वैष्णो देवी मंदिर में घूमने की जगह , खर्चा और जाने का समय की सम्पूर्ण जानकारी

Vaisno Devi Me Ghumne Ki Jagah : इस लेख में वैष्णो देवी में घूमने की जगह और वैष्णो देवी मंदिर से सम्बन्ध्ति सारी जानकारी आपको काफी सरल शब्दों में मिलने वाली है। कहा जाता है इस मंदिर का निर्माण 700 साल से पहले किया गया था। इस मंदिर का निर्माण एक ब्राहाण पुजारी पंडित श्रीधर के द्वारा करवाया गया था।

Veshno Devi Me Ghumne Ki Jagah

अगर आप माता रानी के भक्त है और वैष्णो देवी के यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं तो आप बिलकुल ही सही जगह पर है। इस लेख को पढ़ने के बाद आपको वैष्णो देवी से सम्बंधित जानकारी एवं समस्याओं का निदान काफी आसान शब्दों में मिलने वाली है।

वैष्णो देवी यात्रा हिन्दुओं के लिए प्रशिद्ध तीर्थ यात्रा मन जाता है। यह मंदिर आपको कटारा से 12 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिलता है। समुद्र तल से इस मंदिर की ऊंचाई 5200 फ़ीट है।

कहा जाता है वैष्णो देवी मंदिर घूमने की इच्छा हर हिंदुयों को होती है लेकिन यहाँ जाने का सौभाग्य सर उन लोगों को ही मिल पता है जिसे स्वयं माता रानी ने ही बुलावा भेजा हो , अगर आप उनमें से एक हैं तो आपको इस लेख में बने रहना है। आपको एक एक करके सारी जानकारी काफी आसान शब्दों में मिलने वाली है।

वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन, खर्चा और जाने का समय | Vaishno Devi Kaise Jaye

अगर आप वैष्णो देवी मंदिर में यात्रा करने के लिए जा रहे हैं। तो यहाँ आपको भक्तों की काफी भरी भीड़ देखने को मिलेगा , क्योंकि हर साल यहाँ लाखों की संख्या में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। माता रानी के इस वैष्णो देवी मंदिर की महिमा अपरम्पार है कहते हैं जो कोई भी यहाँ दर्शन के लिए आते हैं वो कभी भी खाली हाथ वापस नहीं जाते हैं।

आपको वैष्णो देवी की यात्रा कटारा से करना होता है। इसकी यात्रा 24 घंटे की होती है। वैष्णो देवी का यह मंदिर आपको कटारा से 12 किलो मीटर की दुरी में देखने को मिलता है।

यात्रा आप कटरा से कर सकते हैं। आपको मंदिर तक जाने के लिए बहुत सारे चेक पोस्ट को पार करने की जरूरत होती है। यात्रा आरंभ करने के दौरान आपको का पर्ची मिलती है। जिसे 6 घंटे की यात्रा करने के बाद एक चेक पॉइंट पर एंट्री करनी होती है। यह पहला चेकपॉइंट आपको बाल गंगा में देखने को मिलता है।

ज्यादातर लोग वैष्णो देवी की यात्रा की शुरुवात कटारा से ही करना पसंद करते हैं। कटारा में कुछ देर आराम करने के बाद लोग यहाँ वैष्णो देवी की यात्रा की शुरवात करते हैं। वैष्णो देवी की यात्रा करने से पहले इस बात का आपको विशेष ध्यान रखना होता है , की यहाँ यात्रियों को एक एक दम से खड़ी चढाई करनी होती है। जिसके बाद आपको माता रानी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है।

वैष्णो देवी मंदिर के पर्यटन स्थलों में से एक नाम भैरव मंदिर का भी आता है जो की आपको कटारा से 3 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। अगर आपका शारीरिक स्वास्थ अच्छा है ख्याल से आपको यहाँ पैदल ही यात्रा करना चाहिए

लेकिन यदि आप शारीरिक रूप से सक्षम नहीं हैं तो इस तरह के यात्रियों के लिए और भी कई सारी व्यवस्था भी है। जैसे की पालकी की यात्रा कर सकते हैं , घोड़े की यात्रा कर सकते हैं और यहाँ पर आपको हेलीकाप्टर की भी सुविधा मिल जाती है। लेकिन आपको हर किसी के लिए अलग चार्जेस देना होता है। जैसे की घोड़े के लिए आपको 900रुपया देना होता है। हेलीकाप्टर से यात्रा करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आपको 1730 रुपया चूकना होता है एवं पालकी से जाने के लिए 2500 रुपया देना होता है।

वैष्णो देवी मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य

वैसे तो हर हिन्दुओं का ख्वाब वैष्णो देवी मंदिर जाने तथा वैष्णो देवी में घूमने वाले जगहों के भ्रमण करने का होता है। लेकिन यह सबके सौभग्य में नहीं होता है। अगर आप सौभग्य शाली हैं तो आपको वैष्णो देवी में घूमने का मौका मिल रहा है तो जाने से पहले आपको वैष्णो देवी के बारे में कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए –

  • वैष्णो देवी की मान्यता यह है की आप अपनी मर्जी से कभी भी यहाँ नहीं जा सकते हैं यानि की जब ताकि किसी को भी वैष्णो देवी के तरफ से बुलावा नहीं आता है तब तक आप वहां तक नहीं जा सकते हैं।
  • कहा जाता है अगर आप किसी भी गर्भवती महिला को वैष्णो देवी मंदिर लेकर जाते हैं तो उसके गर्भ में पलने वाले बच्चों पर माता रानी की कृपा हमेशा बानी रहती है एवं वह बालक काफी विलक्षण विभूति वाला पैदा होता है।
  • वैष्णो देवी मंदिर में स्थित गुफा में आप गंगा नदी के जल प्रवाहित होते देख सकते हैं और जब यह मंदिर तक जाता है तो यह मंदिर पूरी तरह से शुद्ध हो जाता है।
  • कटरा से इस मंदिर की दुरी 13 किलोमीटर में स्थित है और इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 6200 फ़ीट ऊँची है।
  • वैष्णो देवी में आपको तीन पीढ़ियां देखने मिलती है। लेकिन सबों को एक ही नाम पूजा जाता है।
  • कहा जाता है इस गुफा में देवी दुर्गा ने 9 महीने बिताये थे इसलिए यह गुफा गर्भाजून के नाम से प्रशिद्ध है।
  • माता ने जिस स्थान में भैरव का वध किया था वह स्थान आज के समय में भैरव मंदिर के नाम से प्रशिद्ध है।
  • वैष्णो देवी मंदिर में आपको एक गुफा देखने मिलता है जो की 98 फीट लम्बी है। इस गुफा के पास आपको एक चबूतरा भी देखने मिलता है कहा जाता है माता वैष्णोवी कभी इसमें विराजमान हुआ करती थी। इसलिए यह चबूतरा वैष्णवी आसान के नाम से जाना जाता है।

वैष्णो देवी में घूमने की जगह | Vaishno Devi Me Ghumne Ki Jagah

1. मां वैष्णो देवी धाम कटरा

माँ वैष्णो देवी का यह मंदिर कटरा जम्मू कश्मीर का सबसे प्रशिद्ध मंदिर है। वैष्णो देवी यह मंदिर को और भी अनेकों नाम जैसे की त्रिकुटा वैष्णवी के नाम से प्रशिद्ध है। पौराणिक ग्रंथो के अनुसार यह मंदिर 108 शक्ति पीठों के रूप में प्रशिद्ध है। जहाँ भैरवनाथ राक्षस का वध किया गया था , यह जगह आज के समय में ”भवन” के नाम से प्रशिद्ध है।

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यहाँ आपको एक ही समूह में महाकाली, महासरस्वती एवं महालक्ष्मी तीनो की प्रतिमाएं देखने को मिलती है इन पिंडो के समूह को ही वैष्णो देवी के नाम से जाना जाता है। यह आपको कटारा से 14 किलोमीटर की दुरी में त्रिकूट पर्वत में देखने को मिलेगा।

यह हिन्दुओं का बहुत ही पावन मंदिर है। यहां आने के बाद माँ दुर्गा के भक्त मनोवांक्षित फल पाते हैं। आप भी अपनी मनोकामना को पूरी कर सकते हैं। कहा जाता है माँ दुर्गा के इस मंदिर में आरती के समय में वैष्णो देवी गुफा में विराजमान देख सकते हैं।

2. सिहाड़ बाबा

सिहाड़ बाबा वैष्णो देवी में घूमने वाले स्थानों के रूप में एक प्रशिद्ध वाटर फॉल है। पर्यटकों के घूमने के लिए काफी अच्छी पर्यटन स्थल है। सिहाड़ बाबा खूबसूरत झरना है जिसे की यहाँ आने वाले पर्यटकों के द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। इस झरने की ऊंचाई 20 मीटर है जिसके नीचे लोग नहाना पसंद करते हैं। सिहाड़ बाबा झरना जम्मू कश्मीर के चेनाब नदी पर बना हुआ है।

पहले यहाँ पर पर्यटकों को नहाने के लिए खुली छूट दी गयी थी , लेकिन 3 साल पहले किसी हदसा के कारण पहले के तरह पर्यटकों को यहाँ नहाने के लिए खुली छूट नहीं है। फिर भी कुछ दुरी पर लोग यहाँ नहाने का मौका नहीं छोड़ते है।

3. नौ देवी मंदिर

वैष्णो देवी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में एक नाम आता यही नौ देवी मंदिर का। अगर आप वैष्णो देवी मंदिर घूमने जा रहे हैं। तो कटारा से 10 किमी की दुरी पर एक नौ देवी मंदिर है जो की देखने में बिलकुल ही वैष्णो देवी मंदिर के जैसा है। जहाँ मोटे से मोटा आदमी भी काफी आसानी से पार कर लेते हैं। इस मंदिर का भर्मण करना बिलकुल भी न भूलें। कटरा आने वाले सारे श्रद्धालु यहाँ आने का मौका कभी भी नहीं छोड़ते हैं।

4. अर्ध कुवारी गुफ़ा

अर्धकुवारी गुफा वैष्णो देवी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में काफी लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। यह जानकारी आपको काफी ज्यादा ख़ुशी होगा की यह गुफा यहाँ आने वाले लोंगो के लिए विश्राम गृह के रूप में कार्य करता है। इस गुफा की लम्बाई 52 फ़ीट है और इस गुफा को गार्भाजन गुफा के नाम से जाना जाता है , क्योंकि गुफा का आकर देखने में बिलकुल ही माता के गर्भ जैसा दिखता है।

इस गुफा से जुडी का पौराणिक कथा भी मौजूद है जो की यहाँ की काफी प्रशिद्ध है एवं कहानी कुछ इस प्रकार से हैं जब माता वैष्णो के द्वारा भैरव नाम के दैत्य का वध किया गया था तब उसका आधा शरीर अर्ध कुँवरि गुफा में जा कर गिरा था एवं उसका कटा हुआ सर दूर घाटी में जा कर गिरा था।

5. चरण पादुका मंदिर

वैष्णो देवी में घूमने वाले जगहों में यह चरण पादुका बाण गंगा से 1.5 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है एवं यह मंदिर 1023 मीटर की ऊंचाई वाले पहाड़ पर स्थित है। यहाँ आपको माता के चरणों के निशान देखने को मिल जाते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक इस स्थान की दर्शन करने का मौका कभी भी नहीं छोड़ते हैं। अगर आप वैष्णो देवी के इस खूबसूरत से पर्यटन स्थल को देखने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ पर माता टेकना एवं आश्रीवाद लेने का मौका कभी भी न छोड़े।

6. बाबा धनसर

बाबा धनसर का यह मंदिर वैष्णो देवी में घूमने लायक स्थानों में काफी ज्यादा चर्चित एवं प्रशिद्ध है। बाबा धनसर का यह मंदिर कटरा से 17 किलोमीटर की दुरी पर करुआ झील के पास करुआ गांव में स्थित है। अगर आप यहाँ बाबा धनसर का दर्शन करना चाहते हैं तो आपको 200 मीटर के नीचे जाना होगा। यहाँ पास में आपको का एक शिव मंदिर भी देखने को मिलता है। बाबा धनसर के साथ उनका भी दर्शन करते जाएँ।

पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार बाबा धनसार कोई और नहीं शेषनाग के पुत्र थे , जो की एक संत प्रवृति के इंसान थे। पुराने समय में करुआ गांव में एक राक्षस का आतंक हुआ करता था। जो की गांव के लोंगो को काफी ज्यादा परेशान किया करते थे। तब सारे गांव वाशियों ने मिलकर बाबा धनसर से मदद की गुहार लगाई। उसके बाद बाबा धनसर ने भगवान शिव से सहायता मांगी , तब जाकर भगवान शिव के द्वारा उस राक्षस का ख़त्म किया गया। इस वजह से यहाँ प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के समय में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। अगर आप यहाँ घूमने फिरने के आ रहे हैं तो यहाँ पर इस मेले में घूमने का मौका कभी भी न छोड़े।

7. पटनी टॉप

यदि आप वैष्णो देवी मंदिर को आध्यत्मिक स्वर्ग कहते हैं तो कटरा से 80 किलोमीटर की दुरी में स्थित पटनी टॉप में जाना कभी भी न भूलें , जो की प्राकृतिक बैकुंठ के नाम से प्रशिद्ध है। पटनी टॉप हिमालय की गोद में बसा हुआ है जो हिमालय की घने जंगलों एवं लम्बे लम्बे देवदार के वृक्षों से घिरा हुआ काफी खूबसूरत पर्यटन स्थल है। वैष्णो देवी में घूमने वाले स्थानों में यह खूबसरत सा पर्यटन स्थल जम्मू कश्मीर के उधम जिले में स्थित है। चेनाब नदी के किनारे स्थित इस पटनी टॉप में आपको अद्भुत खूबसूरत नज़ारे देखे को मिलते हैं। साथ ही यहाँ आप बेहतरीन एडवेंचर एक्टिविटी जैसे पैराग्लाइडिंग , ट्रैकिंग रॉक क्लाइमिंग का भरपूर आनंद ले सकते हैं।

अगर आप सर्दियों के मौसम में आ रहे हैं तो यहाँ के भारी बर्फ़बारी को देखने का भी सौभग्य प्राप्त कर सकते हैं। मार्च 2017 में यहाँ भारत की सबसे लम्बी सुरंग 9.2 किलोमीटर का उद्धघाटन किया गया था , जो की चेनानी नाशरी सुरंग जो की पटनी टॉप सुरंग के नाम से जाना जाता है।

8. त्रिकुटा पर्वत

कटरा में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में यह त्रिकुटा पर्वत काफी पवित्र जगह है। जहाँ शर्धलुवों का काफी ज्यादा भीड़ देखने को मिलता है। हिन्दू धर्म में इसे काफी ज्यादा पवित्र तीर्थ माना जाता है। त्रिकुटा पर्वत आपको देवघर एवं दुमका के रास्ते देखने को मिलेंगे , जो की 10 किमी की दुरी पर स्थित है। एवं इसकी ऊंचाई 752 मीटर है। यह प्रशिद्ध देवी स्थान त्रिकुटाचल के नाम से प्रशिद्ध है , जो की तीन शिखर वाला विशाल एवं अध्भुत पर्वतशृंखला है।

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए यहाँ आपको भगवान शिव का एक अध्भुत मंदिर देखने को मिलता है। जहाँ आप भगवान महादेव की भी पूजा कर सकते हैं। यहाँ आप भगवान शिव के साथ त्रिशूली की भी पूजा करने का मौका मिलता है। त्रिकुटा पर्वत वैष्णो देवी में घूमने की फेमस जगहों में से एक है। यह जगह पिकनिक मानाने वालों के द्वारा भी काफी ज्यादा पसंद किया जाता है।

9. बाबा जित्तो

वैष्णो देवी में बाबा जित्तो का भी मंदिर घूमने वाले स्थानों में काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। अगर आप बाबा जित्तो के मंदिर का दर्शन करना चाहते हैं तो आपको जम्मू कश्मीर से 14 .5 दुरी पर स्थित का गांव झीड़ी में आना होता है। बाबा जित्तो की याद में हर साल यहाँ का शानदार मेले का आयोजन होता है। बाबा जित्तो के बारे में एक कहानी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। कहा जाता है की बाबा जित्तो माता रानी के अनन्य भक्त थे एवं उनकी काफी ज्यादा पूजा अर्चना किया करते थे।

बाबा जित्तो के इस भक्ति भावना से ख़ुशहोकर देवी भगवती ने बाबा जित्तो को वरदान मांगने के लिए कहा , लेकिन बाबा जित्तो ने कहा मुझे कुछ नहीं चाहिए , मेरे बदले आप इन किसानो के जिंदगी में खुशहाली ला दें।

उस समय सारे किसानों के खेत पानी नहीं होने के कारण से काफी सूखा रहते थे , और इस वजह से किसान काफी ज्यादा निराश रहा करते थे। वैष्णो देवी के वरदान के बाद से इस धरती पर साल में सात बार अलग अगल मौसम में काफी शानदार बारिश होने लगी। खेतों में अच्छा खासा पानी होने की वजह से किसानो का फसल भी लहलाने लगा। तब से किसान बारिश के बाद जो भी फसल होता है उसे पहले जा कर जित्तो मंदिर में चढ़ाते हैं। इस तरह से आप वैष्णो देवी में घूमने के दौरान यहाँ जित्तो की महिमा को देख सकते हैं।

10. देवी पिंडी

यदि आप ट्रेकिंग के शोक रखते हैं तो आपको वैष्णो देवी में घूमने वाले दर्शनीय स्थलों के इस देवी पिंड में आने का मौका कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए। इस मंदिर तक पहुँचने के लिए आपको 3 घंटा तक ट्रेक करने की जरूरत होती है। ट्रैकिंग का रास्ता कटारा से 8 किलोमीटर की दुरी पेंथल से शुरू होती है। यह जगह वैष्णो देवी का अस्थाई निवास स्थान है , यहाँ साल के कुछ महीनों में वैष्णो देवी खुद ही निवास करने के लिए आती है।

11. भैरव मंदिर

यह भैरव मंदिर आपको वैष्णो देवी के करीब ही देखने को मिल जायेगा। इसे आप कटरा आते समय रस्ते में ही देख सकते हैं। जो की कटरा से मात्र 2 किलोमीटर की दुरी पर है। यह मंदिर 2017 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। जो की त्रिकूट पर्वत के नजदीक है।

कहा जाता है की यदि आप वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं और अगर आप भैरव मंदिर के दर्शन के बिना है लोट आते हैं तो आपकी यात्रा को अधूरी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार जब माता के द्वारा भैरव नाथ का वध किया गया था , जिस जगह पर भैरव नाथ का सर गिरा था वह जगह आज के समय में भैरव मंदिर के रूप में प्रशिद्ध है।

12. गीता मंदिर

वैष्णो देवी में घूमने वाले प्रशिद्ध स्थानों में यह गीता मंदिर आपको वाण गंगा के नजदीक ही देखने को मिल जाते हैं। अगर आप वैष्णो देवी के मंदिर में दर्शन करने के लिए जाते हैं तो उसके पहले गीता मंदिर के दर्शन जरूर कर लें जो की आपको रस्ते में ही मिल जयेगा।

वैष्णो देवी मंदिर यात्रा के दौरान रुकने की जगह

जैसे की आप पहले ही जाना चुके हैं की वैष्णो देवी की यात्रा हिंदुओं के लिए काफी पवित्र तीर्थ माना जाता है इसलिए हर वर्ष आपको यहाँ पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु देखने को मिलते हैं। अगर आप भी उनमे से एक हैं तो यहाँ रुकने के लिए बिलकुल भी आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहाँ आपको रुकने के लिए काफी अच्छे अच्छे धर्मशाला एवं हॉस्टल मिल जाते हैं। जहाँ आप काफी कम खर्चे में भी रुक सकते हैं। यहाँ आप निशुल्क भी रह सकते हैं।

जैसे की आप को पता है यात्रा की शुरुवात कटरा से करनी होती है यहाँ भी यात्रियों के लिए रुकने के लिए काफी अच्छे खासे परबंद किये जाते हैं। यहाँ आपको बहुत सारे विश्राम गृह एवं हॉल मिल जायेंगे जहाँ यात्री अपने रात अच्छी तरह से गुजर सके।

वैष्णो देवी में भी यात्रियों रुकने के लिए अच्छी खासी व्यवस्था की गयी है। जब वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा हो जाती है तब कटरा में श्रद्धालुओं के रुकने के लिए निशुल्क व्यवस्था की जाती है।

यहाँ पर यात्रा के दौरान आपको किसी भी प्रकार से रुकने की समस्या नहीं होने वाली है। यहाँ आपके लिए हर तरह से रुकने की व्यवस्था की गयी है। आप चाहे तो यहाँ कम ख़र्चों में भी रुक सकते हैं। किराये में भी मकान ले सकते हैं।

यहाँ यात्रियों के लिए निःशुल्क कंबल एवं बिस्तर की भी व्यवस्था भी की गयी है। जहाँ आपको 100 रूपये का डिपोसिट लेना होता है , जिसे की बाद में कंबल लौटते वक्त कमिटी के द्वारा वापस कर दिए जाते हैं। यहाँ आप चाहे तो 60 रूपये प्रति बेड में भी रात गुजर सकते हैं।

वैष्णो देवी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय

जैसा की आपने ऊपर ही अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर लिया है , वैष्णो देवी मंदिर कश्मीर में स्थित है। और जम्मू कश्मीर में सालों भर काफी ज्यादा ठण्ड रहती है। ऐसे में यदि आप ठंड के मौसम में यहाँ आने प्लान कर रहे हैं तो यह आपके लिए बिलकुल ही घाटे का सौदा है। ठंड ऋतू के समय में यहाँ का तापमान माइन्स में होता है। जो की आप जैसे यात्रियों के लिए असहनीय होता है।

वैष्णो देवी में जब कभी भी आने के मन हो यहाँ आने लिए सिर्फ गर्मियों के मौसम में ही योजना बनायें। इस समय में यहाँ का तापमान यात्रियों के अनुकूल होता है।

वैष्णो देवी मंदिर कैसे पहुंचे?

आप भारत के किसी भी शहर कस्बे या जिले से क्यों न हों आप जम्मू कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर में रेलवे , सड़क एवं हवाई मार्ग के द्वारा काफी आसानी से पहुँच सकते हैं। जो भी आपके बजट में फिट हो एवं जो भी आपको पसंद आये उसकी यात्रा आप कर सकते हैं। तीनों मार्ग की जानकारी आपको काफी सरल शब्दों में दी गई है –

हवाई मार्ग – अगर आप वैष्णो देवी के यात्रा के लिए हवाई मार्ग से आने के लिए सोच रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की वैष्णो देवी के करीबी हवाई अड्डा रानी बाग हवाई अड्डा है। जो कटारा कैम्प से मात्र 50 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। हवाई अड्डा पहुँचते ही आपको आगे की यात्रा के लिए बस एवं टैक्सी मिल जायेंगे जो की आपको आपके गणत्व तक आसानी से पहुंचा सकते हैं।

रेल मार्ग – अगर आप वैष्णो देवी की यात्रा ट्रेन से करना चाहते हैं तो आपको बता दें , की यहाँ वैष्णो देवी मंदिर के पास आपको काफी सारे रेलवे स्टेशन देखने को मिल जाते हैं। वर्तमान समय में कटरा भी काफी प्रशिद्ध रेलवे स्टेशन बन चूका है। जो दिल्ली ,मुंबई जैसी लोकप्रिय शहरों से सीधे ही ट्रेन की सुविधा प्रदान करता है। इस प्रकार से आप देश की किसी भी कोने से यहाँ तक रेलवे सफर करके पहुँच सकते हैं।

सड़क मार्ग -अगर आपको सड़क मार्ग के द्वारा यात्रा करना अच्छा लगता है तो आपको किसी भी प्रकार से चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज का समय में वैष्णो देवी तक पहुँचने के लिए जम्मू कश्मीर का का सड़क मार्ग देश के कोने कोने से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ। जिस कारण वैष्णो देवी में घूमने के पर्यटन स्थलों तक जाने के किसी भी श्रद्धालु को किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।

वैष्णो देवी का प्रसिद्ध स्थानीय भोजन

वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान यहाँ यात्रियों का कश्मीरी भोजन से स्वागत किया जाता है। वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान यहाँ के कश्मीरी भोजन कश्मीरी पुलाव , रोगन जोश एवं कश्मीरी साग जैसे व्यंजन का स्वाद लेने का मौका कभी भी न छोड़े। यहाँ रोटी के रूप में खबीर काफी ज्यादा प्रशिद्ध है जिसका की चाय एवं मख्खन के साथ बड़े ही चाव के साथ आनंद लिया जाता है।

यात्रा के दौरान आप यहाँ पर कृष्ण की राजमा , कश्मीर बैंगन , यखनी करी एवं दम आलू का भरपूर मजा ले सकते हैं।

वैष्णो देवी में कैसे घूमे?

वैष्णो देवी के बारे में आप उपर पढ़ ही चुके हैं की वैष्णो देवी की यात्रा की शुरुवात आप कटरा से कर सकते हैं। अब बात आती है यहाँ घूमने की तो , यहाँ वैष्णो देवी घूमने के लिए तीन तरह की व्यवस्था की गयी है –

  • पहला आप घुड़सवारी के द्वारा आप पुरे वैष्णो देवी की यात्रा कर सकते हैं जिसका किराया आपको 900 रुपया देना होता है।
  • दूसरे नंबर में आता है हेलीकाप्टर सवारी जिसमें आपको 1730 रुपया में खर्च करना होता है। उसके बाद आप पुरे वैष्णो देवी का शानदार आसमानी नजारा आपको देखने को मिलता है।
  • अगर आपके साथ कोई बुजुर्ग व्यक्ति है जिसे की चलने में काफी दिक्क्तों का सामना करना होता है , उसके पालकी की सुविधा की गयी है। जिसका खर्च मात्र 2500 रुपया आता है।

वैष्णो देवी घूमते वक्त अपने साथ क्या रखें?

जैसा की आपको हर यात्रा के दौरान कुछ जरुरी चीजों को अपने साथ रखना होता है जैसे की मेडिसिन बॉक्स , कुछ जरुरी दस्तावेज इस तरह की जरुरी चीजों को हमेशा अपने साथ में रखें।

इसके अलवा आपको जैसे की आप जानते हैं वेशों देवी की यात्रा के लिए आपको खड़ी चढाई करनी होती है। इस दौरान भूख का लगना आम बात होती है। इसलिए आपको यहाँ पर इमरजेंसी कैश के तौर पर खाने पीने की चीजें जैसे ड्राई फ्रूट एवं फल को अवश्य ही साथ रखना चाहिए।

वैष्णो देवी मंदिर जाने का खर्चा

अब बात आती है वैष्णो देवी में घूमने फिरने के खर्च की तो अगर यहाँ आप टूरिस्ट पैकेज में जाना चाहते हैं तो फिर आप 3000 से 4000 में पुरे वैष्णो देवी का भर्मण आप पुरे 2 दिनों तक बड़े ही इत्मीनान से कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ पर्शनल खर्चों को मिला लिया जाय तो आपको 4 से 5 हजार और एक्स्ट्रा खर्च करना होता है। अंततः सारे खर्चों को जोड़ लिया जाय तो इसके लिए आपको 7000 से 10000 में पुरे वैष्णों देवी का भर्मण काफी आसानी से कर सकते हैं।

FAQ

वैष्णो देवी कब घूमने के लिए जाना चाहिए ?

वैष्णो देवी घूमने सबसे अच्छा समय गर्मियों का समय होता है जो की मई से जून बीच पड़ता है।

वैष्णो देवी में कितने किलोमीटर की पैदल चढाई करनी पड़ती है ?

वैष्णो देवी में 14 किलोमीटर की पैदल करनी होती है।

वैष्णो देवी जाने से पहले आपको क्या करना जरुरी होता है ?

वैष्णो देवी जाने से पहले आपको रजिस्ट्रेशन करवाना अति आवश्यक होता है।

वैष्णो देवी में कितनी सीढ़ियां चढ़नी होती है ?

वैष्णो देवी में 740 सीढ़ियाँ हैं।

कटरा में आपको खाने के लिए क्या मिलेगा ?

यहाँ आपको खाने के लिए ज्यादातर बादाम , अखरोट , जामुन और सूखे सेव जैसे ड्राई फ्रूट ही मिलेंगे ।

निष्कर्ष

कटारा में स्थित यह वैष्णो देवी मंदिर सिर्फ उत्तर भारत या दक्षिण भारत में ही नहीं बल्कि इसकी प्रशिद्धि आपको विदेशों में भी देखने को मिलेगा। यहाँ हर साल लाखों की संख्यां में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। जिसमे भारी संख्या में आपको विदेशी पर्यटक भी देखने को मिलते हैं।

मेरे आज के इस लेख में आपको वैष्णो देवी में घूमने की जगह (vaishno Devi Me Ghumne Ki ) जाने का समय एवं खर्चा से संबंधिति सारी जानकारी काफी आसान शब्दों मिल जाएगी।

उम्मीद है की मेरे द्वारा दिया गया यह जानकारी आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हुआ होगा , इसके बावजूद भी यदि आपको किसी भी तरह का सवाल आपके मन में चल रहा है तो इसे मेरे कमेंट सेक्शन में पूछना बिलकुल भी न भूलें।

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