की जगहों में सारे पर्यटन स्थलों को काफी अच्छी तरह से भर्मण कर सकते हैं।

भारत के मुख्य शहरों से उज्जैन की दूरी

  • दिल्ली 802.1
  • जयपुर 511.7
  • जोधपुर 564. 8
  • कोलकाता 1659.7
  • मुंबई 636.2
  • बंगलौर 1395
  • अहमदाबाद 394.1
  • हैदराबाद 1040.4
  • चेन्नई 1664.8

उज्जैन के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और भोजनालय

मध्यप्रदेश के उज्जैन में घूमने की जगहों में काफी सारे पर्यटन स्थल होने के कारण यहाँ होटल , रेस्टोरेंट और भोजनालय सिर्फ मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि पुरे भारत में प्रशिद्ध है। उनमे से कुछ प्रशिद्ध होटल निम्नलिखित है

  • धर्मशाला
  • अपना स्वीट्स उज्जैन
  • मेघदूत पंजाबी ढाबा
  • मदक रेस्टोरेंट
  • न्यू सुदामा रेस्टोरेंट्स
  • स्वरुचि रेस्टोरेंट

उज्जैन कैसे घूमे?

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पहुंचने के बाद , उज्जैन में घूमने की जगहों में सारे पर्यटन स्थलों का पैदल भर्मण कर पाना असंभव है और यदि पैदल यात्रा करना चाहते हैं तो फिर उसके लिए आपको काफी ज्यादा समय देना होता है , जो की सम्भव नहीं है।

इसलिए यहाँ पहुँचने के बाद आप किराये का ऑटो या टैक्सी ले सकते हैं और उज्जैन में घूमने की जगह में सारे पर्यटनी स्थलों तक आसानी से घूम सकते हैं।

इसके आलवा यदि आप अपने निजी वाहनों से यहाँ पर घूमने आये हैं तो पुरे उज्जैन में घूमने की जगहों में कहीं भी अपनी मर्जी से बिना किसी रुकावट या झंझट के साथ घूम सकते हैं। यदि आपका बजट अच्छा है तो यह आपके सबसे बेस्ट विकल्प हो सकता है।

उज्जैन घूमने का खर्चा

अगर आप कही पर भी घूमने के लिए जाते हैं तो वह का खर्चा आपके घूमने के तरीके ,लोकेशन कितनी दुरी तय करके आप घूमने के लिए आते हैं, किस तरह होटल के कमरे को बुक करते हैं , किस तरह की खान पान आपको पसंद है। इन चीजों पर निर्भर करता है।

  • होटल के रूम का खर्च 400₹ से 1200₹
  • प्रत्येक प्लेट खाना 100 ₹ से 300 ₹

इन सब के अलावा उज्जैन में घूमने की जगहों में 8 से 10 पर्यटन स्थलों में घूमने का खर्चा 2000 से 2500 तक हो सकता है। यह बढ़ भी सकता है यदि आप यहाँ आने के लिए हवाई जहाज का उपयोग करते हैं और घुमने की अवधि को बढ़ा देते हैं।

उज्जैन घूमते समय साथ में क्या रखें?

वैसे ज्यादातर पर्यटक उज्जैन में घूमने की जगहों के सारे पर्यटन स्थलों को एक्सप्लोर करने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच आते हैं क्योंकि इस समय ठंडी के समय होता है। जो की काफी सुहावना मौसम होता है इसलिए यदि आप इस समय यहाँ घूमने के लिए या भर्मण के लिए आ रहे हैं तो फिर अपने साथ सर्दियों के समय उपयोग में आने वाले गर्म कपड़ों स्वेटर और कंबल को अपने साथ रखना न भूलें।

अगर आप किसी कारण से गर्मियों में यहाँ आ रहे हैं तो अपने साथ पानी के बोतल , सन क्रीम और धुप से बचने के लिए अपने हेट को अपने साथ जरूर रखें।

निष्कर्ष

इस लेख में आपको उज्जैन में घूमने की जगह पर्यटन स्थल धार्मिक स्थल और मंदिरों के बारे में सारी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। उज्जैन में जाने का कोन सा समय सही है , कैसे जाएँ , क्या खाएं , घूमने के लिए कोन से साधन का सही इस्तेमाल करें। इन सारी चीजों की जानकारी आपको आसानी से मिल जाएगी।

इस लेख को अपने ऐसे दोस्तों के साथ करना न भूलें , जो की उज्जैन में घूमने की जगहों के बारे में जानकारी के लिए काफी ज्यादा इक्छुक है।

साथ ही यदि उज्जैन में घूमने की जगह के बारे में किसी भी तरह का सवाल मन में चल रहा हो तो उसे क्यूमेंट करके पूछना बिलकुल भी न भूलें।

उज्जैन में किस महीने में जाना चाहिए ?

उज्जैन में घूमने के लिए सबसे अच्छा समय मार्च से अप्रैल और ऑक्टूबर से नवम्बर का महीना सही होता है।

उज्जैन घूमने के लिए कितना खर्च आता है ?

उज्जैन घूमने के लिए प्रति व्यक्ति का खर्चा 2 दिनों के लिए 2500 से 3000 होता है।

उज्जैन घूमने में कितने दिन का समय लगता है ?

उज्जैन घूमने के लिए 2 से 3 दिनों का समय काफी होता है।

क्या यहाँ रात में कोई रुक सकता है ?

कहा जाता है उज्जैन में सिर्फ एक ही राजा है और वह है वहां का महाकाल बाबा , इसके आलावा यहाँ कोई भी राजा रात में नहीं रुक सकता है।

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर कब जाना चाहिए ?

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए सबसे समय सर्दियों का समय ओक्टुबर से मार्च तक होता है।

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