15 +विशाखापट्टनम में घूमने की जगह, खर्चा और जाने का समय

Visakhapatnam Me Ghumne ki Jagah : आन्ध्रप्रदेश की राजधानी विशाखापट्टमम भारत के सबसे विकसित शहरों में से एक है यदि आप विशाखापत्तनम में घूमने की जगह(Visakhapatnam Me Ghumne ki Jagah) के बारे में जानकारी लेने को इक्छुक है तो फिर इस लेख में शुरू से अंत तक बने रहे।

विशाखापटनम में घूमने की जगह, जाने का समय और खर्चा

यह भारत के सबसे विकसित शहरों में से एक है , यहाँ का चकाचोंध और ग्लेमर जिंदगी सभी पर्यटकों को आकर्षित करता है। विशाखापट्नम आन्ध्रप्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। यह शहर पूर्व के गोवा नाम से भी मशहूर है। यहाँ की खूबसूरती लेटेराइट पहाड़ी और रेतीले समुंदर तट पर्यटकों का मन मोह लेती है।

विशाखापटनम आन्ध्रप्रदेश की राजधानी होने के साथ काफी खूबसूरत सफल और प्रशिद्ध शहर है , साथ ही विशाखापट्नम में घूमने की जगह की कोई कमी नहीं है , यह एक अद्भुत टूरिस्टिक प्लेस का रोले भी बखूबी निभाता है।

Contents

विशाखापट्टनम के बारे में रोचक तथ्य

यदि आप कही भी घूमने जा रहे है या फिर घूमने का मन बना रहे है तो फिर वहां जाने से पहले जितनी हो सके जानकारी हाशिल कर लें। आइये विशाखापट्नम के बारे के कुछ महत्वपुर्ण बिंदु को समझने की कोशिश है।

  • विशाखापटनम एशिया का सबसे बड़ा शहर हुआ करता था, यह पे सबमरीन म्युसियम शुरू किया गया था और उसके बाद देश की लोंगो को समरीन और जहाज के बारे में जानकारियां मिलनी शुरू हुई।
  • विशाखापटनम भारत के पूर्वी हिस्से में होने के कारण यह भारत पूर्व के गोवा के नाम से जाना जाता है।
  • पूर्वी तट पर बहुत सारे शहर है , लेकिन पूर्वी समुंदर तट पर विशाखापत्तनम तीसरे सबसे बड़े शहरों में आता है।
  • विशाखापत्तनम ही एकलौता ऐसा जगह है, जहाँ दो बंदरगाह स्थित है। दोनों बंदरगाह काफी बड़े हैं , जहा आपको खूबसूरत बीच और हसीं नज़ारे देखने को मिलता है।
  • भारत का सबसे पुराना शिपयार्ड विशाखापत्तनम में ही है जिसे हिंदुस्तान लिमिटेड के नाम से जाना जाता है। इसका निर्माण बालचंद और हीराचंद ने करवाया था , शुरुवाती के दिनों में इसे सिंधिया शिपयार्ड के नाम से जाना जाता था। वालचंद हिराचंद की मृत्यु कुछ सालों के बाद भारत सरकार ने इसे अपने अदिकारण में लेले लिया और फिर इसका नाम हिंदुस्तान शिपयार्ड पड़ा।
  • दक्षिण भारत में अल्लुरी सीताराम का नाम काफी प्रशिद्ध है जिसने दक्षिण भारतीय लोंगो के बीच क्रांति लाने का कार्य किया और यहाँ के विकाश में इनका काफी बड़ा योगदान रहा है , विशाखापत्तनम सबसे बड़ा बदलाव का श्रेय अल्लुरी सीताराम राजू को जाता है।

विशाखापत्तनम में घूमने की जगह – Visakhapatnam Me Ghumne ki Jagah

कैलाशगिरी विशाखापट्नम में घूमने की जगह

कैलाशगिरि विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में प्रशिद्ध पर्यटन स्थल है और काफी अच्छा हिल स्टेशन के रूप में भी जाना जाता है। यहाँ आपको 360 फ़ीट पहाड़ देखने को भी देखने को मिलता , यहाँ शिव और पार्वती की बड़ी से प्रतिमा देखने को मिलती है।

kailashgiri
Source : kailashgiri

भगवान शिव और पार्वती की की बड़ी सी प्रतिमा और यहाँ का खूबसूरत वातावरण पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। यहाँ काफी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

बोर्रा गुफा

बोर्रा गुफा विशाखापतनम में घूमने की जगह में सबसे प्रशिद्ध गुफा है क्योंकि यह देश की सबसे पुरानी और बड़ी गुफा के रूप में जानी जाती है। यह अराकू घाटी के अनंत गिरी पहाड़ियों में स्थित है , जो अपनी प्राचीन कहानियों के लिए प्रशिद्ध है।

Bora Caves
Source : Bora Caves

यह गुफा 700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है , इसकी खोज 1807में हुई थी इस गुफा को घूमना अपने आप में एक अलग रोमांच पैदा करता है। विशाखापत्तनम आते समय यहाँ घूमना कभी भी न भूलें।

श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर

इस मंदिर का निर्माण भगवन विष्णु के नवें अवतार नरसिंह भगवान के समर्पण में बनवाया गया है। इस मंदिर का निर्माण सिंहचलम नामक पहाड़ी पर कराया गया है।

अमीरी के मामले में इस मंदिर का नाम तरुपति मंदिर के बाद भारत में दूसरे सबसे बड़े मंदिर के रूप में आता है। इस मंदिर में आप उड़ीसा और द्रविड़ शैली की वास्तुकला का मिश्रण एक साथ देख सकते हैं।

Shri Varahalaxmi Narasimha Swamy Vari Devasthanam
Source : Shri Varahalaxmi Narasimha Swamy Vari Devasthanam

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवन विष्णु ने हिरण्यकश्यप नाम के दैत्य को मारने के लिए नरसिंह अवतार लिया था। हिरण्यकश्यप का एक पुत्र था प्रहलाद जो की भगवान विष्णु का जबरदस्त भक्त था , इस बात को हिरण्यकशयप को स्वीकार नहीं हो रहा था। उसने भक्त प्रहलाद को मरने के लिए बहुत कोसिस किया , लेकिन नाकामयाब रहा।

बाद में जब हिरण्यकशयप के पाप का घड़ा भर गया तो फिर भगवान ने नरसिंह का रूप ले कर उसे पाने गोद में मारा, ठीक शाम के वक्त अपने नाख़ून से मारा। क्योंकि हिरण्यकश्यप को वरदान था की उसे न कोई इंसान मार सकता है और न कोई जानवर मर सकता है , उसे न कोई अस्त्र से मार सकता है न कोई शास्त्र से मार सकता है , न उसे कोई धरती में मार सकता है और न कोई आसमान में मार सकता है , न कोई उसे दिन में मार सकता है न उसे कोई रात में मार सकता है। इस तरह से फिर से एक बार पाप पे पुण्य का विजय हुआ।

इसके आलावा एक और कहानी कफी प्रशिद्ध है जब मुस्लिम आक्रमणकरियों ने इस मंदिर में हमला किया तो उस वक्त वहाँ के धार्मिक कवि कुमार नाथ ने नरसिंह भगवान से मंदिर को बचाने के लिए प्रार्थना किया तब वहाँ एक चमत्कार हुआ और मधुमखियों के झुण्ड ने हमला कर दिया इसके बाद सारे मक्खी सिंहचलम पहाड़ि में जा कर कही गायब हो गए।

इन अविश्वसनीय कथाओं के कारण इस मंदिर का काफी विशेष महत्व है। यहाँ भगवान विष्णु के भक्तों का काफी भीड़ देखने को मिलता है यहाँ रोजाना हजारों की सँख्या का में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहाँ दिन भर काफी भक्तों का भीड़ होता है। इसलिए अगर आप दर्शन करने आना चाहते हैं तो आपके लिए 8 से 9 बजे सुबह का समय बिलकुल सही होता है।

गोस्तानी नदी का झरना

यदि आप ट्रैकिंग का शोक रखते हैं और ऊँचे ऊँचे जल प्रपात को देखने का शोक रखते हैं तो फिर इस स्थान में आना आपके लिए किसी स्वर्ग से काम नहीं है।

Gosthani River
Source : Gosthani River

यहाँ ट्रैकिंग की भी काफी अच्छी सुविधा है साथ है यहाँ 50 फ़ीट ऊंचाई से गिरता एक झरना है जो इस जगह को कुछ और ही खास बनता है। गुस्सानी नदी विशाखापट्नम में घूमने की जगह में से काफी खूबसूरत जगह है। यहाँ एक सेल्फी पॉइंट भी है जो आपकी यात्रा को यादगार बनाने का काम करता है , यहाँ से आप अपनी खूबसूरत पल कैमरे में कैद कर के याद के रूप में रख सकते हैं।

बोज्जनकोंडा

बोजनकोंडा विशाखापतनम में घूमने की जगह में काफी प्रशिद्ध जगहों में से एक है ,जो की भगवान बुद्ध के समर्पण में बनाया गया है। यहाँ आपको ६ रॉक कट गुफाओं का समूह देखने को मिलता है , जिसे चौथी शताब्दी में बनाया गया है। इन गुफाओं में आपको भगवान बुद्ध की मूर्तियां देखने को मिलती जो की बौद्ध धर्म के तीर्थकर थे। गुफाओं के अंदर काफी सूंदर नक़्क़शी भी देखने को मिलती है। बगल में एक स्तूप भी है जिसे बौद्ध भिक्षु ध्यान लगाने के लिए उपयोग किया करते थे , इस स्तूप के चारों और एक गुंबद भी देखने को मिलता है।

Bojjanna Konda
Source : Bojjanna Konda

गुफाओं मठों और चैत्य पर आपको कुछ चित्रण देखने को मिलता है सारे बोध धर्म के तीन चरण महायान, हीनयान और बज्रयान के हैं। इस विशाखपतनम में घूमने की जगह में बौद्ध धर्म के अभ्यास के लिए बहुत अच्छी जगह मानी जाती है। धार्मिक प्रवृति के पर्यटक को यह खूब भाता है।

सुरक्षा के व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गुफाओं तक जाने के लिए रेलिंग लगी सीढ़ियों की व्यवस्था की गयी है ,जिसमे आपको जायदा चढाई करने की भी जरुरत नहीं पड़ती है। इस क्षेत्र के रख्रखाव की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व विभाग के पास है।

यह जगह विशाखापतनम में घूमने की जगह में शांतिपूर्ण जगहों में से आता है जहाँ पर्यटक अपने मन को शांति और शकुन प्रदान करने के लिए आते हैं। आप मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिए इस स्थान पर आ सकते हैं , क्योंकि जब भी मन शांत होता है तो मन की शक्ति असीम होती है।

यारदा समुद्र तट

विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में आपको काफी सारी घूमने की जगह है उनमे से एक नाम आता है यारदा समुद्र तट इसी समुद्र तट के कारण विशाखापत्तनम को पूर्व के गोवा के नाम से चर्चित है।

Yarda Beach
Source : Yarda Beach

यहाँ रेतीले समुद्र तट पर बैठना, सूर्यास्त और सूर्योदय का मजा लेना, बीच पे बैठ के मनपसंद डिश का स्वाद लेना आपको एक अलग ही अनुभव देता है , अगर आप यहाँ एक बार आते हैं तो फिर आपको यहाँ बार बार आने का मन करता है। बहुत सारे पर्यटक एक बार आने के बाद हमेशा के लिए यहाँ सेटल हो जाते हैं।

लाइट हाउस

लाइट हाउस विशाखापटनम में घूमने की जगह में काफी लोकप्रिय जगहों में से एक है। इसकी दूरी रामकृष्ण बीच से मात्र 1 से 2 किलोमीटर ही है , शाम के वक्त यह सिर्फ 3 से 5 बजे के लिए ही खुला रहता है। यहाँ आने के लिए आपको किराये के गाड़ी से आना होगा।

Light  House vishakhaptnam
Source : Light House vishakhaptnam

युद्ध स्मारक

युद्ध स्मारक विशाखापतनम में घूमने की जगह में काफी सारे पर्यटन स्थलों में प्रशिद्ध और प्रमुख है , अगर आप विशा खापतनम घूमने के लिए आ रहे हैं तो इस स्थान पर आना न भूलें। यह स्मारक रामकृष्ण बीच के ठीक समीप स्थित है।

War memorial
Source : War memorial

इसे बनाने का श्रेय नौसेना के कमान को दिया जाता है , जिसे इन्होने 1996में इसका निर्माण करवाया था।यहाँ आपको देखने के लिए बहुत सारे बम, टैंक , मिसाइल और लड़ाकू विमान मिलेंगे। यह स्मारक भारत पाक युद्ध में भारतीय सैनिकों के जीत प्रतीक है, जो उनकी जीत की याद दिलाता है।

स्मारक के चारों और एक सूंदर दीवार भी देखने को मिलती है ,और साथ ही मीनार भी देखने मिलता है जिसे इण्डिया गेट के अमर ज्योति के जैसा बनाया गया है।

सबमरीन म्यूजियम

अगर आप पनडुब्बी देखना चाहते हैं और जानना चाहते हैं के इन पनडुब्बियों ने दुश्मन देश के कैसे छक्के छुड़ाए तो फिर यहाँ आपको अवश्य आना चाहिए। यहाँ आपको 1975 की उपयोग में लायी गई आई एन एस विक्रंता भी देखने को मिलेगा।

Submarine Museum
Source : Submarine Museum

विशाखापत्तनम हमेशा से ही एक बहुत बड़े बंदरगाह के रूप में जाना जाता है , यहाँ आपको और भी कई तरह के बड़े बड़े जहाज और पनडुब्बी देखने को मिलते हैं।

अगर आप विशाखापट्नम आ रहे हैं तो फिर यहाँ के रस्सीकोड़ा बीच अवश्य आएं। क्योंकि विशाखापतनम में घूमने की जगह में रसीकोड़ा बीच पनडुब्बियों के लिए काफी फेमस हैं। यहाँ सिर्फ और सिर्फ पनडुब्बी ही देखने को मिलते है जो एक से बढ़कर एक होते हैं।

1975 की लड़ाई हो या कोई और लड़ाई हो , इन पनडुब्बियों ने हर युद्ध में अपना कौशल किस तरह से दिखाया वो आपको यहाँ आने के बाद पता चलता है।

आर्कू वैली

विशाखापटनम से 135 किलोमीटर की दुरी में आर्कु वैली स्थित है जो की विशाखापटनम में घूमने की जगह के रूप न्यू कपल और नेचर लवर के लिए काफी खूबसूरत और पसंदीदा जगहों में से एक है। इसके साथ ही यहाँ 6-7 और पर्यटन स्थल देखने को मिलते है, जो थोड़े छोटे पर्यटन स्थल हैं।

Araku Valley
Source : Araku Valley

अराकु घाटी विशाखापट्नम से 114 किलोमीटर की दुरी पर है जो न्यू कपल और एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहाँ काफी सारी आकर्षण के केंद्र है अनंतगिरि हिल्स, पहपुरम बॉटेनिकल गार्डन, बोरा गुफाएं,अराकू ट्राइबल म्युसियम एवं चपराई झरने , इन खूबसूरत जगहों में हर उम्र के लोगों के मस्ती के बहुत सरे साधन हैं।

रॉस हिल चर्च

रॉस हिल विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में कन्यामाइकोंडा के नाम से प्रशिद्ध है। यहां आपको समुन्द्र तट बंदरगाह और चर्चों का एक शानदार कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है। इसका नाम सबसे ऊँची चोटियों में आता है। यह चर्च के आसपास और भी 3 पहाड़ियां है तीनों में अलग अलग धर्म के पवित्र स्थल देखने को मिलते हैं।

Ross  Hill Church
Source : Ross Hill Church

एक में वर्जिन मेरी चर्च और दूसरे में दरगाह कोंडा पर मुस्लिम संत का इशाक मदीना का कब्र है । एक अंग्रेज के कारण जिसका नाम मिस्टर रॉस था , उसी के नाम से इस हिल का नाम रॉस हिल रखा गया।

उस अंग्रेज की मौत के बाद यह एक चर्च में बदल दिया गया जिसका नाम लेडी आप सेक्रेड हार्ट नाम दिया गया। अगर आप यहाँ आना चाहते है तो आपको रास्ते में कई ईसाई संकेत मिल जायेंगे फिर आपको यहाँ आने मने किसी भी तरह के किसी भी दिक्क्तों का कोई भी सामना करने का नहीं पड़ेगा।

रामकृष्ण समुद्र तट एक्वेरियम

आपको अच्छी तरह से पता है विशाखापट्नम में घूमने की जगह में ज्यादातर समुद्र तट , पानी और जलीय जीव इनसे सम्बंदित चीज ही देखने को मिलते हैं। साथ ही कई तरह के समुद्र तट और एकेरियम भी देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक नाम आता है रामकृष्ण एक्केरियम जहाँ आपको कई तरह के मछली और जलीय जीवों का संग्रह देखने को मिलता है।

MatsyaDarshini Aquarium
Source : MatsyaDarshini Aquarium

यहाँ आपको दोनों तरह के समुद्री जीव देखने को मिलते हैं जैसे की नमकीन पानी के समुद्री जीव अलग देखने को मिलते हैं और मीठे पानी के समुद्री जीव अलग देखने को मिलते हैं। यदि आप विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में पानी के अंदर इस तरह के खूबसूरती को महसूस करना चाहते हैं तो फिर रामकृष्ण समुद्र तट एक्केरियम आना न भूलें।

लाम्बासिंगी

विशाखापत्तनम में काफी सारी जगह घूमने के लिए जाने जाते हैं उनमे से एक नाम आता है लम्बासिंगी , जो की विशाखापट्नम में घूमने की जगह में काफी प्रशिद्ध है खासतौर पर यदि आप यहाँ बर्फ़बारी देखना चाहते हैं तो फिर यह एक मात्र जगह है जहाँ आप बर्फबारी का मजा ले सकते हैं।

Lambasingi
Source : Lambasingi

लम्बासिंगी विशाखापत्तम से मात्र 101 किलोमीटर की दुरी पर है , यहाँ आपको काफी सारे घूमने की स्थान देखने को मिलेंगे जैसे की तजंगी जलाशय, कोंडाकारला पक्षी अभ्यारण, कोठापल्ली जलप्रपात, येरवली जलप्रपात और अनावरम मंदिर। यहाँ का मौसम काफी सुहावना होता है जो यहाँ आप कभी भी घूमने की लिए आ सकते हैं।

यनम

यनम विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में काफी लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और यह विशाखापट्नम से 173 किलो मीटर की दुरी पर है। यहाँ आप तेलगु और फ्रांसिस संस्कृति का कॉम्बिनेशन एक साथ देख सकते हैं।

Yanam
Source : Yanam

इस जगह में 200 वर्षों तक फ्रांसिस का उपनिवेश रहा था , इसी कारण से इस जगह में फ्रांसिस का ज्यादा कल्चर देखने को मिलता है। यहाँ पर जो भी कुछ देखने को मिलता है वो ज्यादातर फ्रांसिस संरचन में ही होता रहता है जैसे की शिवालयम वेंकना मंदिर। इन सारी जगहों पे स्थानीय लोग अपने वीकेंड की छुट्टियां मनाने आते हैं।

इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क

विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में काफी सारे खूबसूरत स्थान हैं उनमे से एक नाम आता है इंद्रा गाँधी जूलॉजिकल पार्क।

Indira Gandhi Zoological Park
Source : Indira Gandhi Zoological Park

इसका निर्माण 1977 में किया गया था। इस छोटे से पार्क में आपको 100 से जायदा पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है , जिसे देख कर आपका दिल काफी आनंदित हो जाता है।

श्रीकाकुलम

श्रीकाकुलम विशाखापत्तनम में घूमने की जगह में प्राकृतिक और सांस्कृतिक दृस्टि विशाखापट्नम काफी प्रशिद्ध जगह है।

Srikakulam
Source : Srikakulam

यहाँ घूमने के लिए काफी सारी जगहें हैं जैसे बरुवा, कविती अरसवली, श्री कुरमम और कलिंगपत्तनम जो की प्रमुख आकर्षण केंद्र है। माना जाता है ही इस जगह को भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम ने बनवाया था लेकिन इसका कोई ठोस साबुत नहीं है।

वोडा पार्क

वोडा पार्क एक छोटा सा पार्क है जो की विशाखापट्नम में घूमने की जगह में काफी खूबसूरत जगहों में से एक है। आप यहाँ इस पार्क में अपने प्रेमिका अपने बच्चों अपने परिवार किसी की साथ भी घूमने के लिए आ सकते हैं।

Voda Park
Source : Voda Park

यहाँ आपको 2500 विभिन्न प्रजाति के पेड़ पौधे देखने को मिलते हैं ,साथ ही इस पार्क में तरह की मूर्तियां भी देखने को मिलती है। यहाँ आपक टाइम बहुत ही अच्छी तरह से स्पेंड होता है।

विशाखापट्टनम में लोकप्रिय स्थानीय भोजन

अगर आप कही भी घूमने जा रहे हैं वह के व्यंजन का स्वाद लिए बिना ही लौट आते हैं तो यकीन आपका यात्रा अधूरा मन जायेगा। इसलिए कही भी घूमने के लिए जा रहे हैं तो वह के व्यंजन को चखाना कभी भी न भूलें। यहाँ आपको विशाखपट्नम में घूमने की जगह के साथ साथ यहाँ के व्यंजन का के बारे में अच्छी तरह से जानकारी मिल जाएगी।

पुंगुलू

विशाखापत्तनम में काफी भोजन प्रशिद्ध हैं उनमे से एक नाम आता है पुंगुलु जो की उड़द की दाल और पीसे हुए चावल से बनता है। इसे सलाद और तरह तरह के चटनी के साथ परोसा जाता है।

विशाखापत्तनम के हर चौक चौराहे में यह आसानी से मिल जाता है जो की शाम के नास्ते के रूप में काफी प्रशिद्ध माना जाता है।

बम्बू चिकन

यदि आप विशाखापट्नम में घूमने के लिए आ रहे हैं तो फिर बम्बू चिकन को इग्नोर करने की गलती कभी भी न करें। चिकन तो आपको बहुत सारे मिलेंगे , लेकिन बम्बू चिकन जैसा नहीं यदि आप नॉनवेज के शौकीन हैं तो बम्बू चिकन आपक लिए बेस्ट है।

क्योंकि इसे बाकि चिकन से बिलकुल अलग तरीके से बनाया जाता है। इसे बांस की लकड़ी के हॉल में डालकर धीमी आंच में डालकर पकाया जाता है जिससे इसका स्वाद एक अलग लेवल होता है। अगर एक बार आप इसका स्वाद लेते हैं तो इसे आप बार बार लेना चाहेंगे।

इडली

जैसा की आप सभी जानते हैं की इडली साऊथ का फेवरेट डिश है। इसे बनाने के लिए पीसे हुए चावल और उड़द की दाल बनाया जाता है। इसे खाने में किसी भी तरह का हानि नहीं होता है क्योंकि इसे बनाने में तला भुना नहीं जाता है ओर साथ ही इसे बनाने में अधिक नामक एक इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से इससे किसी तरह का स्वास्थ का कोई भी नुकसान नहीं होता है।

गुट्टी वैंकाया कूरा

गुट्टी वैंकया कुरी बैंगन से बनने वाला डिश है। यह सिर्फ विशाखापत्तनम में ही नहीं पुरे आन्ध्रप्रदेश में काफी प्रशिद्ध है . यहाँ के पर्यटकों के द्वारा इसे काफी पसंद किया जाता है।

इसे बनाने के लिए बेंगन का इस्तेमाल किया जाता है , जिसमें बेंगन को पकाकर और भी कई तरह के मसलों को डालकर बनाया जाता है और फिर चावल के दिया जाता है।

लीवर कबाब

विशाखापटनम में लिवर कवाब काफी प्रशिद्ध है। इस डिश को स्थानीय लोंगो के साथ साथ अन्य पर्यटक भी काफी चाव से खाना पसंद करते हैं , इसमें लेमन सोडा मिलाने से इसका टेस्ट और भी मजेदार हो जाता है। यह यहाँ के हर गली नुक्कड़ में आपको लिवर कवाब के साथ साथ चिकन कवाब और ड्राई फिश आसानी से मिल जायेगा।

मसाला बाटनी

मशाला बॉटनी एक तरह का स्ट्रीट फ़ूड है जो की विशाखापट्नम में काफी प्रशिद्ध है , विशाखापट्नम घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह काफी शानदार स्ट्रीट फ़ूड है।

इसे सफ़ेद मटर को उबाल कर बनाया जाता है फिर टमाटर , आदि, लहसुन तथा अन्य तरह का मशाला डाल और भी स्वादिस्ट बनाया जाता है। निम्बू डालकर इसके स्वाद को थोड़ा खटपन किया जाता है।

स्वीट कॉर्न

स्वीट कॉर्न भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी प्रशिद्ध है। लेकिन विशाखापत्तनम के बीच स्टॉल व् में बहुत सारे जगहों में यह आसानी से देखे जा सकते हैं। शाम के वक्त स्वीट कॉर्न खाने को मजा ही कुछ और होता है। जिसे आपको कभी भी मिस नहीं करना चाहिए।

डोसा

वैसे आज कल तो लोग ढोसा अपने ही घर में बना लेते हैं लेकिन अगर असली ढोसा का मजा तो फिर सिर्फ आंध्रप्रदेश के ढोसा में है जो आपको बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए। जैसे बिहार में लिट्टी चोखा प्रशिद्ध है वैसे ही आन्ध्रप्रदेश में डोसा काफी प्रशिद्ध है।

आंध्रा पेपर चिकन

आंध्रा चिकन पेपर में आन्ध्रप्रदेश में काफी प्रशिद्ध है। यदि आप विशाखापट्नम घूमने जा रहे है तो इसे किसी भी तरह के रेस्टोरेंट के मेन्यू में आसानी से देख सकते हैं।

इसे बनाने के पहले चिकन को आदि लहसुन प्याज हल्दी हरी मैच निम्बू के रस में मेरिनेट किया जाता है फिर आग में पकाकर प्याज धनिया और करी मिलकर परोसा जाता है। इसके बाद इसका स्वाद एक अलग लेवल का होता है।

टमाटर बाजी

टमाटर बाजी केवल आपको विशाखापट्नम में ही देखने को मिलते हैं , यह विशाखापट्नम के दूसरा सबसे ज्यादा प्रशिद्ध व्यंजन है इस व्यंजन का टेस्ट लेना कभी भी न भूलें। इसे बनाने के लिए सिर्फ बेसन और टमाटर का ही इस्तेमाल किया जाता है जो की काफी स्वादिस्ट होता है।

इसके साथ ही आपको यहाँ काफी तरह के व्यंजन मिल जायेंगे , कुछ व्यंजन सिर्फ और सिर्फ आपको दक्षिण भारत में ही देखने को मिलते हैं।

विशाखापट्टनम में कहाँ रुके?

अगर आप विशाखापट्नम घूमने जा रहे हैं तो सबसे पहले यहाँ में रुकने का व्यवस्था जरूर कर ले। जैसे की हम सभी को पता है विशाखापट्नम में घूमने की जगह काफी सारे हैं उनमें से ज्यादातर समुद्र और बंदरगाह ही है।

यही कारन है जायदातर होटल समुद्री बीच के किनारे ही होते है और इसका रेट काफी ज्यादा होता है अगर आप लक्सरी के शौकीन हैं तो इन जगहों में रुकना आपके लिए सर्वोत्तम है। विशाखापट्नम में काफी सारे 5 सितारे होटल हैं जिंजर विभाग और वेस्टर्न रामचंद्र इनमें से कुछ प्रमुख है।

इसके आलावा अगर आपका बजट कम है और आप सस्ता में ठहरना चाहते हैं तो फिर बहुत सारे लॉज या सराय मिल जायेंगे। एक लॉज में 3000 रूपये प्रति माह के रूप में आसानी से रुक सकते हैं, 100 रूपये दिन के हिसाब से देना होगा।

वही आपको 5000 से 10000 में 5 सितारा होटल भी आसानी से मिल जायेंगे। जो आपको सही लगे जो आपके बजट में फ़ीट आये आप उसे चुन सकते हैं।

Best Time to Visit Visakhapatnam

वैसे तो विशाखापट्नम में घूमने की जगह में कोई कमी नहीं है , इसलिए यहाँ सालों भर आपको पर्यटक देखने को मिलते हैं।

लेकिन विशाखपट्नम घूमने की बात की जाय और तो ऑक्टूबर से मार्च का जो महीना होता है वह सर्वोत्तम होता है। जो ठंडी का समय होता है , और उस समय वहां का तापमान 17 से 20 डिग्री के बीच होता है। ठंडी का मौसम होने के कारण मौसम काफी सुहावना होता है। इसलिए घूमने के लिए ठंडी का मौसम ही सर्वोत्तम रहता है।

क्योंकि विशाखापट्नम में घूमने की जगह जितनी भी है सारे के सारे साउथ में ही है और साउथ में गर्मी काफी जायदा होती है इसलिए गर्मियों के समय यहाँ घूमना आपके घूमने की मजा को किरकरा कर देता है। जब भी प्लान करें ठंढी के दिनों में ही प्लान करें।

विशाखापट्टनम कैसे जाएं?

जैसा की इस लेख की माध्यम से आपको यह पता चल चूका है साउथ में विशाखापट्नम आंध्र प्रदेश का एक विकसित शहर राजधानी भी है इस वजह से आप देश किसी भी कोने के किसी भी माध्यम रेल , बस और हवाई के द्वारा आप यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं।

विशाखापटनम जाने के लिए हवाई मार्ग

विशाखापट्नम आंध्रप्रदेश की राजधानी और एक विकसित शहर होने के कारण , यहाँ से राष्ट्रीय और अंतरास्ट्रीय हवाई जहाज दोनों ही आसानी से मिल जाएगी।

आप देश के किसी भी कोने से हैं आप यहाँ के लिए अपने शहर के निकटतम हवाई अड्डा से आसानी से फ्लाइट बुक कर सकते हैं।

विशाखापट्टनम जाने के लिए सड़क मार्ग

विशाखापटनम एक राजधानी और विकसित शहर होने के कारण यहाँ का सड़क मार्ग देश के सभी प्रमुख शहरों प्रमुख शहरों से डायरेक्ट जुड़ा हुआ है। जैसे कोलकाता और विशाखापटनम को NH5 जोड़ने का काम करती है जिसके बाद कोलकाता से विशाखापट्नम पहुँचने में मात्र 14 घंटा का समय लगता है।

इसी तरह से भारत के सभी प्रमुख शहर से जुड़ा हुआ है , अगर आप गांव से हैं या किसी छोटे कसबे से हैं तो पहले कोलकाता जैसे प्रमुख शहर के टिकट बुक करा लें और फिर वहाँ पहुँचने के बाद विशाखापटनम के लिए बस पकड़ लें।

इस तरह से आप काफी कम खर्चों में आसानी से विशाखापट्नम पहुँच सकते हैं। और कम बजट में आप अपनी यत्रा को जारी रख सकते हैं।

विशाखापटनम जाने के लिए रेल मार्ग

रेल मार्ग भी बिलकुल सड़क मार्ग जैसा ही अप्प किसी भी शहर या राज्य से हैं। यहाँ का रेल नेटवर्क देश के सभी छोटे बड़े शहरों के रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है इसलिए आप देश के किसी भी कोने से यहाँ के आसानी से टिकट बुक करा सकते हैं।

अगर आप किसे गाँव या देहात से हैं तो पहले आपने नजदीकी रेलवे स्टेशनो तक उचित साधन के माध्यम से पहुँच सकते है उसके बाद विषखापट्नम के लिए आगे की यात्रा आसानी से पूरी कर सकते हैं।

विशाखापत्तनम घूमने के लिए कितने दिन की योजना बनाएं?

विशाखापट्नम में घूमने की जगह में कोई कमी नहीं है वैसे आपकी मर्जी आप यहाँ जितने दिन भी चाहे तो आप घूम सकते हैं , लेकिन 2 से 3 दिन काफी है पूरा विशाखापट्नम घूमने के लिए। इसलिए जब कभी भी विशाखापट्नम घूमने की योजना या मन बना रहे हैं तो फिर मात्र 2 से 3 दिनों के लिए अवश्य बनायें।

विशाखापट्टनम कैसे घूमे?

यदि आप विशाखापट्नम घूमने के लिए आ रहे हैं तो विशाखापट्नम में घूमने की जगह बेसुमार मिलेंगे , लेकिन यदि आप अपने यात्रा को काफी सुलभ बनाना चाहते हैं तो फिर सबसे पहले टैक्सी करके अपने होटल पहुंचे उसके बाद एक ऑफलाइन मैप साथ में रखें, फिर बाइक टैक्सी ओला उबर जो भी आपको सही लगे उसे अपने यात्रा में शामिल करें। और एक प्लान बनाके पुरे आसानी से घूम सकते हैं।

विशाखापट्टनम घूमने में कितना खर्च आएगा?

यह आप पर निर्भर करता है की आप का बजट क्या है किस बजट में आप घूमना चाहते हैं आपको किस तरह का ट्रीटमेंट चाहिए।

अगर आप समुन्द्र किनारे होटल लेना चाहते हैं तो फिर यह आपको काफी महंगा पड़ेगा , यहाँ काफी सरे 5 स्टार होटल भी हैं जिसका किराया 5000 पर नाईट है , और यहाँ आपको 100 रुपया पर नाईट के हिसाब से बेड भी मिल जायेंगे।

यदि आप काम खर्चे में रुकना चाहते है तो फिर बीच बाजार के किसी होटल या सराय में रुक सकते हैं , यदि आपके पास अच्छा खासा बजट है तो फिर आप समुंदर के किनारे होटल ले सकते हैं।

अगर आप काम बजट में विशाखापट्नम घूमना चाहते हैं तो फिर 2000 से 5000 काफी है। लेकिन यदि आपको 5 स्टार होटल जैसा सुविधा चाहते हैं तो फिर 10000 का खर्च आ सकते हैं।

विशाखापट्टनम घूमने के लिए साथ में क्या रखें?

आप कही पर भी घूमने के लिए जाते हैं तो हमेशा कुछ खास चीजों को अपने साथ रखना अति आवश्य्क होता है जैसे अपना आई डी कार्ड , कुछ जरुरी डॉक्यूमेंट, एटीएम कार्ड, थोड़े बहुत पैसे, क्योंकि वहाँ बहुत ज्यादा भीड़ होता है इसलिए मास्क लगाना अति आवश्य्क होता है। साथ अगर आपका टिका कारण हो गया है तो फिर अपन साथ वैक्टीनेशन की कागज जरूर रखें।

कुछ ठण्ड के कपडे को भी साथ में रखें क्योंकि ओक्टुबर से मार्च के बीच यहाँ थोड़ी बहुत ठंडी होती है। साथ ही कुछ दवाई को साथ रखें जैसे चोट मोच में उपयोग में लाये जाने वाले स्प्रै , बुखार और पेट ख़राब होने से बचने के लिए कुछ टेबलेट।

निष्कर्ष

हमारे इस लेख में आपका स्वागत है इस लेख में आपको विशाखापट्नम में घूमने की जगह (Visakhapatnam Me Ghumne ki Jagah), जाने का समय , कैसे जाएँ , जाने के दौरान कितना खर्च पड़ेगा तथा कहाँ रुकें इन सारे चीजों की जानकरी आपको इस लेख में आसानी से मिल जाती है।

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विशाखापट्नम जाने के लिए कौन सा समय सबसे अच्छा होता है ?

विशाखापट्नम जाने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है।

विशाखापट्नम देखने के लिए कितने दिन का समय चाहिए ?

विशाखापट्नम को आप मात्र 2 से 3 दिनों में पूरी तरीके से घूम सकते हैं।

आंध्रप्रदेश का सबसे खूबसूरत शहर कौन हैं ?

आंध्र प्रदेश का सबसे खूबसूरत शहर विषखापट्नम होता है।

आंध्रप्रदेश की फेमस चीज क्या है ?

आंध्र प्रदेश की प्रशिद्ध भोजन बम्बू चिकन, टमाटर बजी, स्वीट कॉर्न, लिवर कवाब, पुंगुलु और मशाला बटन काफी प्रशिद्ध है।

आंध्रप्रदेश की खाने की आदतें कोन सी है ?

आंध्र प्रदेश की खाने में आपको चावल करी, पप्पू ( दाल ) , रसम, साम्भर और दही को प्रमुख रूप से देख जाता है।

आंध्रप्रदेश का मुख्य फल क्या है ?

आंध्र प्रदेश का मुख्य फल आम है।

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