10+ वाराणसी में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

Varanasi Me Ghumne ki Jagah : मेरे इस लेख में आपको वाराणसी में घूमने की जगह , जाने का का समय और खर्चा से सम्बंधित सारी जानकारी बड़ी ही आसानी से मिल जाएगी। पुरे भारत में संत फकीरों के लिए एवं अध्यात्म में रूचि रखने वालों के लिए काफी पवित्र जगह है। हिन्दू धर्म से नाता रखने वाले हर भारतीयों के लिए यहाँ आने का सपना होता है। वाराणसी आध्यात्मिक राजधानी के रूप में भी प्रशिद्ध है।

वाराणसी में घूमने की जगह , जाने का समय एवं खर्चा

वाराणसी उत्तर प्रदेश में स्थित है एवं जो की आपको गंगा नदी के किनारे देखने को मिलता है। यहाँ आप लाखों की संख्या में पर्यटकों का भीड़ देख सकते हैं। इनमे से सिर्फ देशी ही नहीं विदेशी भी आपको काफी श्रद्धालु देखने को मिल जाते हैं। वाराणसी में विदेशी पर्यटकों के भीड़ को देखने से इस बात का अंदाजा लगता है की उनकी भारतीय संस्कृति के प्रति कितनी आस्था रहती है।

वाराणसी को काशी एवं बनारस के नाम से जाता है। यह भगवान शिव के नगरी के रूप में भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। अगर आप वाराणसी में घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ आपको कई सरे छोटे बड़े मंदिर देखने को मिल जाते हैं। यहाँ आपको वाराणसी में स्थित 84 घाट को भी देखने का मौका मिलता है।

कुल मिलाकर आज के मेरे इस लेख में वाराणसी में घूमने की जगह , जाने का सही समय , कुल खर्चा , वारणसी का प्रशिद्ध भोजन , कब जाएँ, कैसे जाएँ, कहा रुकें , यहाँ होने वाले परेशानियों का सामना कैसे करें , इन सारी चीजों की जानकारी आपको काफी आसानी से तथा काफी सरल शब्दों में जानने को मिल जाती है। बस शुरू से अंत तक इस लेख में आपको बने रहने की जरूरत है।

वाराणसी से संबंधित कुछ रोचक तथ्य

  • वाराणसी को दुनियाँ का सबसे पुराना शहर कहा जाता है। इसे 3000 वर्षों से अधिक पुराना माना जाता है।
  • माना जाता है यहाँ जिस किसी का भी दाह संस्कार होता है। उसे सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • यहाँ एशिया का सबसे बड़ा विश्व विद्यालय देखने को मिलता है।
  • दुनियाँ में सबसे अधिक घाट आपको यहीं पर देखने को मिलता है। यहाँ कुल 84 घाट मौजूद है। यहाँ आप सबसे ज्यादा नदी का तट देख सकते हैं।
  • यही वह स्थान है जहाँ पर मेढ़क की शादी बड़े धूमधाम से करायी जाती है।
  • इसी जगह पर पंडित रविशंकर एवं उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे प्रशिद्ध कलाकारों का जन्म हुआ था।
  • हर साल हजारों की संख्या में यहाँ पर लोग भर्मण के लिए आते हैं। उनमे से सैकड़ों यहाँ पर आके बस जाते हैं।

वाराणसी में लोकप्रिय पर्यटक स्थल (Varanasi Tourist Places in Hindi)

वाराणसी का तुलसी मानस मंदिर

अगर आप वाराणसी में घूमने के लिए आ रहे हैं तो वाराणसी में घूमने की जगहों में यहाँ आपको एक से बाद एक मंदिरें देखने को मिल जाती है। यहाँ की हर छोटी बड़ी मंदिर काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। एवं हर मंदिर की अपनी एक अलग विषेशता है। उनमे से एक नाम आता है। तुलसी मानस मंदिर का जो की यहाँ के मंदिरों में सबसे प्रशिद्ध मंदिर है।

Shri Satynarayan Tulsi Manas Mandir
Shri Satynarayan Tulsi Manas Mandir

तुलसी मानस मंदिर को 1964 में बनवाया गया था , जिसे की बनवाने का श्रेय कोलकाता के एक व्यापारी जाता है। यह मंदिर आपको वाराणसी से मात्र 5 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जाती है। मंदिर का भर्मण करते समय आप मंदिर के प्रत्येक खम्बे में आप रामचारित मानस को पढ़ सकते हैं , जिसे की मंदिर के खम्बे में उकेरा गया है। वाराणसी में घूमने लायक प्रशिद्ध मंदिरों में यह तुलसी मानस मंदिर 2 मंजिल मंदिर है। पहली मंजिल में आपको राम लक्ष्मण , सीता , शिव , हनुमान एवं अन्नपूर्णा माता की मूर्ति देखने को मिलती है। वही दूसरी मंजिल में आप संत तुलसीदास की प्रतिमा को देख सकते हैं।

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तुलसीदास जी इसी जगह पर रामायण जैसे महाकाव्य की रचना की थी , इसलिए इस जगह को तुलसीमानस मंदिर के नाम से जाना जाता है। सुबह के समय यह मंदिर 5:30 बजे से दोपहर के 12 बजे तक खुला रहता है। फिर शाम को 3 बजे से 9 बजे के बीच यह मंदिर है।

वाराणसी का भारत माता मंदिर

वाराणसी में घूमने वाले स्थानों भारत माता का यह मंदिर काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। इस मंदिर को भारत माता मंदिर कहने के पीछे का विशेष कारण है की यहाँ आपको अपने देश भारत से सम्बंधित हर तरह की छोटी बड़ी जानकारी बड़ी ही आसानी से मिल जाती है। इस मंदिर के दर्शन करते ही आपको भारत की अद्भुत संस्कृति के बारे में जानने को मिलती है।

Bharat Mata Temple
Bharat Mata Temple

काशी विद्यापीठ में स्थित भारत माता के इस मंदिर को बनवाने का श्रेय महात्मा गाँधी एवं शिव प्रसाद गुप्ता को जाता है।इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है की यहाँ पर आपको भारत माता का एक नक्शा देखने को मिलता है। इसे बनवाने के लिए सफ़ेद ,संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है। अगर आपको पुस्तके पड़ने का शौक है तो यहाँ ऐसे पाठकों को ध्यान में रखते हुए इसकी भी काफी अच्छी व्यवस्था की गयी है। वाराणसी से यह मंदिर बिलकुल एक किलोमीटर की दुरी में स्थित है। इसलिए यहाँ आने के बारे में बिलकुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। 1 किलोमीटर की दुरी आप आसानी से पैदल ही तय कर सकते हैं।

वाराणसी का दुर्गा माता मंदिर

वाराणसी में घूमने वाले मंदिरों में यह दुर्गा माता का भी मंदिर यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के बीच काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। दुर्गा माता के इस मंदिर के अंदर आपको देवी माता दुर्गा की प्रतिमा देखने को मिलती है। इस मंदिर को बंगाल की एक महारानी ने 18 वीं शताब्दी में बनवाया था। इस मंदिर के निर्माण में लाल बलुवा पत्थर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया गया है। अगर आप इस मंदिर को देखने के लिए जा रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की मंदिर के अंदर आपको माँ काली , माँ लक्ष्मी , माँ सरस्वती एवं भैरवनाथ की काफी सुंदर मूर्ति देखने को मिलती है।

Shri Durga Temple
Shri Durga Temple

इस मंदिर में माता रानी के भक्तों का भरी भीड़ देखने को मिलता है। यहाँ नवरात्री के समय में आपको भक्तों की भारी भीड़ आपको देखने को मिलता है। इस समय में अगर आप यहाँ घूमने के लिए आते हैं तो आपको यहाँ एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है। इस समय यहाँ आप भक्तों में काफी उल्लास एवं उमंग का माहौल देख सकते हैं। इसके अलावा आप सावन के महीनों में भी यहाँ आ सकते हैं क्योंकि यहाँ इस समय यहाँ आपको शानदार मेला देखने को मिलता है। पुरे एक महीने तक चलने वाले इस मेले में आप भरपूर मजा ले सकते हैं।

संकट मोचन मंदिर

वाराणसी में घूमने वाले स्थानों में संकट मोचन का यह मंदिर आपको देवी दुर्गा मंदिर के समीप ही देखने को मिलता है। इस मंदिर का निर्माण पंडित मदन मोहन मालवीय ने 19 वीं शताब्दी को करवाया था। स्थानीय लोंगो के द्वारा इस मंदिर को वानर मंदिर के नाम से पुकारा जाता है। क्योंकि इसके आसपास आपको काफी सारे बंदरो का बसेरा देखने को मिल जाता है।

Sankatmochan Temple
Sankatmochan Temple

कहा जाता है की का बार जब तुलसी दस जी यहाँ पर सो रहे थे तो उसके सपने में हनुमान जी आये थे। फिर उन्होंने ही यहाँ पर हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की। तब से यह संकट मोचन के नाम से प्रशिद्ध हो गया।

जैसा की इसका नाम ही संकट मोचन मंदिर है इसलिए यहाँ आने वाले भक्त गण अपने सारे दुःख तकलीपों को इस मंदिर में छोड़ जाते हैं और अपने जिंदगी में ख़ुशीहाली ले जाते हैं।

काशी मंदिर

वाराणसी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में काशी विश्वनाथ मंदिर यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। काशी में यह मंदिर सबसे ज्यादा प्रशिद्ध है। गंगा नदी की किनारे स्थित इस मंदिर का इतिहास तीन हजार साल से भी ज्यादा पुराना माना जाता है। भगवान विश्वनाथ का दूसरा नाम विश्वेश्वर है जिसका मतलब होता है पुरे ब्रह्माण्ड का मलिक। यह मंदिर 12 ज्योर्तिलिंगों में प्रशिद्ध मंदिर है , यहाँ भगवान शिव की पूजा की जाती है।

Shri Kashi Vishwanath Temple
Shri Kashi Vishwanath Temple

इस मंदिर में कुछ चीजों को लेके जाना शक्त मना है जैसे की यहाँ पर फोटो खींचने के लिए कैमरा को ले जाना शक्त मना है , यहाँ आप पूजा अर्चना के दौरान इलेक्टॉनिक गैजेट्स मोबाइल आदि को भूल कर भी नहीं ले जा सकते हैं।

यहाँ के मंदिर के मीनार को पूरी तरह से सिर्फ और सिर्फ सोने से ही बनाया गया है। जिसमे कुल मिलकर के 8 कुंतल सोने इस्तेमाल किया गया है। मंदिर के समीप आपको एक कुआँ भी देखने को मिलता है। जिसे की ज्ञान वापी कुआँ कहा जाता है। अगर आप हिन्दू है तब ही इस कुवें में जा सकते हैं। एवं इस मंदिर के समीप आपको काफी सारे छोटे छोटे मंदिर देखने को मिलते हैं। इनमे से कुछ के नाम इस प्रकार से हैं। काल भैरव, विनायक , वीरू विनायक पाख गौरी आदि।

बनारस की मणिकर्णिका घाट

अगर आप वराणसी घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ आपको एक से घाट देखने को मिलते हैं। लेकिन उनमे से एक घाट मणिकर्णिका घाट देखने को मिलती है जिसे की सबसे पवित्र घाट माना जाता है। जब कभी भी इस घाट में आप घूमने के लिए आते हैं तो इसके चारों तरफ आपको मंदिर ही मंदिर देखने को मिलेंगे एवं साथ ही इसके आसपास आपको काफी सारी चिताएं भी जलती देखने को मिलेगी।

Manikarnika Ghat
Manikarnika Ghat

जो कोई भी व्यक्ति इस मणिकर्णिका घाट में घूमने के लिए या किसी परिजन का दाह संस्कार करने के लिए आता है। सारे व्यक्ति की यही इच्छा होती है की यहीं पर उनका दाह संस्कार हो , जिससे उनके आत्मा को सीधे मोक्ष की प्राप्ति हो सके। ऐसा इसलिए सोचते हैं क्योंकि कहा जाता है बनारस की पावन धरती पर जिस किसी का भी दाह संस्कार किया जाता है उसकी आत्मा को बिना भटके ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।

वाराणसी की चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ

वाराणसी में घूमने लायक पर्यटन स्थलों में एक नाम चन्द्रप्रभा वाइल्डलाइफ का भी आता है। वाराणसी से मात्र 70 किलोमीटर की दुरी पर आपको शानदार वाइल्डलाइफ देखने को मिल जाती है। यहाँ आप तरह तरह के झरने देख सकते हैं एवं पर्यटकों के द्वारा इसे काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। यहाँ मुख्य रूप से आपको दो झरना देखने को मिलता है – एक राजदारी झरना एवं देवदरी झरना

Chandra Prabha Wildlife Sanctuary
Chandra Prabha Wildlife Sanctuary

देवदरी झरने की अपनी खास विशेषता है। इस झरने के अंदर आपको एक कुंड ददखने को मिलेगा , अगर आप उस कुंड में कोई भी पत्थर को फेंकते हैं तो वह पत्थर पानी में निचे न जाकर वापस आपके पास आ जाता है।

वाराणसी की भारत कला भवन

वाराणसी में घूमने वाले स्थानों में यह भारत कला भवन आपको हिन्दु विश्वविद्यालय के पास ही देखने को मिल जाते हैं। इसे 1920 में बनवाया गया था। इस भारत कला भवन का नाम एशिया के सबसे बड़े संग्रहलय में आता है।

 Bharat Kala Bhavan Museum
 Bharat Kala Bhavan Museum

इस संग्रहलय की सबसे बड़ी खासियत यह है की यहाँ आपको भारत में प्रशिद्ध सारे शैलियों के चित्रों का संग्रह आपको यहाँ देखने को मिल जाता है। यहाँ आप 12 हजार से भी ज्यादा चित्रों के शैलियों को देख सकते हैं। अगर आप भारतीय चित्रकला के प्रेमी है तो वाराणसी में घूमने वाले जगहों में यह जगह आपको काफी ज्यादा पसंद आने वाला है।

वाराणसी का अस्सी घाट

बनारस में आपको कुल 84 घाट देखने को मिलते हैं। इनमे से सबसे ज्यादा प्रशिद्ध एवं प्रमुख घाट अस्सी घाट को माना जाता है। अस्सी घाट के आसपास आपको बहुत सारे मंदिर देखने मिलते हैं। अस्सी घाट का निर्माण अस्सी घाट एवं गंगा संगम से हुई है। यहाँ आपको बाबा जगनाथ का मंदिर में देखने को मिल जायेगा , जो की काफी ज्यादा प्रशिद्ध है।

Assi Ghat
Assi Ghat

अगर आप यहाँ घूमने के लिए आ रहे हैं तो यहाँ आयोजित होने वाले शानदार मेले को घूमने का मौका कभी भी न छोड़े। शाम के समय आयोजित होने वाले गंगा आरती का भी दर्शन करना बिलकुल भी न भूलें क्योंकि यहाँ आने वाले पर्यटकों के बीच यह प्रमुख आकर्षण केंद्र है।

बनारस की सिल्क एंपोरियल

आपने अपने जिंदगी में कभी न कभी बनारसी साड़ी के बारे में जरूर सुना होगा। बनारस सिर्फ अपने मंदिरों एवं पर्यटन स्थलों के लिए ही प्रशिद्ध नहीं है। अगर आप यहाँ घूमने आ रहे हैं तो आपने माँ बहन एवं पत्नी के लिए यहाँ के बनारसी साड़ी को ले जाना कभी भी न भूलें।

Banaras silk market
Banaras silk market

बनारस के छावनी रोड में आपको आपको सारी बनारसी साड़ी देखने को मिल जाएगी , जहाँ से आपको काफी वाज़िम दामों में बेहतरीन साड़ियों मिल जाएगी। जहाँ से आप अपने परिवार वालों के लिए मनपसंद साड़ियां खरीद सकते हैं।

वाराणसी का रामनगर किला

वाराणसी में घूमने वाले पर्यटन स्थलों में इस रामनगर किले का नाम यहाँ के सबसे प्राचीन किले में आता है। यह किला आपको रेलवे स्टेशन से मात्र 10 किलोमीटर की दुरी में देखने को मिल जाता है। इसे काशी के राजा बलवंत सिंह 1750 में बनवाया था। आज के समय में इस किले का महाराज अनंत नारायण जी हैं।

Ramnagar Fort
Ramnagar Fort

रामनगर किले को चुनार बालू से बनवाया गया है। यहाँ का मुख्य दरवाजा लाल रंग का बना हुआ है। अंदर जाते समय आपको चार गेट देखने को मिल जायेगें। साथ ही इस रामनगर किले में आपको 400 कमरे देखने को मिल जायेंगे।

अगर आप यहाँ घूमने का और इस किले को देखने को मन बना रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह किला सुबह 10 बजे से लेकर शाम को 5 बजे तक खुला रहता है। भारतीय के लिए यहाँ का प्रवेश शुल्क मात्र 15 रुपया है और बच्चों के लिए यहाँ का प्रवेश शुल्क मात्र 10 रुपया है। फिरंगियों के लिए यहाँ का प्रवेश शुल्क 400 रुपया है।

सारनाथ मंदिर

बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह काफी पवित्र स्थल है। इस मंदिर में आप रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटकों का भीड़ देख सकते हैं। भारत के राष्ट्रीय अशोक स्तम्भ का निर्माण भी इसी जगह से हुआ है। भगवान बुध ने भी इसी जगह पर ज्ञान की प्राप्ति की थी। उन्होने आपना पहला प्रवचन भी इसी जगह पर किया था। वाराणसी से मात्र 13 किलोमीटर की दुरी में आपको सारनाथ देखने को मिल जाते हैं।

अगर आप यहाँ घूमने के लिए जाते हैं तो आपको यहाँ बहुत ही शांतिपूर्ण माहौल देख सकते हैं और इस शांतिपूर्ण माहौल में आप कुछ समय भी बिता सकते हैं। सारनाथ में आप हरे भरे बगीचों के साथ और भी कई स्तूप भी देख सकते हैं उनके नाम कुछ इस प्रकार से हैं – धमेक स्तूप , चौखंडी स्तूप , धर्मराज का स्तूप

वाराणसी में शॉपिंग करने की प्रसिद्ध जगह

  • विश्व नाथ लेन
  • गोलघर
  • चौक
  • दाल मंडी
  • गोदौलिया मार्किट

अन्य वाराणसी में घूमने लायक जगहें (Tourist Places in Varanasi City)

  • बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय
  • संकट मोचन हनुमान मंदिर
  • राजदरी जलप्रपात
  • फन सिटी वाटरपार्क
  • चौसट योगिनी मंदिर
  • संत रविदास पार्क

वाराणसी में खाने के लिए प्रसिद्ध भोजन

अगर आप बनारस घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें , बनारस में घूमने के लिए सिर्फ यहाँ मंदिर ही प्रशिद्ध नहीं है। यहाँ का भोजन भी आपको काफी ज्यादा पसंद आने वाला है। नास्ते में रूप में यहाँ के लोग पूड़ी सब्जी या कचोरी सब्जी को काफी ज्यादा पसंद करते हैं।यहाँ का मटर चूड़ा भी पर्यटकों को खूब भाता है। क्योंकि यह देवों के देव महादेव की नगरी है इसलिए यहाँ आपको तरह तरह की मिठाइयां भी देखने को मिलती है। इनमे से गर्म जलेबी एवं लांग लत्ता को यहाँ आने वाले पर्यटकों द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। कहते हैं की यहाँ की लांग लत्ता इतनी शानदार एवं स्वादिस्ट होती है। यदि एक बार इसे आप चखते हैं तो इसे बार बार चखने का मन करेगा।

लांग लत्ता के बाद यहाँ और भी अन्य प्रकार की मिठाईयाँ आपको यहाँ देखने को मिलती है उनके नाम कुछ इस प्रकार से हैं टमाटर चाट , बनरसी लस्सी एवं ठंडाई। इनका भी क्रेज यहाँ श्रद्धालुओं के बीच काफी ज्यादा देखने को मिलता है। यहाँ का बनारसी पान भी काफी ज्यादा प्रशिद्ध है। अपनी यात्रा के दौरन इसे एक बार जरुरु चखें।

वाराणसी में रुकने की जगह

जैसे की आपने पहले ही जानकारी ले ली हैं वाराणसी में घूमने वाले स्थानों में आपको एक से बढ़कर एक मंदिर देखने को मिल जाते हैं। जैसे यहाँ मंदिरों की संख्या में आपको कोई कमी देखने को नहीं मिलती है। उसी प्रकार यहाँ ठहरने के लिए भी आपको काफी शानदार होटल मिल जाते हैं।

यहाँ आपको सस्ते एवं महंगे होटल दोनों तरह के होटल मिल जाते हैं। आप अपने बजट एवं सुविधा अनुसार होटल को बुक कर सकते हैं। चाहे तो आप यहाँ रुकने के लिए गंगा के किनारे टेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

वाराणसी घूमने के लिए सबसे अच्छा समय

अब बात करते हैं वारणसी में घूमने जाने के समय के बारे में। वाराणसी में घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का समय होता है। क्योंकि इस समय यहाँ का मौसम काफी सुहावना , सुखद एवं घूमने लायक होता है। इस समय में घूमने में आपको सचमुच काफी ज्यादा मजा आने वाला है।

लेकिन वहीँ यदि आप गर्मियों में यहाँ घूमने का प्लान बनाते हैं। तो इस समय में आपका सारा का सारा प्लान , अत्यधिक गर्मी के कारण चौपट हो जायेगा। यहाँ की गर्मी में काफी ज्यादा असहनीय होती है लेकिन सर्दियों के समय में यहाँ का वातावरण पर्यटकों को काफी ज्यादा पसंद आता है।

वाराणसी कैसे जाएं?

क्योंकि वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है एवं यह अध्यात्म की नगरी के रूप में प्रशिद्ध है। इसलिए यहाँ से पुरे भारत में कहीं भी जाने के लिए यातायात के साधनों की जबरदस्त व्यवस्था की गयी है। आप भारत एवं दुनियाँ के किसी भी कोने से यहाँ पर ट्रेन, बस एवं हवाई जहाज के द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन मार्ग से वाराणसी कैसे जाएं?

वराणसी में आपको तीन रेलवे स्टेशन देखने को मिल जाते हैं – वाराणसी रेलवे स्टेशन , बनारस रेलवे स्टेशन एवं मंडावोड रेलवे स्टेशन। जो की देश के सभी छोटे बड़े रेलवे स्टेशन से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप देश के किसी भी कोने से यहाँ तक रेलवे मार्ग के द्वारा आसानी से पहुँच सकते हैं।

सड़क मार्ग से वाराणसी कैसे जाएं?

आप किसी भी बड़े शहरों जैसे की दिल्ली , मुंबई से वाराणसी के लिए साधारण या डीलक्स बस को बुक करके आसानी से पहुँच सकते हैं। पहले आप अपने शहरों से इन शहरों के लिए बस की टिकट बुक करा लें। फिर वहां से आगे की यात्रा की शुरुवात करें।

वायु मार्ग से वाराणसी कैसे जाएं?

अगर आपको हवाई यात्रा करना अच्छा लगता है। तो आप अपने शहर से बनारस के लाल बहदुर शास्त्री हवाई अड्डा के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।

FAQ

वराणसी घूमने में कितना समय लगता है ?

वाराणसी को घूमने के लिए कम से कम दो दिन अवश्य लग जायेंगे ?

वाराणसी में घूमने के लिए कौन सा समय बेहतर है ?

वाराणसी में घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च तक समय एकदम से सही होता है।

बनारस में क्या ख़रीदे ?

बनारस में घूमने के दौरान आप बनरसी साड़ी पान लस्सी एवं मिठाइयाँ बहुत कुछ खरीद सकते हैं।

वराणसी में कौन सी नदी बहती है ?

वाराणसी में गंगा नदी बहती है।

बनारस का असली नाम क्या है ?

बनारस का असली नाम काशी है।

निष्कर्ष

मेरे इस लेख में आपको वाराणसी में घूमने वाले जगहों (Varanasi Me Ghumne ki Jagah)के बारे में सारी जानकारी काफी आसान शब्दों में मिलने वाली है। आशा करते हैं की मेरा यह लेख आपकी यात्रा में काफी ज्यादा मददगार साबित होने वाला है। मेरे इस लेख की सहायता से आप अपनी यात्रा का भरपूर मजा ले सकते हैं और काफी सारे पैसे को भी बचा सकते हैं ।

अगर मेरा यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हुआ है तो आप इसे अपने मित्र मण्डली में शेयर करना कभी भी न भूलें।

मेरे इस लेख से सम्बंधित किसी भी तरह के शिकायत एवं सुझाव आपके मन में चल रहा हो तो इसे कमेंट बॉक्स में अवश्य जा रहे हैं।

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